Plus Two Hindi Textbook Answers Unit 4 बुझा दीपक जला दो

Kerala State Board New Syllabus Plus Two Hindi Textbook Answers Unit 4 बुझा दीपक जला दो Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

Kerala Plus Two Hindi Textbook Answers Unit 4 बुझा दीपक जला दो

बुझा दीपक जला दो इकाई परिचय :

चोथी इकाई है ‘बुझा दीपक जला दो’ दूसरों का उपकार करते हुए हमें पूरा सुख तक मिलता है जब हमारा कर्म स्वार्थता से परे हो। हम सब दूसरों का उपकार करना तो चाहते हैं, पर साहस के अभाव में हम कुछ नहीं कर पाते। मलयालम के विख्यात कवि ओ. एन.वी. कुरुप की कविता का हिंदी अनुवाद ‘कुमुद फूल बेचनेवाली लड़की’ इकाई का पहला पाठ है। इसमें भगवान पर फूल चढ़ाने का पैसा फूल बेचनेवाली लड़की की भूख मिटाने को देनेवाला भक्त मानवता का अनोखा रूप प्रस्तुत करता है। अपनी गाड़ी में दिल्ली के रास्ते पर प्यासे-तड़पे लोगों को अपने ही खर्च से पानी पिलानेवाला गाडीचालक दूसरे पाठ में हमें आश्चर्य में डाल देता है। इकाई का तीसरा पाठ ‘आदमी का चेहरा’ नामक कविता है। अपने सामान उठानेवाले कुली को लंबे अरसे के बाद इनसान के रूप में पहचाननेवाला व्यक्ति एक अनमोल संदेश दे रहा है। अंतिम पाठ एक व्यंग्य है जो जीवन की अस्थिरता की याद दिलाता है। संक्षेप में इकाई परोपकार और मानवता का संदेश देती है।

बुझा दीपक जला दो इकाई परिचय : (Malayalam)

Plus Two Hindi Textbook Answers Unit 4 बुझा दीपक जला दो 1

Plus Two Hindi Textbook Answers Unit 4 बुझा दीपक जला दो 2

Plus Two Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 1 ज़मीन एक स्लेट का नाम है। (आत्मकथा)

Kerala State Board New Syllabus Plus Two Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 1 ज़मीन एक स्लेट का नाम है। Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

Kerala Plus Two Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 1 ज़मीन एक स्लेट का नाम है। (आत्मकथा)

ज़मीन एक स्लेट का नाम है (Text Book Page No. 57-64)

प्रश्न 1.
चित्र से क्या तात्पर्य है?
उत्तरः
ए.पि.जे.अब्दुलकलाम और उसके आत्मकथा का चित्र है।

प्रश्न 2.
अग्नि की उड़ान किस विधा की रचना है?
उत्तर:
आत्मकथा । (auto biography)
Plus Two Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 1 ज़मीन एक स्लेट का नाम है। (आत्मकथा) Page 57 Q2

मेरी खोज

प्रश्न 1.
Plus Two Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 1 ज़मीन एक स्लेट का नाम है। (आत्मकथा) मेरी खोज Q1
उत्तरः
कल राजिस्ट्रि के बाद ज़मीन अपनी कहाँ रह जाएगी, मैंने झुककर मिट्टी को छुआ। मगर ज़मीन की विदाई आज ही हो रही थी।

प्रश्न 2.
Plus Two Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 1 ज़मीन एक स्लेट का नाम है। (आत्मकथा) मेरी खोज Q2
मैं ज़मीन नहीं बेचता
……….
मैं बेचता हूँ।
ज़मीन की तुलना हृदय से क्यों की गई है?
उत्तरः
जिसप्रकार एक व्यक्ति के जीवन केलिए हृदय जितना आवश्यक है उसी प्रकार लेखक और पिताजी केलिए ज़मीन उतना ही आवश्यक था। इसलिए ज़मीन की तुलना हृदय से की गई है।

प्रश्न 3.
पाठभाग की कविता केलिए शीर्षक लिखें।
उत्तरः
ज़मीन/हृदय/जीवन

अनुवर्ती कार्य (P.62)

प्रश्न 1.
डायरी लिखें।
(आपको सहायक संकेत के साथ एक डायरी लिखने की आवश्यकता है)
उत्तरः

डायरी

सोमवार
07.07.15

आज मेरी जीवन में एक विशेष दिन है, मेरी शादी की तैयारियाँ हो रही है। पिताजी और भाई शादी के खर्च केलिए ज़मीन बेच रहे हैं। मुझे मालूम है कि वह ज़मीन दोनों के जीवन से कितना संबध रखता हैं। फिर भी वे मेरी शादी केलिए ज़मीन बेच रहा है। कुछ ही दिनों में मेरी शादी हो जाएगी और मैं यह घर छोडकर दूसरा घर जाएगी। मेरे परिवारवालों ने मेरेलिए कितना कष्ट सहन करते हैं। पति के घर जाकर मुझे खुशी मिलेगी या नहीं – पता भी नहीं, सबकुछ देखकर मुझे थोडा सा डर हो रहा है। ईश्वर मेरी रक्षा करें।

प्रश्न 2.
आलेख लिखें।
उत्तरः
“शादी के नाम पर होनेवाले आडंबर और दुर्व्यय” – विषय पर मैं आज एक आलेख प्रस्तुत कर रहा हूँ। आज हमारे समाज में शादी एक ऐसा मौका है जिसमें आडंबर और दुर्व्यय हो, शादी एक पवित्र बंधन है। वहाँ प्रेम को प्रमुखता है। यह दो व्यक्तियों के ही नहीं, दो परिवार – दो समाज – के बीच के रिश्ता है। आज की शादी को देखिए साधारण लोग भी कर्ज़ लेकर शादी के अवसर पर इतना खर्च करते हैं कि करना ही शादी है। खर्च बढाना आज एक आदत बन गया है। अमीर लोगों के नकल करना साधारण लोग भी पसंद करते हैं।

दहेज प्रथा भी आज बढ़ते जा रहा है। दहेज देना और स्वीकार करना एक आदत हो गया। कानूनन अपराध होने पर भी दहेजप्रथा समाज में सर्वत्र देख सकता है। हमें सोचना चाहिए कि क्या हम सही दिशा पर चल रहे हैं। आनावश्यक खर्च और आडंबर हमारे नाश की ओर हमें ले जाएँगे। सोच-विचार के साथ हमें इस विपत्ति के विरुद्ध आवाज़ उड़ाना चाहिए। छात्र जीवन में ही इसके विरुद्ध हमें जानकारी हाजिल करना है।

प्रश्न 3.
टिप्पणी।
उत्तरः
एकांत श्रीवास्तव की आत्मकथा “ज़मीन एक स्लेट का नाम है” में लेखक एक पिता के विवशता को दिखाया है। बेटी की शादी के खर्च केलिए वह अपना ज़मीन बेच रहा है। ज़मीन से उसका संबंध जितना गहरा था बेटी भी उतनी प्यारी थी। ज़मीन उसको अपना हृदय के समान है। फिर भी बेटी और परिवार के लिए वह ज़मीन बेचने केलिए तैयार हो जाता है।

एक अच्छे पिता का चित्रण यहाँ देख सकता है। आज प्रेम और रिश्ते केवल दिखावा हो रहा है। लेकिन एक ऐसा परिवार के चित्रण से आज भी प्रेम की गहराई को यहाँ दिखाया है।

Plus Two Hindi ज़मीन एक स्लेट का नाम है Important Questions and Answers

सूचनाः
‘ज़मीन एक स्लेट का नाम है’ आत्मकथा का अंश पढ़ें और 5 से 9 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखें।
‘हमारे पास समय न था। शादी की तैयारियां शुरू करनी थीं। भविष्य निधि से भी कुछ हज़ार रुपए पिताजी निकाल लाए थे। दीदी बहुत भावुक हो गई थी और बात-बात में रो पड़ती थी। मंडप लगा दिया गया। शादी के कार्ड छप गए। मेहमान आने लगे। हल्दी-तेल चढ़ाना शुरू हो गया। हम सब व्यवथा से संतुष्ट थे पर मन जैसे अबी से खाली-खाली और उदास था। जो उपस्थित था उसकी अनुपस्थिति अभी से दिल में घर कर गई थी।

प्रश्न 1.
“ज़मीन एक स्लेट का नाम है” किसकी रचना है?
(हिमांशु जाशी, मैथिली शरण गुप्त, एकांत श्रीवास्तव, अमृता प्रीतम)
उत्तरः
एकात श्री वास्तव

प्रश्न 2.
पिताजी किससे रुपए निकाल लाए थे।
उत्तरः
पिताजी भविष्य निधि ने कुछ हज़ार रुपए निकाल लाए थे।

प्रश्न 3.
शादी की क्या-क्या तैयारियाँ की गईं?
उत्तरः
रुपए का बंदोबस्त हो गयी थी। मंडप लग दिया गया। शादी के कार्ड छप गए। मेहमान आने लगे, हल्दी-तेल चढ़ाना शुरू हो गए।

प्रश्न 4.
उपर्युक्त खंड का संक्षेपण करें।
उत्तरः
लेखक की दीदी की शादी की तैय्यारियाँ हो रहे थे। लेकिन एक चीज़ की अनुपरस्थिति की चिंता सभी के मन को उदास कर रहे थे।

प्रश्न 5.
संक्षेपण के लिए उचित शीर्षक दें।
उत्तरः
दीदी की शादी।

आत्मकथा का अंश पढ़ें और प्रश्नों के उत्तर लिखें।

उनकी पीड़ा मैं समझ रहा था। मुझे खुद बहुत अच्छा नहीं लग रहा था। खेतों में पहुँचकर वे सूर्यास्त तक उन खेतों में टहलते रहे जो बिकनेवाले थे। वे खामोश थे। कुछ बोल नहीं रहे थे। मगर उनके भीतर का हाहाकार मेरी समझ में आ रहा था। मैंने झुककर मिट्टी को छुआ – चुपचाप – पिताजी के देखे बगैर। क्या जमीन एक स्लेट का नाम है जिसपर हमारे बचपन की कविता लिखी है ? या शायद एक फूल का नाम जिसके रंग में हमारे रक्त की चमक है?

प्रश्न 1.
‘ज़मीन एक स्लेट का नाम है’ किसकी रचना है?
उत्तरः
एकांत श्रीवास्तव
(मैथिली शरण गुप्त,एकांत श्रीवास्तव,हिमांशु जोशी,जे बाबू)

प्रश्न 2.
पिताजी ने रजिस्ट्री के एक दिन पहले ही खेत में चलने को क्यों कहा?
उत्तरः
रजिस्ट्री के बाद खेत परायों का हो जाएगा। दूसरों की खेत देखना उसे पसंद नहीं है।

प्रश्न 3.
खेत में पहुँचकर पिताजी ने क्या क्या किया?
उत्तरः
सा सुबह से शाम तक वह खेतों में टहलते रहा। किसी से वह कुछ कह नहीं पा रहा था।

प्रश्न 4.
उपर्युक्त खंड का संक्षेपण करें।
उत्तरः
अपना – पराया
लेखक और पिता खेत पहूँचे। पिता को वहाँ खामोश टहलते देखकर लेखक में मन में भी मिट्टी के प्रति लगाव हो गया। उसके मन में यह शंका उत्पन्न हो गया कि असल में क्या है? यह खेत एक स्लेट ही है?

प्रश्न 5.
संक्षेपण के लिए उचित शीर्षक दें।
उत्तरः
मिट्टी और मानव।

सूचनाः
‘ज़मीन एक स्लेट का नाम है’ आत्मकथा का यह वाक्य पढ़ें।
बेटी के विदा होने में अभी दो-चार दिन वक्त था। मगर ज़मीन की विदाई आज ही हो रही थी।

प्रश्न 1.
उपर्युक्त वाक्य के आधार पर पिताजी के चरित्र पर टिप्पणी लिखें।
उत्तरः
“ज़मीन एक स्लेट का नाम है” पाठभाग का पिताजी आज के साधारण जनता का प्रतीक है। बैटी एवं अपने ज़मीन से उनका गहरा संबंध है। उसका बचपन और यौवनकाल ज़मीन से जुड़ा है। परिवार और ज़मीन दोनों के प्रति उनका लगाव आज के पीढ़ी को समझना चाहिए।

सूचना:
‘ज़मीन एक स्लेट का नाम है’ आत्मकथा का अंश पढ़ें।
कल रजिस्ट्री के बाद वह ज़मीन अपनी कहाँ रह जाएगी। फिर दूसरों की ज़मीन में क्या जाना ।

प्रश्न 1.
इस कथन के आधार पर लेखक के पिताजी के चरित्र पर टिप्पणी लिखें।
उत्तरः
लेखक के पिताजी एक साधारण व्यक्ति है जो अपने ज़मीन और बेटी को प्यार करता है। वह एक अच्छा पिता है जो बेटी केलिए अपना ज़मीन बेचते हैं। वह एक अच्छा किसान है जो धरती को केवल पैसा नहीं मानता है। उसे सहानुभूति हैं। वह प्रकृति को मानते है। अपने यादों को मन में जमाते है। एक सकारात्मक पात्र है पिताजी।

प्रश्न 2.
“सामान लाना इसलिए ज़रूरी था कि अगले वर्ष पुनः साक्षात्कार में मैं चुन ही लिया जाऊँ – इसकी गारंटी नहीं थी।” ज़मीन एक स्लेट का नाम है’ पाठ का यह वाक्य वास्तव में एक बेकार युवक की बेचैनी को व्यक्त करता है। नौजवानों की बेकारी के कारण और उसे दूर करने के मार्गों पर अपना मंत व्यक्त करते हुए निबंध लिखें।
उत्तरः
बेकारी – एक समस्या
भारत एक प्रगतिशील राष्ट्र है। भारत की प्रगति में हरेक भारतीय का अलग पहचान और परिश्रम है। भारत के नौजवान अपनी मातृभूमि की प्रगति के लिए कठिन परिश्रम कर रहे हैं। फिर भी नौजवानों के बीच बेकारी की समस्या खूब मात्रा में बढ़ रही हैं। इसके बारे में हम। यहाँ चर्चा करेंगे।

बढ़ती आबादीः बेकारी का मूल कारण भारत की बढ़ती आबादी ही है। आबादी के बढ़ने के कारण पढ़े-लिखे नौजवानों को भी काम-धंधे का अवसर नष्ट हो रहे हैं। बढ़ती आबादी के अनुकूल यहाँ नौकरी का अवसर नहीं है।

सही मार्गदर्शन अभावः जितना ही यहाँ काम-धंधे का अवसर है इनसे आज के नौजवान अपरिचित भी है। स्कूली शिक्षा के साथ-साथ विभिन्न नौकरी के बारे में भी लोगों को परिचित करवाना है। ऐसा करने से एक हद तक बेकारी की समस्य दूर कर सकते हैं।

मशीनीकरण का प्रचारः आज हर कहीं मशीनीकरण हो रहा है। दैनिक जीवन में छोटे-छोटे क्षेत्रों से लेकर बड़े बड़े दफ्तरों तक हर कहीं आदमी को छोड़कर मशीन काम कर रहा है। बेकारी बढ़ाने में यह भी एक कारण बन गया है।

सभी कामों के महत्व की पहचानः आज पढ़े-लिखे लोग केवल दफ्तरी कामकाज ही पसंद करते हैं। छोटे छोटे काम करने के लिए कोई भी तैयार नहीं हैं। इसलिए नौजवानों को यह भी समझाना चाहिए कि सभी कामकाज का अपना महत्व है।

कुटीर उद्योगों का प्रचारः कुटीर उद्योगों के प्रचार के साथ | साथ उसके महत्व से भी सभी को परिचित करवाना है।

तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षणः तकनीकी शिक्षा का भी प्रचार सभी जगहों में होना चाहिए। इसके साथ साथ तकनीकी प्रशिक्षण भी होना चाहिए। आज सब कहीं तकनीकी धंधों का प्रचार हो रहा है। लेकिन बहुत सारे नौजवान इससे अनभिज्ञ है। इसलिए तकनीकी शिक्षा का उचित प्रचार एवं प्रशिक्षण से भी बेकारी दूर कर सकते हैं।

रुचि के अनुरूप शिक्षाः आज ज्ञान-विज्ञान का क्षेत्र बहुत बढ़ गया है। छोटी आयु में ही प्रत्येक व्यक्ति को अपनी रुचि के अनुसार शिक्षा मिलेगा तो भी बेकारी को एक हद तक रोक सकते हैं। मुख्य कारण है बढ़ती आबादी। भारत क बढ़ती आबादी के अनुकूल यहाँ कामकाज का अवसर नहीं हैं। इसलिए ज़रूर ही आबादी का बढ़ाव रोकना चाहिए।

बेकारी के कुछ कारण और उसे दूर कराने के कुछ उपायों के बारे में यहाँ चर्चा हुई है। अगर हम सब मिलकर कोशिश करेंगे तो ज़रूर ही बेकारी की समस्या को एक हद तक दूर कर सकते हैं।

ज़मीन एक स्लेट का नाम है’ पाठ का यह अंश पढ़ें।
“शादी की तैयारियों शुरू करनी थीं। भविष्य निधि से भी कुछ रुपए पिताजी निकाल लाए थे।”

प्रश्न 1.
भविष्यनिधि से पिताजी को क्यों रुपया लेना पड़ा?
उत्तरः
शादी की तैयारियां शुरू करने के लिए भविष्य निधि से कुछ रुपए निकाल लिए।

प्रश्न 2.
शादी के आड़बर के लिए किया जानेवाला खर्च आज एक सामाजिक दुर्घटना बन गई है। इस विषय पर संगोष्ठी में प्रस्तुत करने केलिए एक आलेख तैयार करें।
उत्तरः
शादी और अडंबर – एक सामाजिक समस्या
शादी एक पवित्र बंधन है। हर व्यक्ति के जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण और सुप्रधान मोड़ है शादी। हर माँ-बाप का सपना है अपने बेटे या बेटी की शादी। लेकिन आज शादी के नाम पर जो खर्चा हो रहा हैं वह समाज में अपनी बड़प्पन दिखाने का अवसर मानते हैं कुछ लोग। यह अत्यंत बुरी बात है। ज़रूर इस दुर्व्यय पर रोक डालना चाहिए। आगे हम इस विषय पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

दुर्व्यय की आदतः समाज में कुछ ऐसे लोग हैं जो अपने आपको बड़े मानते हैं। उन लोगों का यह गलत विचार है कि शादी अत्यंत धूम-धाम से होनी चाहिए। शादी के नाम पर जितना खर्च करेगा उतना ही इनका इज्ज़त बढ़ेगा। लेकिन यह गलत है।

दिखावे के नाम आडंबरः कुछ लोग अपने बड़प्पन दिखाने केलिए आडंबर के नाम पर दुर्व्यय करते हैं। इन लोगों का नकल करके दिखावा करनेवाले लोगों की संख्या भी बढ़ रही है। यह अत्यंत बुरी बात है।

