Plus One Hindi Textbook Answers Unit 4 Chapter 13 अपराध

Kerala State Board New Syllabus Plus One Hindi Textbook Answers Unit 4 Chapter 13 अपराध Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

Kerala Plus One Hindi Textbook Answers Unit 4 Chapter 13 अपराध

प्रश्न 1.
छोटे भाई के प्रति बड़े भाई का लगाव सूचित करनेवाले वाक्य चुनें।
जैसेः खेल में अकेला होने पर भाई आकर मेरी मदद करता है।
उत्तर:
अकसर भाई मेरी वजह से ही हारते। फिर भी वे मुझसे कभी कुछ नहीं कहते थे।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित चरित्रगत विशेषताओं के आधार पर तालिका भरें।

  • पश्चातापग्रस्त
  • दोस्ताना
  • ईर्ष्यालु
  • झूठा
  • सहानुभूतिवाला

उत्तर:
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 4 Chapter 13 अपराध 1

प्रश्न 3.
‘वे मुझसे प्यार करते थे और मेरे प्रति उनका रुख एक संरक्षक की ज़िम्मेदारी जैसा था’ – ‘अपराध’ कहानी के आधार पर बड़े भाई की चरित्रगत विशेषताओं को विस्तार दें।
उत्तर:

सच्चा भाई

उदय प्रकाश की ‘अपराध’ कहानी के दो मुख्य कथापात्रों में से एक है बड़ा भाई। एक पैर को बचपन में पोलियो हो जाने से बड़ा भाई अपाहिज था। अपाहिज होने पर भी, खेल-खूदों में वह बड़ा तत्परता रखता था। बड़ा भाई अच्छा तैराक था। हाथ के पंजों की लड़ाई में वह बहुत निपुण था। खड़ब्बल जैसे खेलों में वह डूबा जाता था। खेल में विजय होते समय अतिप्रसन्न होना उसका स्वभाव था। छोटे भाई की ओर बड़े भाई के दिल में बड़ी हमदर्दी और वत्सलता थीं। बड़े भाई के चरित्र पर भाईचारे का गुण प्रकट करते हुए उदय प्रकाश जी लिखते हैं, छोटे भाई के प्रति उसका ‘रूख एक संरक्षक की जिम्मेदारी जैसा था”।

बड़े भाई के चरित्र पर दया, उदारता, सहायकस्वभाव आदि भी हम देखते हैं। वह बड़ा क्षमाशील था। भाईचारे में वह बड़ा ईमानदार था। शत्रुता मनोभाव उसके चरित्र में कभी भी हम नहीं देखते।

‘बहुत सुंदर थे, देवताओं की तरह…..’। उसकी सुन्दरता शरीर में ही नहीं, मन में भी था। त्याग, क्षमा, संयम, मौन-सहन आदि विशिष्ट गुणों से बड़े भाई का चरित्र अलंकृत है। दोस्ताना, सहानुभूति आदि चारित्रिक विशिष्टताओं से भी बड़ा भाई हमें आकर्षित करता है।

संक्षिप्त में हम इस प्रकार कहें बड़े भाई का चरित्र दूसरों में ईर्ष्या और आत्महीनता जगाने तक उदात्त और उत्कृष्ट था। छोटे भाई ने बड़े भाई के सामने अपनी अवस्था के बारे में खुद कहा है: “मैं ईर्ष्या, आत्महीनता, …… की आँच में झुलस रहा था।”

प्रश्न 4.
विवश छोटा भाई सालों बाद क्षमा माँगते हुए अपने बड़े भाई को पत्र लिखता है। वह पत्र लिखें।
(अथवा)
‘भाई ही मुझे क्षमा कर सकते हैं, जिन्हें मेरे झूठ का दंड भोगना पड़ा’। इस प्रसंग को लेकर लेखक, भाई को पत्र लिखता है। पत्र तैयार करें।
(अथवा)
‘तो इस अपराध के लिए मुझे क्षमा कौन कर सकता है’ – पश्चाताप से विवश छोटा भाई सालों बाद क्षमा माँगते हुए अपने बड़ा भाई को पत्र लिखता है। वह पत्र लिखें।
उत्तर:

शहडोल,
15.03.2016

प्रिय भाई,
आप कैसे हैं? कुशल में हैं न? आप जैसे एक भाई होना मेरा बड़ा सौभाग्य है।
भाई, मैं आप से एक बात साफ बताना चाहता हूँ। उस दिन मेरा खड़ब्बल चट्टान से टकराकर उछला और सीधे मेरे माथे पर आकर लगा। माथा फूट गया और खून बहने लगे। मैंने रोते हुए माँ को बताया कि मुझे आपने खडब्बल से मारा है। भाई! मुझे अच्छी याद है, इस पर आपको पिताजी से बहुत मार खाना पड़ा।

आज मैं पश्चाताप से विवश हूँ। आप के पैर पकड़कर क्षमा माँगता हूँ। मुझे क्षमा देंगे न? आप तो पहले ही बहुत अच्छे चरित्र के थे। आप शरीर और दिल दोनों में सुन्दर थे। मेरा अपराध क्षमा कीजिए….. कृपया क्षमा कीजिए…. आपको भागवान सदा संतुष्ट रखें……

(हस्ताक्षर)
आपका छोटा भाई

सेवा में,
जोन के.के.
सुन्दर घर,
बड़ा गाँव पी.ओ.

प्रश्न 5.
स्मृति में जब भी वे आँखें जाग उठती हैं, मेरी पूरी चेतना, ग्लानि, बेचैनी और अपराध-बोध से भर उठती है। छोटे भाई की प्रायश्चित भरी वाणी है। आवश्य ही आपको या आपके …….. को ऐसा कोई अनुभव हुआ होगा। उस अनुभव का वर्णन करें।
उत्तर:
जब मैं पाँचवीं कक्षा में पढ़ रहा था, तब मेरी जिंदगी में एक घटना हुई। उदय प्रकाश की ‘अपराध’ कहानी में वर्णित घटना के समान था वह घटना। ‘अपराध’ के कथापात्रों के समान माँ-बाप के लिए हम दो ही संतान थीं तब घर में। मैं और मेरा छोटा भाई। मैं स्वभाव से तेज़ था। कोपशील और स्वार्थ भी था। लालच भी था।

माँ ने एक दिन घर में बिरियाणी बनायी थी। खाने के समय के लिए बिरियाणी को माँ ने सुरक्षित रखा था। माँबाप खेत गये। इस अवसर का लाभ उठाकर मैंने बिरियाणी चोरी की। जब माँ वापस आयी, तब माँ को मालूम हुई कि बिरियाणी कम हो गयी है। माँ ने मुझे बुलाकर पूछा। लेकिन मैंने माँ से झूठ बोला कि छोटा भाई ने चोरी की है। बड़ी निपुणता से मैं ने माँ को समझाया कि मैं ने यह चोरी देखी है। मेरी बात को माँ ने विस्वास किया। छोटे भाई को पकड़कर माँ ने खूब मारा। छोटा भाई बड़ी आवाज में रोता था।

आज वर्ष अनेक बीत गये। छोटे भाई के विवाह का शुभदिन आ रहा है। मैंने यह निश्चय किया है कि शादी के पहले मैं अपने अपराध को छोटे भाई के सामने बताकर माफी माँगूगा।

Plus One Hindi अपराध Important Questions and Answers

प्रश्न 1.
मैं सबसे छोटा था और अकेला था। क्यों?
उत्तर:
उसका भाई और पूरे गाँव के सभी लड़के उससे छह वर्ष बड़े थे।

प्रश्न 2.
मुझे अपने भाई से ईर्ष्या होती थी, क्यों?
उत्तर:
भाई को बहुत सारे दोस्त थे।

प्रश्न 3.
भाई आकर मेरी मदद करते । कब?
उत्तर:
सब खेलते समय छोटा होने के कारण अकेला पड़ जाता तो, भाई आकर मदद करते थे।

प्रश्न 4.
दूसरे लड़के छोटे भाई को अपने पाली में शामिल क्यों नहीं करते थे?
उत्तर:
पाली में उसे शामिल करके हार का खतरा नहीं उठाना चाहते थे।

प्रश्न 5.
जोड़ी और पालीवाले खेलों में बड़े भाई क्या करते थे?
उत्तर:
बड़े भाई अपनी पाली में छोटे भाई को शामिल कर लेते थे।

प्रश्न 6.
“अकसर भाई मेरी वजह से ही हारते। फिर भी वे मुझसे कभी कुछ नहीं कहते थे.” क्यों?
उत्तर:
भाई के लिए लेखक एक उत्तरदायित्व की तरह था। लेखक को भाई बहुत प्यार करते थे और लेखक के प्रति भाई का रुख एक संरक्षक की जिम्मेदारी जैसा था। भाई यह जिम्मेदारी सदा निभाना चाहते थे।

प्रश्न 7.
शाम की धूप की विशेषता क्या है?
उत्तर:
शाम की धूप शरीर में उल्लास भरा करती है।

प्रश्न 8.
खडब्बल कैसे खेलता था?
उत्तर:
लकड़ी की छोटी-छोटी डंडियाँ हर लड़के के पास थीं। पूरी ताकत से खडब्बल को जमीन पर, आगे की ओर गति देते हुए, सीधे मारा जा रहा था।

प्रश्न 9.
छोटे भाई में किसकी ताकत न थी?
उत्तर:
छोटे भाई में इतनी ताकत न थी कि वह खड़बल को उतनी दूर तक पहुँचाता, जबकि वहाँ एक होड़, एक प्रतिद्वंद्धिता शुरु हो जाये।

प्रश्न 10.
गुस्से और तनाव में और ज्यादा ताकत से वे खड़ब्बल फेंक रहे थे-कौन?
उत्तर:
बड़ा भाई।

प्रश्न 11.
‘मुझे पहली बार यह लगा कि मैं वहाँ कहीं नहीं – क्यों?
उत्तर:
खड़ब्बल खेल में जीतते समय बड़ा भाई एक बार भी छोटे भाई की ओर नहीं देखता था। इतना ही नहीं, छोटे भाई को बड़ा भाई पूरी तरह उस समय भूलता था।

प्रश्न 12.
बड़े भाई के प्रति छोटे भाई के मन में कौन-सा भाव पैदा हुआ था?
उत्तर:
एक बहुत जबरदस्त प्रतिकार पैदा हो रहा था।

प्रश्न 13.
छोटा भाई किसकी आँच में झुलस रहा था?
उत्तर:
ईर्ष्या, आत्महीनता, उपेक्षा और नगण्याता की आँच में झुलस रहा था।

प्रश्न 14.
छोटे भाई के माथे पर कैसे चोट लगी?
उत्तर:
अचानक छोटे भाई का खड़ब्बल चट्टान से टकराकर उछला और सीधे उसके माथे पर आकर लगा। माथा फूट गया और खून बहने लगा।

प्रश्न 15.
बड़े भाई तेज़ी से दौड़ नहीं पा रहा था, क्यों?
उत्तर:
बड़े भाई का दायाँ पैर पोलियो का शिकार था।

प्रश्न 16.
घर पहुँचकर छोटे भाई ने माँ से क्या कहा?
उत्तर:
छोटे भाई ने माँ से यह कहा कि उसे बड़े भाई ने खड़ब्बल से मारा है।

प्रश्न 17.
बड़े भाई के प्रति छोटे भाई के मन में प्रतिकार की भावना क्यों उत्पन्न हुई?
उत्तर:
छोटे भाई के मन में ऐसा लग रहा था कि बड़े भाई के सामने वह कहीं नहीं है। बड़े भाई से इस प्रकार की उपेक्षा का अनुभव महसूस करने के कारण उसके दिल में बड़े भाई के प्रति प्रतिकार की भावना उत्पन्न हुई।

प्रश्न 18.
बड़े भाई की आँखों में करुणा और कातरता थीं- क्यों?
उत्तर:
बड़े भाई के विरुद्ध छोटा भाई झूठ बोल देने पर बड़े भाई को पिताजी से पीट सहना पड़ा। इसलिए बड़े भाई की आँखों में करुणा और कातरता थीं।

प्रश्न 19.
छोटे भाई के मन में जब बचपन की उस घटना की स्मृतियाँ आती हैं तब उसे कैसा अनुभव होने लगता है?
उत्तर:
छोटे भाई की पूरी चेतना ग्लानि, बेचैनी और अपराध बोध से भर आती है।

प्रश्न 20.
वे इस घटना को पूरी तरह भूल चुके हैं – कौन?
उत्तर:
बडा भाई।

प्रश्न 21.
छोटे भाई ने अपने अपराध के लिए क्षमा माँगनी चाही, लेकिन असफल रहा – क्यों?
उत्तर:
माँ-बाप मर गये थे। बातों की सत्यावस्था ठीक-ठीक उन्हें समझाने के लिए अब अवसर नहीं। इतना ही नहीं बड़ा भाई इन पूरी बातों को भूल गया है।

प्रश्न 22.
अब यह निर्णय बदला नहीं जा सकता -क्यों?
उत्तर:
छोटे भाई के झूठ का दंड बड़े भाई को भोगना पड़ा। लेकिन बड़ा भाई यह घटना बिलकुल भूल चुके थे। उस समय झूठ बोलने का जो निर्णय लिया था वह गलत और अन्यायपूर्ण था। लेकिन वह निर्णय बदलना अब संभव नहीं।

प्रश्न 23.
बड़े भाई के विरुद्ध छोटे भाई से हुए अपराध के बारे में बताकर अपने मित्र के नाम पत्र लिखता है। वह पत्र तैयार कीजिए।
उत्तर:

स्थान,
तारीख,

प्रिय मित्र,
मेरी बात जानकर तुम असंतुष्ट हो जाओगे कि यह कितनी पुरानी बात है! लेकिन मेरे मन में यह अब भी एक काँटा जैसी है वह बात।

बात यह है कि बचपन में एक दिन मेरा भाई मुझे भूलकर खड़ब्बल खेल रहा था। छोटा होने के कारण अपनी पाली में उस दिन उन्होंने मुझे शामिल नहीं किया था। जीतने की खुशी में भाई ने मेरी और देखा तक नहीं। इससे में रो पड़ा। मैं अकेले खड़ब्बल को पत्थर पर फेंककर खेलते वक्त अचानक वह मेरे माथे पर लगा। भाई मेरे पास दौडकर आये। लेकिन मैं ने उसको रोका | माँ से मैंने झूठ कह दिया कि भाई ने मुझे मारा है। पिताजी ने उन्हें इस पर खूब पीटा। यह सज़ा मिलते समय भाई ने मुझपर करुणा भरी दृष्टि से देखा। भाई का वह कारुणिक अवस्था मेरी स्मृति में अब भी है। मैं उस गलती केलिए क्षमा माँगना चाहता हूँ। लेकिन कैसे? माँ-बाप मर गये। भाई यह बात भूल गया है। मेरा मन अशांत है। मित्र, तुम इसकेलिए एक परिहार बता दो।

मेरा विश्वास है कि तुम जवाब ज़रूर दोगे।

प्यार से,
(हस्ताक्षर)
नाम

प्रश्न 24.
कहानी का अंश पढ़ें और प्रश्नों के उत्तर लिखें।
मैंने भाई का चेहरा देखा। वे मेरी ओर देख रहे थे। उनकी आँखें लाल थीं और उनमें करुणा और कातरता थीं, जैसे वे मुझसे याचना कर रहे हों कि में सच बोल दूं। लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। उन्हें सज़ा मिल चुकी थी। फिर इतनी जल्द बात को बिलकुल बदलना मुझे संभव भी नहीं लग रहा था। क्या पता, पिताजी फिर मुझे ही मारने लगते। में डर रहा था।

i. यह किस कहानी का अंश है?
उत्तर:
उदय प्रकाश की ‘अपराध’ कहानी का।

ii. बड़े भई की आँखों में कौन-सा भाव था?
उत्तर:
करुणा और कातरता थीं।

iii. छोटा भाई क्यों डर रहा था?
उत्तर:
छोटे भाई ने जो बात बताई थी उसे जल्द बिलकुल बदलना उसे संभव नहीं लग रहा था। इसलिए पिताजी सच जानते समय छोटे भाई को भी पिताजी से मार मिलने की संभावना थी। इन बातों से छोटा भाई डर रहा था।

iv. उस दिन के छोटे भाई की डायरी लिखें।
उत्तर:

25 मार्च 2016

शहडोल :
आज मेरे लिए बिलकुल बुरा दिन था। मैंने झूठ बोलकर बड़े भाई को पिताजी के सामने अपराधी बनाया। बेचारा भाई! उनकी आँखें उस समय लाल हो गयी थीं। उनमें करुणा और कातरता थीं। वे मुझसे मौन याचना कर रे थे कि मैं पिताजी से सच बोल दूं। लेकिन मुझसे वह नहीं कर पाया। बड़े भाई को पिताजी से मेरे झूठ से सजा मिल गया। मैं विवश हो गया था। जल्द बात को बिलकुल बदलना मुझे संभव भी नहीं लग रहा था। मुझे यह डर भी था कि पिताजी मुझे सच जानते समय बुरी तरह मारेंगे।

हे भगवान! मुझसे बड़ा अपराध हो गया। मुझे क्षमा कर । भाई को अनुग्रह दे। मुझे नींद नहीं आती। मेरा मन बहुत व्याकुल है।

प्रश्न 25.
वह एक धीर, निडर एवं साहसी सैनिक था। अपने देश की सेना का नेतृत्व करनेवाला सेनानायक। उन दिनों दुश्मन सेना के साथ उनका युद्ध चल रहा था। दोनों सेनाओं में काफी विनाश हो चुका था। फिर भी सेनानायक निडर होकर अपनी सेना का नेतृत्व कर रहा था। हर दिन युद्ध समाप्त होने के बाद सब अपने-अपने डेरे में जाया करते थे। सेनानायक का निर्देश था कि कोई उसे तंग न करे क्योंकि शाम को वह भगवान की पूजा करेगा। रात को सैनिकों ने देखा कि सेनानायक कहीं जा रहा है। मैनिकों ने चुपचाप उनका पीछा किया। उन्होंने देखा कि सेनानायक युद्ध के मैदान में घायल पड़े सैनिकों की सेवा कर रहा है।, घावों में पट्टी बाँध रहा है और दवा लगा रहा है। आश्चर्य की बात यह थी कि उनमें शत्रु पक्ष के घायल सैनिक भी थे। सैनिकों के पूछने पर सेनानायक ने कहा कि घायलों की सेवा करते समय शत्रु और मित्र का भेद-भाव न दिखाएँ। इनकी सेवा ही मेरे लिए भगवान की पूजा है।

i. सेनानायक रोज़ शाम को कहाँ जा रहा था?
उत्तर:
सेनानायक युद्ध के मैदान में घायल पड़े सैनिकों की सेवा कर रहा था, घावों में पट्टी बाँध रहा था और दवा लगा रहा था। आश्चर्य की बात यह थी कि उनमें शत्रु पक्ष के घायल सैनिक भी थे।

ii. सेनानायक की चरित्रगत विशेषताओं पर प्रकाश डालें।
उत्तर:

साहसी सैनिक

सैनिक में बड़ा नेतृत्व गुण था। इसलिए वे सेनानायक बन गये। वे बड़े बुद्धिमान थे। शत्रुओं को पराजित करने के लिए उन्होंने बुद्धि से काम किया। निर्भयत्व उसके चरित्र का एक विशिष्ट गुण था। सेनानायक वीर-शूर होने पर भी बड़ी सेवा मनोभाव से जीनेवाले भी थे। वे आदर्श सैनिक थे। एक आदर्श सैनिक शत्रुसेना के सामने भी मर्यादा और सेवाभाव से व्यवहार करता है। सेनानायक की रोगी – शुश्रूषा से हमें ज्ञात होते हैं कि उनका चरित्र आदर्श और मर्यादा से अलंकृत था।