बढ़ती दहेज प्रथाः समाज में ऐसे भी लोग हैं जो अपनी ईमान दहेज और दिखावे के आधार पर नापते हैं। ऐसे लोग दहेज के नाम पर कुछ भी देने को तैयार होते हैं। समाज में इसका बहुत बुरा असर पड़ रहा है।

रिश्ते का आधार प्रेमः रिश्ते का आधार दहेज या बाह्य आडंबर न होकर प्रेम होना चाहिए। प्रेम की पवित्रता सभी को पहचानना है। लोगों को यह समझना चाहिए कि सच्चे रिश्ते प्रेम के आधार पर ही पनपते हैं, न दहेज या दिखावे के आधार पर।

आज के समाज में शादी के नाम पर होनेवाला दुर्व्यय बहुत ही बढ़ गया है। अपने बड़प्पन दिखाने के लिए लोग कर्ज लेकर भी शादी के लिए खर्च करते हैं। फिर वे लोग यह कर्ज चुकाने के लिए अपनी पूरी जिंदगी बरबाद कर डालते हैं। इन्हें जीवन में किसी भी प्रकार के सुकून या आराम नहीं मिलते हैं। ज़रूर ही शादी के नाम पर होनेवाला दुर्व्यय रोकना ही चाहिए।

प्रश्न 3.
‘ज़मीन एक स्लेट का नाम है’ पाठ के पिता दोनों बिदाइयों से दुःखी है। ज़मीन की रजिस्ट्री के दिन वे अपनी डायरी लिखते हैं। वह डायरी कल्पना करके लिखें।
उत्तरः
Plus Two Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 1 ज़मीन एक स्लेट का नाम है। (आत्मकथा) Q3

लेकिन क्या करूँ, दोनों मुझसे
बिदा लेने की तैयारी में है…..
बेटी ससुराल जाएगी और मेरा ज़मीन पराया हो जाएगा!
जिसके लिए मैं ने एक-एक पैसा इकट्ठा कर रखा था, सब व्यर्थ हो गया।
जिंदगी ………
ज़िंदगी, कुछ ऐसा ही है।

प्रश्न 4.
“मैं ज़मीन नहीं बेचता बेचता हूँ हृदय”
बेटी की शादी के खर्च के लिए अपने पसीने और खून से भीगी ज़मीन बेचने केलिए पिता विवश हो जाते हैं। वे यह विवशता अपने मित्र से बाँट रहे हैं। दोनों के बीच का वार्तालाप तैयार करें।
उत्तरः
मित्र : नमस्ते, श्रीवास्तवजी।
पिता : नमस्ते, नमस्ते। आइए बैठिए।
मित्र : सुना है मित्र, आपके बेटी की शादी बड़ी धूम-धाम से करवा रहे हैं। बधाई हो।
पिता : मित्र, आप यह क्या कह रहे हैं? अरे, शादी तो करवानी ही है। घर के सभी लोगों ने मिलकर तय किया है, बेटी की शादी बड़ी धूम धाम से करवाने की।
मित्र : अच्छा | यह तो बिलकुल सही है। अब पूरे गाँव में आप ही के बारे में चर्चा है।
पिता : लेकिन मुझे तो यह चर्चा पसंद नहीं है। शादी के नाम पर जो दुर्व्यय हो रहा हैं, ज़रूर ही वह रोकना है।
मित्र : ऐसा क्यों कह रहे हो मित्र?
पिता : सुनो, जी । आप यहाँ जो आड़बर देख रहे हैं, सब के सब दिखावा है। मेरे पास जो कुछ था, सब कुछ मैं ने बेच डाला है, यह दिखावे के लिए।
मित्र : श्रीवास्तवजी, छोड़िए ये सब । आप इतना उदास क्यों हो रहे हैं?
पिता : मित्र, पता है आपको, आज यहाँ दो बिदाइयाँ हो रही हैं। एक है ज़मीन की और दूसरी, बेटी की। दोनों मेरेलिए अत्यंत प्रिय हैं। लेकिन कुछ पाने के लिए कुछ तो खोना भी पड़ता है न?
मित्र : आप ने क्या खो दिया है?
पिता : अपनी बेटी की शादी धूमधाम से करवाने के लिए मैं ने अपना पूरा ज़मीन बेच डाला है। अब मेरे पास कुछ भी नहीं रहा। बेटी भी नहीं और ज़मीन भी नहीं।
मित्र : खैर, छोडिए जी। यह तो आनेवाली पीढ़ी के लिए एक सबक भी है।

प्रश्न 5.
दीदी की शादी केलिए पिता को ज़मीन बेचना पड़ता है। लेखक इससे दुखी है और वह अपनी शादी बिना दहेज और कम खर्च में करना चाहता है। अपना यह विचार व्यक्त करते हुए वह अपने मित्र को एक पत्र लिखता है। वह पत्र तैयार करें।
उत्तरः

बिलासपुर,
30.05.1972

प्रिय मित्र रामगोपाल,
भगवान की कृपा से हम यहाँ खुश हैं और मेरा विश्वास है कि उनकी कृपादृष्टि आप लोगों पर भी खूब छा गई हैं। आपको एक पत्र लिखने के बारे में कई दिनों से मैं सोच रहा हूँ। एक खास बात लिखने के लिए ही मैं यह पत्र लिख रहा हूँ।

पिछले महीने बहिन सोनम की शादी हुई थी। बड़ी धूमधाम से हमने शादी करवाई। सब लोग खुश थे। मगर मेरे पिताजी की आँसू अब भी आँखों के आगे छा गयी है। दहेज और शादी की खर्च के लिए वे अपनी सारी ज़मीन बेचने को विवश हो गए। शादी के नाम पर होनेवाला दुर्व्यय और दहेज को ज़रूर ही रोकना है। इसलिए मित्र, मैं ने एक ऐसा फैसला किया है कि मैं अपनी शादी बिना दहेज कर लूँगा। रिश्ते का आधार धन नहीं पवित्र प्रेम होना चाहिए। हमारे सभी मित्रों से भी मेरा यह अनुरोध है कि हम सबको मिलकर यह सामाजिक कलंक दूर करना है।

विस्तार से मैं फोन पर बात करूँगा। अब मेरे दफ्तर – जाने का वक्त हो गया है। माँ जी से मेरा प्यार और प्रणाम कहना। इतना लिखकर मैं यह खत यहाँ समाप्त करता हूँ।
धन्यवाद,

तुम्हारा मित्र,
एकांत श्रीवास्तव

प्रश्न 6.
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (RMSA) द्वारा एक संगोष्ठी का आयोजन हो रहा है। विषय है ‘बदलती जीवन-शैली स्वास्थ्य के लिए खतरा।’ संगोष्ठी में प्रस्तुत करने के लिए एक आलेख तैयार करें।
उत्तरः
‘बदलती जीवन-शैली स्वास्थ्य के लिए खतरा मानव जीवन में स्वास्थ्य का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। स्वस्थ तन में ही स्वस्थ मन रहता है। लेकिन आधुनिक युग में मनुष्य ऐसा बदल गया है कि उन्हें अपने स्वास्थ्य के बारे में सोचने का समय ही नहीं मिलत रहा है।

भोजन शैली में बदलावः मनुष्य के भोजन-शैली में जो बदलाव आ गया है यह स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक है। मनुष्य को अपने परिस्थिति के अनुकूल भोजन चुनना चाहिएं।

फास्ट फुड़ के प्रति मोहः फास्ट फुड़ के प्रति जो मोह है ज़रूर ही उसे छोड़ना चाहिए। कँन्सर जैसे बीमारियाँ फास्ट फुड़ के बढ़ती प्रभाव का बुरा असर है।

शाकाहारी भोजन का गुणः शाकाहारी भोजन का महत्व, आधुनिक पीढ़ी को समझाना बहुत ही ज़रूरी एवं उपयोगी है। असल में मनुष्य शाकाहारी है। जब तक हम शाकाहारी भोजन को पूर्ण रूप से न अपनाएँगे तब तक हमारा तन और मन अस्वस्थ ही रहेगा।

प्रकृति की ओर लंगावः मनुष्य को अपनी प्रकृति एवं परंपरा को पहचानना है। अपनी प्रकृति के अनुकूल उन्हें जीवन बिताना है। प्रकृति के प्रति उन्हें लगाव होनी चाहिए।

कई प्रकार की बीमारियाः आज के बदलते युग में मनुष्य कई प्रकार की बीमारियों से पीड़ित हैं। इसका मूल कारण उनका जीवन-शैली और खाने की तरीके में आए बदलाव है। अपने शरीर के अनुकूल हम जीवन बिताएँगे तो ज़रूर ही हम बीमारियों से दूर रह सकते हैं।

जागरण कार्यक्रमः बिगडते स्वास्थ्य और जीवन शैली के बारे में लोगों को जागृत करना है। इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को कर्मनिरत रहना चाहिए। ऐसे कार्यक्रमों में विद्यार्थियों का भी बड़ा योगदान है। प्रत्येक विद्यार्थी को कम से कम अपने परिवारवालों को ही जागृत करना है और समझाना है कि स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है।

ज़मीन एक स्लेट का नाम है Profile

एकांत श्रीवास्तव हिंदी के जाने माने लेखक हैं। छत्तीसगढ़ के छुटा गाँव में सन् 1964 को उनका जन्म हुआ था। उनके तीन कविता-संग्रह निकले हैं। ‘मेरे दिन मेरे वर्ष’ उनकी आत्मरचना है। वे केदार सम्मान से सम्मानित हैं।
ज़मीन एक स्लेट का नाम है Profile 1

ज़मीन एक स्लेट का नाम है Profile 2

ज़मीन एक स्लेट का नाम है Summary in Malayalam

ज़मीन एक स्लेट का नाम है Summary in Malayalam 1

ज़मीन एक स्लेट का नाम है Summary in Malayalam 2

ज़मीन एक स्लेट का नाम है Summary in Malayalam 3

ज़मीन एक स्लेट का नाम है Summary in Malayalam 4

एक नज़र

ज़मीन एक स्लेट का नाम है Summary in Malayalam 5

ज़मीन एक स्लेट का नाम है Glossary

ज़मीन एक स्लेट का नाम है Summary in Malayalam 6

ज़मीन एक स्लेट का नाम है Summary in Malayalam 7

ज़मीन एक स्लेट का नाम है Summary in Malayalam 8

ज़मीन एक स्लेट का नाम है Summary in Malayalam 9

Plus Two Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 4 मंजिल की ओर (पारिभाषिक शब्दावली)

Kerala State Board New Syllabus Plus Two Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 4 मंजिल की ओर Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

Kerala Plus Two Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 4 मंजिल की ओर (पारिभाषिक शब्दावली)

मंजिल की ओर अनुवर्ती कार्य:

प्रश्न 1.
श्रीवास्तव के नाम वीणा का खत।
उत्तरः

कोल्लम,
15.06.2015

आदरणीय श्रीवास्तव जी,

सादर प्रणाम।
आज मेरे जीवन का अच्छे दिनों में एक है। मुझे आज रिजर्व बैंक की हैदराबाद शाखा में राजभाषा अधिकारी के पद पर नियुक्ति पत्र मिली।

इस सुनहरे दिन में मैं अपनी सभी गुरुजनों के आभारी हूँ, जिन्होंने मुझे हिंदी पढाया है। आपसे भी मैं आभारी हूँ। मैं आपका आशीर्वाद चाहड़ी हूँ।

सधन्यवाद,
आपका प्रिय छात्र
(हस्ताक्षर)
वीणा

प्रश्न 2.
सही मिलान करें।
Geography – ___________
Energy – ___________
Virus – ___________
Equation – ___________
Certificate – ___________
Humanities – ___________
उत्तरः
Geography – भूगोल
Energy – ऊर्जा
Virus – विषाणु
Equation – समीकरण
Certificate – प्रमाण पत्र
Humanities – मानविकी
പാഠപുസ്തകത്തിൽ കൊടുത്തിട്ടുള്ള സാങ്കേതിക പദങ്ങളും അർത്ഥങ്ങളും പഠിക്കുക.

Plus Two Hindi मंजिल की ओर Questions and Answers

प्रश्न 1.
सूचनाः कोष्ठक से सही हिंदी शब्द चुनकर मिलान करें।
Advance – ___________
Percentage – ___________
Geography – ___________
Bacteria – ___________
Humanities – ___________
Energy – ___________
Commerce – ___________
Pattern – ___________
उत्तरः
Advance – पेशगी
Percentage – प्रतिशत
Geography – भूगोल
Bacteria – जीवाणु
Humanities – मानविकी
Energy – ऊर्जा
Commerce – वाणिज्य
Pattem – प्रतिमान

प्रश्न 2.
सूचनाः सही मिलान करें।
Algebra – ___________
Atom – ___________
Commerce – ___________
Physics – ___________
Gravitation – ___________
Bio-chemistry – ___________
Sociology – ___________
Trade Union – ___________
उत्तरः
Algebra – बीज गणित
Atom – परमाणु
Commerce – वाणिज्य
Physics – भौतिकी
Gravitation – गुरुत्वाकर्षण
Bio-chemistry – जैव-रसायन
Sociology – समाज-विज्ञान
Trade Union – श्रमिक-संघ

प्रश्न 3
सूचना : सही मिलान करें।
Copyright – ___________
Atom – ___________
Zoology – ___________
Commerce – ___________
Sociology – ___________
Radiation – ___________
Constitution – ___________
Typist – ___________
(समाज विज्ञान, विकिरण, सर्वाधिकार, संविधान, टंकक, वाणिज्य, जंतु विज्ञान, परमाणु, गणतंत्र )
उत्तरः
Copyright – सर्वाधिकार
Atom – परमाणु
Zoology – जंतु विज्ञान
Commerce – वाणिज्य
Sociology – समाज विज्ञान
Radiation – विकिरण
Constitution – संविधान
Typist – टंकक

प्रश्न 4.
सूचनाः कोष्ठक से सही हिंदी शब्द चुनकर मिलान करें।
Accountancy – रक्तचाप
Atmosphere – वाणिज्य
Blood pressure – सर्वाधिकार
Commerce – वायुमंडल
Ecology – टीकाकरण
Copyright – पारिस्थितिकी
Vaccination – विषाणु
Virus – लेखाशास्त्र
उत्तरः
Accountancy – लेखाशास्त्र
Atmosphere – वायुमंडल
Blood Pressure – रक्तचाप
Commerce – वाणिज्य
Ecology – पारिस्थितिकी
Copyright – सर्वाधिकार
Vaccination – टीकाकरण
Virus – विषाणु

प्रश्न 5.
सूचनाः कोष्ठक से सही हिंदी शब्द चुनकर मिलान करें।
Affidavit – प्रमाण पत्र
Biodiversity – विकिरण
Certificate – शपथ पत्र
Discount – विषम संख्या
Geography – जैव-विविधता
Odd number – बट्टा
Bacteria – भूगोल
Radiation – जीवाणु
उत्तरः
Affidavit – शपथ पत्र
Biodiversity – जैव-विविधता
Certificate – प्रमाण पत्र
Discount – बट्टा
Geography – भूगोल
Odd number – विषम संख्या
Bacteria – जीवाणु
Radiation – विकिरण

प्रश्न 6.
सूचनाः सही मिलान करें।
1. Commerce – परमाणु
2. Atom – श्रमिक-संघ
3. Algebra – समाज-विज्ञान
4. Bio-Chemistry – भौतिकी
5. Trade Union – गुरुत्वाकर्षण
6. Physics – जैव रसायन
7. Sociology – बीज गणित
8. Gravitation – वाणिज्य
उत्तरः
Commerce – वाणिज्य
Atom – परमाणु
Algebra – बीज गणित
Bio-Chemistry – जैव रसायन
Trade Union – श्रमिक-संघ
Physics – भौतिकी
Sociology – समाज-विज्ञान
Gravitation – गुरुत्वाकर्षण

प्रश्न 7.
सूचनाः कोष्ठक से सही शब्द चुनकर लिखें। (बट्टा, विषाणु, उपग्रह, समीकरण, प्रतिशत, उदारतावाद, दर्शनशास्त्र, विकिरण)
1. Discount – ___________
2. Equation – ___________
3. Liberalism – ___________
4. Percent – ___________
5. Philosophy – ___________
6. Radiation – ___________
7. Satellite – ___________
8. Virus – ___________
उत्तरः
1. Discount – बट्टा
2. Equation समीकरण
3. Liberalism – उदारतावाद
4. Percent – प्रतिशत
5. Philosophy – दर्शनशास्त्र
6. Radiation – विकिरण
7. Satellite – उपग्रह
8. Virus – विषाणु

मंजिल की ओर Summary in Malayalam

Plus Two Hind Textbook Answers Unit 2 Chapter 4 मंजिल की ओर (पारिभाषिक शब्दावली) 1

मंजिल की ओर Summary in Malayalam 1

मंजिल की ओर Summary in Malayalam 2

Plus Two Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 3 दोस्ती (फिल्मी गीत)

Kerala State Board New Syllabus Plus Two Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 3 दोस्ती Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

Kerala Plus Two Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 3 दोस्ती (फिल्मी गीत)

प्रश्न 1.
फ़िल्मी गीत आपको पसंद है न?

प्रश्न 2.
हिन्दी भाषा को लोकप्रिय बनाने में फिल्मी गीत कहाँ तक उपयोगी है?