प्रश्न 26.
यह घटना पढ़ें और प्रश्नों के उत्तर लिखें।
शादी में कार मिली। पत्नी ने अपने पति से कहाः सुनो, हम भी एक ड्राइवर रख लें? तुम्हारे घर में कई कारें थीं, तुमने कार चलाना क्यों नहीं सीखा? कई कारें थीं तो कई ड्राइवर भी थे….. कार चलाना सीखने की कभी ज़रूरत भी महसूस नहीं हुई….फिर भी मैंने सीखनी चाही थी, पर पापा-मम्मी ने नहीं सीखने दी। क्यों? भाई ने सीखी थी। एक बार उसका एक्सीडेंट हो गया… यह समझो कि वह मरते मरते बचा था, तब से उसकी ड्राइविंग पर पाबंदी लगा दी गई थी और मुझे भी सीखने से मना कर दिया। एक्सीडेंट क्या ड्राइवर से नहीं हो सकता? हो सकता है किंतु खतरा अक्सर आगे बैठनेवाले का ही होता है, हाध-पैर टूटेंगे या मरेगा तो ड्राइवर मरेगा।

i. शादी में क्या मिली?
उत्तर:
शादी में कार मिली।

ii. एक्सीडेंट में खतरा अक्सर किसका होता है?
उत्तर:
आगे बैठनेवाले का ही होता है।

iii. पत्नी ने कार चलाना क्यों नहीं सीखा?
उत्तर:
कार चलाते समय पत्नी के भाई को बुरी तरह एक्सीडेंट हो गयी थी। वह मरते – मरते बचा था। तब से पापामम्मी ने भाई की ड्राइविंग पर पाबंदी लगा दी गयी और पत्नी को भी सीखने से मना कर दिया।

iv. उपर्युक्त घटना का संक्षेपण करें।
उत्तर:
शादी में मिली कार एक्सीडेंट की डर से पत्नी नहीं चलाती है। पति से पत्नी ड्राइवर को रखने का आग्रह प्रकट करती है। लेकिन पत्नी को पति समझाता है कि ड्राइवर को भी एक्सीडेंट हो सकता है।

v. संक्षेपण के लिए शीर्षक लिखें।
उत्तर:
ड्राइविंग और एक्सीडेंट।

vi. मान लें, शादी में पत्नी को नई मॉडल कार मिली है। उस पॉडल कार की बिक्री बढ़ाने केलिए अखबार में छपे कंपनी का विज्ञापन तैयार करें।
उत्तर:
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 4 Chapter 13 अपराध 2

अपराध Previous Years Questions & Answers

प्रश्न 1.
‘अपराध’ कहानी का ये वाक्य पढ़िए।
“मैं अपने इस अपराध के लिए क्षमा माँगना चाहता हूँ।
इस अपराध की सज़ा पाना चाहता हूँ।”
अपने अपाहिज भाई का पिताजी से सज़ा दिलाते हुए उस दिन की छोटे भाई की डायरी तैयार कीजिए।

  • भाई का प्यार
  • खडब्बल के खेल में भाई की जीत
  • उपेक्षा की तीव्र वेदना
  • माँ बाप से झूठ बोलना

उत्तर:
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 4 Chapter 13 अपराध 3

अपराध Summary in Malayalam

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अपराध शब्दार्थ

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Plus One Hindi Textbook Answers Unit 4 Chapter 13 अपराध 19
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Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 12 दुःख

Kerala State Board New Syllabus Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 12 दुःख Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

Kerala Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 12 दुःख

प्रश्न 1.
‘इस ठंडी रात में भी हमी दो व्यक्ति बाहर हैं। दोनों के बाहर रहने का विशेष कारण अपने शब्दों में लिखें।
उत्तर:
यहाँ के दो व्यक्ति ‘दुःख’ कहानी का नायक दिलीप और दूसरा खोमचे बेचनेवाला लड़का है। दिलीप की पत्नी हेमा व्यर्थ रूठकर माँ के घर चली गयी है। इससे दुःखित होकर दिलीप मिंटो पार्क में मन बहलाने को गया था। इसलिए दिलीप अपने घर से बाहर था। खोमचे बेचनेवाला लड़का रोजी रोटी के लिए पकौड़े बेचने के लिए उसकी झोंपड़ी से बाहर था।

प्रश्न 2.
‘मैं इस जीवन में दुख ही देखने को पैदा हुई हूँ….. दिलीप ने आगे न पढ़ा, पत्र फाड़कर फेंक दिया’। हेमा का दिलीप के नाम का वह पत्र कल्पना करके लिखें।
उत्तर:

आमरा,
15.3.2015

प्रिय दिलीप,
आप कैसे हैं? माँ के घर मैं दुःख सहती सहती जीती हूँ। मैं इस जीवन में दुःख देखने को पैदा हुई हूँ। आप को मुझ से कोई प्यार नहीं है। मैं सदा आप को प्यार करती रहती हूँ। आप मुझे समझते क्यों नहीं? आप जैसे एक पति से क्या मुझे संतोष मिलेगा कभी? मेरी प्रतीक्षा है आप यहाँ पर जल्दी आ जायें और मुझे ले जायें। लगता हूँ मैं वापस आने के बाद आप मुझे दुःख फिर नहीं देंगे। दाम्पत्य जीवन के बारे में मुझमें कितनी आशाभिलाषाएँ थीं? सब निष्फल हो गयीं। आप के यहाँ आने की प्रतीक्षा में,

(हस्ताक्षर)
हेमा, आप की पत्नी

सेवा में,
दिलीप के.के.
मिंटो पार्क पि.ओ.
आरती नगर

प्रश्न 3.
‘मिट्टी ते तेल की ढिबरी के प्रकाश में देखा वह दृश्य उनकी आँखों के सामने से न हटता था’। उस दिन की दिलीप की डायरी लिखें।
उत्तर:

मार्च 15, 2014

मिंटो नगरः
आज मेरे लिए बड़े मानसिक संघर्ष का दिन था। हेमा रूठकर माँ के घर चली गयी। मन बहलाने के लिए मैं मिंटो पार्क गया। पार्क से वापस आते समय खोमचे बेचनेवाले एक छोटे-से लड़के से मेरी भेंट हुई। कितना गरीब लड़का है वह!! मैंने उससे खोमचे खरीदे। दाम देने पर वापस देने के लिए उसके पास छुट्टे भी नहीं थे। उसकी माँ कितनी बेचारी औरत है? लेकिन, माँबेटे के बीच का प्यार देखकर मुझे आश्चर्य हो गया। उस लड़के के घर से मुझे उसली दुःख की पहचान हुई। मैंने वहाँ के दुःख को हेमा के दुःख से तुलना की। हेमा का दुःख बनावटी है। हेमा का दुःख अमीरी-प्रदत्त नकली दुःख है। वह रसीला दुःख है। लड़के और उसकी माँ का दुःख अभाव-प्रदत्त असली दुःख है।

हे भगवान! हम अमीरों को क्षमा कर। हेमा को मनपरिवर्तन दे। नींद आ रही है। गहरी तो नहीं…….

प्रश्न 4.
बच्चे की माँ और दिलीप, दोनों के मुँह से निकलते हैं – भूख नहीं है।
दोनों के सामाजिक परिप्रेक्ष्य में इस कथन की विवेचना करके टिप्पणी लिखें।
उत्तर:
दिलीप एक धनी आदमी है। उसकी पत्नी हेमा रूठकर माँ के घर चली गयी। इस पर दिलीप बड़ी निराशा में है। निराशा और मानसिक संघर्ष के कारण उसे भूख नहीं लगती। लेकिन, बच्चे की माँ दरिद्रता में है। अवश्य भोजन के लिए उसके पास सुविधा नहीं है। उसके पास केवल दो सूखी रोटयाँ हैं। उनको माँ बच्चे को खिलाना चाहती थी। स्वयं भूखी रहकर बेटे को रोटियाँ खिलाने के प्रयत्न में माँ झूठ बोलती है: ‘भूख नहीं है’। बेटे के प्रति बड़ी वत्सलता होने के कारण भी माँ कहती है: ‘भूख नहीं’। दिलीप के बिना भूख की अवस्था मानसिक संघर्ष के कारण से है, लेकिन माँ के बिना भूख का कारण दरिद्रता है।

प्रश्न 5.
स्कूलवालों ने लड़कियों को घर से लाने के लिए मोटर रख ली है और उसे निकाल दिया है।
मशीनीकरण ने एक ओर सुविधाएँ पैदा की हैं तो दूसरी ओर उसने बेरोज़गारी को बढ़ावा दिया है। मशीनीकरणः सकारात्मक बनाम नकारात्मक ।
‘मशीनीकरण के गुण-दोष’ – पर एक आलेख तैयार करें।
उत्तर:
मशीनीकरण ने एक ओर सुविधायें पैदा की हैं तो, दूसरी ओर उसने बेरोज़गारी को बढ़ावा दिया है। आज साधारण जीवन के सभी क्षेत्रों में मशीनीकरण तीव्र गति पकड़ रही है। घर में, दफ्तर में, स्कूल में, कारखानों में – सभी जगहों पर मशीनीकरण बहुत साधारण हो गया है। अनेक स्कूलवालों ने छात्रों के लिए गाड़ी का प्रबन्ध किया है। लेकिन अनेक स्कूल अधिकारियों ने आजकल इस सुविधा को रोक दिया है। मशीनीकरण एक बड़े पैमाने तक अच्छा है। इससे समय का लाभ होता है। नये नये आविष्कारों से विज्ञान और प्रौद्योगिकि का विकास होता है।

ऐसे गुण होने पर भी मशीनीकरण से अनेक बुराइयाँ भी होती हैं। मशीनीकरण की सबसे बड़ी बुराई इससे वातावरण का प्रदूषण होता है। इससे मानव अनेक प्रकार की बीमारियों के शिकार बन जाते हैं। आपसी संबन्ध कम हो जाता है। मशीनीकरण के आगमन के पहले लोगा हिलमिलकर काम करते थे। इससे सामाजिकता बढ़ती थी। लेकिन मशीनीकरण ने अणुपरिवार को बढ़ावा दिया है।

उदाहरण के लिए पहले छात्रगण शिक्षाकेन्द्रों की ओर पैदल जाते थे। इससे स्वास्थ्य, मेल-मिलाप आदि संरक्षित रहते थे। लेकिन शिक्षा केन्द्रवाले मोटरों की सुविधा देने से मेल-मिलाप कम हो गया। अनेक छात्रों का स्वास्थ्य भी कम कसरत से बिगड़ जाने लगा।

मशीनीकरण से गुण है, साथ-साथ दोष भी है। अतिमशीनिकरण न हो जाये। कम मशीनीकरण भी न हो जाये।

Plus One Hindi दुःख Important Questions and Answers

प्रश्न 1.
मन वितृष्णा से कब भर जाता है?
उत्तर:
जिसे मनुष्य सर्वापेक्षा अपना समझ भरोसा रखता है, जब उसीसे अपमान और तिरस्कार प्राप्त हो तो, मन वितृष्णा से भर जाता है।

प्रश्न 2.
बहुत से लोग उसे ‘अति’ कहेंगे। किसे?
उत्तर:
दिलीप द्वारा हेमा को दिये गये स्वतंत्रता, आदर, आतंरिकता और अनुरक्त भरे प्यार को ।

प्रश्न 3.
हेमा माँ के घर क्यों चली गई?
उत्तर:
उसकी सहेली के साथ दिलीप सिनेमा देख आने के कारण रात भर हेमा रूठी रहकर सुबह उठते ही वह माँ के घर चली गई।

प्रश्न 4.
दिलीप को किसपर भय हुआ?
उत्तर:
समय को बीतता न देखने पर दिलीप को भय हुआ।

प्रश्न 5.
अपने निकटतम व्यक्ति से अपमान और तिरस्कार होने पर मनुष्य की दशा क्या हो जाती है?
उत्तर:
मन वितृष्णा से भर जाता है।

प्रश्न 6.
जिंदगी में कभी-कभी एक-एक मिनट गुज़ारना भी मुश्किल हो जाता है- कब?
उत्तर:
वितृष्णा और ग्लानि में स्वयं यातना बन जाते समय ।

प्रश्न 7.
दिलीप क्यों व्याकुल था?
उत्तर:
दिलीप अपनी पत्नी हेमा को बड़ी आंतरिकता से प्रेम करता था। उसको पूर्ण स्वतंत्रता देता था। उसे बहुत आदर करता था। उसके प्रति बहुत अनुरक्त भी था। लेकिन, हेमा दिलीप के प्रति अविश्वास प्रकट करके अपने घर चली गई। इससे दिलीप व्याकुल था।

प्रश्न 8.
दिलीप के मस्तिष्क की व्याकुलता कुछ कम हुई। कब?
उत्तर:
मिंटो पार्क के एकांत में एक बेंच में बैठे समय सिर में ठंड लगने से।

प्रश्न 9.
दिलीप ने संतोष का एक दीर्घ निश्वास लिया। क्यों?
उत्तर:
अपनी आकस्मिक मृत्यु द्वारा पत्नी हेमा से बदला लेने का निश्चय करने पर दिलीप ने संतोष का एक दीर्घ निश्वास लिया।

प्रश्न 10.
दिलीप का मन कुछ हल्का हो गया था – कब?
उत्तर:
स्वयं सह अन्याय के प्रतिकार की एक संभावना देख दिलीप का मन कुछ हल्का हो गया।

प्रश्न 11.
बिजली के लैंप किस प्रकार अपना प्रकाश सड़क पर डाल रहा था?
उत्तर:
बिजली के लैंप निष्काम और निर्विकार भाव से अपना प्रकाश सड़क पर डाल रहा था।

प्रश्न 12.
स्वयं सह अन्याय के प्रतिकार की एक संभावना देख उसका मन कुछ हल्का हो गया था यहाँ प्रतिकार की संभावना क्या थी?
उत्तर:
दिलीप की मृत्यु । (मिंटो पार्क में बेंच पर एकांत बैठने से सिर में ठंड लग जायेगा, बीमार हो जाएगा, मर जाएगा, दिलीप के शवशरीर के पास पछताकर हेमा बैठेगी।)

प्रश्न 13.
‘सौर जगत के यह अद्भुत नमूने थे’। यहाँ अद्भुत नमूने क्या है?
उत्तर:
मनुष्यों के अभाव की कुछ भी परवाह न कर, लाखों पतंगे गोल बाँध-बाँध कर सड़क के लैंपों के चारों ओर नृत्य कर रहे थे।

प्रश्न 14.
मनुष्य के बिना भी संसार कितना व्यस्त और रोचक है। कैसे?
उत्तर:
प्रकृति के सुंदर दृश्यों से। (सड़क किनारे स्तब्ध खड़े बिजली के लैंप निष्काम और निर्विकार भाव से अपना प्रकाश सड़क पर डाल रहे थे। लाखों पतंगे गोले बाँघबाँध कर, इन लैंपों के चारों ओर नृत्य कर रहे थे। वृक्षों के भीगे पत्ते बिजली के प्रकाश में चमचमा रहे थे। पदछाईयाँ सुन्दर दृश्य बना रही थीं। सड़क पर पड़ा प्रत्येक भीगे पत्ते और लैंपों की किरणों के बीच संवाद हो रहा था। ये सब देखकर दिलीप सोचता है कि मनुष्य के बिना भी संसार कितना व्यस्त और रोचक है।)

प्रश्न 15.
कोई श्वेत-सी चीज़ दिखाई दी। वह कौन थी?
उत्तरः
एक छोटा-सा लड़का सफेद कुर्ता- पायजामा पहने, एक थाली सामने रखे कुछ बेच रहा है।

प्रश्न 16.
खोमचे बेचनेवाले छोटे लड़के की हालत का वर्णन कैसे किया गया है?
उत्तर:
लड़का सफेद कुर्ता- पायजामा पहने, एक थाली सामने रखे कुछ बेच रहा है। बहुत छोटा उम्रवाला था। क्षुद्र शरीर था। सर्द हवा में बालक सिकुड़ कर बैठा था। रात में सौदा बेचनेवाला सौदागर लड़के के पास मिट्टी के तेल की ढिबरी तक नहीं थी।

प्रश्न 17.
उसने आशा की एक निगाह उसकी ओर डाली, और फिर आँखें झुका लीं। यहाँ बालक की कौन-सी चरित्रगत विशेषता प्रकट होती है?
उत्तर:
बिक्री की प्रतीक्षा में बालक ने आशा की एक निगाह दिलीप पर डाली। गरीब होने पर भी वह स्वाभिमानी है, बिक्री के लिए हाथ फैलाना या याचना करना वह नहीं चाहता। इसलिए उसने आँखें झुका लीं।

प्रश्न 18.
‘लड़के के मुख पर खोमचा बेचनेवालों की-सी चतुरता नहीं थी, बल्कि उसकी जगह थी एक कातरता’ – यहाँ ‘चतुरता’ एवं ‘कातरता’ शब्दों का तात्पर्य क्या है?
उत्तर:
चतुरता = निपुणता, कातरता = दीनता

प्रश्न 19.
ठंडी रात में कौन-कौन बाहर हैं?
उत्तर:
दिलीप और खोमचेवाला बालक।

प्रश्न 20.
कौन-सी चीज़ मनुष्य-मनुष्य में भेद की सब दीवारों को लाँघ जाती है?
उत्तर:
मनुष्यत्व।

प्रश्न 21.
बालक की प्रफुल्लता दिलीप के किस प्रश्न से उड़ गई?
उत्तर:
‘कुछ कम नहीं लेगा’ प्रश्न से।

प्रश्न 22.
दिलीप क्यों लड़के के घर चला?
उत्तर:
लड़के का घर देखने का कौतूहल जाग उठने से।

प्रश्न 23.
‘आठ पैसे का खोमचा बेचने जो इस सर्दी में निकला है उसके घर की क्या अवस्था होगी, यह सोचकर दिलीप सिहर उठा’- क्या आप सोच सकते हैं कि बालक के घर की अवस्था क्या होगी?
उत्तर:
बहुत दरिद्र अवस्था।

प्रश्न 24.
बच्चे ने घबराकर कहा- ‘पैसे तो घर पर भी न होंगे’। दिलीप सिहर उठा। दिलीप के सिहर उठने का कारण क्या होगा?
उत्तर:
बच्चे के जीवन की दरिद्र अवस्था के बारे में जानकर ।

प्रश्न 25.
लड़के की माँ को नौकरी से हटा दिया। क्यों?
उत्तर:
लड़के की माँ बाबू के घर में अढ़ाई रूपया महीना लेकर चौका-बर्तन करती थी। लेकिन जगतू की माँ ने दो रूपये पर यह काम करने को तैयार हो गई। इसलिए लड़के की माँ को नौकरी से हटा दिया।

प्रश्न 26.
बाबू की घरवाली ने माँ को हटाकर जगतू की माँ को रख लिया है। यहाँ समाज की कौन-सी मनोवृत्ति प्रकट है?
उत्तर:
धनी लोग गरीबों को गरीबीपन का शोषण करते हैं। यहाँ नौकरी के क्षेत्र में होनेवाले आर्थिक शोषण का दृश्य है।

प्रश्न 27.
जगतू की माँ को नौकरी से क्यों निकाल दिया?
उत्तर:
जब स्कूलवालों ने लड़कियों को घर से लाने के लिए मोटर रख ली, तब जगतू की माँ को नौकरी से निकाल दिया।

प्रश्न 28.
स्कूलवालों ने लड़कियों को घर से लाने के लिए मोटर रख ली है और उसे निकाल दिया है। यहाँ कहानीकार किस सामाजिक समस्या की ओर इशार करते है?
उत्तर:
मशीनीकरण के कारण गरीब लोगों की नौकरी नष्ट हो जाती है।

प्रश्न 29.
‘एक बड़ी खिड़की के आकार का दरवाज़ा’ – के प्रयोग से कहानीकार क्या बताना चाहते हैं?
उत्तर:
खोमचे बेचनेवाले लड़के के घर की शोचनीय अवस्था ।