प्रश्न 2.
इन शब्दों के समानार्थी शब्द गीत में ढूँढ़ें। दुख, दृष्टि, अलग, क्रोध, ईश्वर, आशीर्वाद  चुनकर लिखें।
उत्तरः
दुख : गम
दॄष्टि : नजऱ
अलग : जुदा
क्रोध : खफा
ईश्वर : खुदा
आशीर्वाद : दुआ

प्रश्न 3.
दोस्ती को सूचित करनेवाली आपकी पसंद की सबसे श्रेष्ठ पंक्ति?
उत्तरः
ये दोस्ती
हम नहीं तोडेंगे
तोडेंगे दम मगर
तेरा साथ ना छोडेंगे

दोस्ती अनुवर्ती कार्य:

प्रश्न 1.
अस्यादन टिप्पणी।
उत्तरः
श्रेष्ठ हिंदी गीतकार श्री आनंद बख्शी का जन्म सन् 1930 को वर्तमान पाकिस्तान के रावलपिंडी में हुआ। ‘भला आदमी’ फिल्म में उनका पदार्पण हुआ। उनका प्रसिद्ध गीत है ‘शोले’ फिल्म की ‘ये दोस्ती……’। इस गीत का संगीतकार आर.डी.बर्मन और पार्श्वगायक किशोर कुमार और मन्ना डे हैं।

हमारा दोस्ती हम नहीं तोडेंगे, मृत्यु के अवसर पर भी तेरा साथ नहीं छोड़ेंगे। दोस्ती को बनाए रखने केलिए जान भी देने केलिए ये दो मित्र तैयार है। दोनों का दुख और जान भी एक है। दोनों की दृष्टि एक समान है, सुख और दुख में दोनों एक साथ रहते हैं। दोनों कोशिश करते हैं कि अगर ईश्वर की कृपा हो तो यह दोस्ती इसी तरह आगे जाएगा/रहेगा।

प्रश्न 2.
‘ये दोस्ती’ गीत का औचित्य।
उत्तर:
जावेद अख्तर और सलीम खान की पटकथा पर रमेश सिप्पी के निर्देशन में 1975 में बनी ‘शोले’ हिंदी फिल्मी जगत् की एक खास देन है।

फिल्म एक समस्या पर आधारित है, जो छठे एवं सातवें दशकों में उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश के आम जनता केलिए भीषण समस्या रहा। डाकुओं ने अनेक निरीह लोगों को लूट-मारा था। अनेक पुलिस अधिकारी घायल हुए। सेवानिवृत्त पुलीस अधिकारी ठाकुर बलदेव सिंह रामगढ गाँव में रहते हैं। गब्बर सिंह एक डाकु था। गब्बर सिंह को दबाना, ठाकुर के जीवन का चरम लक्ष्य रहा। इसकेलिए वीरु और जय नामक दो युवकों की नियुक्ति करते हैं, दोनों घनिष्ठ दोस्त है।

फिल्म का श्रेष्ठ गीत है ‘ये दोस्ती’। घनिष्ठ मित्र वीरू और जय एक बैक में यात्रा करते हुए यह गाते हैं। यह गीत बिलकुल संदर्भानुकूल है। दोनों मित्र हमेशा एक साथ रहते हैं, जेल में भी एक साथ रहे हैं।

प्रश्न 3.
Plus Two Hind Textbook Answers Unit 2 Chapter 3 दोस्ती (फिल्मी गीत) 1
उत्तर:
1. कभी कभी मेरे दिल में खयाल आता है
के जैसे तुझको बनाया गया है मेरे लिए
तू अब से पहले सितारों में बस रही थी कही
तुझे ज़मीं पे बुलाया गया है मेरे लिए

कभी कभी मेरे दिल में खयाल आता है
के वदन ये निगाहें, मेरी अमानत है
ये गेसुओं की घनी छाँव है मेरी खातिर
ये होंठ और ये बाहें मेरी अमानत है

कभी कभी मेरे दिल में खयाल आता है
के जैसे बजती हैं शहनाइयाँ सी राहों में
सुहाग रात है चूंघट उठा रहा हूँ मैं
सीमट रही है, तू शरमा के अपनी बाहों में

कभी कभी मेरे दिल में खयाल आता है
के जैसे तू मुझे चाहेगी उम्रभर यूही
उठेगी मेरी तरफ प्यार की नज़र यूँ ही
मैं जानता हूँ के तू गैर है मगर यूँ ही

Plus Two Hind Textbook Answers Unit 2 Chapter 3 दोस्ती (फिल्मी गीत) 2

2. कभी सोचता हूँ के मैं खुद कहू
कभी सोचता हूँ के मैं चुप रहू
आदमी जो कहता है, आदमी जो सुनता है
ज़िन्दगीभर वो सदाये पीछा करती है
आदमी जो देता है, आदमी जो लेता है,
ज़िन्दगीभर वो दुवायें पीछा करती है
कोई भी हो हर ख्वाब तो सच्चा नहीं होता
बहोत ज़्याद प्यार भी अच्छा नहीं होता
कभी दामन छुडाना हो तो मुश्किल हो
प्यार के रिश्ते टूटे तो, प्यार के रस्ते छूटे तो
रास्ते में फिर वफ़ायें पीछा करती है

कभी कभी मन धूप के कारण तरसता है
कभी कभी फिर झूमके सावन बरसता है
पलक झपके यहाँ मौसम बदल जाये
प्यास कभी मिटती नहीं, एक बूंद भी मिलती नहीं
और कभी रिमझिम घटायें पीछा करती है

Plus Two Hind Textbook Answers Unit 2 Chapter 3 दोस्ती (फिल्मी गीत) 3

3. दर्द-ए-दिल दर्द-ए-जिगर दिल में जगाया आपने
पहले तो मैं शायर था आशिक बनाया आपने
आपकी मदहोश नज़रे, कर रही है शायरी
ये गजल मेरी नहीं, ये गज़ल आप की
मैं ने तो बस वो लिखा, जो कुछ लिखाया आपने

कब कहा, सब खो गयी, जितनी भी थी परछाईयाँ
बुझ गयी यारों की महफ़िल हो गयी तनहाईयाँ
क्या किया शायद कोई परदा गिराया आपने

और थोड़ी देर में बस हम जुदा हो जायेंगे
आप को ढूँढूँगा कैसे, रास्ते खो जायेंगे
नाम तक भी तो नहीं, अपना बताया आप ने

Plus Two Hind Textbook Answers Unit 2 Chapter 3 दोस्ती (फिल्मी गीत) 4

4. आपकी नजरों ने समझा प्यार के काबिल मुझे
दिल की ए घड़कन ठहर जा, मिल गयी मंझील मुझे

जी हमें मंजूर है आप का ये फैसला
कह रही हैं हर नज़र, बन्दा परवर शुक्रिया
हँस के अपनी जिन्दगी में, कर लिया शामिल मुझे
आप की मंझील हूँ मैं, मेरी मंझील आप है
क्यों मैं तूफान से डरू. मेरा साहिल आप है
कोई तूफानोंसे कह दे, मिल गया साहिल मुझे

पड गयी दिल पर मेरे, आप की परछाईयाँ
हर तरफ बजने लगी, सेकडों शहनाईयाँ
दो जहाँ की आज खुशियाँ, हो गयी हासिल मुझे

Plus Two Hind Textbook Answers Unit 2 Chapter 3 दोस्ती (फिल्मी गीत) 5

5. चुरा लिया है तुमने जो दिल को
नज़र नहीं चुराना सनम
बदल के मेरे तुम जिंदगानी
कही बदल न जाना सनम
ले लिया दिल, हाय मेरा दिल
हाय दिल लेकर मुझको ना बहलाना
बहार बनके आऊँ कभी तुम्हारी दुनिया में
गुज़र न जाए ये दिन कहीं इसी तमन्ना में
तुम मेरे हो, तुम मेरे हो
आज तो इतना वादा करते जाना

सजाऊँगा लूट कर भी, तेरे बदन की डाली को
लहू जिगर का दूँगा, हसीं लबों की लाली को
है वफ़ा क्या, इस जहाँ को
एक दिन दिखलाढूंगा मैं दीवाना

अकेले मेरे अरमां तडप तड़पके क्यों रोते
मेरे भी दिन क्या होते जो तुम मेरे लिए होते
तुम मेरे हो, तुम मेरे हो,
आज तो इतना वादा करते जाना।

Plus Two Hind Textbook Answers Unit 2 Chapter 3 दोस्ती (फिल्मी गीत) 6

Plus Two Hind दोस्ती Questions and Answers

सूचनाः

गीत का यह अंश पढ़ें
ये दोस्ती…..
हम नहीं तोड़ेंगे
तोड़ेंगे दम मगर
तारा साथ न छोड़ेंगे
मेरी जीत, तेरी जीत
तेरी हार, मेरी हार
सुन ऐ मेरे यार तेरा राम, मेरा ग़म
मेरी जान, तेरी जान
ऐसा अपना प्यार
जान पे भी खेलेंगे
तेरा लिए ले लेंगे …
सबसे दुश्मनी……. ये दोस्ती….

प्रश्न 1.
गीत की आस्वादन-टिप्पणी तैयार करें।
उतर:
प्रसिद्ध गीतकार श्री आनंद बख्शी करीब 4000 गीत लिखे हैं। अनेक पुरस्कारों से आप सम्मानित है। प्रस्तुत गीत मशहूर हिंदी सिनेमा ‘शोले’ से है। दोस्ती के बारे में लिखे मार्मिक गीत है यह गीत।

दोस्त कभी भी दोस्ती नहीं तोड़ने के वादा करते हैं। मरने पड़े तो भी दोस्ती छोड़ेंगे नहीं। दोस्त है, इसलिए जीत, हार, गम, जान – ये सब एक जैसा है। जानपर खेलकर भी अपने दोस्त केलिए दूसरों से दुश्मनी लेने के लिए तैयार है। लोगों को हम दो लगते हैं लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं है। ईश्वर से प्रार्थना है कि कभी भी अलग और एक दूसरे से नाराज़ न हो जाये, खाना और पीना, मरना और जीना पूरी ज़िन्दगी में एक साथ करेंगे। बहुत सरल शब्दों में असली दोस्ती का चित्र यहाँ खींच लिया है। आज भी यह गीत सब गुनगुनाते हैं और प्रासंगिक भी है।

प्रश्न 2.
दोस्ती को उजागर करनेवाला एक पोस्टर तैयार करें।
उतर:
संसार में सबसे पवित्र बंधन – दोस्ती
“जीवन को उजागर करने वाला जीवन में जोश लाने वाला”
“दोस्त जैसे कोई नहीं दोस्ती जैसे कोई ओर संबंध नहीं”
दोस्त अपनाये जीवन को सार्थक बनाये
दोस्ती फिल्मी गीत ‘शोले’ सुनिये
और अपने जीवन को सफल बनाये

दोस्ती Summary in Malayalam

Plus Two Hind Textbook Answers Unit 2 Chapter 3 दोस्ती (फिल्मी गीत) 7
Plus Two Hind Textbook Answers Unit 2 Chapter 3 दोस्ती (फिल्मी गीत) 8

Plus Two Hind Textbook Answers Unit 2 Chapter 3 दोस्ती (फिल्मी गीत) 9
Plus Two Hind Textbook Answers Unit 2 Chapter 3 दोस्ती (फिल्मी गीत) 10
Plus Two Hind Textbook Answers Unit 2 Chapter 3 दोस्ती (फिल्मी गीत) 11
Plus Two Hind Textbook Answers Unit 2 Chapter 3 दोस्ती (फिल्मी गीत) 12

दोस्ती Glossary

Plus Two Hind Textbook Answers Unit 2 Chapter 3 दोस्ती (फिल्मी गीत) 13

Plus Two Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 1 सूरीनाम में पहला दिन (सफ़रनामा)

Kerala State Board New Syllabus Plus Two Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 1 सूरीनाम में पहला दिन Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

Kerala Plus Two Hindi Textbook Answers Unit 2  Chapter 1 सूरीनाम में पहला दिन (सफ़रनामा)

प्रश्न 1.

विशेषण विशेष्य
भीषण गरमी
 बन
जल
यात्रा
वैश्विक
मंजिल

उत्तरः

विशेषण विशेष्य
भीषण गरमी
घने बन
नीले जल
लंबी यात्रा
स्वरूप वैश्विक
सांतवीं मंजिल

सूरीनाम में पहला दिन अनुवर्ती कार्य:

प्रश्न 1.
लेखक और भागीदार के बीच का वार्तालाप।
उत्तरः
लेखक : नमस्ते जी। भागीदार : नमस्ते। आपका स्वागत है।
लेखक : धन्यवाद। आप कहाँ से आए हैं?
भागीदार : श्रीलंका से। आप?
लेखक : भारत से। सम्मेलन का उद्घाटन कैसे लगा?
भागीदार : राष्ट्रपति का भाषण आकर्षक एवं दिलचस्पी था।
लेखक : यहाँ हिंदी का खूब प्रचार है।
भागीदार : जी हाँ। यहाँ भारतीय मूल के लोगों की संख्या ज्यादा अधिक है। लेखक ठीक है। दुनिया के कोने-कोने में भारतीय है।
भागीदार : हिंदी भारतीय संस्कृति का प्रतीक है।
लेखक : अच्छा, आशा है, फिर कभी मिलेगा।
भागीदार : धन्यवाद।

प्रश्न 2.
‘विश्वभाषा के रूप में हिंदी का प्रचार-प्रसार’ विषय पर भाषण तैयार करें।
उत्तरः
माननीय प्रिंसिपल, आदरणीय गुरुजनों और मेरे प्रिय साथियों, आज मेरा कर्तव्य विश्वभाषा के रूप में हिंदी का प्रचारप्रसार विषय में आपसे कुछ बताने का है। हम सब जानते हैं कि हिंदी हमारी राजभाषा है। भारत में अंग्रेजी का खूब प्रयोग हो रहा है; लेकिन भारत की लगभग 80 करोड लोगों की बोलचाल की भाषा हिंदी है। आज दुनिया के कोने-कोने में भारतीय है। साथ ही भारत की मुख्य भाषा हिंदी का प्रचार भी दुनिया में व्यापक है। बहुत खुशी की बात है कि आज हिंदी विश्व के 40 से अधिक देशों में पदी-पढ़ाई जाती है। दुनिया में अनेक विश्वविद्यालयों में हिंदी का अध्ययन अध्यापन होती है। अमेरिका में भी हिंदी अध्ययन के कई केन्द्र आज खुले हैं। भारतीय संस्कृति का प्रतीक यह भाषा का प्रचार आज ज़्यादा अधिक है। हम सब भारतीयों के लिए गौरव की बात है यह। हिंदी भाषा के छात्र होना हमारे लिए गर्व की बात है।

धन्यवाद।

Plus Two Hindi सूरीनाम में पहला दिन Questions and Answers

प्रश्न 1.
सातवें विश्व हिंदी सम्मेलन में भाग लेने के लिए सूरीनाम पहुँचे। राष्ट्रपति के उद्घाटन भाषण से वे बहुत प्रभावित हुए। इसके आधार पर लेखक की डायरी लिखें।

  • राष्ट्रपति का भाषण
  • सूरीनाम में हिंदी का प्रचार-प्रसात
  • सूरीनाम और भारत के बीच का संबंध

उतर:

डायरी

सोमवार

सुरीनाम
6 जूण 2003

आज मेरे जीवन में एक अनोखा दिन है। मैं विश्व-हिंदी सम्मेलन में भाग लेने केलिए सूरीनाम आया हूँ। आज सम्मेलन का पहला दिन है। इस प्रसिद्ध सम्मेलन के उद्घाटन सूरीनाम के राष्ट्रपति रुनाल्डो वेनेशियन द्वारा हुआ। उनके भाषण इतना प्रभावशाली था कि सब लोग विस्मय से स्तब हो गये। भारत और सूरीनाम के बीच के संबंध के बारे में उन्होंने जिक्र किया। हिंदी भाषा की आज के प्रासंगिकता के बाते में भी आपने कहा। हिंदी फिल्मी संगीत की विशेष योगदान के बारे में भी आपने कहा। मुझे लगा कि इतनी गहरी संबंध रखनेवाले दोनों देशों की भाषाई संबंध को कायम रखना अनिवार्य है। एक भारतीय होने के कारण मुझे बहुत खुशी हुई।

शुभ रात्री

प्रश्न 2.
सातवें विश्व हिंदी सम्मेलन में भाग लेने के लिए लेखक सूरीनाम पहुँचता है। राष्ट्रपति के भाषण से प्रभावित होकर वह अपने मित्र को एक पत्र लिखता है। वह पत्र तैयार करें।

  • विश्व हिंदी सम्मेलन का अनुभव।
  • राष्ट्रपति का भाषण।
  • सूरीनाम में हिंदी का प्रचार।
  • सूरीनाम और भारत के बीच का भाषाई संबंध।

उतर:
सूरीनाम,
प्रिय मित्र,

14/09/2003

तुम ठीक तो है न? मैं अब सूरीनाम में हूँ। मैं सातवें विश्व हिंदी सम्मेलन में भाग लेने के लिए यहाँ आया हूँ। सम्मेलन के पहला दिन यहाँ के राष्ट्रपति अपने भाषण में सुरीनाम और भारत के बीच के संबंध के बारे में, हिंदी भाषा के विशेषता के बारे में और सांस्कृतिक लेन-देन के बारे में कहा। मुझे बहुत अच्छा लगा। भारते से करीब बीस हजार किलोमीटर दूर पर रहे। इस देश में भी हिंदी बोलनेवाले हमारे अनेक भाई-बंधु है।

इस देश की आबादी में चालीस प्रतिशत मूल भारतीय हैं। यहाँ के शहर पारामारिबो भारत के शहरों जैसे लगते हैं। मुझे बहुत आकांक्षा थी यहाँ क्या क्या होगा। लेकिन एक और भारत है यह देश।

तुम भी मेरे साथ हो तो, बहुत अच्छा होता। यहाँ सम्मेलन तीन दिन और है। बाकी बातें भारत में आकर बताऊँगा।

तुम्हारा प्रिय मित्र,
हिमांशु जोशी

सूरीनाम में पहला दिन निम्नलिखित वाक्य पढ़ें।

प्रश्न 1.
इस साल का विश्व हिंदी सम्मेलन केरल के तिरुवनंतपुरम में चौदह सितंबर को शुरू करने का आयोजन है। इस उद्घाटन भारत के माननीय राष्ट्रपति के द्वारा संपन्न होगा। उसमें केरल के मुख्यमंत्री अध्यक्ष होंगे। सम्मेलन सत्रह सितंबर को समाप्त होगा। सम्मेलन में संगोष्ठियाँ, सांस्कृतिक कार्यक्रम, विभिन्न प्रतियोगिताएँ, कवि सम्मेलन आदि भी होंगे।

कार्यक्रमों की सूचना देते हुए एक पोस्टर तैयार करें।
उतर:

ग्यारहवीं विश्व हिंदी सम्मेलन तिरुवनन्तपुरम में

उद्घाटन – भारत के माननीय राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा संपन्न होगा।
अध्यक्ष – केरल के मुख्यमंत्री श्री पिणराई विजयन

टागोर थियटर में पन्द्रह सितंबर से सत्रह सितंबर तक

आकर्षक संगोष्ठियों, सांस्कृतिक कार्यक्रम, विभिन्न प्रतियोगिताएँ, कवि सम्मेलन आदि अनेक कार्यक्रम

संपर्क करें: 0484000777
ई मेइल : हिंदी तिरुवनन्तपुरम@gmail.com

प्रश्न 2.
सूरीनाम में पहला दिन पाठ का यह अंश पढ़ें।
“हिंदी को आम आदमी तक पहुँचाने में हिंदी फिल्मों तथा संगीत का भी विशेष योगदान रहा है। – “विश्व भाषा के रूप में हिंदी की व्यापकता में हिंदी फिल्मों और धारावाहिकों का बड़ा हाथ है।” इस विषय पर एक निबंध तैयार करें।
उतर:
“विश्व भाषा के रूप में हिंदी की व्यापकता में हिंदी फिल्मों और धारावाहिकों का बड़ा हाथ है।”

हम सब जानते हैं हिंदी फिल्मों एवं संगीत का महत्व। जब आकाशवाणी और दूरदर्शन से जो कार्यक्रम प्रसारित होते थे उसमें सबसे लोकप्रिय थे फिल्मी गीतों का कार्यक्रम। भारत के आहिंदी भाषी ही नहीं – सिंगपुर, श्रीलंका, मलेष्या, नेपाल, बर्मा, बंग्लादेशा, फिजी जैसे अनेक विदेशों में भी हिंदी फिल्म देखनेवालों की संख्या कम नहीं है। अमिताब बच्चन, धर्मेन्द्रा, हेममालिनी, जया बच्चन, शारूख खान, सलमान खान जैसे अभिनेताओं इन देशों में भी प्रसिद्ध है।

केरल के लोग सालों पहले से ही हिंदी फिल्मी गीतों से इतना लगाव रखते थे। शोले फिल्म के “ये दोस्ती” गीत केरल के आम लोग भी गुनगुनाते थे। जन साधारण की भाषा का प्रयोग इन फिल्मी गीतों में होते थे। कई लोग हिंदी सिनेमा समझने केलिए हिंदी भाषा सीखना शुरू किया था।

हिंदी की प्रवाहमयता भी एक वजह था कि साधारण लोगों के दिल में भी भाषा के प्रति रुचि और पसंद थे। धारावाहिकों देखने वाला भी अनेक हैं।

प्रश्न 3.
हिंदी सिनेमा और धारावाहिकों की इस भूमिका ने भाषा का प्रचार एवं प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हिंदी को लोकप्रिय बनाने में फिल्मों एवं फिल्मी गीतों का विशेष योगदान रहा है। इस पर दो मित्रों के बीच का वार्तालाप तैयार करें।।
उतर:
सीता : श्यामा, तुमने शोले फिल्म देखा?
श्यामा : हाँ देखा। कितना अच्छा सिनेमा है यह। इतने साल पुराने इसका निर्माण हुआ है। फिर भी कितना खूबियत से हुआ है।
सीता : बहुंत ठीक कहा तुमने। इस फिल्म की गीतों भी कितना सुंदर है। हमें लगता है कि यह हमारा ही भाषा है।
श्यामा : हम केरल के लोग ही नहीं बल्कि विदेशों में भी यह सिनेमा इतना पसंदीता हुआ है।
सीता : सिंगपुर, मलेष्या, बंग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, फिजी. सूरीनाम जैसे अनेक विदेशों में भी हिंदी अभिनेता प्रसिद्ध है। वे बच्चन, सीता शारुख, काजल आदि अभिनेताओं के फॉन है।
श्यामा : ठीक है। हम हिंदी फिल्मी गीतों के कारण भी हिंदी को बहुत पसंद करते हैं। यह भी नहीं हिंदी धारावाहिकों भी अहिंदी प्रदेशों में कई लोगों को आकर्षण करते हैं।
सीता : हमारे स्कूल के अध्यापक ने ठीक ही कहा था। हिंदी को लोकप्रिय बनाने में फिल्मों एवं गीतों का विशेष योगदान है।
श्यामा : यह बिलकुल सही है।

प्रश्न 4.
सूरीनाम का सौंदर्य एवं वहाँ के भारतवंशियों के बारे में लेखक ने एक सिनेमा का निर्माण किया। इस सिनेमा के प्रचार के लिए एक आकर्षक विज्ञापन तैयार करें।
उतर:

सीता सूरीनाम का सौंदर्य आपके सामने
सूरीनामः एक ओर भारत

निर्माण एवं निदेशनः प्रसिद्ध लेखक हिमांशु जोषी
अभिनेता : अमिताब बच्चन – शारूख खान, काजल अनुपम खेर

प्रसिद्ध लेखक और निदेशक द्वारा सूरीनाम के भारतवासियों के मार्मिक कहानी, प्रसिद्ध अभिनेताओं के साथ.

क्या हुआ था सूरीनाम में? आइए देखते हैं प्रमुख सिनेमा घरों में।

मार्च 12 से लेकर

सूरीनाम में पहला दिन Summary in Hindi

Plus Two Hind Textbook Answers Unit 2 Chapter 1 सूरीनाम में पहला दिन (सफ़रनामा) 9
– सुमित्रानंदन पंत

“हिंदी हमारे राष्ट्र की अभिव्यक्ति का सरलतम स्रोत है”।।

Plus Two Hind Textbook Answers Unit 2 Chapter 1 सूरीनाम में पहला दिन (सफ़रनामा) 10
– एस.के.पोटेक्काट्ट

“मेरे भाग्य में अगला जन्म बढ़ा है तो मैं आवारा के रूप में जन्म लेना चाहूँगा ताकि हमेशा मनमाना घूम सकूँ”।

हिमांशु जोशी
हिमांशु जोशी हिंदी के अग्रणी कथाकार एवं पत्रकार थे। हिंदी की लगभग सभी विधाओं में उन्होंने अपनी लेखनी चलाई है। उत्तराखंड में 1935 को उनका जन्म हुआ। पत्रकारिता तथा आकाशवाणी के क्षेत्र में उन्होंने कार्य किया ‘यात्राएँ’, ‘नवे’ सूरज चमके आधी रात आदि उनके श्रेष्ठ यात्रा-वृत्तांत हैं।

सूरीनाम में पहला दिन Summary in Malayalam

Plus Two Hind Textbook Answers Unit 2 Chapter 1 सूरीनाम में पहला दिन (सफ़रनामा) 1
Plus Two Hind Textbook Answers Unit 2 Chapter 1 सूरीनाम में पहला दिन (सफ़रनामा) 2
Plus Two Hind Textbook Answers Unit 2 Chapter 1 सूरीनाम में पहला दिन (सफ़रनामा) 3

Plus Two Hind Textbook Answers Unit 2 Chapter 1 सूरीनाम में पहला दिन (सफ़रनामा) 4

Plus Two Hind Textbook Answers Unit 2 Chapter 1 सूरीनाम में पहला दिन (सफ़रनामा) 5

Plus Two Hind Textbook Answers Unit 2 Chapter 1 सूरीनाम में पहला दिन (सफ़रनामा) 6

Plus Two Hind Textbook Answers Unit 2 Chapter 1 सूरीनाम में पहला दिन (सफ़रनामा) 7
Plus Two Hind Textbook Answers Unit 2 Chapter 1 सूरीनाम में पहला दिन (सफ़रनामा) 8

सूरीनाम में पहला दिन Glossary

Plus Two Hind Textbook Answers Unit 2 Chapter 1 सूरीनाम में पहला दिन (सफ़रनामा) 11

Plus Two Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 3 मेरे भारतवासियो (भाषण)

Kerala Plus Two Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 3 मेरे भारतवासियो (भाषण)

प्रश्न 1.
कि, लेकिन, और, या, इसलिए, क्योंकि, जहाँ, पर, था मेरे भारतवासियो अनुवर्ती कार्य:
उतर:
1. रमेश : अरे सुरेश, क्या तुमने नेहरुजी का भाषण पढा है?
सुरेश : नेहरुजी का भाषण!
रमेश : हाँ, हमारे नए हिंदी पाठ पुस्तक में है।
सुरेश : हाँ, मैं ने देखा। अच्छा है।
रमेश : जोशीला भी।
सुरेश : यह उस लंबी भाषण का एक अंश मात्र है।
रमेश : ठीक है, इसका पूर्ण रूप कहाँ से मिलेगा?
सुरेश : आओ, अपने हिंदी अध्यापक से पू)।
रमेश : अच्छा, ठीक है।
सुरेश : चलो, अध्यापक की कमरे की ओर।

2. संक्षेपण
कई वर्षों की कठिन प्रयत्न के बाद आज भारत स्वतंत्रता की धन्य वेला तक पहूँची है। वर्षों से शोषित जनता अपने लक्ष्य तक पहुंच गई है। इस पवित्र अवसर पर हम देश की सेवा करने केलिए प्रतिज्ञा ले रहे हैं।

3. अनुवाद शायद तुम लोगों से मेरा आखिरी भाषण हो। यद्यपि सरकार ने मुझे कल सुबह जुलूस निकालने की अनुमति दें तो भी सबरमती के पवित्र किनारे पर यह मेरा अंतिम भाषण होगा। शायद मेरे यहाँ के जीवन के अंतिम शब्द होगा। मुझे जो कुछ बताना था वे मैं कल ही बता चुका हूँ। मेरी इच्छा है कि मेरा यह शब्द देश के कोने कोने तक पहूँचे।

Plus Two Hindi मेरे भारतवासियो Questions and Answers

प्रश्न 1.
हिंदी पुस्तिका में नेहरूजी का भाषण पड़कर उससे प्रभावित छात्र अपनी सहेली के नाम पत्र लिखती है। वह पत्र तैयार करें।

  • 1947 अगस्त 14 की मध्यरात्री की वेला
  • स्वतंत्र भारत पर नेहरूजी के सपने
  • भारतीयों का दायित्व

उतर:

तृशूर
31 जुलाई 2016

प्रिय सहेली,
नमस्कार, तुम कैसी हो। स्कूल में ठीक तरह से जाता। है ना। ग्यारहवीं कक्षा के पढ़ाई कैसे हो रही हैं। मैं यहाँ सकुशल हूँ।

मैं एक बात बताना चाहती हूँ। हमारे हिंदी पुस्तिका के बारे में। मैं लगभग सभी पाठ पढ़ लिया। इसमें नेहरूजी का भाषण मुझे बहुत अच्छा लगा। कितना प्रभावशाली है वह भाषण। 1947 अगस्त 14 की मध्यरात्रि की वेला में नेहरूजी जो भाषण किया उसमें भारत की गरिमा को दिखाया है। नेहरूजी स्वतंत्र भारत पर अपने सपनों को सही रूप में प्रस्तुत किया है। हमें परिश्रम करके आगे प्रगति की ओर अग्रसर होनो के बारे में आहवान करते हैं। हमारा दायित्यों के बारे में चेतावनी भी देते है।

मैं ज़्यादा नहीं कहना चाहता। तुम यह भाषण ज़रूर पढ़ना। आज के हर भारतीय यह भाषण सुने तो कितना अच्छा होगा। में खंत समाप्त करता हूँ। भाषण पढ़कर अपना राय मुझे लिखना।

तुम्हारी सहेली,
मिषा

सूचनाः
‘मेरे भारतवासियों’ भाषण का अंश पढ़ें और 1 से 5 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखें।
भविष्य में हमें विश्राम करना या चैन से नहीं बैठना है बल्किं निरंतर प्रयास करना है ताकि हम जो वचन बारबार दोहराते रहे हैं और जिसे हम आज भी दोहरायेंगे, उसे पूरा कर सकें। भारत की सेवा का अर्थ है, लाखोंकरोड़ों पीड़ित लोगों की सेवा करना। इसका मतलब है गरीबी और अज्ञता को मिटाना। बीमारियों और असमानता को मिटाना। हमारी पीढ़ी के सबसे महान व्यक्ति की यही महत्वाकांक्षा रही है कि हर एक आँख से आँसू मिट जाएँ।

प्रश्न 1.
“मेरे भारतवासियों’ किनका भाषण है?
उतर:
नेहरू जी भारत के प्रथम प्रधानमंत्री

प्रश्न 2.
भविष्य में हमें क्या करना है?
उतर:
निरंतर प्रयास करना है ताकि हमारा वचन पूरा कर सकें।

प्रश्न 3.
भारत की सेवा का मतलब क्या है?
उतर:
भारत की सेवा का अर्थ है। लाखों-करोड़ों पीडित लोगों की सेवा करना। इसका मतलब है गरीबी और अज्ञता को मिटाना। बीमारियों और असमानता को मिटाना।

प्रश्न 4.
इस खंड का संक्षेपण करें।
उतर:
हमें निरंतर प्रयास करना है। साधारण लोगों की सेवा करना है। सब लोगों के पीड़ाओं को मुक्त करना गाँधीजी का महत्वाकांक्षा है।

प्रश्न 5.
संक्षेपण के लिए उचित शीर्षक दें।
उतर:
देशप्रेम

नेहरू के भाषण का यह वाक्य पढ़ें।

“हमारी पीढ़ी के सबसे महान व्यक्ति की यही महत्वाकांक्षा रही है कि हर एक आँख से आँसू मिट जाएँ”

प्रश्न 1.
महान व्यक्ति की महत्वाकांक्षा क्या है?
उतर:
महान व्यक्ति की महत्वाकंक्षा है कि हर एक व्यक्ति के आँख से आँसू मिट जाएँ।

प्रश्न 2.
इस महत्वकांक्षा की पूर्ति के लिए हम क्या-क्या कर सकते हैं? इस पर एक भाषण तैयार करें।
उतर:
प्रिय मित्रों,
सब लोगों को नमस्कार।

मैं आज आप लोगों के सामने हमारी पीकी के सबसे महान व्यक्ति के महत्वाकांक्षा के बारे में कुछ शब्द बताना चाहता हूँ। आप सब लोग जानते है वह कौन है। इसमें कोई शक नहीं है कि वह महत्मागाँधी है। वह केवल भारत के राष्ट्रपिता नहीं है बल्कि विश्व में मानवता के राष्ट्रपिता है। लोग उसे महान शब्द जोड़कर ही पुकारते है। क्या थी उनकी महत्वाकांक्षा – सभी आँखों से आँसू मिटाए, यानी सभी के दुखों को समाप्त करें। भूख, गुलामी, आतंकवाद जैसे कई समस्यायें हमारे समाज में है। कई लोग भोजन सामग्रियाँ बरबाद करते हैं तो कई लोग भूख से मर रहे हैं। कई लोग आज़ादी के झुटे फायदे लेते हैं तो कई लोग गुलामी के कारण तड़प तड़पकर मर रहे हैं। ऐष आराम के साथ साथ आतंकवाद जैसे भीषतायें विश्व में फैल रहा है। गाँधीजी के महत्वकांक्षा को प्राप्त करने केलिए हमें कई बातों पर ध्यान देना ही चाहिए।

भूख से तड़पते लोगों के सहायता करना हमारा फर्ज है। इसके लिए कई प्रकार के योजनायें अपनाना चाहिए। सभी प्रकार के गुलामियों को हमें रोकना चाहिए। वह धर्म, राष्ट्र, वर्ण, कुल, भाषा जैसे कई बातों पर आधारित है। इसकेलिए सही प्रकार के शासकों को चयन करना चाहिए। मानवतावाद को सबसे प्रमुख स्थान देना ज़रूरी है। शिक्षा को प्रमुख स्थान देना है और सभी लोगों तक पहूँचना है। जानकारी योजनाओं को ठीक रूप में लागू करना चाहिए।

आज सब लोग यह जानते हैं कि हम सब के लिए आवश्यक चीज़ इस धरती में है। लेकिन इसके उपयोग सही रूप में करना ही चाहिए। हम सब को इस विचार को अपने मन में लाना ज़रूरी है।

जयहिंद

‘मेरे भारतवासियों’ पाठ का अंश पढ़ें।

“भविष्य में हमें विश्राम करना या चैन से नहीं बैठना है बल्कि निरंतर प्रयास करना है ताकि हम जो वचन वारबार दोहराते रहे हैं और जिसे हम आज भी दोहराएँगे, उसे पूर कर सकें। भारत की सेवा का अर्थ है लाखोंकरोड़ों पीड़ित लोगों की सेवा करना। इसका मतलब है गरीबी और अज्ञानता को मिटाना। बीमारियों और अवसर की असमानता को मिटाना। हमारी पीढ़ी के सबसे महान व्यक्ति की यही महत्वाकांक्षा रही है कि हर एक आँख से आँसू मिट जाएँ।”

प्रश्न 1
यह किसके भाषण का अंश है? (नेहरू, गाँधी, तिलक)
उतर:
नेहरू

प्रश्न 2
नेहरू जी की पीढ़ी के सबसे महान व्यक्ति की महत्वाकांक्षा क्या है?
उतर:
हर एक आँख से आँसू मिट जाएँ।’ यह नेहरू जी की पीढ़ी के सबसे महान व्यक्ति की महत्वाकांक्षा है।

प्रश्न 3.
हमें समाज से क्या क्या मिटाना है?
उतर:
हमें समाज से – गरीबी, अज्ञानता, बीमारियों और अवसर की असमानता को मिटाना है।

प्रश्न 4.
उपर्युक्त खंड का संक्षेपण करें।
उतर:
नेहरू जी कहते हैं कि निरंतर प्रयास करने की वचन को हमें पूरा करना है। पीड़ित लोगों की सेवा करके – गरीबी, अज्ञानता, बीमारियों और अवसर की असमानता को मिटाना है। गाँधीजी की महत्वाकांक्षा है कि हर एक आँख से आँसू मिटायें।

प्रश्न 5
संक्षेपण के लिए उचित शीर्षक दें।
उतर:
देशप्रेम

अनुच्छेद का हिंदी में अनुवाद करें।

प्रश्न 1.
Television is one of the wonders of modern science Many useful programs on education, health and agriculture are telecasted. Interesting plays and films are shown at regular intervals. It is used for commercial advertisements. It was invented by John Baird.
उतर:
टेलिविषन आधुनिक विज्ञान के चमत्कारों में से एक है।शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि पर कई उपयोगी कार्यक्रम प्रसारित किए जाते हैं। दिलचस्प नाटकों और फिल्मों को नियमित अंतराल पर दिखाया गया है। यह वाणिज्यिक विज्ञापन के लिए प्रयोग किया जाता है। यह जॉन बेयर्ड द्वारा आविष्कार किया गया था।

निम्नलिखित वाक्य पढ़ें।

प्रश्न 2.
नेहरू जी के भाषण से प्रभावित एक छात्र स्वतंत्रता प्राप्ति के उनहत्तर वर्षों के बाद भारत के विकास, सुरक्षा आदि पर सपना देख रहा है। उस सपने का वर्णन करते हुए छात्र अपने मित्र को पत्र लिखता है। वह पत्र तैयार करें।
उतर:

पटना,
04.08.2017

प्रिय राकेष,
कैसे हो तुम? घर में सब ठीक तो है न? छोटे भाई क्या करते हैं? मैं एक विशेष बात बताने के लिए यह खत लिख रहा हूँ। हमारे बारहवीं कक्षा के हिंदी पाठपुस्तक में नेहरू जी का एक भाषण दिया है। यह भाषण नेहरूजी आज़ादी मिले आधी रात में 1947 अगस्त 15 का किया था। मुझे यह भाषण सुनकर बहुत उत्तेजना मिला। नेहरूजी के यह भाषण पढ़ने के बाद मैं एक ऐसा सपना देखा कि उसमें नेहरूजी के सपनों का पूर्ती सफल हो रहा है। भाषण में नेहरूजी भारत के विकास, भारतीयों का दायित्व, विश्वमानवता आदि कई बातों के बारे में बताया है। अब देश स्वतंत्रता प्राप्ति के उनहत्तर वर्ष मना रहे हैं। क्या हम नेहरूजी के सपनों को साकार कर सकेंगे? मैं ने सपने में देखा कि हमारा भारत के विकास, सुरक्षा आदि विभिन्न क्षेत्रों में नए नए परिवर्तन हो रहा है। हम पड़ोसी देशों से दोस्ती के रिश्ता जोड़ रहे हैं। शिक्षा और चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में भी तरक्की हो रहे हैं। मुझे बहुत खुशी हुई यह सपना देखकर। मेरा विचार है कि यह सपना ज़रूर साकार हो जायेगा। हो सके तो तुम भी नेहरू जी के यह भाषण सुने।

तुम्हारा प्यारा मित्र,
राम

अनुच्छेद का हिंदी में अनुवाद करें।

प्रश्न 3.
There was an accident near our school yesterday. A car was coming at full speed. A cyclist suddenly appeared in the middle of the road. The driver pressed the breaks very hard. But the car did not stop in time and the cyclist was knocked down. An old man who has seen the accident took the injured cyclist to the hospital.