प्रश्न 30.
कोठरी के भीतर दिलीप ने क्या-क्या देखा?
उत्तर:
धुआँ उगलती मिट्टी के तेल की एक ढिबरी, एक छोटी चारपाई , दो-एक मैले कपड़े और आधी उमर की एक स्त्री मैली -सी धोती में शरीर लपेटे बैठी थी।

प्रश्न 31.
‘बेटा, रुपया बाबुजी को लौटाकर घर का पता पूछ लें, पैसे कल ले आना’। यहाँ माँ की कौन-सी चरित्रगत विशेषता प्रकट होती है?
उत्तर:
ईमानदारी, दूसरों पर विश्वास, दूसरों को मानना और स्वाभिमान।

प्रश्न 32.
दिलीप ने शरमाते हुए कहा। क्यों?
उत्तर:
माँ की सच्चाई और ईमानदारी से प्रमावित होकर।

प्रश्न 33.
स्त्री क्यों ‘नहीं-नहीं’ करती रह गयी?
उत्तर:
छुट्टे वापस देने केलिए न होने पर भी स्त्री के मन में बड़ा स्वाभिमान और ईमानदारी होने के कारण ।

प्रश्न 34.
स्त्री के चेहरे पर कृतज्ञता और प्रसन्नता की झलक कब छा गयी?
उत्तर:
दिलीप ने बाकी पैसे न लेने पर स्त्री के चेहरे पर कृतज्ञता और प्रसन्नता की झलक छा गयी।

प्रश्न 35.
बेटा कब रीझ गया?
उत्तर:
उसे सुबह रोटी के साथ दाल भी खिलाने की बात माँ से सुनकर बेटा रीझ गया।

प्रश्न 36.
लड़का पुलकित हो रहा था। क्यों?
उत्तर:
अपनी मेहनत की कमाई से रोटी खाने की प्रतीक्षा में लड़का पुलकित हो रहा था। हम जानते हैं कि मेहनत की रोटी मीठी होती है।

प्रश्न 37.
बेटा बचपन के कारण रूठा था। मगर घर की हालत से परिचित भी था। इस कथन का तात्पर्य क्या है?
उत्तर:
बेटा बचपन की चपलता के कारण रूखी-सूखी रोटी पर रूठ जाता है। मगर अपने अनुभव से घर की परेशानी परचानता है। तब बचपन की चपलता परिपक्वता में बदल जाती है। बचपन में ही बालक माँ के साथ परिवार का भार अपने कंधे पर उठाता था। परंतु अच्छा भोजन खाने के लिए वह दिन-दिन ललचा रहा था। इसलिए थोड़े समय के लिए वह रूठ गया था।

प्रश्न 38.
मुझे अभी भूख नहीं, तू खा’ – माँ ऐसा क्यों कह रही है?
उत्तर:
माँ को खाने के लिए आवश्यक रोटी नहीं थी। जितना भोजन घर में था. उसे माँ बेटे को खिलाना चाहती थी। माँ की ममता और बेटे के भविष्य की सोच में माँ ऐसा कह रही है।

प्रश्न 39.
सौदा बेचनेवाले बच्चे के घर आए दिलीप ने अपनी डायरी में क्या लिखा होगा? वह डायरी तैयार करें।
उत्तर:

तारीक

मिंटोपार्क नगर :
आज मैंने समझा कि सच्चा दुःख क्या है। सबेरे से हेमा के बारे में सोचकर मन चिंता से भरा था। फिर टहलने गया। बारिश का मौसम बीत गया था। फिर भी, शाम को सड़क और पार्क सुनसान था। मैं धीरे चलते वक्त सड़क पर एक बालक को देखा। वह सौदा बेच रहा था। उससे बातें करते समय मैंने समझ लिया कि उसका बाप मर गया था और माँ बीमार है। घर की परेशानी उसे इस ठंडी रात में सौदा बेचने के लिए मजबूर करती है। मैंने उससे पूरा सौदा खरीदा और एक रूपया दिया। बाकी पैसे देने के लिए उसके पास पैसे नहीं थे। उसके साथ दिलीप उसके घर चला। कितनी दयनीय थी वहाँ की अवस्था! रूखी रोटी पर गुस्सा उतारनेवाला बच्चा अब भी मेरे मन में है। घर में पैसा नहीं था। फिर भी मुफ्त के पैसे वे नहीं चाहते थे। उनके दुःख के सामने मेरा दुःख कितना छोटा है? उसे और भी मैं जरूर मिलूँगा।

प्रश्न 40.
सौदा बेचनेवाले बच्चे को दिलीप ने फिर देखा । तब दोनों के बीच का वार्तालाप तैयार करें।
उत्तर:
दिलीप : हाँ बेटा, कैसे हो?
बच्चा : ठीक हूँ जी। आपको मैंने कई बार देखा था।
दिलीप : फिर क्यों पास न आया?
बच्चा : मैं आपके पास आने लगा तो आप कहीं निकल जाते हैं।
दिलीप : अच्छा। तो, आज मुझे कैसे मिला?
बच्चा : आप मेरे सामने से निकलते समय ही मैंने आपको बुलाया।
दिलीप : घर में माँ सकुशल हैं?
बच्चा : माँ की बीमारी कुछ कम हुई है।
दिलीप : क्या ये दो पकौड़े मुझे दोगे?
बच्चा : ठीक है, लेकिन पैसा न देना।
दिलीप : पैसा नहीं, रूपया हूँ और यह लूँ।
बच्चा : बाकी देने के लिए घर में पैसे नहीं हैं ….
दिलीप : बाकी तुम्हारे पास रखो। बड़ा होकर वापस देना।
बच्चा : ठीक है। धन्यवाद।

प्रश्न 41.
मिट्टी के तेल की ढिबरी के प्रकाश में देखा वह दृश्य उनकी आँखों के सामने से न हटता था। उस दिन की दिलीप की डायरी लिखें।
उत्तर:

तारीक

मिंटोपार्क नगर :
आज के दिन के बारे में क्या लिखू? कैसा दृश्य था वह? अपने बेटे की प्रतीक्षा में ठंडी रात में चादर ओढ़कर बैठी उस गरीब और बीमार माँ की आँखों में क्या क्या भाव थे? अपने बेटे को देखकर उसका चेहरा खिल उठा। सौदा बेचने की बात कहते समय उसके मुख पर खुशी आयी। बाकी पैसे की बात सुनकर उसने रूपए वापस देने की बात कही। गरीबी में भी उसे मुफ्त के पैसे की चाह नहीं! फिर उस माँ ने अपनी भूख भूलकर बेटे को भोजन खिलाया। दोनों का प्यार देख कर मेरा मन द्रवित हो गया। अभाव के इस दुःख के सामने मेरा दुःख कितना छोटा है ? कल ज़रूर उस बच्चे से मिलूँगा।

प्रश्न 42.
नौ कर विस्मित खड़ा रहा । क्यों?
उत्तर:
दिलीप की ‘भूख नहीं’ है बात सुनकर नौकर विस्मित खड़ा रहा।

प्रश्न 43.
दिलीप को भूख नहीं लगी। क्यों?
उत्तर:
खोमचे बेचनेवाले लड़के की माँ का ‘भूख नहीं’ कहना याद आने पर।

प्रश्न 44.
हेमा ने पत्र की पहली लाइन में क्या लिखा था?
उत्तर:
“मैं इस जीवन में दुःख ही देखने को पैदा हुई हूँ।”

प्रश्न 45.
‘रसीला दुख’ से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
यशपालजी की दुःख कहानी से यह समझते हैं कि जीवन का यथार्थ दुःख गरीबी है। इसको न समझनेवाले दिलीप की पत्नी हेमा जैसे धनी लोगों का दुःख अमीरीप्रदत्त नकली दुःख है। सब कुछ होने पर भी, इस प्रकार दुःख करनेवाले लोगों का दुःख केवल तमाशा केलिए है, रस -विनोद के लिए है, सस्ती बातों पर है। अभाव – प्रदत्त असली दुःख की तुलना में यह एक प्रकार का सुखदायक दुःख है। इस दुःख में असलियत नहीं है और यह अनावश्यक दुःख है।
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 12 दुःख 1

प्रश्न 46.
‘काश तुम जानती दुःख किसे कहते है। तुम्हारा यह रसीला दुःख तुम्हें न मिले तो जिंदंगी दूभर हो जाए।’ प्रस्तुत घटना को दिलीप अपनी आत्मकथा में लिखता है। आत्मकथांश तैयार करें।
उत्तर:

यह दुःख नहीं

हेमा की सहेली के साथ मैं सिनेमा देख आने के कारण, रात भर वह रूठी रही। अगले दिन सुबह उठते ही हेमा अपनी माँ के घर चली गयी। तब मेरे मन में क्षोभ का अंत न रहा। मेरी पत्नी की इस व्यवहार से मेरा मन वितृष्णा और ग्लानि से भर गया। मन बहलाने के लिए मैं मिंटो पार्क गया। सिर में ठंड लगने से मेरे मस्तिष्क की व्याकुलता कुछ कम हुई।

मिंटो पार्क से लौटते समय एक गरीब बच्चे से मेरी भेंट हुई। वह सड़क के किनारे नींबू के वृक्षों की छाया में बैठकर पकौड़े बेच रहा था। मैंने उससे पूरे पकौड़े खरीदे। मैंने उसे एक रूपया दिया। लेकिन बाकी पैसे वापस करने के लिए उसके पास छुट्टे नहीं थे। उसकी माँ से छुट्टे लेने के नाम पर मैं उसका घर गया। वहँ मैं ने उसकी माँ को देखा।

कितनी गरीब थी वह! बाकी पैसे देने के लिए माँ के पास पैसे नहीं थे। बेचारी औरत! माँ की परेशानी देखकर मेरा मन उत्कंठित हो गया। माँ के पास अच्छे कपड़े नहीं थे। खाने के लिए आवश्यक भोजन नहीं था। घर भी बहुत दयनीय अवस्था में थी।

मैंने वहाँ पर असली दुःख देखा। मुझे उस कोठरी में असली दुःख की पहचान हुई। मैंने पहचाना कि जीवन का यथार्थ दुःख गरीबी है। हेमा का दुःख अमीरी -प्रदत्त नकली दुःख है। वह एक प्रकार का रसीली दुःख है। हेमा का दुःख सही में दुःख नहीं है।

प्रश्न 47.
‘वन-संरक्षण सबका दायित्व’ विषय पर संगोष्ठी में प्रस्तुत करने के लिए आलेख तैयार करें।
उत्तर:

वन-संरक्षण : सबका दायित्व

पेड़-पौधे प्रकृति के वरदान हैं। धरती की हरियाली जीवन के लिए अत्यावश्क है। पेड़ – पौधे धरती की हरियाली सदा संरक्षित रखते हैं। पेड़-पौधों के अभाव में धरती में गर्मी बढ़ जाती है। गर्मि से धरती का बचाव पेड़-पौधों से ही होता है। भूक्षरण की रोक भी पेड़-पौधों से होती है। पेड़-पौधे मनुष्य को और भी विविध प्रकार लाभदायक होते हैं। मनुष्य को खाने के लिए अनेक प्रकार के भक्ष्य-पदार्थ पेड़-पौधों से मिलते हैं। वन के पेड़-पौधों से मनुष्य के उपयोग के लिए अनेक प्रकार की औषधी भी मिलती है।

पक्षी, जीव-जन्तु भी वनसंरक्षण से जीवित रहते हैं। अनेक प्रकार के पक्षी और जीव-जतु वंश-नाश के खतरे में है। इनके बचाव भी वन को संरक्षित रखने से संभव होता है।

वन-संरक्षण सामाजिक दायित्व है। प्रत्येक साल वन-संरक्षण केलिए वन-महोत्सव की आयोजना होती है। वन महोत्सव को हर प्रकार प्रोत्साहन करना हमारा कर्तव्य है।

वन संरक्षण सब का दायित्व है। इसलिए वन-संरक्षण संबंधित सभी आयोजनाओं को हमें प्रोत्साहन करते रहना चाहिए।

दुःख Previous Years Questions and Answers

प्रश्न 1.
‘मिट्टी के तेल की ढिबरी के प्रकाश में देखा वह दृश्य उनकी आँखों के सामने से न हटता था’ उस दिन की दिलीप की डायरी निम्नलिखित सहायक बिंदु के आधार से लिखिए।
सहायक बिंदु:

  • बच्चे से भेंट
  • माँ की परेशानी
  • माँ-बेटे का प्यार
  • असली दुःख की पहचान और तुलना

उत्तर:

डायरी

25/7/2016,
सोमवार.

आज एक अजीब दिन था। हेमा मुझसे रूठकर अपनी माँ के घर चली गई। मैं कुछ समय तक उदास होकर रहे। श्याम होते होते बाहर कुछ देर घूमने केलिए निकला। रास्ते में एक बालक से मिला। वह कुछ पकोडों बेचने केलिए ठंडी रात में बैठे थे। उनके पास ठीक तरह से कपड़े तक नहीं था। मैं उनके पास जो पकोडे थे – पूरा खरीद लिया और बाकी पैसे न होने के कारण उनके साथ उनके घर चला। घर की हालत देखकर मैं स्तब्ध रह गया। उनकी माँ एक गरीब निस्सहाय औरत थी। फिर भी वह कितने प्यार से अपने बेटे के खयाल रखते हैं। मैं वहाँ से निकला तो मुझे समझ में आया असली दुःख क्या है। हम तो फालतू बातों को दुःख समझकर जी रहे हैं। हमें ज़रूर बाहरी दुनिया के बारे में सोचना चाहिए।

शुभरात्री

प्रश्न 2.
मान लीजिए ‘दुःख’ कहानी का पात्र दिलीप अपनी आत्मकथा लिखता है। आत्मकथा में गरीब माँ-बेटे का उल्लेख है। निम्नलिखित सहायत बिन्दुओं के आधार पर वह आत्मकथांश तैयार कीजिए।
सहायक बिंदु:

  • बच्चे से भेंट
  • माँ की परेशानी
  • माँ-बेटे का प्यार
  • हेमा का दुःख और खोमचेवाले लड़के का दुःखतुलना

उत्तर:

यह दुःख नहीं

हेमा की सहेली के साथ मैं सिनेमा देख आने के कारण, रात भर वह रूठी रही। अगले दिन सुबह उठते ही हेमा अपनी माँ के घर चली गयी। तब मेरे मन में क्षोभ का अंत न रहा। मेरी पत्नी की इस व्यवहार से मेरा मन वितृष्णा और ग्लानि से भर गया। मन बहलाने के लिए मैं मिंटो पार्क गया। सिर में ठंड लगने से मेरे मस्तिष्क की व्याकुलता कुछ कम हुई। मिंटो पार्क से लौटते समय एक गरीब बच्चे से मेरी भेट हुई। वह सड़क के किनारे नींबू के वृक्षों की छाया में बैठकर पकौड़े बेच रहा था। मैंने उससे पूरे पकौड़े खरीदे। मैंने उसे एक रूपया दिया। लेकिन बाकी पैसे वापस करने के लिए उसके पास छुट्टे नहीं थे। उसकी माँ से छुटटे लेने के नाम पर मैं उसका घर गया। वहँ मैं ने उसकी माँ को देखा। कितनी गरीब थी वह! बाकी पैसे देने के लिए माँ के पास पैसे नहीं थे। बेचारी औरत! माँ की परेशानी देखकर मेरा मन उत्कंठित हो गया। माँ के पास अच्छे कपड़े नहीं थे। खाने के लिए आवश्यक भोजन नहीं था। घर भी बहुत दयनीय अवस्था में थी।

मैंने वहाँ पर असली दुःख देखा। मुझे उस कोठरी में असली दुःख की पहचान हुई। मैंने पहचाना कि जीवन का यथार्थ दुःख गरीबी है। हेमा का दुःख अमीरी -प्रदत्त नकली दुःख है। वह एक प्रकार का रसीली दुःख है। हेमा का दुःख सही में दुःख नहीं है।

प्रश्न 3.
‘दुख’ कहानी के आधार पर असली दुख तथा नकली दुख के संबंध में संगोष्ठी में प्रस्तुत करने योग्य एक आलेख तैयार कीजिए।

  • गरीब तथा अमीर लोगों के दुख
  • दुख को हल करने का उपाय
  • मानवता का उदय

उत्तर:
दुःख एक ऐसी समस्या है जिसके कारण सभी लोग आज चिंतित है। गरीब और अमीर सभी लोग दुःखी है। सब के सब अपने दुःखों के लिए दूसरों को ही दोषी ठहराते हैं।

पहले हमें यह जानना चाहिए कि दुःख क्यों होता है और क्या होता है। जब तक हम अपने आप पर खुश नहीं है, अपने विजय पर खुश नहीं है, हमें दुःख ही दुःख मिलेगा। जो कुछ हमने पाया है या जो कुछ हमें है इस पर हमें खुश होना चाहिए। लेकिन मानव कभी भी ऐसा नहीं है। वह दूसरों की सुख-सुविधा और ऐश्वर्य देखता है और जो कुछ उसके पास नहीं है उसके बारे में सोचकर दुखी बन जाता है।

अपने दुःखों को हल करने का उपाय भी हमें खुद निकालना चाहिए। गरीबों के दुःख और अमीरों के दुःख में बहुत बड़ा अंतर है। जब अमीर बड़ी बड़ी सुखसुविधाओं के बारे में सोचकर दुःखी होते हैं तब गरीब रोज़ी-रोटी के बारे में सोचकर दुःखी हो जाते हैं। एक प्रकार से देखने पर अमीरों का दुःख कुछ रसीला है जब गरीबों का दुःख असली है।

जब तक पूरे समाज में मानव-मानव के बीच प्रेम और भाईचारे का संबंध नहीं पनपेगा, तब तक, दुःखी लोगों की संख्या कम नहीं होगा।

दुःख लेखक परिचय

यशपाल हिन्दी साहित्य के प्रगतिशील कहानीकारों में श्रेष्ठ माने जाते हैं। वे क्रांतिकारी साहित्यकार थे। कहानियाँ, उपन्यास, निबंध आदि अनेक विधाओं में साहित्य रचना कर यशपाल हिन्दी के शीर्षस्थ कथाकार बने। सामाजिक कुरीतियाँ, शोषण और अंधविश्वास के खिलाफ समाज को सचेत करना यशपाल का लक्ष्य था। ‘झुठा-सच’, ‘दिव्या’, ‘देशद्रोही’, ‘मनुष्य के रूप’, ‘अमिता’, ‘पिंजरे का उडान’, ‘सच बोलने की भूल’आदि उनकी प्रमुख रचनाएँ हैं। निम्नवर्ग के दुःख और निराशा भरी ज़िन्दगी का चित्रण दुःख कहानी में हुआ है।

दुःख Summary in Malayalam

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 12 दुःख 2
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 12 दुःख 3
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 12 दुःख 4
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 12 दुःख 5
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 12 दुःख 6
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 12 दुःख 7
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 12 दुःख 8
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 12 दुःख 9
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 12 दुःख 10
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 12 दुःख 11
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 12 दुःख 12
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 12 दुःख 13
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 12 दुःख 14
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 12 दुःख 15
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 12 दुःख 16
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 12 दुःख 17
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 12 दुःख 18
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 12 दुःख 19

दुःख शब्दार्थ

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 12 दुःख 20
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 12 दुःख 21
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 12 दुःख 22
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 12 दुःख 23
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 12 दुःख 24
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 12 दुःख 25
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 12 दुःख 26
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 12 दुःख 27
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 12 दुःख 28
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 12 दुःख 29

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 11 सृजन की ओर

Kerala State Board New Syllabus Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 11 सृजन की ओर Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