(accident – दुर्घटना, full speed – तेज़ रफ़्तार, driverचालक, knocked down – टकराकर गिरना, cyclist – साईकिलवाला, hospital – अस्पताल)
उतर:
हमारे स्कूल के पास एक दुर्घटना हुई थी। एक कार तेज़ रफ्तार से आ रही थी। एक साइकिलवाला अचानक सड़क के मध्य में दिखाई दिया। कार के चालक ने पूरी तरह से ब्रेक दबाया। लेकिन कार समय के भीतर रुका नहीं और साइकिलवाले को टकराकर नीचे गिरा दिया। एक बूढा आदमी जिसने यह दुर्घटना को देखा वह घायल साइकिलवाले को अस्पताल ले गया।

प्रश्न 4.
विश्व पर्यावरण दिवस में प्रस्तुत करने के लिए ‘तरकारियों में कीटनाशकों का प्रयोग’ विषय पर एक भाषण तैयार करें।
उतर:
प्रिय मित्रों,
नमस्कार।

मैं आज तरकारियों में कीटनाशकों का प्रयोग विषय पर एक छोटी सी भाषण प्रस्तुत कर रहा हूँ। ध्यान दीजिए। आज सब लोग जानते हैं कि मानव को भोजन में कितने प्रतिशत तरकारी खाना है। कम से कम चालीस प्रतिशत यह हमारा तन्तुरुस्ति के लिए ज़रूरी है। प्राचीन काल से लेकर मानव तरकारियों को इस्तेमाल कर रहे हैं। तरह तरह के तरकारी हम उपयुक्त करते हैं।

आबादी के अनुसार तरकारी न मिलने पर हम खेती में रासायनिक पदार्थों का प्रयोग करने लगा। लाभ को नज़र में रखकर हम कीटनाशकों का प्रयोग भी अनियन्त्रित रूप में करने लगा। आज हम यह भी जानते हैं कि रासायनिक पदार्थों और कीटनाशकों का कितना बुरा प्रभाव हम पर हो रहा है। कई प्रकार के बीमारियों से हम पीड़ित हो जाते हैं। नयी पीढ़ी के स्वास्थ्य के लिए यह इतना खतरनाक है कि इससे बचना बहुत ज़रूरी हैं।

हमें घर में आवश्यक तरकारियों को उगवाना चाहिए। केवल लाभ को देखकर नहीं बल्कि प्रकृति के संतुलन और मानव के रक्षा के बारे में हमें सोचना चाहिए। महात्मा गाँधी के अनुसार हमें स्ववलंबन की भावना जगाना ही चाहिए। आइए हम शुरू करते हैं अपनी तरकारी अपने आंगन में ही लगाकर।

जयहिंद

मेरे भारतवासियो कवि का परिचय

Plus Two Hind Textbook Answers Unit 1 Chapter 3 मेरे भारतवासियो (भाषण) 1
– पंडित जवाहरलाल नेहरू

पंडित जवाहरलाल नेहरू स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री थे। ‘मेरे भारतवासियों 14 में अगस्त 1947 की आधी रात में लाल किले में हमारा तिरंगा झंडा फहराते हुए राष्ट्र के प्रति किए गए नेहरु के प्रसिद्ध भाषण का एक अंश है।

Plus Two Hind Textbook Answers Unit 1 Chapter 3 मेरे भारतवासियो (भाषण) 3

मेरे भारतवासियो Summary in Malayalam

Plus Two Hind Textbook Answers Unit 1 Chapter 3 मेरे भारतवासियो (भाषण) 4

Plus Two Hind Textbook Answers Unit 1 Chapter 3 मेरे भारतवासियो (भाषण) 5
Plus Two Hind Textbook Answers Unit 1 Chapter 3 मेरे भारतवासियो (भाषण) 6

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मेरे भारतवासियो Glossary

Plus Two Hind Textbook Answers Unit 1 Chapter 3 मेरे भारतवासियो (भाषण) 8

Plus Two Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 बेटी के नाम (जवाबी पत्र)

Kerala State Board New Syllabus Plus Two Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 बेटी के नाम Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

Kerala Plus Two Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 बेटी के नाम (जवाबी पत्र)

प्रश्न 1.
हिंदी में अन्य भाषाओं से आए हुए कई शब्द हैं। निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी विदेशी शब्द पत्र से ढ़कर लिखें।
अनाथ – …………………….
सांत्वना – …………………….
देश – …………………….
नाश – …………………….
संभावना – …………………….
विधवा – …………………….
बार – …………………….
इनाम – …………………….
योग्य – …………………….
व्यक्ति – …………………….
चिंता – …………………….
उत्तरः
अनाथ – यतीम
सांत्वना – करोर
देश – मुल्क, वतन
नाश – तबाही, बरबादी
संभावना – गुंजाइश
विधवा – बेवा
बार – दफा
इनाम – तोहफे
योग्य – काबिल
व्यक्ति – शख्स
चिंता – फिक्र

प्रश्न 2.
कैदी बाप को अपनी बेटी का खत एक आंसूनामा था, क्यों?
उत्तरः
बाप और बेटी दोनों जेल में था। बाप रंगून में है तो बेटी यहाँ दिल्ली में। सख्त नज़रबंदी के बावजूद भी उस बेटी ने पिता को एक चिट्ठी भेजा, जिसमें अपने परिवार एवं देश की दुस्थिति का वर्णन हुआ है। खत पढ़कर पिता की आँखें भीग गई। उस कैदी बाप को पुत्री का खत एक आँसूनामा ही लगा।

प्रश्न 3.
दिल्लीवाले मुझको रोते ……. मैं भी रोता हूँ – यहाँ शासक का कौन सा गुण प्रकट होता है?
उत्तरः
प्रजाहित केलिए शासन करनेवाले एक सम्राट की देशस्नेह और सहानुभूति प्रकट होती है।

प्रश्न 4.
यह खत तुमको मिलेगा भी या नहीं – बादशाह के मन में ऐसा शक क्यों उभरा होगा?
उत्तरः
बादशाह ने ऐसे अनेक व्यक्तियों को देखा है, जो आखिर में दगाबाज और दूसरों के द्वारा भेजे गए जासूस सिद्ध हुआ है। इसलिए उनके मन में शंका उभर आई।

बेटी के नाम अनुवर्ती कार्य:

प्रश्न 1.
बादशाह की चरित्र-चित्रण।
उत्तरः
1857 की स्वतंत्रता संग्राम के बाद बहादूरशाह ज़फर को कैदी बनाकर रंगून भेजा गया। उनकी बड़ी बेटी दिल्ली में अंग्रेजों के कैदी में था। अपनी बेटी का खत उन्होंने बार-बार पढाया। खत पढकर उनकी आँखों से आँसू बहती है। अंग्रेज़ी सरकार के कैद में किसी दूर देश में रहने पर भी उनके मन में अपने देश और परिवारवालों के प्रति अगाध प्रेम था। अपनी जनता के बारे में सोचकर वह रोती है। उनको अपने दिल्लीवासियों के प्रति प्रेम और सहानुभूति था। बेटी के नाम पर लिखी गई खत में वह अपने देश की बुरी हालत का जिक्र भी करती है।

वे एक आदर्श देशप्रेमी एवं प्यारी पिता थे। कोसों दूर की कैद में रहकर भी उसका मन अपने परिवारवालों एवं दिल्लीवासियों के प्रति व्याकुल थे।

प्रश्न 2.
बादशाह ज़फर की डायरी।
उत्तरः
रंगून, 18/5/1857

बुधवार

आज बेटी का खत मिला। बार-बार पठा। मन न भरा। हाँ, आज का दिन आँसू से भीगा एक दिन था। मेरी बेटी की अवस्था अब कैसी होगी? एक बार उसे देखने की इच्छा है, लेकिन कैसे? हमारी दिल्लीवासियों की हालत! वे लोग मेरे प्रति रोते हैं। मेरी स्थिति भी भिन्न नहीं है। एक बार उन लोगों को देख सकने की इच्छा थी। बेटी का खत मिता, जवाब भी लिखा । कैसे भेजें? हाँ, कल किसी व्यक्ति का आश्रय लेना है। यदि उसने धोखा दे तो…..। शायद मेरे अंतिम शब्द होगा। यहाँ इस कैद से बाहर आना मुश्किल है। किसी दिन हमारा देश स्वतंत्र होगा तब मैं नहीं होगा। स्वतंत्रता की प्रतीक्षा में ………..

प्रश्न 3.
सुरभि केलिए जवाबी पत्र।
उत्तरः
प्रिय सुरभि,
तुम्हारा खत मिला। पढ़कर खुशी हुई। साथ सी.डी.भी मिला।

मैं ने उसे देखा। तुमने सच ही कहा था। बहुत जोशीला था। दर्शकों के मन में ज़रूर देशस्नेह उत्पन्न करेगा। ठीक है परीक्षा की इस समय ऐसी एक सी.डी.बहुत खुशी प्रदान करती हैं। कितने महानों का जान हमारे लिए नष्ट हो गया हैं?

सी.डी. भेज देने केलिए मैं बहुत आभारी हूँ। घरवाले भी देखा। उसको भी अच्छा लगा। अभी कुछ और पढना है। घरवालों को मेरा प्यार। फिर मिलने की प्रतीक्षा में

प्यार से,
तुम्हारी सहेली
सोनु

पत्तनमतिट्टा,
10.07.2015

प्रश्न 4.
‘कितने बच्चे यतीम हो गए, कितनी औरतें बेवा हो गई। पत्र के इस प्रसंग के आधार पर ‘युद्ध के भीषण परिणाम’ पर एक कॉलाज़ तैयार करें।
उत्तरः
Plus Two Hind Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 1

Plus Two Hind Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 बेटी के नाम (जवाबी पत्र) 10

Plus Two Hindi बेटी के नाम Questions and Answers

सूचनाः
बहादुरशाह ज़फ़र के खत का यह वाक्य पढ़ें।

दिल्लीवाले मुझको रोते होंगे। वे क्या यह नदीं जानते, कि मैं भी उनको रोता हूँ।

प्रश्न 1.
उपर्युक्त वाक्य के आधार पर बहादुरशाह ज़फ़र के चरित्र पर टिप्पणी लिखें।
उत्तरः
चरित्र चित्रण – बहादुरशाह ज़फ़र भारत के अंतिम मुगल बादशाह है। 1857 की स्वतंत्रता संग्राम के बाद बादशाह को अंग्रेजों ने कैदी बनाया। किसी दूर देश के कैद में रहने पर भी मन में देश और परिवारवालों के प्रति अगाध प्रेम झलकता है। वह अब भी अपनी प्रजा के बारे में सोचते है। एक सच्चा शासक होने के कारण वह अपने प्रजा के बुरी हालत के बारे में सोचनेवाला है। अपनी लापरवाही को वह ठीक तरह से जानते है।

प्रश्न 2.
बेटी के आँसूनामा ने बादशाह के मन को विचलिक कर दिया। वे उस दिन की डायरी में इसका जिक्र करते हैं।
वह डायरी लिखें।

  • परिवारवालों की सोच।
  • दिल्लीवासियों के प्रति आकुलता।
  • खत पढ़ने उत्पन्न दर्द।

उत्तरः

डायरी

रंगून

बुधवार
18 जूण 1851

आज बेटी का खत मिला। बार-बार पढ़ा, मन न भरा । हाँ आज का दिन आँसू से भीगा एक दिन था। मेरी बेटी की अवस्था अब कैसी होगी? एक बार उसे देखने की इच्छा है, लेकिन कैसे? हमारी दिलीवासियों की हालत । वे लोग मेरे प्रति रोते है, मेरी स्थिति भी भिन्न नहीं है। एक बार उन लोगों को देख सकने की इच्छा थी। बेटी का खत मिला, जवाब भी लिखा, कैसे भेजूं? हाँ, कल किसी व्यक्ति का आश्रय लेना है। यदि उसने धोखा दे तो….। शादय मेरे अंतिम शब्द होगा। यहाँ इस कैद से बाहर आना मुश्किल है, किसी दिन हमारा देश स्वतंत्र होगा तब मैं नहीं होगा। स्वतंत्रता की प्रतीक्षा में ……..।

प्रश्न 3.
सूचना : बादशाह के ये वाक्य पढ़ें।
तीन दफ़ा सुनने के बाद भी दिल को करार नहीं आया। मेरे यहाँ आ जाने के बाद, पता नहीं और क्या-क्या परेशानियाँ शहरवालों पर पड़ी होंगी। इन वाक्यों के आधार पर बहादुरशाह ज़फ़र के चरित्र पर टिप्पणी लिखें।
उत्तरः
बहादुरशाह ज़फर बड़े देशप्रेमी है। साथ ही साथ वे ‘स्वाभिमानी एवं परिवारवालों से प्यार करनेवाला है। अपने परिवार एवं देश से दूर रहते हुए वे अत्यंत दुःखी है। दूसरों के प्रति उनके दिल में सहानुभूति एवं ममता है। अपने देश और देशवासियों के प्रति उनके दिल में सच्चा प्यार है। इसीलिए ही कैद में रहते हुए भी वे अपने देश और परिवारवालों के बारे में सोचकर सदा खिन्न रहते थे।

प्रश्न 4.
बादशाह के बेटे ने खत तीन दफ़ा पढ़कर सुनाया। बेटे की उस दिन की डायरी लिखें।

  • पिताजी का दर्द
  • बहन की हालत
  • बेटे का मानसिक संघर्ष ।

उत्तरः

18
फरवरी

1857
रंगून

कैसे भूलूँ आज का दिन …….
अपने पिताजी की आँसू …….
बहन की दर्दभरी वाणी …….
कैसे सब सकूँगी वह। जो मैंने पढ़कर सुनाया, क्या वह एक खत था? नहीं आँसूनामा था।
मेरी प्यारी बहिना…. कहाँ हो तुम? कैसे हो तुम?
केवल आप ही नहीं यह पूरा देश गुलाम बन गया है। मेरे दिल्लीवासी ……
मेरे पिताजी …….
….. उनकी क्या दशा होगी!!
ऐ खुदा, मेरे देश की, देशवासियों की रक्षा करें।

‘बेटी के नाम’ पाठ का यह वाक्य पढ़ें।

“खत क्या भेजा, मेरी जान, आँसूनामा था।” यह बादशाह द्वारा बेटी को लिखे गए पत्र का अंश है।

प्रश्न 1.
बादशाह ने ऐसा क्यों लिखा होगा?
उत्तरः
बाप और बेटी दोनों जेल में था। बाप रंगून में है तो बेटी दिल्ली में। बेटी द्वारा भेजे चिट्ठी में अपने परिवार एवं देश की बुरी हालत का वर्णन हैं। खत पढ़कर बादशाह को बहुत दुख हुआ। इसलिए बादशाह ऐसा लिखा होगा।

प्रश्न 2.
बादशाह के उस दिन की डायरी तैयार करें।
उत्तरः
रंगून / 18/5/1857 / बुधवार
आज बेटी का खत मिला। बार-बार पढ़ा। मन न भरा। हाँ आज का दिन आँसू से भीगा दिन हुआ। मेरी बेटी की अवस्था अब कैसी होगी? एक बार उसे देखने की इच्छा हैं, लेकिन कैसे?

हमारी दिल्लीवासियों की हालत! वे लोग मेरे लिए रोते हैं। मेरी हालत भी भिन्न नहीं है। एक बार उन लोगों को देखने की इच्छा थी।

बेटी का खत मिला, जवाब भी लिखा। कैसे भेजूं? कल किसी व्यक्ति का आश्रय लेना है। यदि उसने धोखा दिया तो…..। शायद मेरे अंतिम शब्द होगा। यहाँ इस कैद से बाहर आना मुश्किल है।

किसी दिन हमारा देश आज़ाद होगा – यही मेरा उम्मीद है। इसी प्रतीक्षा में……।

‘बेटी के नाम’ पाठ का यह वाक्य पढ़ें।

“मैं तो जिंदा हूँ।
वे तो बिना आई मैत र गए।”

प्रश्न 1.
यहाँ दिल्लीवालों की कौन सी हालत की सूचना मिलती है?
उत्तरः
यहाँ दिल्लीवालों की बुरी और दर्दनाक हालत की सूचना हैं। स्वतंत्रता संग्राम के बाद अंग्रेजों ने दिल्लीवासियों पर भीषण अत्याचार किया था।

प्रश्न 2.
भारत की आजादी की लड़ाई में हज़ारों ने अपनी जान की कुर्बानी दी। इन कुर्बानियों का जिक्र करते हुए आप अपने मित्र को एक पत्र लिखें।
उत्तरः

तृश्शूर
08.08.2017

प्रिय मित्र रामू
तुम तो ठीक-ठीक है न । पढ़ाई कैसे चल रहे हैं। माँ-बाप सकुशल है न। सब को मेरा प्रणाम।

हमारे बारहवी कक्षा के हिंदी पाठ्यपुस्तक में पहला स्वतन्त्रता संग्राम के समय भारत के बादशाह बहादुर शा जफर का एक खत है। यह खत पढ़कर मुझे बहुत दुःख हुआ, साथों साथ अभिमान भी। क्योंकि हजारों की कुर्बानी की कथा हमारे स्वतंत्रता के पीछे हैं। आज हमारे पीढ़ी में इस विचार नहीं है कि कितने व्यक्तियों के कठिन परिश्रम के कारण ही हमें आज़ादी मिली हैं। हमें ज़रूर इस बात पर ध्यान देना चाहिए। क्योंकि कल के प्रयत्न का फल ही हम भोग रहे हैं। मुझे बहुत खुशी हैं कि यह बात तुमसे बताकर । तुम्हारे मित्रों को भी इसके बारे में ज़रूर बताना। हो सके तो इसी प्रकार के कहानियाँ और घटनाओं को पढ़ना भी। खत समाप्त करता हूँ। जरूर जवाब लिखना।

तुम्हारा दोस्त,
अप्पू

प्रश्न 3.
‘तीन दफ़ा के बाद भी दिल को करार नहीं आया। बेटी के प्रति बादशाह का प्यार हमारे दिल को छूने वाला है। ‘संतानों के भविष्य निर्माण में माँ-बाप का प्यार’ विषय पर एक लेख लिखें।
उत्तरः

संतानों के भविष्य निर्माण में माँ-बाप का प्यार

आज के बच्चे कल का नागरिक है; तो ज़रूर बच्चों के विकास में ध्यान देना ज़रूरी है। माँ-बाप अपने अनुभवों के साथ बच्चों को पढ़ाना चाहिए। घर ही बच्चों के पहला विद्यालय होता है। बच्चों को घर में ही सच्चे प्यार के रिश्ते का अनुभव होना है। बाप बेटे में होते सच्चा प्यार ही उसे जीवन में ताकत और अच्छा नमूना देंगे। बेटी के नाम पाठ में लिखे खत, मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर जेल में रहकर अपनी बेटी को लिखे प्यार का नमूना बन जाता है। सिर्फ प्यार ही नहीं वात्सल्य और देशप्रेम भी यहाँ प्रकट होता है।

क्या आज के माता पिता और बच्चों के बीच में ऐसा प्यार का रिश्ता है? प्यार और सहयोग हमारे परिवारों से पहले सीखना चाहिए। माँ-बाप को अपने भरोसा और परंपरागत मूल्यों को बच्चों तक पहुँचाना ही चाहिए। ताकि बच्चे समझे कि हम भी एक दिन बड़े हो जायेंगे और दायित्वों के पूर्ती करना होगा। माता पिता केवल भोजन और पालन पोषण करनेवाला नहीं है। ये तो छात्रावासों में भी मिलते हैं। लेकिन भविष्य में अपने आदतों और मूल्यों को अपने अनुभवों के साथ बच्चों को सिखाना हैं। एक अच्छे कल के लिए माँ-बाप का दायित्व बहुत बड़ा है। प्यार और उत्तम विश्वास के साथ ये निभाना भी चाहिए।

‘बेटी के नाम’ पाठ का निम्नलिखित वाक्य पढ़ें।

“दिल्लीवाले मुझको रोते होंगे, मैं भी उनको रोता हूँ।’

प्रश्न 1.
शासक का कौन-सा गुण यहाँ प्रकट होता है?
उत्तरः
प्रजाहित केलिए शासन करनेवाले एक सम्राट के देशप्रेम । और सहानुभूति प्रकट होती हैं।

प्रश्न 2.
‘सच्चा शासक कौन है’ विषय पर एक लेख लिखें।
उत्तरः
सच्चा शासक शासक का मतलब क्या है? क्या केवल प्रजा पर अधिकार थोपनेवाले ही शासक है? नहीं; एक सच्चा शासक इससे परे है। एक सच्चा शासक के गुण को हम देखेंगे। भारत एक ऐसा देश है जहाँ कई ऐसे शासक थे जो प्रजा के ऊपर नहीं बल्कि उनके हृदय में राज करते थे। एक सच्चा शासक अपने प्रजा की भलाई के लिए काम करते हैं। उनके लिए कई कार्यक्रमों और योजनाओं के निर्माण करते हैं। मुसीबत आने पर उनके सहायता करते हैं। अपने खुशी में प्रजा को भी भागीदार बनाते हैं। अपनी प्रजा के हानी अपनी हानी समझती है। केवल ऐश-आराम में जीवन व्यतीत नहीं करते हैं। एक सच्चा क्रान्तदर्शी होता है, जो आनेवाले कल केलिए, देश की भलाई केलिए सोचते हैं।

इसी प्रकार के शासकों को जनता अपने दिल में जगह देते हैं। हमारे भारत को ऐसा नाम मिला राजा भरत से। वह प्रजा के दिल में रहते थे। इसी प्रकार के राजा या शासक हमारे समाज केलिए अनिवार्य है। आज जनतंत्रात्मक देश होने के कारण हम ही हमारा शासक है। लेकिन शासक होने के बाद कई लोग यह भूल जाते हैं कि वह भी एक प्रजा है। सत्ता को केवल अपने लाभ केलिए प्रयुक्त शासक सच्चा शासक नहीं है। प्रजा केलिए अपने आपको अर्पण करने वाला ही सच्चा शासक है।

प्रश्न 3.
बेटी का खत पढ़कर बादशाह का मन विचलित हो गया। दुखी पिता को सांत्वना देते हुए पिता से बातें करता है। दोनों के बीच की बातचीत तैयार करें।
उत्तरः
बादशाह : दिल्लीवालों के बारे में सोचकर मुझे इतना दुख हो रहा है कि सह नहीं पाता।

बेटा : आप अधीर मत हो जइए पिताजी। आप ही अधीर हुआ तो बाकी लोगों की हालत क्या होगा।

बादशाह : मैं क्या करूँ। तुमने ही खत पढ़ा था कुलसुम की। क्या-क्या हालत लिखा है वह। मैं क्या करूँ।

बेटा : अंग्रेज़ों ने अपनी क्रूरता ज़रूर दिखाया है। फिर भी हम भारतीय किसी भी हालत में सब कुछ सहन कर लेंगे। कुलसुम भी डरपोक नहीं है। उसमें सब सहने की शक्ति है।

बादशाह : मुझे अपने प्रजा के लिए कुछ करना है। पर मैं यह कैद में रहकर क्या कर सकता हूँ।

बेटा : पिताजी एक न एक दिन हम इस गुलामी से जरूर मुक्त हो जायेंगे। भारत की आजादी अब दूर नहीं है।

बादशाह : मुझे गर्व है मेरी बेटी पर। वह इतनी मासूम थी लेकिन अब वह इतनी मज़बूत हो गयी है कि सब कुछ सहन कर रही है।

बेटा : आप ने ठीक ही कहा पिताजी। हमारी बहन जैसे अनेक औरतों की दिल इतना मज़बूद हो गया है कि अगली पीढ़ी के जोश को अंग्रेज़ रोक नहीं पायेंगे। हम ज़रूर आज़ाद हो जायेंगे।

बादशाह : यह सब सुनकर मन को कुछ सुख मिला बेटा। तुमने सही कहा हैं।

बेटी के नाम कवि का परिचय

बहादुर शाह ज़फर बहादुर शाह जफर दिल्ली के अंतिम मुगल बादशाह 1857 करके ब्रिटीश सरकार ने इन्हें कैदी करके रंगून भेजा। इधर दिल्ली में अंग्रेज़ों की कैद में था, इसकी बड़ी बेटी कुलसुम जमानी बेगम। सख्त पहरों के बीच में भी ये दोनों चिट्टियाँ भेजता रहा। अपनी बड़ी बेटी द्वारा कैदी बाप को भेजा गया पत्र का जवाबी पत्र यहाँ प्रस्तुत है।

बेटी के नाम Summary in Malayalam

Plus Two Hind Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 बेटी के नाम (जवाबी पत्र) 2
Plus Two Hind Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 बेटी के नाम (जवाबी पत्र) 3

Plus Two Hind Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 बेटी के नाम (जवाबी पत्र) 4
Plus Two Hind Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 बेटी के नाम (जवाबी पत्र) 5
Plus Two Hind Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 बेटी के नाम (जवाबी पत्र) 6

बेटी के नाम Glossary

Plus Two Hind Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 बेटी के नाम (जवाबी पत्र) 7
Plus Two Hind Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 बेटी के नाम (जवाबी पत्र) 8
Plus Two Hind Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 बेटी के नाम (जवाबी पत्र) 9

Plus Two Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 1 मातृभूमि (कविता)

Kerala State Board New Syllabus Plus Two Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 1 मातृभूमि Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

Kerala Plus Two Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 1 मातृभूमि (कविता)

Plus Two Hind Textbook Answers Unit 1 Chapter 1 मातृभूमि (कविता) 1
प्रश्न 1.
यह चित्र किससे संबंधित है?
उत्तर:
नमक सत्याग्रह से संबन्धित है।

प्रश्न 2.
यह यात्रा किसके लिए थी? (Page 9)
उत्तर:
यह ऐतिहासिक दण्डी यात्रा नमक कानून को तोड़कर नमक बनाने केलिए थी।

प्रश्न 3.
दो शब्दों के मेल से बने हुए अनेक शब्द कविता में हैं। उन्हें चुनकर लिखें।
जैसेः नीलांबर – नीले रंग का अंबर
उत्तर:

हरित तट हरित रंग का तट
सूर्य-चन्द्रसूर्य और चन्द्र
शेषफन शेष का फन
खग- वृदखगों का वृंद
हर्षयुत हर्ष से युक्त
खेलकूद खेल और कूद
प्रेम प्रवाह प्रेम का प्रवाह

प्रश्न 4.
कवि ने मातृभूमि का वर्णन किस प्रकार किया है?
उत्तरः
मातृभूमि के हरे-भरे तट पर आकाश नीले रंग के वस्त्र की तरह शोभित है। सूर्य और चन्द्र इस भूमि का मुकुट है और समुद्र करधनी है। नदियाँ प्रेम प्रवाह है और फूल-तारे आभूषण है। बंदीजन पक्षियों का समूह है और शेष नाग का फन सिंहासन है। बादल पानी बरसाकर उसका अभिषेक करते रहते हैं। इस तरह की सगुण साकार मूर्ति है मातृभूमि।

प्रश्न 5.
मातृभूमि से कवि का बचपन कैसे जुडा है?
उत्तरः
मातृभूमि की धूली में लोट-लोट कर कवि बडे हुए है। इसी धरती पर घुटनों के बल पर रेंगकर वे धीरे-धीरे पौरों पर खडा रहना सीख लिया है। इसी पुण्य भूमि में रहकर उसने श्रीरामकृष्ण परमहंस की तरह सब सुखों को बाल्यकाल में ही भोगा है। इसके कारण ही उसे धूल भरे हीरे कहलाए।

प्रश्न 6.
तेरा प्रत्युपकार कभी क्या हमसे होगा – कवि इस प्रकार क्यों सोचता है?
उत्तरः
माता द्वारा अपने बच्चों केलिए किए गए कार्यों केलिए प्रत्युपकार करना आसान नहीं है। माँ का स्नेह असीम है। यहाँ मातृभूमि माँ का प्रतीक है। माँ की निस्वार्थ सेवाओं केलिए प्रस्तुपकार कभी नहीं कर सकता।

मातृभूमि अनुवर्ती कार्य:

प्रश्न 1.
कविता की अस्वादन टिप्पणी लिखें।
उत्तरः
द्विवेदी युग के प्रसिद्ध कवि है श्री मैधिली शरण गुप्त। वे राष्ट्रकवि माने जाते हैं। मातृभूमि गुप्त जी की एक प्रसिद्ध कविता है, जिसमें अपने जन्मभूमि का गुणगान करके उसकेलिए अपने जान भी देना का आह्वान करते हैं। मातृभूमि के हरियाली केलिए नीलाकाश एक सुंदर वस्त्र की तरह शोभित है। सूरज और चाँद इसकी मुकुट है, सागर इसकी करधनी है। यहाँ बहनेवाली नदियाँ प्रेम का प्रवाह है। तारे और फूल इसके आभूषण है। पक्षियाँ स्तुतिपाठक है, आदिशेष का सहस्र फन सिंहासन है। बादलों पानी बरसाकर इसका अभिषेक करते हैं। कवि अपनी मातृभूमि के इस सुंदर रूप पर आत्मसमर्पण करते हैं। वे कहते हैं वास्तव में तू सगुण-साकार मूर्ती है।

जन्मभूमि से कवि का बचपन का संबंध व्यक्त करते हुए कवि कहते हैं कि इसके धूली में लोट-लोटकर बडे हुए है। इसी भूमि पर घुटनों के बल पर सरक सरक कर ही पैरों पर खड़ा रहना सीखा। यहाँ रखकर ही बचनप में उसने श्रीरामकृष्ण परमहंस की तरह सभी आनंद पाया। इसके कारण ही उसे धूली भरे हीरे कहलाये। इस जन्मभूमि के गोदी में खेलकूद करके हर्ष का अनुभव किया है। एसी मातृभूमि को देखकर हम आनंद से मग्न हो जाते हैं। कवि कहते हैं – जो सुख शाँती हमने भोगा है, वे सब तुम्हारी ही देन है। तुझसे किए गए उपकारों का बदला देना आसान नहीं है। यह देह तेरा है, तुझसे ही बनी हुई है। तेरे ही जीव-जल से सनी हुई है। अंत में मृत्यु होने पर यह निर्जीव शरीर तू ही अपनाएगा। हे मातृभूमि। अंत में हम सब तेरी ही मिट्टी में विलीन हो जाएगा। सरल शब्दों में कवि मातृभूमि केलिए अपनी जान अर्पित करने की प्रेरणा देती है। आधुनिक समाज में देशप्रेम की ज़रूरत बड़ते जा रहे हैं। आतंकवाद, सांप्रदायिकता आदि को रोकने केलिए देशप्रम की ज़रूरत हैं।

मातृभूमि कविता पढ़कर प्रश्नों का उत्तर लिखें।

प्रश्न 1.
धरती का परिधान क्या है?
उत्तर:
नीलांबर।

प्रश्न 2.
मातृभूमि का मुकुट क्या है?
उत्तरः
सूर्य और चंन्द्र मातृभूमि के मुकुड है।

प्रश्न 3.
मातृभूमि का करधनी क्या है?
उत्तरः
मातृभूमि का करधनी समुद्र है।

प्रश्न 4.
कौन मातृभूमि के स्तुति गीत गाते है?
उत्तरः
पक्षियों का समूह।

प्रश्न 5.
कवि अपनी मातृभूमि केलिए क्या करना चाहते हैं?
उत्तरः
कवि अपनी मातृभूमि के लिए आत्मसमर्पण करना चाहते हैं।

प्रश्न 6.
कवि कैसे बड़े हुए हैं?
उत्तरः
इस धरती की धूली में लोट-लोट कर बड़े हुए है।

प्रश्न 7.
कवि पैरों पर खडा रहना कैसे सीखा है?
उत्तरः
इस धरती में घुटनों के बल पर रेंगकर पैरों पर खड़ा रहना सीखा।

Plus Two Hindi मातृभूमि Questions and Answers

सूचनाः

निम्नलिखित कवितांश पढ़ें और 1 से 4 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखें।

नीलांबर परिधान हरित तट पर सुंदर है।
सूर्य-चंद्र युग मुकुट, मेखला रत्नाकर है।।
नदियाँ प्रेम प्रवाह फूल तारे मंडन हैं।
बंदीजन खग-वृंद, शेषफन सिंहासन है।।
करते अभिषेक पयोद हैं, बलिहारी इस वेष की।
हे मातृभूमि! तू सत्य ही, सगुण मूर्ति सर्वेश की।।

प्रश्न 1.
इसके रचनाकर कौन है? (आनंद बख्शी, कुँवर नारायण, मैथिलीशरण गुप्त, जगदीश गुप्त
उत्तरः
मैथिलीशरण गुप्त

प्रश्न 2.
“रत्नाकर’ शब्द का समानार्थी शब्द कोष्ठक से चुनकर लिखें। (नदी, समुद्र, तालाब, नाला)
उत्तरः
समुद्र

प्रश्न 3.
मातृभूमि के आभूषण क्या-क्या हैं?
उत्तरः
नीलांबर, सूर्य-चन्द्र युग, रत्नाकर, नदियाँ, फूल तारे, खग – वृंद, शेषफन आदि मातृभूमि के आभूषण है।

प्रश्न 4.
कवितांश की आस्वादन-टिप्पणी लिखें।
उत्तरः
द्विवेदी युग के प्रसिद्ध कवि है श्री मैथिलीशरण गुप्त। वे राष्ट्रकवि माने जाते हैं। प्रस्तुत कविताँश में कवि मातृभूमि भारत के गुणगान करते हैं। मातृभूमि के हरियाली में नीलाकाश एक सुंदर वस्त्र की तरह शोभित है। सूरज और चाँद इसकी मुकुट है। सागर इसकी करधनी है। यहाँ बहनेवाली नदियाँ प्रेम का प्रवाह है। पक्षियों मातृभूमि के गुणगान करते है, अदिशेष का सहस्र फन सिंहासन है, बादलों पानी बरसाकर इसका अभिषेक करते है। कवि अपनी मातृभूमि के इस सुंदर रूप पर आत्मसमर्पण करते हैं। कवि कहते हैं वास्तव में तू सगुण-साकार मूर्ती है। यहाँ कवि तत्सम शब्दों के साथ भारतीय दर्शन को साथ लिया है। धरती माँ के समान है। वह जीवनदायिनी है। हमें उसकी गरिमा पर गर्व करना चाहिए। इतना सुंदर रूप के साथ धरती माता सजा हुआ है। आज के प्रदूषित जीवन में इस कविता की प्रासंगिकता बहुत बड़ा है।

सूचनाः

निम्नलिखित कवितांश पढ़ें और 1 से 4 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखें।

पाकर तुझसे सभी सुखों को हमने भोगा।
तेरा प्रत्युपकार कभी क्या हमसे होगा?
तेरी ही यह देह, तुझी से बनी हुई है।
बस तेरे ही सुरस-सार से सनी हुई है।।

प्रश्न 1.
यह किस कविता का अंश है? (मातृभूमि, सपने का भी हक नहीं, कुमुद फूल बेचनेवाली लड़की, आदमी का चेहरा)
उत्तरः
मातृभूमि

प्रश्न 2
कवि की राय में भारवासियों की देह किससे बनी हुई है?
उत्तरः
मातृभूमि से/ मिट्टी से

प्रश्न 3.
तेरा प्रत्युपकार कभी क्या हमसे होगा? ऐसा क्यों कहा गया है?
उत्तरः
मातृभूमि माँ के समान है। जिस प्रकार माँ की ममता का प्रत्युपकार कर नहीं सकता है उसी प्रकार मातृभूमि का भी प्रत्युपकार हम नहीं कर सकते। मातृभूमि का स्थान हम मानव से भी श्रेष्ठ है।

प्रश्न 4.
कवितांश की आस्वादन-टिप्पणी लिखें।
उत्तरः
राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की विख्यात कविता है “मातृभूमि”। इसमें मातृभूमि को हमने जननी का स्थान दिया है। मातृभूमि के लिए हमें अपना जीवन अर्पित करना है।

मातृभूमि के महत्व के बारे में याद करते हुए गुप्तजी कह रहे हैं आज तक जिन सुखों को हमने प्राप्त किया है, वह मातृभूमि का देन है। कवि कह रहे हैं, मातृभूमि माँ जैसी है। ऐसी मातृभूमि का प्रत्युपकार कभी भी हमसे नहीं हो सकता। हमारा शरीर जो है, तुम्हारी मिट्टी से बनी हुई है। तेरे ही जीव-जल से सनी हुई है। तुझसे किए गए उपकारों का बदला देना आसान नहीं है।

सरल शब्दों में कवि मातृभूमि के लिए अपनी जान अर्पित करने की प्रेरणा दे रही है। कविता की भाषा एवं भाव अत्यंत सरल एवं सारगर्भित है।

सूचनाः

निम्नलिखित कवितांश पढ़ें और प्रश्नों के उत्तर लिखें।

नीलंबर परिधान हरित पट पर सुंदर है।
सूर्य-चंद्र युग मुकुट, मेखला रत्नाकर है।।
नदियाँ प्रेम प्रवाह फूल तारे मंडन हैं।
बंदीजन खग-वृंद, शेषफन सिंहासन है।।
करत अभिषेक पयोद हैं, बलिदारी इस वेष की।
हे मातृभूमि! तू सत्य ही, सगुण मूर्ति सर्वेश की।।

प्रश्न 1.
मातृभूमि किसकी सगुण मूर्ति है? (ईश्वर की, माता की, गुरु की)
उत्तरः
ईश्वर की

प्रश्न 2.
मातृभूमि का मुकट क्या है?
उत्तरः
सूर्य और चंद्र

प्रश्न 3.
कवि मातृभूमि पर बलिहारी होता है। क्यों?
उत्तरः
मातृभूमि और प्रकृति में अटूट संबंध है। इसलिए कवि मातृभूमि को ईश्वर की सगुण मूर्ति मानता है और मातृभूमि पर बलिहारी होता हैं।