Kerala Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 11 सृजन की ओर

प्रश्न 1.
पाठकनामा पढ़ें और लिखें –
i. पाठक संपादक को बधाइयाँ दे रहा है, क्यों?
उत्तर:
संपादकीय समकालीन समस्या से संबंधित होने के कारण संपादक को पाठक बधाइयाँ दे रहा है।

ii. हमारा घमंड किस पर है?
उत्तर:
विज्ञान और प्रोद्योगिकी की उपलब्धियों पर।

iii. हमारी कमी क्या है?
उत्तर:
संक्रामक बीमारियों को रोकने में हम नाकामयाब रहे हैं।

iv. संचार माध्यमों की कौन-सी भूमिका है?
उत्तर:
सराहनीय भूमिका निभा सकता है।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित प्रक्रियाओं से गुज़रते हुए पाठकनामा के अनुवाद का संशोधन करें।

  • वैयक्तिक संशोधन
  • ग्रूप में प्रस्तुति एवं चर्चा
  • ग्रूप में परिमार्जन
  • ग्रूपों की प्रस्तुति

उत्तर:
अध्यापिका की ओर से तैयार की गई सामग्री की प्रस्तुति। इस भीषण परिस्थिति में, जहाँ संक्रामक बीमारियाँ तेज़ रफ़्तार से फैलते जा रहे हैं, बढ़ती बीमारियाँ संपादकीय विशेष प्रशंसनीय है। इस क़हर पर हम तभी लगाम डाल सकता है जबकि सरकार और जनता हमदिल से प्रयास करेंगे। खेद की बात है, एक ओर हम विज्ञान और प्रौद्योगिकी की उपलब्धियों पर घमंड करती जाती है दूसरी ओर ऐसी संक्रामक बीमारियों को रोकने में हम नाकामयाब रह रहा है। इसपर पैबंद डालने के लिए समाज को सतर्क करने में संचार माध्यम सराहनीय भूमिका निभा सकती हैं।

प्रश्न 3.
संकेतों का अनुवाद हिंन्दी में करें।
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 11 सृजन की ओर 1
i. Clean the water storage containers and cover it
उत्तर:
पानी की टंकी साफ रखें और ढक रखें।

ii. Keep the surroundings clean and improve basic sanitation facilities
उत्तर:
परिवेश स्वच्छ रखें और बुनियादी सफाई सुविधाएँ सुधारके संभालें।

iii. Create an awareness about dengue chikungunya etc.
उत्तर:
डेंगू, मलेरिया इत्यादि के बारे में जनजागरण वनाये रखें।

iv. Seek the co-operation for the removal of breeding places
उत्तर:
मच्छरों के प्रजनन रोकने के लिए सहयोग का प्रबंध बनाये रखें।

Plus One Hindi सृजन की ओर Important Questions and Answers

अनुवादः

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 11 सृजन की ओर 3

इस भीषण परिस्थिति में, जहाँ संक्रामक बीमारियाँ तेज़ रफ्तार से फैलते जा रहे हैं। बढ़ती बीमारियाँ संपादकीय विशेष प्रशंसनीय है। इस क़हर पर हम तभी लगाम डाल सकता है जबकि सरकार और जनता हमदिल से प्रयास करेंगे। खेद की बात है, एक ओर हम विज्ञान और प्रौद्योगिकी की उपलब्धियों पर घमंड करती जाती है दुसरी ओर ऐसी संक्रामक बीमारियों को रोकने में हम नाकामयाब रह रहा है। इसपर पैबंद डालने के लिए समाज को सतर्क करने में संचार माध्यम सराहनीय भूमिका निभा सकती हैं

प्रश्न 1.
ऊपर के अनुवाद की व्याकरणिक त्रुटियों को सुधारें।
उत्तर:
इस भीषण परिस्थिति में, जहाँ संक्रामक बीमारियाँ तेज़ रफ्तार से फैलती जा रही हैं। बढ़ती बीमारियाँ संपादकीय विशेष प्रशंसनीय है। इस क़हर पर हम तभी लगाम डाल सकते हैं जबकि सरकार और जनता हमदिल से प्रयास करेंगी। खेद की बात है, एक ओर हम विज्ञान और प्रौद्योगिकी की उपलब्धियों पर घमंड करते जाते हैं दूसरी ओर ऐसी संक्रामक बीमारियों को रोकने में हम नाकामयाब रह रहे हैं। इसपर पैबंद डालने के लिए समाज को सतर्क करने में संचार माध्यम सराहनीय भूमिका निभा सकता हैं

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 11 सृजन की ओर 2a

प्रश्न 2.
अंग्रेज़ी बातचीत का हिंदी में अनुवाद करें।
Aravind : I send the mail to chandrakanth Devthale?
Razia : Yes, I sent Yesterday
Aravind : Did you get the reply?
Razia : Yes, he described a lot of things about his poem
Aravind : Can you send his message to me?
Razia : Ofcourse
उत्तर:
अरविंद : क्या आपने चंद्रकांत देवताले को डाक भेजा?
रज़िया : जी हाँ, मैंने कल भेजा।
अरविंद : क्या आपको जवाब मिला?
रज़िया : जी हाँ, उन्होंने उनकी कविता के बारे में बहुत सारी बातों का विवरण दिया।
अरविंद : क्या उनका सदेश मेरे लिए आप भेज सकती हैं?
रज़िया : जरूर।

प्रश्न 3.
अंग्रेज़ी बातचीत का हिंदी में अनुवाद करें।
Athul : Why didn’t you come yesterday?
Sam : I was not well
Athul : What happend?
Sam : It was raining heavily yesterday, I had no umbrella
Athul : Don’t forget to take umbrella during this season
Sam : Ok, my mother also told me.
उत्तर:
अतुल : तुम कल क्यों न आये?
शाम : मैं ठीक नहीं था।
अतुल : क्या हुआ?
शाम : कल भारी बरसात हो रही थी। मेरे पास छतरी नहीं थी।
अतुल : इस मौसम में छतरी ले जाने के लिए मत भूलो।
शाम : जी हाँ, मेरी माँ ने भी मुझे यह कहा था।

प्रश्न 4.
अंग्रेज़ी बातचीत का हिंदी में अनुवाद करें।
Mahesh : Where are you going Ram?
Ram : I am going to the railway station.
Mahesh : Why do you go there?
Ram : To take my uncle and aunty from the station.
Mahesh : Where are they coming from?
Ram : From Delhi, Sorry Mahesh, I am getting late, Bye Bye.
उत्तर:
महेश : राम, तुम कहाँ जा रहे हो?
राम : मैं रेल्वे-स्टेशन जा रहा हूँ।
महेश : तुम वहाँ क्यों जा रहे हो?
राम : मेरे मामा और मामी को स्टेशन से लेने के लिए।
महेश : वे कहाँ से आ रहे हैं?
राम : दिल्ली से, मॉफ करना महेश, मैं देर हो रहा हूँ… बाई…..बाई….

प्रश्न 5.
अंग्रेज़ी बातचीत का हिंदी में अनुवाद करें।
Mili : Daddy, Can you get me a toy?
Father : Of course dear, What kind?
Mili : I would to like to get a doll
Father : In the evening we will go together to the shop and you can buy one.
Mili : Today itself?
Father : Definitely, we will have it.
उत्तर:
मिली : पापा, आप मेरे लिए एक खिलौना देंगे?
पापा : बिल्कुल मिली, किस तरह की?
मिली : मैं एक गुड़िया मिलना चाहती हूँ।
पापा : शाम हम एक साथ दूकान जायेंगे और तुम गुड़िया खरीद सकती हो।
मिली : आज ही?
पापा : निश्चय, हम उसे खरीद लेंगे।

प्रश्न 6.
अंग्रेज़ी बातचीत का हिंदी में अनुवाद करें।
Arun : May I come in Teacher?
Teacher : Yes, why didn’t you come yesterday?
Arun : Sorry Teacher, my mother was ill. I was looking after her.
Teacher: Oh! How is she now?
Arun : Now she is all right.
Teacher : Okay, go to your seat.
उत्तर:
अरुण : मैं अंदर आँऊ टीचरजी?
टीचर : जी हाँ, तुम कल क्यों नहीं आये?
अरुण : मॉफ कीजिए, मेरी माँ बीमार थी। मैं उसकी देखभाल कर रहा था।
टीचर : अरे बापरे! अब वे कैसी हैं?
अरुण : अब ठीक है।
टीचर : ठीक, तुम आपनी जागह पर जाओ।

प्रश्न 7.
अंग्रेज़ी बातचीत का हिंदी में अनुवाद करें।
Student : Could you please give me the audio CD of Juloose drama?
Teacher : Sure, what for?
Student : We wish to present this drama on Hindi Day.
Teacher : Very good. Have you started rehersal?
Student : Yes. we started it yesterday.
Teacher : All the best.
Student : Thank you.
उत्तर :
छात्र : आप मेरे लिए ‘जुलूस’ नाटक की एक सि. डी. दे सकती हैं?
टीचर : बिल्कुल, क्या के लिए?
छात्र : हिंदी दिवस पर हम एक नाटक प्रस्तुत करना चाहते हैं।
टीचर : बहुत अच्छा, क्या तुम लोग पूर्वाभिनय (रिहर्सल) शुरु किया?
छात्र : जी हाँ, हमने कल शुरु किया।
टीचर : शुभ कामनाएँ…
छात्र : धन्यवाद टीचरजी।

प्रश्न 8.
अंग्रेज़ी बातचीत का हिंदी में अनुवाद करें।
Teacher : Why are you late Puneeth?
Puneeth : Sorry Teacher, I saw a tragic incident on the road.
Teacher : Oh! What happened?
Puneeth : A person was lying on the road. He was severely injured.
Teacher : What did you do then?
Puneeth : I took him to the hospital.
उत्तर:
टीचर : पुनीत, तुम क्यों देर हो गये?
पुनीत : मॉफ कीजिए, मैंने सड़क पर एक दुखात्मक घटना देखी।
टीचर : अरे बापरे! क्या हुआ ?
पुनीत : एक आदमी सड़क पर लेट रहा था। वह बुरी तरह घायल था।
टीचर : तुमने उस समय क्या किया ?
पुनीत : मैं उसे अस्पताल ले गया।

सृजन की ओर Previous Years Questions and Answers

प्रश्न 1.
निम्नलिखित अंग्रेज़ी बातचीत का हिंदी में अनुवाद कीजिए।
Hema : Hello, Sreekala! Where are you going?
Sreekala : I am going to Ernakulam
Hema : For what?
Sreekala : Thave an interview for a teacher’s post at Navodaya Vidyalaya.
Hema : Which subject you have taken for your M.A.?
Sreekala : Hindi. It is my favourate subject
(interview – साक्षात्कार, favourable -पसंदीदा)
उत्तर:
हेमा : अरे श्रीकला, तुम कहाँ जा रही हो?
श्रीकला : मैं एरनाकुलम जा रही हूँ।
हेमा : क्या बात है?
श्रीकला : मुझे नवोदया विद्यालय में अध्यापक पद का साक्षात्कार हैं।
हेमा : आप एक.ए. के लिए कौनसा विषय चुना छा।
श्रीकला : हिंदी ही मेरा पसंदीदा विषय हैं।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित अंग्रेज़ी बातचीत का हिंदी में अनुवाद कीजिए।
Vineeth : Hello Suresh, How are you?
Suresh : I am fine.
Vineeth : Yesterday, I say your brother at hospital. What was the matter?
Suresh : My father was admitted there.
Vineeth : What happened to him?
Suresh : He had severe fever, now he is okay.
(was admitted – प्रवेश किया गया, Severe fever-कठिन बुखार)
उत्तर:
विनीत : अरे सुरेष, कैसे हो?
सुरेष : मैं ठीक हूँ।
विनीत : कल मैं तुम्हारे भाई को अस्पताल में देखा। क्या बात है?
सुरेष : मेरा पिताजी को वहाँ प्रवेश किया गया है।
विनीत : उसे क्या हुआ?
सुरुष : उसे कठिन बुखार था, अब वह ठीक है।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित अंग्रेज़ी बातचीत का हिंदी में अनुवाद कीजिए।
Teacher : Why are you late Puneeth?
Puneeth : Sorry Teacher, I saw a tragic incident on the road.
Teacher : Oh! What happened?
Puneeth: A person was lying on the road. He was severely injured.
Teacher : What did you do then?
Puneeth : I took him to the hospital.
(Tragic incident – दुखात्मक घटना, severely – बुरी तरह, injured – घायल हुआ)
उत्तर:
टीचर : पुनीत, तुम क्यों देर हो गये?
पुनीत : मॉफ कीजिए, मैंने सड़क पर एक दुखात्मक घटना देखी।
टीचर : अरे बापरे! क्या हुआ ?
पुनीत : एक आदमी सड़क पर लेट रहा था। वह बुरी तरह घायल था।
टीचर : तुमने उस समय क्या किया ?
पुनीत : मैं उसे अस्पताल ले गया।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित अंग्रेज़ी बातचीत का हिंदी में अनुवाद कीजिए:
Kiran : Sooraj, do you have a pet?
Sooraj : Yes. I have a parrot, I call her ‘sweety’
Kiran : What do you feed him with?
Sooraj : Some fruits and bread.
Kiran : Do you feel happy, taking care of your pet?
Sooraj : Yes, I feel good.
(Pet – पालतू जीव, Parrot – तोता, feed with – खिलाना, bread – रोटी)
उत्तर:
किरण : सूरज, क्या तुम्हारे पास कोई पालतू जीव है?
सूरज : हाँ, मेरे पास एक तोता है। मैं उसे स्वीटी कहता हूँ।
किरण : तुम उसे क्या खिलाया करते है।
सूरज : फल और रोटी।
सूरज किरण
किरण : तुम्हारे पालतू जीव की देखबाल करने पर क्या आप खुश है।
सूरज : हाँ, मैं बहुत अच्छा महसूस करता हूँ।

प्रश्न 5.
सूचनाः निम्नलिखित अंग्रेज़ी बातचीत का हिंदी में अनुवाद कीजिए।
Mridula : Hello Veena, How are you?
Veena : Hai Mridula, I am fine. Where are you going now?
Mridula : I am going to a dance class. I wish to compose a new performance.
Veena : Very good. I am also waiting for your excellent performance. All the best.
Mridula : Thank you.
Veena : Ok, Bye Mridula
(Performance – प्रस्तुति, Compose – तैयार करना, Dance class – नाट्यशाला, Excellent – समर्थ)
उत्तर:
मृदुला : हलो वीणा, कैसी हो?
वीणा : हाय मृदुला, मैं ठीक हूँ। तुम कहाँ जा रही हो?
मृदुला : मैं नृत्य के एक क्लास में जा रही हूँ। एक नया नृत्य प्रस्तुत करने की तैयारी में हूँ।
वीणा : बहुत अच्छा। मैं भी तुम्हारी समर्थ प्रस्तुति की प्रतीक्षा कर रही हूँ। शुभ कामनाएँ।
मृदुला : धन्यवाद।
वीणा : अच्छा, चलती हूँ।

सृजन की ओर Summary in Malayalam

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 11 सृजन की ओर 4
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 11 सृजन की ओर 5
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 11 सृजन की ओर 6

Letter to the Editor

In this fearful situation of increasing epidemics, an editorial like ‘Badti Beem ariyam’ of current relevance deserves special appreciation. The malody can be put to an end only of the government and public work single mindedly. Even in this age where we boast off great scientific and technological advancement, it is an utter disgrace that we cannot prevent such epidemics. Media has a great role in creating social awareness to prevent such epidemic.

Abhinav. S.
New Delhi

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 10 पत्थर की बैंच

Kerala State Board New Syllabus Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 10 पत्थर की बैंच Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

Kerala Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 10 पत्थर की बैंच

प्रश्न 1.
कविता पढ़कर भरें –
जैसे-बच्चा रो रहा है, फिर भी बिस्कुट कुतरता है।
i. युवक थका हुआ है, फिर भी…….
उत्तर:
अपने कुचले सपनों को सहला रहा है।

ii. बूढ़े ने अपनी आँखों को हाथों से ढाँप लिया है, फिर भी….
उत्तर:
भर दोपहरी सो रहा है।

प्रश्न 2.
पत्थर की बैंच के बारे में कवि क्यों आशंकित है?
उत्तर:
उसे उखाड़ ले जाया सकता है अथवा तोड़ भी जा सकता है।

प्रश्न 3.
चित्र-वाचन
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 10 पत्थर की बैंच 1
उत्तर:
लड़के-लड़कियाँ अपने खेल-खूद, विश्राम आदि के लिए प्रयुक्त पार्क का विनाश देखकर चिंतित हैं। वे शायद यह सोचते होंगे कि ऐसा क्यों हो रहा है, यहाँ पर इसको रोकने के लिए कोई नहीं है आदि… आदि..। पार्क, समुद्र तट, प्रपात, पहाड़ आदि ऐसी सार्वजनिक स्थल हैं, जो आज घटते जा रहे हैं। सार्वजनिक स्थानों के नष्ट होने से मानसिक उल्लास की सुविधा और अवसर कम हो जाते हैं। इससे मनुष्य संघर्ष में पड़ जाता है।

हम इनको यह सांत्वना दें कि ऐसे आगे न होने देंगे। संबंधित अधिकारियों के पास शिकायत देकर इस जगह को संरक्षित रखेंगे। उनके खेल-खूद और मानसिक उल्लास केलिए उचित स्थान ढूँढ देंगे। पोस्टर, पत्र आदि द्वारा जनजागरण और जनमत जगायेंगे।

प्रश्न 4.
‘समाज-निर्माण में सार्वजनिक जगहों का योगदान’ पर लेख लिखें।
उत्तर:
सार्वजनिक जगहों का महत्व
सार्वजनिक जगह सामाजिकता का संगम-स्थान है। पार्क, समुद्र-तट, प्रपात की जगह, पहाड़ आदि इस प्रकार की हैं। हमें उसे संभालना चाहिए। सरकार की ओर से इन सार्वजनिक स्थानों को संभालने के लिए सदा ध्यान होना चाहिए। यदि दूसरों के सुख-दुख पर हमदर्दी है तो, इनका संरक्षण ज़रूर होगा। सार्वजनिक स्थानों का विनाश होते समय मनुष्य का पराजय होता है, स्वार्थ की विजय होती है। सार्वजनिक जगहों का संरक्षण करना आज अत्यंत प्रासंगिक है। यह इसलिए कि सार्वजनिक जगह आज घटती जा रही है।

प्रश्न 5.
कवितांश की आस्वादन टिप्पणी लिखिए।?
उत्तर:
यह कवितांश गद्य कविता ‘पत्थर की बैंच’ से प्रस्तुत है। ‘पत्थर की बैंच’ समकालीन कविता है। इस कविता के कवि हैं सुप्रसिद्ध समकालीन कवि चद्रकांत देवताले।

कवि देखते हैं कि पार्क में वर्षों पुरानी एक पत्थर की बैंच पड़ी है। कवि उस बैंच के चार दृश्य हमारे सामने प्रस्तुत करते हैं। एक दृश्य में एक रोनेवाला बच्चा पत्थर की बैंच पर बैठ कर रोता है। लेकिन वह विस्कुट कुतरते हुए चुप हो जाता है। दूसरे दृश्य में एक थका हुआ युवक अपने कुचले हुए सपनों को सहलाकर बैंच पर बैठा है। तीसरे दृश्य में एक रिटायर्ड बुढ़ा भरी दोपहरी में हाथों से आँखें ढाँपकर सो रहा है। चौथा दृश्य एक प्रेम-जोड़ा का है जो बैंच पर बैठकर जिंदगी के सपने बुन रहे हैं।

कवितांश प्रतीकात्मक है। पत्थर की बैंच सार्वजनिक स्थल का प्रतीक है। उसपर बैठे चार प्रकार के लोग साधारण आमजनता का प्रतीक है। पत्थर की बैंच जैसे सार्वजनिक स्थलों के संरक्षण करने की आवश्यकता की सूचना कवितांश में निहित है। सार्वजनिक स्थलों का संरक्षण करना आवश्यक है, क्योंकि ऐसे स्थल साधारण लोगों के अनियंत्रित संवेदनाओं से भरी हुई है।

कवितांश गद्यकविता की शैली में है। भाषा सरल और प्रवाहमय है। कवितांश द्वारा कवि के आशय हममें लाने में कवि सफल हुए हैं।

Plus One Hindi पत्थर की बैंच Important Questions and Answers

निम्नलिखित कवितांश पढ़कर प्रश्नों का उत्तर लिखें।

पत्थर की बैंच
जिसपर रोता हुआ बच्चा
बिस्कुट कुतरते चुप हो रहा है
जिसपर एक थका युवक
अपने कुचले हुए सपनों को सहला रहा है
जिसपर हाथों से आँखें ढाँप
एक रिटायर्ड बूढ़ा भर दोपहरी सो रहा है
जिसपर वे दोनों
जिंदगी के सपने बुन रहे हैं।

प्रश्न 1.
यह कवितांश किस कविता का है?
उत्तर:
पत्थर की बैंच ।

प्रश्न 2.
पत्थर की बैंच पर कौन-कौन बैठे हैं?
उत्तर:
बच्चा, चुवक, बूढ़ा, प्रेमी-प्रेमिका आदि बैठे हैं।

प्रश्न 3.
बच्चा क्या कर रहा है?
उत्तर:
रोता हुआ बच्चा बिस्कुट कुतरते चुप हो रहा है।

प्रश्न 4.
युवक क्या कर रहा है?
उत्तर:
अपने कुचले हुए सपनों को सहला रहा है।

प्रश्न 5.
रिटायर्ड बूढ़ा क्या कर रहा है?
उत्तर:
हाथों से आँखें ढाँप भर दोपहरी सो रहा है।

प्रश्न 6.
‘वे दोनों’ कौन-कौन हैं?
उत्तर:
वे दोनों प्रेमी-प्रेमिका हैं।

प्रश्न 7.
‘वे दोनों’ क्या कर रहे हैं?
उत्तर:
अशा जिंदगी के सपने बुन रहे हैं।

प्रश्न 8.
सबों ने पत्थर की बैंच का सहारा लिया। क्यों?
उत्तर:
पत्थर की बैंच किसी की निजी सामग्री नहीं है। बैंच पार्क में उपस्थित है। कोई उस पर जाकर बैठ सकता है। बच्चा, युवक और बूढा तीनों अपने अपने विकट समय में है। विश्राम करने के लिए तीनों पार्क की बैंच का आश्रय लेते हैं।

प्रश्न 9.
पत्थर का बैंच किसका प्रतीक है?
उत्तर:
घटती सार्वजनिक जगह का प्रतीक है।

निम्नलिखित कवितांश पढ़कर प्रश्नों का उत्तर लिखें।

पत्थर की बैंच
जिसपर अंकित हैं आँसू, थकान
विश्राम और फ्रें की स्मृतियाँ
इस पत्थर की बैंच के लिए भी
शुरु हो सकता है किसी दिन
हत्याओं का सिलसिला
इस उखाड़ कर ले जाया
अथवा तोड़ा भी जा सकता है
पता नहीं सबसे पहले कौन आसीन हुआ होगा
इस पत्थर की बैंच पर!

प्रश्न 1.
इस पंक्तियों के कवि कौन हैं?
उत्तर:
चंद्रकांत देवताले।

प्रश्न 2.
पत्थर की बैंच के लिए क्या शुरु हो सकता हैं?
उत्तर:
हत्याओं का सिलसिला।

प्रश्न 3.
पत्थर की बैंच पर क्या-क्या अंकित हैं?
उत्तर:
कवि ने देखा, पत्थर की बैंच के इतिहास में आँसू, थकान, विश्राम, प्रेम जैसे अनेक मानुषिक विकार अंकित हैं।

प्रश्न 4.
कवि को किस बात का पता नहीं है?
उत्तर:
पता नही कि सबसे पहले कौन आसीन हुआ होगा उस पत्थर की बैंच पर।

प्रश्न 5.
कवितांश की आस्वादन टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
यह कवितांश गद्य कविता ‘पत्थर की बैंच’ से प्रस्तुत है। ‘पत्थर की बैंच’ समकालीन कविता है। इस कविता के कवि हैं सुप्रसिद्ध समकालीन कवि चद्रकांत देवताले।

कवि ने देखा कि पत्थर की बैंच के इतिहास में आँसू, थकान, विश्राम, प्रेम जैसे अनेक मानुषिक विकार अंकित हैं। लेकिन यह सब जाननेवाला कवि आशंकित हो जाता है। यह इसलिए है कि किसी दिन इस पत्थर की बैंच के लिए हत्याओं का सिलसिला शुरु हो सकता है। उसे उखाड़ कर ले जाया सकता है। अथवा तोड़ भी जा सकता है। कवि को यह नहीं मालूम है कि सबसे पहले इस पत्थर की बैंच पर कौन आसीन हुआ होगा? अर्थात कवि डरता है कि इस पत्थर की बैंच के बारे में अधिकार स्थापित करने केलिए कब लड़ाई शुरु हो जायेगी।

कवितांश प्रतीकात्मक है। पत्थर की बैंच सार्वजनिक स्थल का प्रतीक है। उसपर बैठे चार प्रकार के लोग साधारण आमजनता का प्रतीक है। पत्थर की बैंच जैसे सार्वजनिक स्थलों के संरक्षण करने की आवश्यकता की सूचना कवितांश में निहित है। सार्वजनिक स्थलों का संरक्षण करना आवश्यक है, क्योंकि ऐसे स्थल साधारण लोगों के अनियंत्रित संवेदनाओं से भरी हुई है। जाति, धर्म, राजनीति, स्वार्थता आदि के नाम पर और उनकी सस्ती प्रतिस्पर्धा के लिए सार्वजनिक स्थलों का शिकार बनकर उन्हें सत्यनाश न करना चाहिए।

कवितांश गद्यकविता की शैली में है। भाषा सरल और प्रवाहमय है। कवितांश द्वारा कवि के आशय हममें लाने में कवि सफल हुए हैं।

सूचना : निम्नलिखित कवितांश पढ़ें और 1 से 4 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखिए।

इस पत्थर की बेंच के लिए भी
शुरू हो सकता है किसी दिन
हत्याओं का सिलसिला
इसे उखाड़कर ले जाया
अथवा तोड़ा भी जा सकता है
पता नहीं सबसे पहले कौन आसीन हुआ होगा
इस पत्थर की बेंच पर।

प्रश्न 1.
यह कवितांश के कवि कौन है?
उत्तर:
चन्द्रकांत देवताले

प्रश्न 2.
कविता के ‘आसीन’ शब्द का समानार्थी शब्द कोष्ठक से चुनकर लिखिए।
(खड़ा, बैठा, सुना)
उत्तर:
बैठा

प्रश्न 3.
कवि को किसका संदेह है?
उत्तर:
कवि का संदेह यह है कि इस पत्थर की बेंच पर सबसे पहले कौन आसीन हुआ होगा।

प्रश्न 4.
कवितांश की आस्वादन टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
चंद्रकांत देवताले हिंदी का विख्यात कवि है। समकालीन कविता के क्षेत्र में वे अत्यंत ख्याति प्राप्त है। ‘पत्थर की बेंच’ समकालीन सामाजिक समस्याओं को सूचित करनेवाली एक कविता है।

सार्वजनिक जगहों के नाश पर कवि आशंकित है। कवि की आशंका यह है कि पत्थर की बेंच के लिए भी किसी दिन हत्याओं का सिलसिला शुरू हो सकता है। अपनी स्वार्थता के लिए कोई भी, किसी भी समय ऐसे सार्वजनिक जगहों का सर्वनाश कर सकता है। कवि का डर यह है कि इन जगहों के नाश होने पर साधारण जनता अपनी संवेदनाओं को कैसे शांत कर सकेगा।

‘पत्थर की बेंच’ एक समकालीन कविता है जिसमें सार्वजनिक जगहों के नाश पर आशंकित कवि को हम देख सकते हैं।

पत्थर की बैंच Summary in Malayalam

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 10 पत्थर की बैंच 2
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 10 पत्थर की बैंच 3
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 10 पत्थर की बैंच 4
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 10 पत्थर की बैंच 5
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 10 पत्थर की बैंच 6
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 10 पत्थर की बैंच 7

पत्थर की बैंच शब्दार्थ

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 3 Chapter 10 पत्थर की बैंच 8

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 8 चाँद और कवि

Kerala State Board New Syllabus Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 8 चाँद और कवि Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

Kerala Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 8 चाँद और कवि

प्रश्न 1.
‘आदमी भी क्या अनोखा जीव होता है’, चाँद क्यों ऐसा कह रहा है?
उत्तर:
आदमी स्वयं उलझनें बनाकर अपने आप को उसमें फँस देता है। फिर, बैचेन होकर वह न जगता है, न सोता है।

प्रश्न 2.
आदमी का स्वप्न जल का बुलबुला है- अपना मत प्रकट करे।
उत्तर:
कवि रामधारी सिंह दिनकर के अभिप्राय में आदमी का स्वप्न जल का बुलबुला है। वह आज बनता है और कल फूट जाता है। कभी कभी यह बात ठीक है। लेकिन सदा ऐसा नहीं होता। स्वप्न को आदमी यथार्थ में ले आकर महान कार्य करता है। हमें व्यर्थ में स्वप्न न देखना चाहिए। यथार्थ में फलनेवाले स्वप्न देखना चाहिए। अब्दुल कलाम जी ने कहा है: ‘महान सपने देखनेवालों के महान सपने हमेशा पूरे होते हैं।

प्रश्न 3.
कवि के बदले रागिनी क्यों बोल उठी?
उत्तर:
स्पप्न को ठीक रूप से समझने में असमर्थ होकर कवि मौन रहा। इसलिए रोगिनी बोल उठी।

प्रश्न 4.
मनु-पुत्र की कल्पना कैसी है?
उत्तर:
धारवाली।

प्रश्न 5.
स्वर्ग का सम्राट कौन हो सकता है?
उत्तर:
व्यक्ति, समाज, राष्ट्र एवं विश्व की सकारात्मक प्रगति के विरुद्ध खड़ी होनेवाली समस्त नकारात्मक शक्तियों को स्वर्ग के सम्राट के रूप में प्रतीकात्मक रीति से कविता में प्रस्तुत किया गया है।

चाँद और कवि अनुवर्ती कार्य

प्रश्न 6.
समान भाववाली पंक्ति चुनकर लिखें।
a. स्वप्नों को आग में गलाकर लोहा बनाता है।
b. मनु पुत्र के कल्पना भरे सपने तीखे होते हैं।
c. चाँद इतना पुराना है कि उसने मनु का जन्म और मरण देखा है।
d. आदमी स्वयं उलझनें बनाकर चैन खो बैठता है।
उत्तर:
a. आग में उसको गला लोहा बनाती हूँ।
b. जिसकी कल्पना की जीभ में भी धार होती है।
c. मैं कितना पूराना हूँ?, मैं चुका हूँ देख मनु को जनमते-मरते।
d. उलझनें अपनी बनाकर आप ही फँसता है और फिर वैचैन हो जगता न सोता है।

प्रश्न 7.
विश्लेषणात्मक टिप्पणी लिखें।
मनु नहीं मनु-पुत्र है यह सामने, जिसकी,
कल्पना की जीभ में भी धार होती है,
बाण ही होते विचारों के नहीं केवल,
स्वप्न के भी हाथ में तलवार होती है।

प्रश्न 8.
विश्लेषणात्मक टिप्पणी की परख, मेरी ओर से

  • पंक्तियों का विश्लेषण किया है।
  • अपना दृष्टिकोण व्यक्त किया है।
  • पंक्तियों के विचार से अपने विचार की तुलना की है।

प्रश्न 9.
कविता की आस्वादन-टिप्पणी लिखें।
उत्तर:
प्रस्तुत कवितांश ‘चाँद और कवि’ कविता से अवतरित है। इसके कवि हैं सुप्रसिद्ध देशभक्त कवि रामधारी सिंह दिनकर। ‘चाँद और कवि’ दिनकरजी का प्रगतिशील कविता है। कवि से चाँद कहता है कि मनुष्य विचित्र जीव है। यह इसलिए है कि आदमी जान-बूझकर उलझनें उत्पन्न करता है, उसीमें फंस रहता है, फिर बेचैन होकर उसको नींद तक दुस्सह होता है ।चाँद सृष्टि के पुराने पदार्थ होने पर अहं करता है। चाँद कहता है कि उसने आदि मानव मनु के जन्म और मरण देखा है। चाँदनी में पागल की तरह बैठ स्वप्नों को यथार्थ में परिवर्तन करने का परिश्रम करनेवाले कवि को चाँद तुच्छ मानता है। हमारे समाज में कई प्रकार की रूढ़ियाँ हैं। वे सदा परिवर्तन के विरुद्ध खड़ी रहती हैं। कवितांश में चाँद रूढ़ियों का प्रतिनिधि है। परिवर्तन एक क्षण में नहीं होता। उसके पीछे दशकों की कल्पनाएँ और स्वप्न समाहित हैं। परिवर्तन केलिए कल्पना करनेवालों और स्वप्न देखनेवालों का प्रतिनिधि हैं कवि। कवितांश की भाषा सरल है। पंक्तियाँ प्रतीकात्मक और बिम्ब-प्रधान हैं। कवितांश का भाव हममें लाने में कवि सफल हो गए हैं। कवि ने यहाँ मानव की क्रियात्मक प्रतिभाशक्ति को महत्व दिया है।

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 8 चाँद और कवि 1

प्रश्न 10.
निम्नांकित कथन पर अपना विचार प्रस्तुत करें
“महान सपने देखनेवालों के महान सपने हमेशा पूरे होते हैं।”
– डॉ. ए पी जे अब्दुल कलाम
उत्तर:
सपनों का महत्व
जीवन को आगे बढ़ाने के लिए स्वप्ने होना आवश्यक है। दिवास्वप्नों से कोई उपयोग नहीं। ये जल के बुलबुले समान है। यथार्थ से इनको कोई संबंध नहीं है। हमें सच्छे स्वप्न देखना चाहिए। महान व्यक्ति ही महान सपने देखते हैं। महान स्वप्नों से ही महान कार्य निकलते हैं। महान लोग व्यर्थ स्वप्नों को कभी प्रधानता नहीं देते। महान लोग अपने स्वप्नों को यथार्थ में बदल देने के लिए उत्सुक रहते हैं। अब्दुल कलामजी ने ठी कहा है कि: ‘महान सपने देखनेवालों के महान सपने हमेशा पूरे होते हैं।

प्रश्न 11.
निम्नलिखित कवितांश पढ़ें और प्रश्नों के उत्तर लिखें।
रात यों कहने लगा मुझसे गगन का चाँद,
आदमी भी क्या अनोखा जीव होता है।
उलझनें अपनी बनाकर आप ही फँसता,
और फिर बैचैन हो जगता न सोता है।
जानता है तू कि मैं कितना पुराना हूँ?
मैं चुका हैं देख मनु को जनमते-मरते?
और लाखों बार तुझ-से पागलों को भी
चाँदनी पर बैठ स्वपनों पर सही करते।

i) यह कवितांश किस कविता से लिया गया है?
उत्तर:
रामधारी सिंह दिनकर की ‘चाँद और कवि’ से।

ii) यहाँ किन के बीच बातचीत हो रही है?
उत्तर:
चाँद और कवि के बीच।

iii) कविता के ‘अनोखा’ शब्द का समानार्थी शब्द लिखें?
उत्तर:
विचित्र।

iv) निम्नलिखित शब्दों के लिए कविता में प्रयुक्त शब्द छाँटकर लिखें? आसमान, विचित्र, मानव
उत्तर:
गगन, अनोखा, आदमी

प्रश्न 12.
निम्नलिखित कवितांश पढ़ें और प्रश्नों के उत्तर लिखें।
आदमी का स्वप्न? है वह बुलबुला जल का,
आज बनता और कल फिर फूट जाता है,
किंतु, तो भी धन्य; टहरा आदमी ही तो!
बुलबुलों से खेलता, कविता बनाता है।
मैं न बोला, किंतु, मेरी रागिनी बोली,
चाँद! फिर से देख, मुझको जानता है तू?
स्वप्न मेरे बुलबुले हैं? हे यही पानी?
आग को भी क्या नहीं पहचानता है तू!
मैं न वह जो स्वप्न पर केवल सही करते,
आग में उसको गला लोहा बनाती हूँ।
और उसपर नींव रखती हूँ नए घर की,
इस तरह, दीवार फ़ौलादी उठाती हूँ।

i) चाँद के अनुसार मनुष्य का स्वप्न किसके समान है?
उत्तर:
जल के बुलबुले के समान।

ii) बुलबुलों से खेलकर कविता बनाता, कौन?
उत्तर:
कवि।

iii) कवि केलिए कौन बोलने लगी?
उत्तर:
कवि की रागिनी। (कवि की काव्य चेतना, कविता)

iv) कवि आग में किसको गलाकर लोहा बनाता है?
उत्तर:
स्वप्न को।

v) कवितांश की आस्वादन टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
प्रस्तुत कवितांश ‘चाँद और कवि’ कविता से अवतरित है। इसके कवि हैं सुप्रसिद्ध देशभक्त कवि रामधारी सिंह दिनकर। ‘चाँद और कवि’ दिनकरजी का प्रगतिशील कविता है।

आदमी के स्वप्न की तुलना जल के बुलबुलों से चाँद करता है। बुलबुलों से खेलकर कवि कविता बनाता है। क्षण में टूट जानेवाले बुलबुलों को सच मानकर कविता करनेवाले कवि पर चाँद यहाँ व्यंग्य करता है।

चाँद का व्यंग्य -परिहास सुनकर कवि चुप रहा। पर, परिवर्तन की आग मन में छिपाई हुई कवि की काव्य चेतना आर्थात कविता चुप नहीं रह सकी। वह चाँद को ललकारने लगी। अपनी शक्ति की घोषणा करती हुई काव्य चेतना चाँद से सही पहचान करने को बताती है। काव्य चेतना की घोषणा थी कि वह केवल स्वप्न को सच माननेवाली नहीं है, परंतु स्वप्न को आग में गला-गलाकर लोहे में परिवर्तित करती है। फिर, उस मज़बूत नींव पर नए निर्माण की फौलादी दीवार खड़ा करती है।

कवितांश की भाषा सरल है। पंक्तियाँ प्रतीकात्मक और बिम्ब-प्रधान हैं। कवितांश का भाव स्पष्ट करने में कवि सफल हो गए हैं। कवि ने यहाँ मानव की क्रियात्मक प्रतिभाशक्ति को महत्व दिया है।

प्रश्न 13.
निम्नलिखित कवितांश पढ़ें और प्रश्नों के उत्तर लिखें।
मनु नहीं मनु-पुत्र है यह सामने, जिसकी,
कल्पना की जीभ में भी धार होती है,
बाण ही होते विचारों के नहीं केवल,
स्वप्न को भी हाथ में तलवार होती है
स्वर्ग के सम्राट को जाकर खबर कर दे
रोड़ ही आकाश चढ़ते जा रहे हैं ते
रोकिए, जैसे बने, उन स्वप्नवालों को
स्वर्ग की ही ओर बढ़ते आ रहे हैं ये।

i) कवितांश के ‘धार’ शब्द का समानार्थि शब्द लिखिए।
उत्तर:
तेज़।

ii) मनु-पुत्र की कल्पना कैसी होती है?
उत्तर:
मानव है मनु-पुत्र। उस में असीम शक्ति है। उसकी कल्पना धारवाली होती है। इसमें विचारों के बाण ही नहीं, हाथों में सपनों के तीक्ष्ण तलवार भी रहती है। आर्थात, मानव के सपने और विचार में असीम शक्ति होती है।

iii) कवितांश की आस्वादन टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
प्रस्तुत कवितांश ‘चाँद और कवि’ कविता से अवतरित है। इसके कवि हैं सुप्रसिद्ध देशभक्त कवि रामधारी सिंह दिनकर। ‘चाँद और कवि’ दिनकरजी का प्रगतिशील कविता है।