प्रश्न 4.
द्विवेदीयुगीन कविता की विशेषताओं पर चर्चा करके कवितांश की आस्वादन-टिप्पणी लिखें।
उत्तरः
द्विवेदी युग में कविता राष्ट्रीयता तथा समाज-सुधार की भावनाओं से मुखरित है। देशप्रेम, मानवतावाद तथा संवच्छंद प्रकृति चित्रण आदि भी देख सकते हैं। इस समय के प्रसिद्ध कवि है मैथिलीशरण गुप्त। साकेत, यशोधरा, पंचवटी आदि आपके प्रसिद्ध रचनायें हैं। मातृभूमि गुप्त जी के एक प्रसिद्ध कविता है। इसमें कवि मातृभूमि के वर्णन किया है। हरित तट में नीलांबर यानी आकाश रूपी वस्त्र सौंदर्य देते हैं। सूर्य और चंद्र पृथ्वी के मुकंट है। समुद्र इस रूप की मेखला है। प्रेम प्रवाह के रूप में नदियाँ हैं। फूल और तारे आभूषण है। खग-वृंद वंदना करतें हैं। सिंहासन रूप में शेषनाग का फण हैं। पयोद पृथ्वी पर अभिषेक करते हैं। सत्य ही मातृभूमि ईश्वर की सगुण मूर्ति हैं और कवि इस वेष की बलिदारी होते हैं।

इस कवितांश में तत्सम शब्दों को इस्तेमाल किया है। प्रकृति, देशप्रेम आदि के प्रमुखता है। आज भी प्रासंगिकता रखते हैं यह छात्रानुकूल कविता।

सूचनाः

निम्नलिखित कवितांश पढ़ें और प्रश्नों के उत्तर लिखें।

पाकर मुझसे सभी सुखों को हमने भोगा।
तेरा प्रत्युपकार कभी क्या हमसे होगा?
तेरी ही यह देह, तुझी से बनी हुई है।
बस तेरे ही सुरस-सार से सनी हुई है।
फिर अंत समय तू ही इसे अचल देख अपनाएगी।
हे मातृभूमि! यह अंत में तुझमें ही मिल जाएगी।।

प्रश्न 1.
‘मातृभूमि’ किस युग की कविता है? (द्विवेदी युग, छायावादी युग, प्रगतिवादी युग)
उत्तरः
द्विवेदी युग

प्रश्न 2.
‘धुलि’ का समानार्थी शब्द कवितांश से ढूँढ़ें। (सनी, बनी, मिली)
उत्तरः
सनी

प्रश्न 3.
‘तेरा प्रस्तुपकार कभी क्या हमसे होगा’ – कवि ऐसा क्यों कहता है?
उत्तरः
हमारा सबकुछ मातृभूमि से मिली है। यह देह, यह जीवन और अंत में हमें स्वीकार करनेवाला भी मातृभूमि है। इसलिए कवि ऐसा कहता है।

प्रश्न 4.
कवि एवं काव्यधारा का परिचय देते हुए कवितांश की आस्वादन टिप्पणी लिखें।
उत्तरः
प्रस्तुत पंक्तियाँ द्विवेदी युग के प्रसिद्ध कवि श्री मैथिलीशरण गुप्त द्वारा लिखा गया है। देशप्रेम, वीरता, प्रकृति चित्रण आदि इस समय के विशेषताएँ है। खड़ी बोली का विकास भी इस काल में हुआ है। साकेत पंचवटी यशोधरा आदि गुप्त जी के प्रसिद्ध रचनायें हैं।

प्रस्तुत कवितांश में मातृभूमि के विशेषतायें व्यक्त करते हैं। हमारा सभी सुखों का कारण मातृभूमि है। हमारा यह शरीर भी इस पृथ्वी से मिला है। हमें जीवन दिया है और मृत्यु के बाद वापस स्वीकार करेगा। इसलिए कवि के विचार में मातृभूमि का प्रत्युपकार करना असंभव है। यह छात्रानुकूल और प्रासंगिक कविता से कवि हमारे मन में देशप्रेम, प्रकृति से अटुट संबंध आदि दिखाते हैं। खड़ीबोली के साथ-साथ तत्सम शब्द भी यहाँ प्रयुक्त हुआ है। सभी नागरिकों को जागरित करने केलिए कविता सफल है।

मातृभूमि कवि का परिचय

Plus Two Hind Textbook Answers Unit 1 Chapter 1 मातृभूमि (कविता) 2
– मैथिली शरण गुप्त

मैथिली शरण गुप्त राष्ट्रकवि मैथिली शरण गुप्त का जन्म उत्तर प्रदेश के चिरगांव में 1885 में हुआ। भारतीय पुराणों में उपेक्षित कथा प्रसंग एवं पात्रों को लेकर युगानुरूप काव्य उन्होंने लिखे। साकेत, यशोधरा, जयद्रध वध आदि उनकी प्रमुख रचनाएँ है।

मातृभूमि गुप्तजी की प्रमुख कविता है। इसमें कवि ने मातृभूमि को हमारी जननी के स्थान देकर उसकेलिए अपने जीवन अर्पित करने का आह्वान करती है।

मातृभूमि Summary in Malayalam

Plus Two Hind Textbook Answers Unit 1 Chapter 1 मातृभूमि (कविता) 3
Plus Two Hind Textbook Answers Unit 1 Chapter 1 मातृभूमि (कविता) 4
Plus Two Hind Textbook Answers Unit 1 Chapter 1 मातृभूमि (कविता) 5
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मातृभूमि Glossary

Plus Two Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 1 मातृभूमि (कविता) Glossary 1

Plus Two Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 1 मातृभूमि (कविता) Glossary 2

Plus Two Hindi Textbook Answers Unit 1 झंड़ा ऊँचा रहे हमारा

Kerala State Board New Syllabus Plus Two Hindi Textbook Answers Unit 1 झंड़ा ऊँचा रहे हमारा Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

Kerala Plus Two Hindi Textbook Answers Unit 1 झंड़ा ऊँचा रहे हमारा

झंड़ा ऊँचा रहे हमारा इकाई परिचय :

आपकी पहली इकाई है झंडा ऊँचा रहे हमारा। यह इकाई स्वतंत्रता के महत्व को दर्शाकर देशप्रेम की माँग करती है। पहला पाठ भारत के राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की देशप्रेम भरी कविता है। मातृभूमि का गुणगान करनेवाली यह कविता देश के लिए अपनी जान अर्पित करने का परोक्ष आह्वान करती है। इकाई का दूसरा पाठ सम्राट बहादुरशाह ज़फर द्वारा अपनी बेटी को जेल से भेजा गया खत है। अपनी बेटी तथा देश की जनता के प्रति सम्राट के प्यार-भरे आँसू से खत भीगा पड़ा है। आगे भारत की स्वतंत्रता की ऐतिहासिक वेला में लाल किले पर तिरंगा झंडा फहराते हुए देशवासियों को संबोधित करनेवाले प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का भाषण है। इकाई के हर पाठ के ज़रिए भारत का तिरंगा झंडा ऊँचाई पर लहरा रहा है।

झंड़ा ऊँचा रहे हमारा പാഠപരിചയം :

Plus Two Hind Textbook Answers Unit 1 झंड़ा ऊँचा रहे हमारा 1
Plus Two Hind Textbook Answers Unit 1 झंड़ा ऊँचा रहे हमारा 2

Plus Two History Notes Chapter 10 Colonialism and the Countryside Exploring Official Archives

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Kerala Plus Two History Notes Chapter 10 Colonialism and the Countryside Exploring Official Archives

1. British colonialism was first established in Bengal. After the Battle of Buxarin in 1764, the British became the real power in Bengal. Therefore the first efforts to organize village communities were first begun here.

The English East India Company enforced many new land-owning and land tax systems. The Permanent Settlement (Zamindari system), Ryotwari System,- Mahalwari system, etc. were Some of them. The most important of these – the Permanent Settlement – was applied first in Bengal and Bihar. In the early years of the Company rule, it brought many changes in Bengal.

Plus Two History Notes Chapter 1 Bricks, Beads and Bones

2. In 1813, a report about the administration and activities of the East India Company was submitted to the British Parliament. This is known as the 5th Report. Before this, 4 such reports had already been submitted. Since it was the 5th of its kind, it was called the 5th Report.

3. British rule in India was started in Bengal. From there, it spread to the other parts of India. But the British had no interest in trying Permanent Settlement of the land tax in other parts of the country. Therefore outside Bengal Systems like Ryotwari and Mahalwari were enforced.

Time Line

  • 1765: English East India Company gains the right ‘ to collect taxes (diwani) in Bengal.
  • 1773: British Parliament passes Regulatory Act to y control the working of East India Company.
  • 1793: Permanent Settlement was introduced in Bengal.
  • 1000s: Santhals come to the Rajmahal Hills and live in the place.
  • 1818: In Bombay Deccan first land revenue system is introduced.
  • 1820s: Price of agricultural products comes down.
  • 1840-50: Agriculture develops in Bombay Deccan on a small scale.
  • 1855-56: Santhal Revolt
  • 1861: Rise in the cotton trade
  • 1875: Peasant revolts in Deccan villages

Plus Two History Notes Chapter 9 Vijayanagara: An Imperial Capital

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Kerala Plus Two History Notes Chapter 9 Vijayanagara: An Imperial Capital

1. Vijayanagar means the city of triumph. This is the name of a city as well as of an Empire. The Vijaynagar Empire was founded in the 14th century. It extended from Krishna River in the North to the southern end of the subcontinent. In CE 1565, the city was looted.

In the 17th and 18th centuries the Empire collapsed completely. Still the memories of this Empire were rooted in the minds of the people who lived in the Krishna-Thungabhadra Basin. They called it Hampi.

2. The first dynasty that ruled Vijayanagar was Sangama Dynasty. They ruled until 1485. Then they were ousted from power and the Saluva Dynasty came to rule. They ruled until 1503. They were followed by Thuluva Dynasty. Krishna Devarayar was a member of this dynasty.

Plus Two History Notes Chapter 1 Bricks, Beads and Bones

3. In the Vijaynagar empire there was the system of “Amara Nayaka”. This system had much in common with the “Ikta System” of the Delhi Sultans.

4. By the 17th century the Amaranayakas became very powerful. They started challenging even the authority of the king. Some of them established their own kingdoms. This added to the fall of the Vijaynagar empire.

5. In the royal centre there are many temples. But most of the temples are seen in the ‘Holy centre’. The royal centre is also rich in temples.

6. The kings of Vijayanagar created new traditions. They started exhibiting statues of kings in temples. The visit of the king to a temple was treated as an official or formal occasion. At this time all the leading Nayakas also accompanied the king.

7. We have a lot of information about the Vijaynagar empire. They include photos, city plans, plans of buildings, and sculptures. The information that was got by Mackenzie, who made the first survey of Vijayanagar, collected it from the descriptions of travellers and from the stone inscriptions and it throws much light in the Vijaynagar empire.

This Site is protected by the Archaeological Survey of India and the Karnataka Department of Archaeology from the 20th century.

Time Line – 1
Important Political Developments

  • 1200-1300: Delhi Sultanate is established (1206).
  • 1300-1400: Founding of the Vijayanagara Empire (1336).
  • 1400-1500: Founding of the Sultanate in Gujarat and Malwa. Founding of the Sultanates in Ahmednagar, Bijapur&Birar. Portuguese attack Goa (1518).
  • 1500-1600: Destruction of Bahmini. The Coming of the Sultanate in Golkonda (1518) Babur founds the Mughal Empire (1518).

Plus Two History Notes Chapter 1 Bricks, Beads and Bones

Time Line – 2
Discovery of Viiavanaaara and its Protection

  • 1800: Colin Mackenzie visits Vijayanagara
  • 1856: Detailed photographs of the archaeological remains of Hampi are taken by Alexander Greenlow.
  • 1876: J.F. Fleet records the inscriptions on the temple walls of the sites.
  • 1902: Efforts are begun to protect Vijayanagara.
  • 1986: UNESCO declares Hampi as a World Heritage Site.

Plus Two Zoology Notes Chapter 6 Human Health and Disease

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Kerala Plus Two Zoology Notes Chapter 6 Human Health and Disease

Common Diseases In Humans
The major disease causing organisms( pathogens) are bacteria, viruses, fungi, protozoans, helminths, etc.

Typhoid (caused by the bacterium Salmonella typhi)
These pathogens enter the small intestine through the contaminated food and water and migrate to other organs through blood. High fever (39° to 40°C), weakness, stomach pain, constipation, headache and loss of appetite are the common symptoms of this disease.
Typhoid fever is confirmed by Widal test.

Plus Two Zoology Notes Chapter 6 Human Health and Disease

Pneumonia (caused by the bacterium Streptococcus pneumoniae and Haemophilus influenza)
After the infection the alveoli filled with fluid and leads to problems in respiration. Symptoms are Fever, chills, cough, headache, the lips and finger nails turn gray to bluish colour, etc.

Dysentery, plague, diphtheria, etc., are some of the other bacterial diseases in man.

Common cold (caused by the Rhino viruses)
They infect the nose and respiratory passage but not the lungs. Symptoms are nasal congestion and discharge, sore throat, hoarseness, cough, headache, tiredness, etc., which usually last for 3 – 7 days.

Malaria (caused by the protozoa called Plasmodium vivax, P. malaria and P. falciparum-causes fatal malaria)
Stages in the life cycle of plasmodium:
Plus Two Zoology Notes Chapter 6 Human Health and Disease 1
The malarial parasite requires two hosts – human and mosquitoes (vector)-to complete its life cycle. Plasmodium enters the human body as sporozoites (infectious form) through female Anopheles mosquito.

The parasites multiply within the liver cells and attack the red blood cells (RB0s) resulting in their rupture. The ruptured RBCs release of a toxic substance, haemozoin, which is responsible for the chill and high fever for three to four days.

When a female Anopheles mosquito bites an infected person, these parasites enterthe mosquito’s body and undergo further development.

Plus Two Zoology Notes Chapter 6 Human Health and Disease

The parasites multiply within them to form sporozoites that are stored in their salivary glands. When these mosquitoes bite a human, the sporozoites enters into the body and causes the symptoms of the disease.

Amoebiasis (amoebic dysentery)
It is caused by protozoan parasite Entamoeba histolytica in the large intestine of human. Symptoms are constipation, abdominal pain and cramps, stools with excess mucous and blood clots.

Houseflies transmit the parasite from faeces of infected person to food and food products, thereby contaminating them.

Drinking water and food contaminated by the faecal matter are the main source of infection.

Ascariasis
It is caused by the round worm Ascaris, (intestinal parasite). Symptoms of these disease include internal bleeding, muscular pain, fever, anemia and blockage of the intestinal passage.

The eggs of the parasite are excreted along with the faeces of infected persons which contaminate soil, water, plants, etc.

A healthy person get infection through contaminated water, vegetables, fruits, etc.

Elephantiasis (filariasis)
The filarial worm Wuchereria (W. bancrofit and W. malayi), causes the swelling of the lymphatic vessels of the lower limbs.
Plus Two Zoology Notes Chapter 6 Human Health and Disease 2
The pathogens are transmitted to a healthy person through the bite by the female mosquito vectors.

The fungi Microsporum, Trichophyton and Epidermophyton are responsible for ringworms which is one of the most common infectious diseases in man.

Symptoms are dry, scaly lesions on skin, nails and scalp, etc. These lesions are accompanied by intense itching.

Ringworms are acquired from soil or by using towels, clothes or even the comb of infected individuals.
Plus Two Zoology Notes Chapter 6 Human Health and Disease 3

Introduction of fishes like Gambusia in ponds that feeds mosquito larvae, spraying of insecticides in ditches, drainage areas and swamps, etc. are the method adopted to control mosquitoes.

Plus Two Zoology Notes Chapter 6 Human Health and Disease

In addition, doors and windows should be provided with wire mesh to prevent the entry of mosquitoes.

The above practice is useful in the case of diseases like dengue and chikungunya. The immunisation programmes are useful to eradicate a deadly disease like smallpox.

A large number of other infectious diseases like polio, diphtheria, pneumonia and tetanus have been controlled by the use of vaccines.

Immunity
It is the ability of the host to fight the disease-causing organisms .
Immunity is of two types:

  1. Innate immunity and
  2. Acquired immunity.

1. Innate Immunity:
It is the non-specific type of defence, that is present at the time of birth. Innate immunity consist of fourtypes of barriers.
(i) Physical barriers:
Skin isthe main barrierwhich prevents entry ofthe micro-organisms. Mucus coating of the epithelium lining the respiratory, gastrointestinal and urogenital tracts also help in trapping microbes entering our body.

(ii) Physiological barriers:
Acid in the stomach, saliva in the mouth, tears from eyes prevent the microbial growth.

(iii) Cellular barriers:
The leukocytes (WBC) like polymorpho-nuclear leukocytes (PMNL-neutrophils) and monocytes in the blood as well as macrophages in tissues can phagocytose and destroy microbes.

(iv) Cytokine barriers:
Virus-infected cells secrete proteins called interferons which protect non-infected cells from further viral infection.

2. Acquired Immunity:
It is the pathogen specific and based on memory. The Antigen binding site body meets a pathogen for the first time produces a response called primary response.

Plus Two Zoology Notes Chapter 6 Human Health and Disease

If the same pathogen attacks second time, it possess the memory of the first encounter.

The primary and secondary immune responses are carried out by B-lymphocytes and T-lymphocytes. in the blood.

The B-lymphocytes produce an army of proteins they are called antibodies. But the T-cells do not secrete Heavy chain antibodies.

Each antibody molecule has four peptide chains, two small called light chains, and two longer called heavy chains. Antibody is represented as H2L2.
Different types of antibodies are:
Plus Two Zoology Notes Chapter 6 Human Health and Disease 4
IgA, IgM, IgE, and IgG. The response of these antibodies are called as humoral immune response.

Another type of immune response is called cell-mediated immunity (CMI) Eg-T-lymphocytes
After the transplantation of heart, eye, liver and kidney, the place of grafts shows rejection if not confirming matching of tissues and blood group. Here the cell-mediated immune response is responsible for the graft rejection.

3. Active and Passive Immunity:
When the antigens are coming in the form of living ordead microbes or other proteins, the body of organism produce antibodies .This type of immunity is called active immunity.

When ready-made antibodies are directly injected to protect the body against foreign agents, it is called passive immunity.

Examples of passive immunity:

1. Initial days of lactation, the yellowish fluid colostrum secreted by the mother contain antibodies. (IgA).
2. Foetus get the antibodies from mother through the placenta during pregnancy.

4. Vaccination and Immunisation:
In vaccination, antigenic proteins of pathogen or inactivated/weakened pathogen (vaccine) are introduced into the body.

Plus Two Zoology Notes Chapter 6 Human Health and Disease

The vaccines produce memory – B and T-cells that recognize the pathogen quickly on subsequent exposure In the case of snakebites, the injection which is given to the patients, contain preformed antibodies against the snake venom. This type of immunisation is called passive immunisation.

Recombinant DNA technology is helpful in the large scale production vaccines for immunisation, e.g., hepatitis B vaccine produced from yeast.

5. Allergies:
The response of the immune system to certain antigens present in the environment is called allergy. It is due to the release of chemicals like histamine and serotonin from the mast cells The antibodies produced to these are of IgE type.

Symptoms of allergic reactions are sneezing, watery eyes, running nose and difficulty in breathing. The use of drugs like anti-histamine, adrenalin and steroids quickly reduce the symptoms of allergy.

6. Auto Immunity:
It is the memory-based immune response that have the ability to differentiate foreign organisms from self cells.

In some cases the body attacks self-cells. This results in damage to the body and is called auto-immune disease. Eg-Rheumatoid arthritis.

7. Immune System in the Body:
The human immune system consists of lymphoid organs, tissues, cells and antibodies. It plays an important role in allergic reactions, auto-immune diseases and organ transplantation.

Lymphoid organs:
These are the organs where origin /maturation and proliferation of lymphocytes occur. The primary lymphoid organs are bone marrow and thymus where immature lymphocytes differentiate.

After maturation the lymphocytes migrate to secondary lymphoid organs like spleen, lymph nodes, tonsils, Peyer’s patches of small intestine and appendix The secondary lymphoid organs are the sites for interaction of lymphocytes with the antigen, which then proliferate to become effector cells.
Plus Two Zoology Notes Chapter 6 Human Health and Disease 5

Plus Two Zoology Notes Chapter 6 Human Health and Disease

The thymus organ is large at the time of birth but reducing in size with age Both bone-marrow and thymus provide micro-environments forthe developmen and maturation of T-lymphocytes.

The spleen is the reservoir of erythrocytes and contains lymphocytes ant phagocytes. It helps to filter the blood-borne microorganisms.

The lymph nodes are small solid structures helps to trap the micro-organism: or other antigens.

Antigens trapped in the lymph nodes are responsible forthe activation o lymphocytes and cause the immune response.

Lymphoid tissue found in lining of the respiratory, digestive and urogenita. tracts are called mucosal associated lymphoid tissue (MALT).

It constitutes about 50 per cent of the lymphoid tissue in human body.

AIDS (Acquired Immuno Deficiency Syndrome)
AIDS was first reported in 1981 and caused by the Human Immuno deficiency Virus (HIV), It is the category of retrovirus, which possess RNA genome.
Transmission of HIV-infection occurs by

(a) sexual contact with infected person,
(b) by transfusion of contaminated blood and blood products,
(c) by sharing infected needles as in the case of intravenous drug abusers
(d) from infected mother to her child through placenta.

Infected cell can survive while viruses are being replicated and released. When the virus enters into macrophages, the RNA genome of the virus replicates to form viral DNA with the help of the enzyme reverse transcriptase. This viral DNA Retrovirus gets incorporated into host cell’s DNA and produce virus particles.

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HIV enters into helper T-lymphocytes, replicates and produce progeny viruses. The progeny viruses released in the blood attack other helper T- lymphocytes. The patient becomes immuno- deficient.
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Due to the decrease in the number of helper T lymphocytes, the person starts suffering from infections by bacteria especially Mycobacterium, viruses, fungi and even parasites like Toxoplasma.

A widely used diagnostic test for AIDS is enzyme linked immuno-sorbent assay (ELISA).

Prevention of AIDS:
In our country the National AIDS Control Organisation (NACO) and other non-governmental organisation (NGOs) educates people about AIDS.

WHO has started a number of programmes to prevent the spreading of HIV infection.

Blood donation is done free from HIV, use disposable needles and syringes in public and private hospitals and clinics, free distribution of condoms, controlling drug abuse, advocating safe sex and promoting regular check-ups for HIV in susceptible populations.

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Cancer
In our body, cell growth and differentiation is highly controlled and regulated. In cancer cells, there is breakdown of these regulatory mechanisms.

Normal cells show a property called contact inhibition -inhibits the uncontrolled growth of cells.
But the cancer cells lost this property and give rise to masses of cells called tumors.

Tumors are of two types: benign and malignant Benign tumors seen in specific location and do not spread to other parts of the body.

Malignant tumors are a mass of proliferating cells called neoplastic or tumor cells. These cells actively divide, grow and starve the normal cells by competing for vital nutrients. Cells from such tumors reach distant sites through blood. This is called metastasis.

Causes of cancer:
It is due to physical, chemical or biological agents are called carcinogens. Ionising radiations like X-rays and gamma rays and non-ionizing radiations like UV cause DNA damage leading to neoplastic transformation.

Oncogenic viruses have genes called viral oncogenes. These viruses cause the conversion proto oncogenes into oncogenic transformation of the cells.

Cancer detection and diagnosis:
Cancer detection is based on biopsy and histo pathological studies of the tissue, blood and bone marrow.

Techniques like radiography (use of X-rays), CT (computed tomography) and MRI (magnetic resonance imaging) are very useful to detect cancers of the internal organs.

Early detection of genes is very helpful in the prevention of cancers. Such individuals are advised to avoid exposure to particular carcinogens to which they are susceptible (e.g., tobacco smoke in case of lung cancer).

Treatment of cancer:
In radiotherapy tumor cells are irradiated without damaging the normal tissues. Chemotherapeutic drugs are used to kill cancerous cells. Some of these are specific for particular tumors. Most cancers are treated by combination of surgery, radiotherapy and chemotherapy.

Tumor cells causes the destruction of immune system. Therefore, the patients are given substances called interferon which activate their immune system and help in destroying the tumor.

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Drugs And Alcohol Abuse
The drugs, which are commonly abused are opioids, cannabinoids and coca alkaloids.

Opioids are the drugs, its receptors present in our central nervous system and gastrointestinal tract. Heroin (smack) the depressant, is chemically diacetylmorphine which is a white, odourless, bitter crystalline compound.
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It is prepared by the acetylation of morphine which is extracted from the latex of poppy plant Papaver somniferum.

Cannabinoids are a group of chemicals, its receptors present in the brain. It is obtained from Cannabis sativa.

The flower tops, leaves and the resin are used to produce marijuana, hashish, charas and ganja.

cocaine (coke or crack) is obtained from coca plant Erythroxylum coca, native to South America. It affects the transport of the neuro-transmitter dopamine.

It has a stimulating action on central nervous system, producing a sense of euphoria and increased energy. Excessive dosage of cocaine causes hallucinations.

Some plants plants with hallucinogenic properties are Atropa belladona and Datura cannabinoids are abused by some sportspersons.
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Plus Two Zoology Notes Chapter 6 Human Health and Disease

Drugs -barbiturates, amphetamines, benzodiazepines, and lysergic acid diethyl amides (LSD)treat mental illnesses like depression and insomnia
Morphinesedative and painkiller is very useful in patients who have undergone surgery.
It raise blood pressure and increase heart rate.
Tobaccostimulates adrenal gland to release adrenaline and nor-adrenaline into blood circulation.
It raise blood pressure and increase heart rate.

Flowering branch of Datura:
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Tobacco chewing increases the risk of cancer of the oral cavity. Smoking also causes cancers of lung, urinary bladder and throat, bronchitis, emphysema, coronary heart disease, gastric ulcer, etc. Smoking increases carbon monoxide (CO) content in blood and causes oxygen deficiency in the body.

1. Adolescence and Drug/Alcohol Abuse:
Adolescence is the period between 12-18 years of age. It is a bridge linking childhood and adulthood. Adolescence is accompanied by several biological and behavioural changes.

The first use of drugs or alcohol increase the curiosity or experimentation, but later the child starts using these to escape facing problems. If stress from pressures to excel in academics or examinations, has played a significant role in youngsters to try alcohol and drugs.

2. Addiction and Dependence:
If the repeated use of drugs, the tolerance level of the receptors present in our body increases. So the receptors respond only to higher doses of drugs or alcohol leading to greater intake and addiction. Thus, it leads to their regular use (abuse).

Plus Two Zoology Notes Chapter 6 Human Health and Disease

In the absence of any guidance or counselling, the person gets addicted and becomes dependent on their use. If it is abruptly discontinued , the person shows withdrawal syndrome. This is characterised by anxiety, shakiness, nausea and sweating, etc.

3. Effects of Drug/Alcohol Abuse:
In youth its symptoms are drop in academic performance, unexplained absence from school/college, lack of interest in personal hygiene, withdrawal, isolation, depression, fatigue, aggressive behaviour, deteriorating relationships with family and friends, loss of interest in hobbies, change in sleeping and eating habits, fluctuations in weight, appetite, etc.

It also cause of mental and financial distress to the family and friends. The direct injection into the vein results the infections like AIDS and hepatitis B.

AIDS transmitted to one’s life partner through sexual contact while Hepatitis B is transmitted through infected blood.

The chronic use of drugs and alcohol damages nervous system and liver (cirrhosis). The use of drugs and alcohol during pregnancy is also known to adversely affect the foetus.

The side-effects steroids in females include masculinisation, increased aggressiveness, mood swings, depression, abnormal menstrual cycles, excessive hair growth on the face and body, enlargement of clitoris, deepening of voice
In males it includes acne, increased aggressiveness, mood swings, depression, reduction of size of the testicles, decreased sperm production, potential for kidney and liver dysfunction, breast enlargement, premature baldness, enlargement of the prostate gland

Plus Two Zoology Notes Chapter 6 Human Health and Disease

4. Prevention and Control:

  1. Avoid undue peerpressure-A child should not be pushed to perform beyond his/herthreshold limits in studies, sports or other activities.
  2. Education and counselling – Educating and counselling helps to face problems and stresses, and to accept disappointments and failures as a part of life.
  3. Seeking help from parents and peers – It is necessary to seek help from parents and peers, close and
    trusted friends.
  4. Looking for danger signs – Friends must inform the teachers and parents of someone using drugs or alcohol, So that it helps to take remedial steps or treatment.
  5. Seeking professional and medical help – It is necessary to seek help from highly qualified psychologists, psychiatrists, and rehabilitation programmes So that it helps to solve the problem completely and lead a perfectly normal and healthy life.

Plus Two History Notes Chapter 8 Kings and Chronicles

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Kerala Plus Two History Notes Chapter 8 Kings and Chronicles

1. The rulers of the Mughal Empire believed in the Divine Right of kings. They considered themselves as persons appointed by God to rule over the people. They continued stressing this aspect through histories of dynasties.

The Mughal rulers entrusted this job to the Palace Artists. Modem historians who write in English call these books Chronicles. This chapter tries to know more about the Mughal Empire by looking carefully into these chronicles.

2. The Mughal Empire was created by annexing many regional Princely States. It was done through conquests, and treaties between the Mughals and the local rulers. The first 6 rules of the Mughal Dynasty are called Great Mughals. Their rule lasted 200 years.

Plus Two History Notes Chapter 1 Bricks, Beads and Bones

3. The most important among the Chronicles are Akbar- nama and Badhsha-nama (A King’s Story). In each manuscript, there are roughly 150 pictures. They depict mostly wars, resistances, hunting, palace construction and scenes from the capital.

4. As the Mughals believed in the Divine Rights of Kings, they propagated the story of Alanqua, the Mongol Queen, to establish their theory.

5. The capital was the heart of the Mughal Empire. It was here that the Durbar was held. In the 16th and 17th centuries the Mughals changed their capitals often. The capital of Babur was Agra which he captured from the Lodhis.

6. The Chronicles show that the Mughal rule was entered on the emperor. He was the centre and focal point of all the administration. He had the supreme power in administration, judiciary and military matters. The others in the country simply followed disorders.

7. Another pillar of the Mughal Empire was it bureaucracy. Historians call them the ‘Nobles’. They were the backbone to the Mughal rule. Because of their influence in the administration some historians call the Mughal administration as “Administration by the Nobles”, which was another form of Oligarchy.

8. The Mughal Empire was divided into many provinces. They were known as Subas. The rule in the province was a miniature of the central administration. Just like the Centre, the Provinces too had ministers and lower officials to help them.

9. At the end of the 15th century, as a sea-route to India was discovered, Portuguese merchants came in large numbers and established a series of trade centres along the coast. The Christian groups that came to India in the 16th century had three main aims: trade, empire-building and propagation of their faith.

Plus Two History Notes Chapter 1 Bricks, Beads and Bones

Time Line
Some Important Memoirs

  • 1530: Manuscript of Babur-nama in Turkish.
  • 1587: Gulbadan Begum begins to write Humayun-nama.
  • 1589: Babumama is translated into Persian.
  • 1589-1602: AbulFazf writes Akbamama
  • 1605-1622: Jahangir writes his memoir Jahangimama
  • 1639-1647: Lahori prepares two volumes of Badshahnama
  • 1650: Mohammed Varis writes the Chronicles of the rule of Shah Jahan.
  • 1658: Muhammed Kasim writes the history of the first 10 years of the rule of Aurangzeb named Alamgirnama.

Plus Two History Notes Chapter 7 Peasants, Zamindars and the State

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Kerala Plus Two History Notes Chapter 7 Peasants, Zamindars and the State

1. In the 16th and 17th centuries, some 80% of the Indian population lived in villages. The landowners and agriculturists were engaged in the production of agricultural crops.

The landowners claimed a part of the produce. This caused cooperation as well as conflicts between them; The village society was formed by agricultural relations.

Plus Two History Notes Chapter 1 Bricks, Beads and Bones

2. The basic, factor of the agricultural society was villages. The activities of the farming community consisted mainly of preparing the farms for cultivation, sowing the seeds and harvesting. They also took part in the production of agriculture-related things like sugar and oil.

3. Agriculture was done in two seasons – Spring and Autumn. The Spring crops were called Kharif and the Autumn crops were called Rabi. In most areas, cultivation was done at least twice.

4. In the agricultural society of the middle period, women played a significant role. They worked along with men in the fields. The men ploughed the land and made it ready for planting. Women sowed seeds, weeded the farm, harvested crops, threshed and separated the grain from the chaff.

5. In the middle ages, there were dense forests in East India, Central India and North India, Jharkhand, Western Ghats and the Deccan Plateau.

6. Forests were considered as a haven for criminal activities. They were shelters for criminals and outlaws.

7. The economic base of the Mughal Empire was land. The biggest income for the government was land tax. Therefore the Mughal Empire formed an extensive system of administration for the efficient collection of taxes from different areas of the nation. The head of the Revenue department was called diwan whereas the department was known as daftar.

8. A main feature of the Mughal Rule was Mansabdari system. It was Akbar who formulated this policy. This is a system where civil and military positions and responsibilities were combined

9. In the 16th and 17th centuries the Mughal Empire unified its powers and resources. Soon it became a big power like the Ming (China), Safavid (Iran) and Ottoman (Turkey).

Plus Two History Notes Chapter 1 Bricks, Beads and Bones

Time Line

  • 1526: Babardefeats Ibrahim Lodhi, Suttan of Delhi and becomes the 1st Mughal Emperor.
  • 1530-40: First stage of the rule of Humayun
  • 1540-55: Shershah defeats Humayun. Humayun seeks shelter in the Safavid Empire of Persia.
  • 1555-56: Humayun returns to India and recaptures the lost regions
  • 1556-1605: The rule of Akbar
  • 1605-1627: Jehangir’s rule
  • 1628-1658: Shah Jahan rules
  • 1658-1707: Aurangazeb’s rule
  • 1739: Nadir Shah attacks India. He loots Delhi.
  • 1761: Ahmed Shah Abdali defeats Marathas in the Panipat Battle.
  • 1765: East India Company gets the right to collect taxes in Bengal.
  • 1857: The British oust the last Mughal Emperor Bahadur Shah and exile him to Rangoon.

Plus Two History Notes Chapter 6 Bhakti-Sufi Traditions

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Kerala Plus Two History Notes Chapter 6 Bhakti-Sufi Traditions

1. The period from the 8th century to the 18th century is an important era in Indian History. It was at this time some significant changes occurred in the religious faiths and traditions of the people.

A number of Hindu reformers and ascetics started experimental movements. They are called ‘Bhakti Movements’. They all tried to get salvation (Moksha) through piety and devotion.

There were also reform movements in Islam which are called Sufism. Sufism also became popular in India. Both Sufism and Bhakti Movements influenced the life of the people deeply.

2. The leaders of the early Bhakti Movements were pious acetic poets. Around them there were communities of their devotees.

Plus Two History Notes Chapter 1 Bricks, Beads and Bones

3. The early Bhakti Movements challenged the conservative Brahmin traditions which considered women and backward classes unfit for moksha. But the Bhakti Movements supported women and backward classes: An important feature of the Bhakti Movements was their diversity. Bhakti Movements are divided into 2 – Saguna and Nirguna.

4. Islam reached India through the Arabs. In CE711, under the leadership of Muhammed Kasim, the Arabs conquered Sindh and it became part of the empire of the Khalifa. The Sindh conquest by Arabs paved the way for the establishment of Delhi Sultanate.

It was established in 1206 jointly by Turks and Afghans. Later, in Deccan and in other parts of the country Sultanates were formed. Islam became the official religion of many rulers in different regions of India. The influence of Islam did not limit itself to the ruling class. It spread widely among farmers, artisans, warriors and traders.

5. Sufism is a mystic movement that developed in Islam. It was a reform movement. In the first centuries of Islam, some thinkers known as Sufis started this Movement.

6. In the Sufi Movement there were 12 Sufi groups or Silsilas. The silsilas were led by a famous mystic, who lived in the Dinashram with his followers. By the end of the 12th century, most of the Sufi Silsilas came to India.

7. We especially study about three famous people of this time – Kabir, Guru Nanak and Mira Bai.

Plus Two History Notes Chapter 1 Bricks, Beads and Bones

Time Line
Some Important Religious Thinkers

  • 500-800: Appar, Sanbandhar, Sundaramurthy (Tamil Nadu)
  • 800-900: Nammazhvar, Manikyavachakar, Aandal, Thondaripodi (Tamil Nadu)
  • 1000-1100: Ali Hajveri, Data Ganj Bakhsh (Punjab), Ramanucharya (Tamil Nadu)
  • 1100-1200: Basavanna (Karnataka)
  • 1200-1300: Jnanadevan, Mukhtabai (Maharashtra), Kwaja Moinuddin Chishti (Rajasthan), Fariudin Masood Ganjshakar (Punjab), Qutbdin Bhaktiar Kaki (Delhi)
  • 1300-1400: Lai Ded (Kashmir), Lai Shabas Khalandar (Sindh), Nizamuddin Auliya (Delhi), Ramanandan (Uttar Pradesh), Chokamela (Maharashtra), Sharafuddin Yahya Maneri (Bihar)
  • 1400-1500: Kabir, Raidas, Surdas (UP), Baba Guru Nanak (Punjab), Vallabhacharya (Gujarat), Abdullah Shatari (Gwalior), Muhammad Shah Alam (Gujarat), Mir Sayyed Muhammed Geshu Dara’nj (Gulbarga), Shankara Deva (Assam), Tukaram (Maharashtra).
  • 1500-1600: Srichaitanya (Bengal), Mirabai (Rajasthan), Shaikh Abdul Khudas Gangohi, Malik Mohamed Jaisi, Tulsidas (UP).
  • 1600-1700: Shaikh Ahmed Sirhindi (Haryana), Mian Mir (Punjab).

Plus Two History Notes Chapter 6 Bhakti-Sufi Traditions 1