कवितांश की भाषा सरल है। पंक्तियाँ प्रतीकात्मक और बिम्ब-प्रधान हैं। कवितांश का भाव स्पष्ट करने में कवि सफल हो गए हैं। कवि ने यहाँ मानव की क्रियात्मक प्रतिभाशक्ति को महत्व दिया है।

कवितांश मनुपुत्र मानव की अपार शक्ति से चाँद को परिचित कराती है। मानव के मन, वचन और कर्म की अपार समन्वयशक्ति की घोषणा करके चाँद को ललकारती है कि मानव अपनी मननशक्ति के सहारे रूढ़ियों पर विजय प्राप्त करता आ रहा है। जिस को स्वप्नजीव कहकर परिहास करते हो, उसे रोकने की क्षमता किसी में नहीं है।

कवितांश की भाषा ओजस्वी है। पंक्तियाँ प्रतीकात्मक और बिम्ब-प्रधान हैं। व्यक्ति, समाज, राष्ट्र एवं विश्व की सकारात्मक प्रगति के विरुद्ध खड़ी होनेवाली समस्त नकारात्मक शक्तियों को स्वर्ग के सम्राट के रूप में प्रतीकात्मक रीति से कवितांश में प्रस्तुत किया गया है। कवितांश का भाव हममें लाने में कवि सफल हो गए हैं। कवि ने यहाँ मानव की क्रियात्मक प्रतिभाशक्ति को महत्व दिया है।

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 8 चाँद और कवि 17

प्रश्न 14.
उलझनों में फँसकर कौन बेचैन हो जाता है?
उत्तर:
आदमी।

प्रश्न 15.
कौन उलझनें बनाता है?
उत्तर:
प्रणा मानव।

प्रश्न 16.
आदमी किस में फँसकर बेचैन हो जाता है?
उत्तर:
उलझनों में

प्रश्न 17.
किसने मनु को जनमते -मरते देखा है?
उत्तर:
चाँद ने।

प्रश्न 18.
‘पागल कहकर चाँद किसका उपहास करता है?
उत्तर:
स्वपनों को यथार्थ में परिवर्तित करने का परिश्रम करनेवाले दिनकरजी जैसे कवि को।

प्रश्न 19.
बुलबुलों से खेलकर कविता बनाता, कौन?
उत्तर:
परिवर्तन के लिए परिश्रम करनेवाले दिनकरजी जैसे कवि।

प्रश्न 20.
स्वप्न जल का बुलबुला है या नहीं, क्यों?
उत्तर:
स्वप्न केवल जल का बुलबुला नहीं। यह इसलिए कि परिवर्तन का तूफान सपनों में समावेश हुआ है।
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 8 चाँद और कवि 16

प्रश्न 21.
चाँद का उपहास सुनकर कौन चुप रहा?
उत्तर:
कवि।

प्रश्न 22.
रागिनी ने चाँद से क्या-क्या कहा?
उत्तर:
अपनी शक्ति की घोषणा करती हुई चाँद से सही पहचान करने को रागिनी बताती है। रागिनी की घोषणा थी कि वह केवल स्वप्न को सच माननेवाली नहीं है, परंतु स्वप्न को अपने मनन की आग में गला-गलाकर लोहे में परिवर्तित करती है। फिर, उस मज़बूत नींव पर नए निर्माण की फौलादी दीवार खड़ी करती है।

प्रश्न 23.
स्वप्नो को गलाकर रागिनी (कविता) क्या बना देती है?
उत्तर:
लोहा बनाती है।

प्रश्न 24.
लोहे की नींव पर किसकी स्थापना होती है?
उत्तर:
नए घर की फौलादी दीवार की।

प्रश्न 25.
नए घर की दीवार कैसे होती है?
उत्तर:
फौलादी।

प्रश्न 26.
यहाँ दीवारों को फौलादी क्यों कहा गया है?
उत्तर:
मन में उठनेवाले विचार चाहे शुरु में अस्पष्ट दिखते हो, परंतु मन रूपी धौंकिनी में गल-गलाकर वे सुदृढ़ बनते जाते हैं। वे विचार समाज को सुदृढ़ बनाने में काम आते हैं।

प्रश्न 27.
मनु के स्थान पर आज कौन है?
उत्तर:
मानव।

प्रश्न 28.
मनु-पुत्र के हाथ में बाण और तलवार के रूप में क्या-क्या है?
उत्तर:
विचार और स्वप्न।

प्रश्न 29.
मनु-पुत्र की कल्पना कैसी है?

प्रश्न 30.
जिह्वा, तीर, खड़ग- आदि शब्दों के समानार्थी पद कविता से छाँटकर लिखें।
उत्तर:
जिह्वा = जीभ, तीर = बाण, खड़ग = तलवार

प्रश्न 31.
स्वर्ग के सम्राट को क्या खबर पहूँचाना है?
उत्तर:
जिस को स्वप्नजीव कहकर उपहास करता है, उसे रोकने की क्षमता किसी में नहीं है।

प्रश्न 32.
स्वर्ग के सम्राट से क्या ललकार किया जाता है?
उत्तर:
मानव अपनी मननशक्ति के सहारे रूकियों पर विजय प्राप्त करता आ रहा है।

प्रश्न 33
स्वर्ग का सम्राट कौन हो सकता है?

Plus One Hindi चाँद और कवि Important Questions and Answers

सूचनाः

निम्नलिखित कवितांश पढ़िये और 1 से 4 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
आदमी का स्वप्न? वह बुलबुला जल का,
आज बनता और कल फिर फूट जाता है;
किंतु, तो भी धन्य; ठहरा आदमी ही तो!
बुलबुलों से खेलता, कविता बनाता है।
मैं न बोला, किंतु मेरी रोगिनी बोली,
चाँद! फिर से देख, मुझको जानता है तूऊ
स्वप्न मेरे बुलबुले है? है यही पानी?
आग को भी क्या नहीं पहचानता है तू!

प्रश्न 1.
यह कवितांश किस कविता से लिया गया है?
उत्तर:
चाँद और कवि

प्रश्न 2
कविता के ‘रागिनी’ शब्द का समानार्थी शब्द कोष्ठक से चुनकर लिखिए। (उपन्यास, नाटक, कविता, कन्या)
उत्तर:
कविता

प्रश्न 3.
जल के बुलबुले की विशेषता क्या है?
उत्तर:
जल के बुलबुले आज बनते हैं और कल फिर टूट जाते हैं।

प्रश्न 4.
कवितांश की आस्वादन-टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
प्रस्तुत पंक्तियाँ श्री रामदारी सिंह दिनकर के प्रसिद्ध कविता ‘चाँद और कवि’ से है। ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित कवि हे दिनकर। उर्वशी, रेणुका, कुरुक्षेत्र आदि आपके प्रसिद्ध रचनायें है। चाँद कवि को मानव के पागलपन के बारे में कहते हैं। कवि जवाब के रूप में कहते हैं कि आदमी का स्वप्न जल का बुलबुला जैसा है – आज बनता हैं कल टूट जाते हैं। फिर भी वह धन्य है क्योंकि आदमी ऐसे स्वप्नों से खेलकर कविता बनाता है।

अर्थात् नये नये सृजन करते है। कवि के अंतर की रागिनी बोलती है कि चाँद तुम जो पानी और बुलबुले कहकर पुकारनेवाला मानव का स्वप्न असल में आग हैं। तुम इसे ठीक तरह से पहचानते नहीं। .. यहाँ कवि सरल भाषा में समाज को आह्वान कर रहे हैं कि हम मानव किसी भी बात में पीछे नहीं होना चाहिए। हम जिसे स्वप्न के रूप में देखते हैं कह कर भी डालते हैं। छात्रों को जागरित होकर प्रयत्न करने का प्रोत्साहन देनेवाले कविता है यह।

सूचनाः

निम्नलिखित कवितांश पढ़ें और प्रश्नों के उत्तर लिखें।
मनु नहीं मनु-पुत्र है यह सामने, जिसकी,
कल्पना की जीभ में भी धार होती है,
बाण ही होते विचारों के नहीं केवल,
स्वप्न को भी हाथ में तलवार होती है
स्वर्ग के सम्राट को जाकर खबर कर दे
रोड़ ही आकाश चढ़ते जा रहे हैं ते
रोकिए, जैसे बने, इन स्वप्नवालों को
स्वर्ग की ही ओर बढ़ते आ रहे हैं ये।

1. यह कवितांश किस कविता से लिया गया है?
2. कवितांश के ‘धार’ शब्द का समानार्थि शब्द कोष्ठक से चुनकर लिखिए। (तलवार, तेज, बाण, रोज़)
3. मनु-पुत्र की कल्पना कैसी होती है?
4. कवितांश की आस्वादन टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
i) कवितांश के ‘धार’ शब्द का समानार्थि शब्द लिखिए।
उत्तर:
तेज़।

ii) मनु-पुत्र की कल्पना कैसी होती है?
उत्तर:
मानव है मनु-पुत्र। उस में असीम शक्ति है। उसकी कल्पना धारवाली होती है। इसमें विचारों के बाण ही नहीं, हाथों में सपनों के तीक्ष्ण तलवार भी रहती है। आर्थात, मानव के सपने और विचार में असीम शक्ति होती है।

iii) कवितांश की आस्वादन टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
प्रस्तुत कवितांश ‘चाँद और कवि’ कविता से अवतरित है। इसके कवि हैं सुप्रसिद्ध देशभक्त कवि रामधारी सिंह दिनकर। ‘चाँद और कवि’ दिनकरजी का प्रगतिशील कविता है।

कवितांश की भाषा सरल है। पंक्तियाँ प्रतीकात्मक और बिम्ब-प्रधान हैं। कवितांश का भाव स्पष्ट करने में कवि सफल हो गए हैं। कवि ने यहाँ मानव की क्रियात्मक प्रतिभाशक्ति को महत्व दिया है।

कवितांश मनुपुत्र मानव की अपार शक्ति से चाँद को परिचित कराती है। मानव के मन, वचन और कर्म की अपार समन्वयशक्ति की घोषणा करके चाँद को ललकारती है कि मानव अपनी मननशक्ति के सहारे रूढ़ियों पर विजय प्राप्त करता आ रहा है। जिस को स्वप्नजीव कहकर परिहास करते हो, उसे रोकने की क्षमता किसी में नहीं है।

कवितांश की भाषा ओजस्वी है। पंक्तियाँ प्रतीकात्मक और बिम्ब-प्रधान हैं। व्यक्ति, समाज, राष्ट्र एवं विश्व की सकारात्मक प्रगति के विरुद्ध खड़ी होनेवाली समस्त नकारात्मक शक्तियों को स्वर्ग के सम्राट के रूप में प्रतीकात्मक रीति से कवितांश में प्रस्तुत किया गया है। कवितांश का भाव हममें लाने में कवि सफल हो गए हैं। कवि ने यहाँ मानव की क्रियात्मक प्रतिभाशक्ति को महत्व दिया है।

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 8 चाँद और कवि 17

चाँद और कवि Summary in Malayalam

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 8 चाँद और कवि 2

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 8 चाँद और कवि 3

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 8 चाँद और कवि 4

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 8 चाँद और कवि 5

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 8 चाँद और कवि 6

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 8 चाँद और कवि 7
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 8 चाँद और कवि 8

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 8 चाँद और कवि 9

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 8 चाँद और कवि 10
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 8 चाँद और कवि 11
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 8 चाँद और कवि 12

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 8 चाँद और कवि 13

चाँद और कवि Glossary

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 8 चाँद और कवि 14
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 8 चाँद और कवि 15

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 7 आपकी आवाज़

Kerala State Board New Syllabus Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 7 आपकी आवाज़ Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

Kerala Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 7 आपकी आवाज़

प्रश्न 1.
बीमारियाँ कैसे जन्म लेती हैं?
उत्तर:
बारिश के दिनों में बड़ी संख्या में मच्छर पैदा होना एक सामान्य बात है, जिसके परिणामस्वरूप मलेरिया व डेंगु जैसी बीमारियाँ जन्म लेती हैं।

प्रश्न 2.
बीमारियाँ कैसे फैलती हैं?
उत्तर:
स्थाई निवारण के लिए गंभीर प्रयास नहीं किये जा रहे हैं। इसलिए बीमारियाँ फैलती हैं।

आपकी आवाज़ अनुवर्ती कार्य

प्रश्न 1.
चर्चा करें – संपादकीय लेखन कैसे?

चर्चा बिंदु :

  • विषय का चुनाव
  • विषय के ज़रूरी तथ्य
  • समस्या-प्रस्तुति का ढाँचा
  • समर्थन का तरीका
  • संपादकीय भाषा
  • शीर्षक

(सहायक संकेत-परिशिष्ट, पृष्ठ संख्या-110-111, संपादकीय)

प्रश्न 2.
‘बढ़ती बीमारियाँ’ में
a. किस विषय की चर्चा हुई है?
b. विषय-प्रस्तुति के लिए कौन-कौन से तथ्य जुटाए हैं?
c. समस्या का समर्थन करने के लिए क्या-क्या तर्क उठाए हैं?
d. समस्या प्रस्तुत करने के लिए कौन-सी भाषा-शैली का प्रयोग किया है?
e. संपादकीय का शीर्षक कैसे चुना है?
उत्तर:
a. राजधानी दिल्ली में बढ़ती बीमारियों की चर्चा हुई है।
b. विषय संबंधी आवश्यक जानकारी, सांख्यिकीय स्पष्टीकरण ज़रूरी प्रस्ताव आदि तथ्य जुटाए हैं।
c. स्थिति की गंभीरता, सरकार का उत्तरदायित्व आदि तर्क उठाये है।
d. सरल शब्दों में आकर्षक एवं प्रभावशाली भाषा शैली।
e. समकालीन समस्या संबन्धी।

यह रपट पढ़ें

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 7 आपकी आवाज़ 1

प्रश्न 3.
रपट के लिए एक नया शीर्षक लिखें।
शीर्षक की परख, मेरी ओर से

  • पढ़ने को प्रेरित करता है।
  • केंद्र आशय को उद्दीप्त करता है।
  • भ्रमात्मकता से रहित है।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित बिंदुओं की सहायता से ‘बढ़ती सड़क दुर्घटनाएँ’ पर संपादकीय तैयार करें।

  • कच्ची-टूटी सड़कें
  • गाड़ियों की बढ़ती संख्या
  • ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन
  • नशीली चीज़ों का उपयोग
  • नियमों का सज़ पालन
  • जागरण-कार्यक्रम

उत्तर:

दैनिक सूरज
सोमकार 19 मार्च 2016
बढ़ती सड़क दुर्घटनाएँ

केरल में सड़क दुर्घटनाएँ बढ़ती जाती हैं। कल कोल्लम जिले में एक मिनी बस के पलटने से 2 लोगों की मृत्यु हो गयी और 12 लोग घायल हो गये। सड़क कच्ची-टूटी अवस्था में है। गाड़ियों की संख्या रोज़ बढ़ती जाती है। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन होता जाता है। सरकार की ओर से आवश्यक ध्यान इन बातों पर नहीं है। अनेक ड्राईवर लोग नशीली चीज़ों के उपयोग करके गाड़ियाँ चलाते हैं। इनको पकड़ने के लिए सरकार आवश्यक कदम नहीं उठाता है। नियमों का सख्त पालन पर सरकार की ओर से ज़रूरी ध्यान होना चाहिए। जनजागरण-कार्यक्रम भी होना चाहिए। बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह सहयोग देना चाहिए।

प्रश्न 4.
संपादकीय की परख, मेरी ओर से

  • तथ्यों की सटीक प्रस्तुति हुई है।
  • समस्या के विभिन्न कारण प्रस्तुत किए हैं।
  • समस्या-समाधान के सुझाव प्रस्तुत किए हैं।
  • अनावश्यक विस्तार नहीं है।
  • आकर्षक शीर्षक है।

उत्तर:
संपादकीय समाचार पत्र या अन्य पत्रिका का अभिमत प्रकट करनेवाला एक लेख है। जनहित और जनमत संपादकीय का विषय होना चाहिए। सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक या अन्य समस्याओं पर अपना मंतव्य प्रकट करना संपादकीय के विषय का जरूरी तथ्य होता है। आवश्यक जानकारी और तथ्यों का समाहर करना संपादकीय लिखने के पहले ज़रूरी है। मर्म छूटे बिना विषय को संक्षिप्त रूप में प्रकट करना चाहिए। विषयानुकूल तथ्यों का समर्थन और विरोधी विचारों का खंडन संपादकीय में होना चाहिए। भाषा प्रवाहमय और सरल शब्दों में होनी चारिए। विषयोचित आकर्षक शीर्षक होना चाहिए। संपादकीय का अंत अत्यंत प्रभावशाली होना चाहिए। संपादकीय रोचक एवं पठनीय होना भी है।

प्रश्न 5.
संपादकीय तैयार करें- जनसंख्या विस्फोडन पर दैनिक समाचार में छापने योग्य संपादकीय तैयार करें। जल की कमी और जल का दुरुपयोग जीव-जंतुओं के लिए खतरा उत्पन्न करता है।

  • जल जीवन का आधार
  • जल प्रदूषण और दुरुपयोग
  • जल की सुलभता में कमी
  • जल शोषण के प्रकार
  • जल स्रोतों का संरक्षण

उत्तर:

दैनिक सूरज –
सोमवार 19 मार्च 2016
बढ़ती जल-समस्या

केरल में अनेक नदियाँ हैं। वर्षा का भी कमी नहीं है। लेकिन शुद्ध जल का अभाव केरल की सबसे बड़ी समश्या हो रही है। जीवन का आधार है जल। यह जानकर भी केरल सरकार की ओर से पानी के संरक्षण केलिए उचित ध्यान नहीं होता। केरल की नदियों के और जलाशयों का जल निरंतर प्रदूषण है खतरे में है। जल का दुरुपयोग भी खूब होता रहता है। इसके प्रति सरकार और संबंधित अधिकारी लोग ध्यान क्यों नहीं देते? जल की सुलभता में कमी से केरल जनता की कठिनाईयाँ निरंतर बढ़ती रहती है। विभिन्न प्रकार से जल का शोषण हो रहा है। अक्सर अधिकारी लोग इसके लिए साथ देते रहते हैं। जल स्रोतों का संरक्षण करना अनिवार्य है। सरकार के जल-विभाग की ओर से तुरंत इस दिशा में उचित कर्मपरिपाटियों की आयोजना होनी चाहिए। नहीं तो, सरकार सतर्क रहिए! सरकार से पेयजल और शुद्ध जल मिलने केलिए हड़ताल करने के लिए जनता मज़बूर हो जायेगी।

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 7 आपकी आवाज़ 2

प्रश्न 6.
‘बच्चों के प्रति अत्याचार रोकें’ – इस विषय पर संपादकीय तैयार करें।
उत्तर:

दैनिक सूरज
सोमवार 19 मार्च 2016
‘बच्चों के प्रति अत्याचार रोकें’

बच्चे ओस की बूंदों की तरह एक दम शुद्ध और पवित्र होते हैं। वे कल के नागरिक हैं। लेकिन दुःख की बात है कि बच्चों के विरुद्ध अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं। अधिकांश बच्छे सुरक्षाहीन वातावरण में रहते हैं। बच्चों के विरुद्ध बढ़नेवाले अत्याचारों को नियंत्रण में रखने के लिए कोई रास्ता है? मार्ग तो है, लेकिन मन नहीं है। निषकलंक बच्चों को अत्याचार के कारण अनावश्यक रूप से कष्ट सहने के अवसर होना बिलकुल पैशाचिक है, राक्षसीय है। अत्याचार बढ़ने का मुख्य कारण मानविकता का अभाव ही है। बड़ों के मन में मानविकुजा के भावों को जागरूक रखना चाहिए। सरकार की ओर से सख्त, नियमों के पालन के लिए सतर्कता होनी चाहिए। अपराधियों की मनोवृत्ति में बदलाव लाने के लिए सरकारी और अन्य संस्थाएँ सदा परिश्रम करते रहना चाहिए। अपराधियों को कठिन दंड दिलाने में विलंब न होना चाहिए। बच्चे देवदूत जैसे हैं। बच्चों से ही राष्ट्र की प्रगति हो सकती है। बच्चों के विरुद्ध कोई अत्याचार न होना चाहिए। हमारे बच्चे अत्याचारों से सदा सुरक्षित रहें।

प्रश्न 7.
सड़कों की बुरी हालत पर एक संपादकीय तैयार करें।
उत्तर:

दैनिक सूरज
सोमवार 19 मार्च 2016
हमारी सडकों की हालत

हमारी सडकें आजकल सुगम यात्रा के पथ नहीं हैं। सभी जगह गड्ढे हैं। उन गड्ढों से बचाकर गाडी चलाना आसान नहीं। बारिश के समय सड़कों की हालत और बुरी हो जाती है। बारिश के मौसम में सड़कें लोगों को इस भ्रम में डालती है कि वे सडक है या तालाब? इस स्थिति के बारे में हमेशा सूचित करते हुए भी सड़क परिवहन विभाग का ध्यान इस बात पर नहीं आया है। वह विभाग ज़रूरत के अवसर पर कुछ न कुछ करता है पर यह पर्याप्त नहीं है। हमारी सड़कों की रक्षा और लोगों की सुरक्षा के लिए सरकार को इस विषय पर ज़रूर ध्यान रखना चाहिए।

प्रश्न 8.
निम्नलिखित बिंदुओं की सहायता से वृक्षारोपण: हमारा दायित्व पर एक संपादकीय तैयार करें।

  • पेड़ों की बरबादी – मौसम पर बुरा असर
  • जीव -जंतुओं पर असर
  • प्राकृतिक -संतुलन पर बुरा असर
  • मानव की स्वार्थता
  • वृक्षों की रक्षा हमारा दायित्व

उत्तर:

दैनिक सूरज
सोमवार 19 मार्च 2015
वृक्षारोपण: हमारा दायिच्च

पेड़-पौधों के बिना हमें जीना असंभव है। पुराने ज़माने से मनुष्य और पेड़ के बीच अटूट संबंध रहा है। शुद्धवायु मिलने के लिए, भोजन मिलने के लिए, छाया मिलने के लिए ऐसे अनेक लाभ के लिए पेड़ लगाकर संरक्षण करना जरूरी है। लेकिन आज पेड़ों की बड़ी बरबादी हो रही है। सरकार की ओर से इसको रोकने के लिए उचित कर्मपरिपाटी न होती। अक्सर यह भी होता है कि भ्रष्टाचारवाले सरकारी अधिकारी लोग पेड़ों की बरबादी के लिए साथ देते भी है। इसकी ओर सरकार जागरूक रहना चाहिए।

पेड़ -नशीकरण से मौसम पर बुरा असर होता है। जीवजंतुओं का उत्तरजीवन में बाधा होती है। प्राकृतिकसंतुलन पर भी बुरा असर होता है। मानव की स्वार्थता, संबंधित अधिकारी वर्ग के भ्रष्टाचार और लापरवाही आदि से पेड़ों की बरबादी न होनी चाहिए। वृक्षों की रक्षा हमारा दायित्व है। वृक्षारोपण प्रत्येक नागरिक का और सरकारी संस्था का दायित्व है। ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगायें और हमारे पर्यावरण का संरक्षण करें। राज्य सरकार इस दिशा में नेतृत्व, मातृका और प्रोत्साहन सदा देते रहे।

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 7 आपकी आवाज़ 7

प्रश्न 9.
बाज़ार में रिंग-टोन कंपनी की ओर से नया मोबाईल फोन आया है। उसकी बिक्री बढ़ाने के लिए एक विज्ञापन तैयार कीजिए।
उत्तर:
नया मोबाईल आया है!!!
रिंग-टोन कंपनी की ओर से!
बहुरंगी है!
डेढ़ साल की वारंटी है।
2 जीबी मेमरी मुफ्त!
अदला-बदला की सुविधायें भी हैं।
जल्दी खरीद लीजिए।
तुरन्त 9800 में संपर्क कीजिए।
हमारा पता: रिंग-टोन कंपनी, आनंदपुरम, शांतिनगर-5

प्रश्न 10.
मान लें, अनंतपुरम के शांतिनगर में हरिता कन्स्ट्रक्शन्स ने एक नया मकान बनाया है। दो और तीन बेडरूमवाले इस मकान में सभी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इस मकान के लिए एक विज्ञापन तैयार कीजिए।
उत्तर:
सुन्दर मकान कम दाम में!!!
अनंतपुरम के शांतिनग में हरिता कन्स्ट्रक्शन्स ने एक नया मकान बनवाया है।
दो और तीन बेडरूमवाले इस मकान में सभी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
मकान चाहनेवाले
जल्दी आ जाइए!!
तुरन्त 9800 में संपर्क कीजिए।
हमारा पता: हिंरिता कन्स्ट्रक्शन्स,
आनंदपुरम, शांतिनगर-5

Plus One Hindi आपकी आवाज़ Important Questions and Answers

प्रश्न 1.
निम्नलिखित सहायक बिंदु के आधार पर सम्पादकीय तैयार कीजिए।
‘जनसंचार माध्यम का प्रभाव – छात्रों में लाभ और हानि’ इस विषय पर सम्पादकीय तैयार कीजिए।
सहायक बिंदुः

  • मोबैल, टेलिविजन, इन्टरनेट – आधुनिक युग का वरदान
  • बटन दबाने पर दुनिया भर की खबरें
  • दुनिया भर के लोगों से सम्पर्क
  • युवा पीढ़ी का आकर्षण
  • विपत्तियाँ – माध्यमों का दुरुपयोग

उत्तर:

संपादकीय
दैनिक भास्कर 28.08.2016
जनसंचार माध्यम का प्रभाव
छात्रों में लाभ और हानि

आज हम तकनीकी विकास को सबसे ज़्यादा प्रमुखता देते हैं। मोबैल, टेलिविजन, इन्टरनेट आदि तकनीकी विकास के कारण हमें वरदान के रूप में मिले हैं। समय, दूरी आदि का मतलब ही आज बदल गया है। एक बटन दबाने से दुनिया भर की खबरें हमें मिलते है। कितने भी दूर के लोगों से हमें आसानी से बात कर सकते हैं। पहले चिट्टी के माध्यम से दिनों या हफ्तों के बाद मिलते थे वह आज निमिष मात्रा में मिल जाते है। मोबैल और इन्टरनेट से दुनिया भर के लोगों से सम्पर्क करना इतना आसान हो गया है कि दूरी आज मिट गया है। इसप्रकार के माध्यमों का प्रभाव युवा पीढ़ी में सबसे ज़्यादा हैं। आज इसका प्रभाव इतना है कि वह बाकी सब को छोडने लगे हैं। इसमें कुछ सामाजिक विपत्तियाँ भी है। बड़े लोग इसका दुरुपयोग करते हैं। समय माध्यमों में ……………… रहने से नष्ट हो जाते है। कई लोग देखे में भी पड़ जाते हैं। समाज में आवश्यक आदान-प्रदान भी युवा पीढ़ी में कम हो रहे हैं।

हमें सतर्कता से काम करना चाहिए कि सामाजिक माध्यम हमारा विकास केलिए है – हम माध्य केलिए नहीं।

प्रश्न 2.
आज हम देख रहे हैं कि व्यक्ति अपना घर साफ करता है और वह गंदगी सड़क या बाहर फेंकता है। इस प्रसंग में ‘स्वच्छ और साफ वातावरण की सृष्टि समाज के लिए अनिवार्य है’ – इस विषय पर निम्नलिखित सहायक बिंदु के आधार से संपादकीय तैयार कीजिए।
सहायक बिंदु:

  • सफाई का महत्व
  • गंदगी से हानियाँ
  • वातावरण को साफ रखना नागरिक का कर्तव्य
  • सख्त नियमों का पालन
  • स्वच्छता की शुरुआत घर से
  • अनेक प्रकार की बीमारियाँ
  • जागरण कार्यक्रम

उत्तर:

दैनिक जागरण
सोमवार 15 अगस्त 2016
स्वच्छ और साफ वातावरण की सृष्टि समाज केलिए
अनीवार्य

आधुनिक समाज में सब लोग सफाई का महत्व जानते हैं। सफाई केवल दिखाने केलिए नहीं बल्कि हमारे सुरक्षा केलिए है। गंदगी से कई प्रकार के बीमारियाँ फैलते है। आज कई प्रकार के बुखार फैल रहे हैं। मच्छर और मक्खी के कारण ही इसी प्रकार के बीमारियाँ ज्यादा फैल रहे हैं। ये दोनों जीव गंदगी में ही तेज़ी से बड़ते है। इसलिए हमें जल्द ही गंदगी को रोकना ही चाहिए।

स्वच्छता की शुरुवात घर से ही शुरू होता है। घर का और आसपास के वातावरण के साफ रखना नागरिक रा कर्तव्य है। लेकिन आजकल हम नागरिक ही गंदगी फैलने का कारण हो जाते हैं। कभी कभी घर की गंदगी को सड़क पर ही फेंकते हैं।

सरकारी तौर पर कई जानकारी योजनायें सफाई केलिए हो रहे हैं। कई संस्थायें और व्यक्तियों द्वारा भी सफाई के प्रोत्साहन केलिए कार्यक्रम हो रहे हैं। फिर भी कई लोग यह अपना कर्तव्य न मानकर समाज के विनाशक हो जाते हैं। हमें जानकारी के साथ सख्त नियमों का भी आवश्यकता है। नियमों का पालन हमारा कर्तव्य है। हमें प्रतिज्ञा करना है कि हम सब मिलकर हमारा ही रक्षा केलिए काम करने केलिए तैयार होंगे।

प्रश्न 3.
‘बच्चों के प्रति अत्याचार रोकें’ – इस विषय पर संपादकीय तैयार करें।
उत्तर:
सुन्दर मकान कम दाम में!!!
अनंतपुरम के शांतिनग में हरिता कन्स्ट्रक्शन्स ने एक नया मकान बनवाया है।
दो और तीन बेडरूमवाले इस मकान में सभी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
मकान चाहनेवाले
जल्दी आ जाइए!!
तुरन्त 9800 में संपर्क कीजिए।
हमारा पता: हिंरिता कन्स्ट्रक्शन्स,
आनंदपुरम, शांतिनगर-5

प्रश्न 4
निम्नलिखित विषय पर सहायक बिंदु के आधार से सम्पादकीय तैयार कीजिए। विषयः ‘प्रदूषण – जैव मण्डल का अस्तित्व संकट में’
सहायक बिंदु:

  • प्रदूषण – जल, वायू और मिट्टी
  • प्रदूषणजन्य रोग
  • कूड़े-कचरे से बायोगैस
  • जैव कृषि का महत्व

उत्तर:

दैनिक भास्कर
10/5/2017
प्रदूषणः जैव मण्डल
का अस्तित्व संकट में

आज सब लोग जानते हैं प्रदूषण माने क्या है। सम्पूर्ण धरती प्रदूषण से विषलिप्त हो गया है। प्रकृति की स्वाभाविक हालत में आनेवाले हानिकारक परिवर्तन को ही प्रदूषण कहते हैं। जल, वायु और मिट्टी में प्रदूषण हो रहा है। रासायनिक पदार्थों, प्लास्टिक, विविध तरह के कचरे- यह सब हमारे पर्यावरण पर बुरा असर कर रहा है। यह हम जानते हैं लेकिन इसे रोकने के लिए कुछ नहीं करते हैं। जनता कहते हैं इसके ज़िम्मेदार सरकार हैं। सरकार कहते हैं नागरिक अपना दायित्व ठीक तरह से न निभाने से प्रदूषण बड़ते हैं। एक दूसरे को दोषी कहने से इस समस्या का समाधान नहीं मिलेगा। सरकार, नागरिक, संस्थायें – सब एकत्रित होकर प्रदूषण से प्रकृति को बचाने का प्रयत्न शुरू करता है।

पहले हमारे मन में यह सोच ठीक तरह से भरना होगा कि यह हमारा ही भलाई के लिए है। हम ही नहीं आनेवाली पीढ़ी के लिए भी हमें इस प्रकृति को बचाते रहना चाहिए। कई प्रकार के प्रदूषणजन्य रोग होते हैं तो इससे बचाव भी हमारे पास है। कूड़े-कचरे के सही रूप में उपयोग करके – बयोग्यास, कम्पोस्ट आदि का निर्माण करनी है। रासायनिक पदार्थों का उपयोग बंद करना हैं। कीटनाशकों से बचने के लिए जैवकृषि का महत्व का प्रोत्साहन करना है। प्लास्टिक का उपयोग कम करना हैं। सरकार द्वारा जानकारी योजनायें करवाना हैं और जनता यह अपना दायित्व समझने है। आनेवाले कल के लिए हमें इस पर्यावरण को बचाने का प्रण लेना हैं।

प्रश्न 5.
सापदकीय तैयार कीजिए। विषयः हिंदी का प्रचार
सहायक बिंदुः

  • भारतीय भाषाओं में हिंदी का स्थान
  • हिंदी दिवस का महत्व
  • जनसाधारण का विचारविनिमय
  • भारतीयता का विकास

उत्तर:

दैनिक जागरण
सोमवार, 20 अप्रैल 2017
हिंदी हमारी पहचान

भारतीय भाषाओं में हिंदी सबसे श्रेष्ठ और महान है। भारत के अलावा अनेक देशों में हिंदी लेखक, हिंदी प्राध्यापक, हिंदी प्रचारक, हिंदी सेवी आदि लोग काम कर रहे हैं। आज हिंदी शासकों, राष्ट्राध्यक्षों की भी भाषा बन गई है जो संसार के एक सौ बीस देशों में किसी-न-किसी रूप में प्रचलित भी है। प्रचीन भारत और संस्कृति के बारे में जानने का सशक्त माध्यम है हिंदी भाषा और इसका सशक्त साहित्य। आज विश्व की एक प्रमुख भाषा के रूप में हिंदी उभर आ रही है। विश्व हिंदी सम्मेलन इसका सशक्त प्रमाण है। इसके अलावा पूरे भारत भर में हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत में आज हिंदी का प्रचार इतना बढ़ गया है कि जो व्यक्ति हिंदी जानता है वह पूरे भारत के किसी भी कोने में जाकर आसानी से बात कर सकता है और जीवन बिता सकता है। क्योंकि आज हिंदी जनसाधारण के विचारविनिमय का माध्यम बन गई है। एक सच्चे भारतीय होने के नाते हम सब को मिलकर हिंदी के प्रचार और प्रसार के लिए काम करना है। भारतीयता का विकास भी इसमें निहित है। राष्ट्र और राष्ट्रभाषा का विकास प्रत्येक भारतीयों के हाथ में निहित है। जिसके पास राष्ट्रभाषा नहीं है उसका कोई राष्ट्र भी नहीं है।

||जय हिंद, जय हिंदी||

आपकी आवाज़ Summary in Malayalam

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 7 आपकी आवाज़ 3
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 7 आपकी आवाज़ 4

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 7 आपकी आवाज़ 5
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 7 आपकी आवाज़ 6

आपकी आवाज़ Glossary

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 7 आपकी आवाज़ 8
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 7 आपकी आवाज़ 9
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 7 आपकी आवाज़ 10

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 6 ब्लैक : स्पर्श जहाँ भाषा बनता है

Kerala State Board New Syllabus Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 6 ब्लैक : स्पर्श जहाँ भाषा बनता है Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

Kerala Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 6 ब्लैक : स्पर्श जहाँ भाषा बनता है

प्रश्न 1.
ब्लैक फिल्म देखें। (फिल्म देखते वक्त इन मुद्दों पर बारीकी से ध्यान दें)

  • पात्रों का अभिनय
  • संवादों की प्रासंगिकता
  • दृश्यों की विविधता
  • कथा का प्रवाह

प्रश्न 2.
फिल्म के आधार पर लिखें।

  • सबसे आकर्षक दृश्य
  • सबसे श्रेष्ठ अभिनेता
  • सबसे हृदयस्पर्शी संवाद
  • सबसे दर्दनाक दृश्य

प्रश्न 3.
फिल्म के निम्नांकित अंगों के लिए गुणवत्ता के अनुसार दें (अधिकांश)

  • कथा
  • पटकथा
  • अभिनय
  • छायांकन
  • साज-सज्जा
  • ध्वन्यांकन
  • संपादन
  • निदेशन

फिल्म से समीक्षा की ओर…

ब्लैक : स्पर्श जहाँ भाषा बनता है अनुवर्ती कार्य

प्रश्न 1.
समीक्षा में किन-किन बिंदुओं की चर्चा की गई है?
उत्तर:
पटकथा, संवाद-योजना, छायांकन, संपादन-कार्य, छायांकन, ध्वन्यांकन, अभिनय, गीत, प्रार्श्व संगीत आदि की चर्चा की गयी है।

प्रश्न 2.
किसी एक मनपसंद फिल्म की समीक्षा लिखें।
उत्तर:
माणिक्यकल्ल् – फिल्मी समीक्षा
निर्माता : गिरीश लाल
निर्देशक : एम्. मोहनन्
गीत : अनिल पनचूरान्, रमेश काविल्
संगीत : एम्. जयचन्द्रन्

कलाकार : पृथ्वीराज, संवृता सुनिल, नेडुमुड़ी वेणु आदि गौरी मीनाक्षी सिनेमा के बैनर में बनाया हुआ ‘माणिक्यकल्ल्’ फिल्म एक अच्छा फिल्म है। इसका निर्माता है श्री गिरिश लाल। फिल्म का निर्देशन किया है श्री एम्. मोहनन् ने। ‘माणिक्यकल्ल्’ एक विचारात्मक फिल्म है। फिल्म की कहानी इस प्रकार है: वणान्मला सरकारी हाईस्कूल को एक गौरवशाली अतीत था। वर्तमान शिक्षामंत्री इस स्कूल के पूर्व विध्यार्थी थे। लेकिन, आज इस स्कूल की स्थिति अत्यन्त दयनीय हो गयी है। आज स्कूल में पढ़ते हैं केवल 50 छात्र। स्कूल में 8 अध्यापक पढ़ाने केलिए सरकार से नियुक्त हैं। वे अपने सरकारी वेतन समय पर लेने केलिए अत्यंत उत्सुक रहते हैं। लेकिन, पढ़ाने में कोई रुचि नहीं लेते। वे अपने अपने निजी काम-धंधों में लगकर पैसे कमाने में इच्छुक रहते हैं।

इस अवसर पर विनयचंद्रन् (पृथ्वीराज) नामक एक नया अध्यापक सरकार नियुक्ति से स्कूल में नौकरी करने के लिए आता है। नया अध्यापक छात्रों की उन्नति की ओर बड़ा ध्यान देने लगता है। पहलेपहले सह अध्यापकों से उसे कोई सहयोग नहीं मिलता। लेकिन, विनयचंद्रन् अपने सह-अध्यापकों को इमानदार और जिम्मेदार रहने को प्रभावित करते हैं। धीरे-धीरे स्कूल में बड़ा परिवर्तन आने लगता है।

विनयचंद्रन् को चांदनी नामक अध्यापिका बड़ा साथ देती है। वह स्कूल की शारीरिक-शिक्षा अध्यापिका थी समय की गति में विनयचंद्रन और चांदनी के बीच प्यार होने लगता है। हेडमास्टर करुणाकर कुरुप्प (नेडुमुड़ी वेणु) विनयचंद्रन् को अपने अधिकार और प्यार से बड़ा प्रोत्साहन देते हैं। अंत में स्कूल में बड़ा बदलाव आता है। स्कूल में शत-प्रतिशत विजय होती है।

पृथ्वीराज और संवृता अपनी अभिनय-कला से अनेक रोचक मुहूर्त देते हैं। इन्द्रन्स्, जगदीश, कोट्टयम् नसीर, सलीम कुमार आदि अभिनेताओं ने अपनी अपनी भूमिकाओं के साथ दर्शकों को हँसाने में भी सफल हुए हैं।

अनिल पनचूरान और रमेश काविल द्वारा लिखे गीत बहुत कुछ कहते हैं और परदे पर उनको देखते समय उनका प्रभाव और बढ़ता जाता है। एम्. जयचंद्रन् का संगीत भी अच्छा है। श्रेया गोशाल की आवाज़ में ‘चेम्परत्ती’…. बहुत सुरीली हो गयी है।

फिल्म की फोटोग्राफी पी. सुकुमार ने बहुत ही प्रभावशाली ढ़ग से की है। रंजन एब्राहम् का संपादन (Editing) कुछ और अच्छा होना था। इससे फिल्म को अनावश्य लंबाई से बचा सकता था।

‘माणिक्यकल्ल’ में अच्छा संदेश शामिल हुआ है। आमिर खान की ‘तारे ज़मीन पर’ की याद हमें इस फिल्म से होती है।

प्रश्न 3.
फिल्म समीक्षा की परख, मेरी ओर से

  • फिल्म का संक्षिप्त परिचय दिया है।
  • अभिनय की खूबियाँ/कमियाँ बताई हैं।
  • निदेशक की क्षमता को अंकित किया है।
  • फिल्म के अन्य बिंदुओं की (पटकथा, संवाद-योजना, छायांकन, ध्वन्यांकन, संपादन, गीत आदि) चर्चा की है।
  • अपने विचारों का समर्थन किया है।

प्रश्न 4.
मान लें, ब्लैक फिल्म थियटर में 100 दिन पूरी करते वक्त पोस्टर में यह अनुशीर्षक (Caption) निकलता है।

संजय लीला भंसाली के निदेशन में अमिताभ बच्चन और राणी मुखर्जी के अभिनय-जीवन की अनमोल प्रस्तुति
‘ब्लैक’
101 वें दिन की ओर…

पोस्टर में छपने के लिए इसी प्रकार के विभिन्न अनुशीर्षक लिखें।
उत्तर:
i) सौ दिन के बाद भी ब्लैक भीड़ भरी।
ii) 101 वें दिन ……… 350 शो……. गजब! गजब!!
iii) सारा शहर ‘ब्लैक’ के पीछे

प्रश्न 5.
किसी एक मनपसंद फिल्म की समीक्षा लिखें।
उत्तर:
i) तारे ज़मीं पर – फिल्मी समीक्षा
बच्चे ओस की बूंदों की तरह एकदम शुद्ध और पवित्र होते हैं। वे कल के नागरिक हैं, लेकिन दुःख की बात है कि बच्चों को अनुशासन के नाम पर तमाम बंदिशों में रहना पड़ता है। आठ वर्षीय ईशान अवस्थी (दर्शील सफ़ारी) का मन पढ़ाई के बजाय कुत्तों, मछलियों और पेटिंग में लगता है। उसके मातापिता चाहते हैं कि वह अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकलता। ईशान घर पर माता-पिता की डाँट खाता है और स्कूल में शिक्षकों की। कोई भी यह जानने की कोशिश नहीं करता कि ईशान पढ़ाई पर ध्यान क्यों नहीं दे रहा है। इसके बजाय वे ईशान को बोर्डिंग स्कूल भेज देते हैं।

खिलखिलाता ईशान वहाँ जाकर मुरझा जाता है। वह हमेशा सहमा और उदास रहने लगता है। उस पर निगाह जाती है आर्ट टीचर रामशंकर निकुंभ (आमिर खान)की। निकुंभ उसकी उदासी का पता लगाते हैं और उन्हें पता चलता है कि ईशान बहुत प्रतिभाशाली, लेकिन डिसलेक्सिया की बीमारी से पीड़ित है। उसे अक्षरों को पढ़ने में तकलीफ़ होती है। अपने प्यार और दुलार से निकुंभ ईशान के अंदर छिपी प्रतिभा को सबके सामने लाते हैं।

कहानी सरल है, जिसे आमिर खान ने बेहद प्रतिभाशाली तरीके से परदे पर उतारा है। पटकथा की बुनावट एकदम चुस्त है। छोटे-छोटे भावनात्मक दृश्य रखे गए हैं, जो सीधे दिल को छू जाते हैं। ईशान का स्कूल से भागकर सड़कों पर घूमना, ताज़ा हवा में साँस लेना, बिल्डिंग के कलर होते देखना, फुटपाथ पर रहनेवाले बच्चों को आज़ादी से खेलते देखकर उदास होना, बरफ़ का लड्डू खाना जैसे दृश्यों को देख कई लोगों को बचपन की याद ताज़ा हो जाएगी।

सभी बच्चों का दिमाग और सीखने की क्षमता एक-सी-नहीं होती। फ़िल्म देखते समय हर दर्शक इस बात को महसूस करता है। ईशान की भूमिका में दर्शील सफ़ारी इस फ़िल्प की जान है। अमीर खान मध्यांतर में आते हैं और छा जाते हैं। टिस्का चोपड़ा (ईशान की मम्मी) ने एक में की बेचैनी को उम्दा तरीके से पेश किया है। विपिन शर्मा (ईशान के पापा), सचेत इंजीनियर और सारे अध्यापकों का अभिमय भी अच्छा है। प्रसून जोशी द्वारा लिखे गीत बहुत कुछ कहते हैं और परदे पर उनको देखते समय उनका प्रभाव और बढ़ जाता है। शंकर-अहसान-लॉय का संगीत भी अच्छा है। फ़िलम की फोटोग्राफी बहुत ही प्रभावशाली हैं।

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 6 ब्लैक स्पर्श जहाँ भाषा बनता है 1Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 6 ब्लैक स्पर्श जहाँ भाषा बनता है 2
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 6 ब्लैक स्पर्श जहाँ भाषा बनता है 3

ii) पूस की रात – फिल्मी समीक्षा
किसान का जीवन कितना करुणापूर्ण है! खेती से उसको कोई सुख नहीं मिला। पूरा जीवन गरीबी में गुज़रता है। इन बातों की ओर हमारा ध्यान आकर्षित करनेवाली एक सुंदर फिल्म है ‘पूस की रात’। प्रेमचंद की एक छोटी कहानी गुलजार के निदेशन में फिल्म के रूप में पर्दे पर आयी है। फिल्म की कहानी इस प्रकार है।

एक गरीब किसान हल्कू अपनी पत्नी के साथ रहता है। खेत में फसल पकने लगी है। रात के समय खेत में नीलगायों के आने की संभावना है। इसलिए हल्कू रात में खेत का पहरावा करता है। हड्डियाँ भी तोडनेवाली ठंड में वह अपने कुत्ते का साथ गीत गाकर या बातें करके ठंड से बचने की कोशिश करता है। गर्मी के लिए वह चिलम फूंकता भी है।

खेती के लिए महाजनों से लिए पैसे वापस देने में भी वह असमर्थ है। हल्कू की पत्नी के मत में खेती की अपेक्षा मज़दूरी करना ही अच्छा है। एक ठंडी रात में हल्कू ठंड सह न सका। वह कुछ सूखे पत्ते लाकर आग जलाकर उसके साथ नाच गाकर सर्दी से बचकर लेटा। आग की गर्मी के कारण उसको गहरी नींद मिली। पर उस रात में आग फैलकर सारी फसल जल गयी। सबेरे पत्नी आकर हल्कू को उठाते वक्त ही उसने देखा कि सारा खेत जल चुका है। रोती हुई पत्नी से हल्कू ने कहा कि ‘अच्छा हुआ…. आज से रात में ठंड सहने की ज़रूरत नहीं है।’

हल्कू की ये बातें उसकी निराशा से उत्पन्न हैं। खेत में कठिन काम करने पर भी या सभी कठिनाइयाँ सहने पर भी किसान को कोई फायदा नहीं मिलता है। इन बातों को स्पष्ट रूप में गुलज़ार ने अपनी फिल्म ‘पूस की रात’ में व्यक्त किया है। छोटे-छोटे भावनात्मक दृश्य रखे गए हैं जो सीधे दिल को छू जाते हैं। कुत्ते का साथ हल्कू का वार्तालाप, चंद्रमा की सुविधा का वर्णन, नीलगायों को भगाने की आवाज़ आदि के प्रसंगानुकूल दृश्य दर्शकों को मज़ा देनेवाले ही हैं।

किसान के दैन्य दिखाने के लिए फटे हुए कंबल को दिखाते वक्त उसकी गरीबी हमारे मन पर चोट लगाती है। प्रेमचंद किसानी जीवन की दर्दनाक कहानी लिखनेवाला कहानीकार है। उनकी एक कहानी को गुलजार ने ज्यादा चमकदार बनाकर फिल्म के रूप में प्रस्तुत किया है। रघुवीर करण और मानसी उपध्याय ने अपने अपने पात्रों को उज्वल बनाए। दोनों का अभिनय देखकर हम विस्मित हो जाते हैं। फिल्म की शुरुआत में रूपकुमार का एक अच्छा गीत है। दिन और रात के समय के दृश्यों की फोटोग्राफी भी अव्वल दर्जे की है। संपादन अच्छा हुआ है। पटकथा भी बहुत अच्छा हुई है। साज-सज्जा अनुकूल ही है। ध्वन्यांकन उत्तम कोटि की है।

Plus One Hindi ब्लैक : स्पर्श जहाँ भाषा बनता है Important Questions and Answers

प्रश्न 1.
निम्नलिखित सहायक बिंदु के आधार पर किसी एक मनपसंद फिल्म की समीक्षा लिखिए। सहायक बिंदुः

  • फिल्म का कथासार
  • पात्रों का अभिनय
  • निदेशक की भूमिका
  • पटकथा, संवाद, छायांकन, गीत आदि
  • फिल्म की समग्रता पर अपना दृष्टिकोण

उत्तर:
माणिक्यकल्ल् – फिल्मी समीक्षा
निर्माता : गिरीश लाल
निर्देशक : एम्. मोहनन्
गीत : अनिल पनचूरान्, रमेश काविल्
संगीत : एम्. जयचन्द्रन्

कलाकार : पृथ्वीराज, संवृता सुनिल, नेडुमुड़ी वेणु आदि गौरी मीनाक्षी सिनेमा के बैनर में बनाया हुआ ‘माणिक्यकल्ल्’ फिल्म एक अच्छा फिल्म है। इसका निर्माता है श्री गिरिश लाल। फिल्म का निर्देशन किया है श्री एम्. मोहनन् ने। ‘माणिक्यकल्ल्’ एक विचारात्मक फिल्म है। फिल्म की कहानी इस प्रकार है: वणान्मला सरकारी हाईस्कूल को एक गौरवशाली अतीत था। वर्तमान शिक्षामंत्री इस स्कूल के पूर्व विध्यार्थी थे। लेकिन, आज इस स्कूल की स्थिति अत्यन्त दयनीय हो गयी है। आज स्कूल में पढ़ते हैं केवल 50 छात्र। स्कूल में 8 अध्यापक पढ़ाने केलिए सरकार से नियुक्त हैं। वे अपने सरकारी वेतन समय पर लेने केलिए अत्यंत उत्सुक रहते हैं। लेकिन, पढ़ाने में कोई रुचि नहीं लेते। वे अपने अपने निजी काम-धंधों में लगकर पैसे कमाने में इच्छुक रहते हैं।

इस अवसर पर विनयचंद्रन् (पृथ्वीराज) नामक एक नया अध्यापक सरकार नियुक्ति से स्कूल में नौकरी करने के लिए आता है। नया अध्यापक छात्रों की उन्नति की ओर बड़ा ध्यान देने लगता है। पहलेपहले सह अध्यापकों से उसे कोई सहयोग नहीं मिलता। लेकिन, विनयचंद्रन् अपने सह-अध्यापकों को इमानदार और जिम्मेदार रहने को प्रभावित करते हैं। धीरे-धीरे स्कूल में बड़ा परिवर्तन आने लगता है।

विनयचंद्रन् को चांदनी नामक अध्यापिका बड़ा साथ देती है। वह स्कूल की शारीरिक-शिक्षा अध्यापिका थी समय की गति में विनयचंद्रन और चांदनी के बीच प्यार होने लगता है। हेडमास्टर करुणाकर कुरुप्प (नेडुमुड़ी वेणु) विनयचंद्रन् को अपने अधिकार और प्यार से बड़ा प्रोत्साहन देते हैं। अंत में स्कूल में बड़ा बदलाव आता है। स्कूल में शत-प्रतिशत विजय होती है।

पृथ्वीराज और संवृता अपनी अभिनय-कला से अनेक रोचक मुहूर्त देते हैं। इन्द्रन्स्, जगदीश, कोट्टयम् नसीर, सलीम कुमार आदि अभिनेताओं ने अपनी अपनी भूमिकाओं के साथ दर्शकों को हँसाने में भी सफल हुए हैं।

अनिल पनचूरान और रमेश काविल द्वारा लिखे गीत बहुत कुछ कहते हैं और परदे पर उनको देखते समय उनका प्रभाव और बढ़ता जाता है। एम्. जयचंद्रन् का संगीत भी अच्छा है। श्रेया गोशाल की आवाज़ में ‘चेम्परत्ती’…. बहुत सुरीली हो गयी है।

फिल्म की फोटोग्राफी पी. सुकुमार ने बहुत ही प्रभावशाली ढ़ग से की है। रंजन एब्राहम् का संपादन (Editing) कुछ और अच्छा होना था। इससे फिल्म को अनावश्य लंबाई से बचा सकता था।

‘माणिक्यकल्ल’ में अच्छा संदेश शामिल हुआ है। आमिर खान की ‘तारे ज़मीन पर’ की याद हमें इस फिल्म से होती है।

ब्लैक : स्पर्श जहाँ भाषा बनता है Summary in Malayalam

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ब्लैक : स्पर्श जहाँ भाषा बनता है Glossary

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Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 6 ब्लैक स्पर्श जहाँ भाषा बनता है 10

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 5 दोहे

Kerala State Board New Syllabus Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 5 दोहे Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

Kerala Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 5 दोहे

प्रश्न 1.
जो दिल खोजौं आपना मुझ-सा बुरा न कोय- कबीर ने ऐसा क्यों कहा?
उत्तर:
मनुष्य में भलाई और बुराई का मिश्रण होता है। परंतु, मनुष्य अपनी बुराई को छिपाकर दूसरों की बुराई बताते फिरता है। अपने आपको सुधारने को हमें ज्यादा ध्यान देना चाहिए। दूसरों की बुराई खोज देखने के लिए हमें इच्छुक न रहना चाहिए। संक्षेप में कबीर का मत है अपने को पहचानना सच्चे ज्ञानी का लक्षण है।

प्रश्न 2.
प्रभुता का महत्व समझाने के लिए कबीर ने किसका सहारा लिया है?
उत्तर:
चींटी का।

प्रश्न 3.
दुख काहे होयइससे क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
सुख और दुख जीवन के सत्य हैं। दुख में सब लोग आश्रय की याद करते हैं। तब दुःख कम हो जाता है। लेकिन सुख आने पर लोग उसी आश्रय को भूल जाते हैं। कबीर के अभिप्राय में यह कृतघ्नता और अज्ञता से होता है।

प्रश्न 4.
सच्चा शूर कैसे बनता है?
उत्तर:
जिसे जाति, वर्ण, कुल आदि के भेदभाव की चिंता नहीं, वही सच्चा शूर है। दूसरे शब्तों में समभाव की भावना रखनेवाला सच्चा शूर बनता है।

दोहे अनुवर्ती कार्य

प्रश्न 5.
समानार्थी शब्द दोहे से ढूँढ़ लें।
कोई, शूर, संभाला, ढूँढ़ना, धूलि, वर्ण, स्मरण, क्यों, मिला
उत्तर:
कोई = कोय
शुर = सूरमा
संभाला = समाय
ढूँढना = खोजौं
धूली = धूरि
वर्ण = बरन
स्मरण = सुमिरन
क्यों = काहे
मिला = मिलिया

प्रश्न 6.
समान आशयवाला चरण दोहे से चुन लें।
a. दूसरा कोई भूखा न रहे।
b. सुख में कोई स्मरण नहीं करता।
c. मैं बुरे लोगों को ढूँढ़ने निकला।
d. हाथी के सिर पर धूलि है।
e. काम, क्रोध और लालच से भक्ति नहीं होती।
उत्तर:
a. साधु न भूखा जाय।
b. सुख में करे न कोय
c. बुरा जो देखन मैं चला
d. हाथी के सिर धूरि
e. कामी, क्रोधी, लालची, इनते भक्ति न कोय

प्रश्न 7.
व्याख्या करें-
साई इतना दीजिए, जामें कुटुंब समाय।
मैं भी भूखा न रहूँ, साधु न भूखा जाय।।
उत्तर:
यह दोहा निर्गुण भक्त कवि कबीरदास का है। कवि भगवान से केवल यह प्रार्थना करते हैं कि अपने कुटुंब को संभालने के धन मिल जाये। कवि की प्रार्थना है कि संवयं कभी भी भूखा न रहे और संसार में कोई भी भूखा न रहे। मनुष्य में सदा धन और संपत्ति का लालच रहता है। वह संपत्ति के पीछे दोड़ता रहता है। घन के प्रति मनुष्य में जो लालच है, उसे सीमित और नियंत्रित रखने का उपदेश कवि यहाँ देते हैं।

प्रश्न 8.
ये तत्व किन-किन दोहों से संबंधित हैं?
a. अहं दूर होने से महत्व बढ़ता है।
b. सुख और दुख में स्मरण करना है।
c. अपने को पहचाननेवाला सच्चा ज्ञानी है।
d. जीवन की शांति सादगी में है।
e. समभाव शूर का लक्षण है।
उत्तर:
a. प्रभुता से प्रभु दूरि
b. जो सुख में सुमिरन करै, तो दुःख काहे होय
c. जो दिल खोजौं आपना, मुझ-सा बुरा न कोय
d. लघुता से प्रभुता मिले
e. भक्ति करै कोई सूरमा।, जाति, बरन कुल खोय।।

प्रश्न 9.
‘जो सुख में सुमिरन करे, तो दुख काहे होय’- अपना विचार प्रकट करें।
उत्तर:
यह दोहा संत कवि कबीरदास का है। निर्गुण भक्ति शाखा के प्रमुख कवि कबीरदास कहते हैं कि हमें सुख और दुःख दोनों में ईश्वर का स्मरण समभाव से करना चाहिए। मनुष्य साधारणतः केवल दुःख आते समय ईश्वर से प्रार्थना करते हैं। सुख में ईश्वर से भक्ति रखनेवाला दुर्लभ होता है। कबीर के अभिप्राय में सुख में ईश्वर का स्मरण करनेवाले को दुःख कभी भी नहीं होता। अंधविश्वास को दूर करके सच्छी भक्ति की ओर मन रखने को कबीर इस दोहा द्वारा उपदेश देते हैं।

प्रश्न 10.
‘कबीरदास की रचनाएँ कालजयी एवं प्रासंगिक हैं’- इस विचार से जुड़े दोहों का संकलन करके प्रस्तुत करें। कबीर के दोहों का आलाप करें।
उत्तर:
काल्हि करै सो आज कर, आज करै सो अब
पल में परलय होयगा, बहुरि करैगा कब।।
पाहन पूजै हरि मिलै, तो मैं पूनँ पहार
ताते या चाकि भलि, पीस खाय संसार।।
मुंड़ मुड़ाए हरि मिलै, सब कोई लेय मुड़ाय।
बार-बार के मुँड़ते, भेड़ न बैकुंड जाय।।
तेरा साई तुझ में, ज्यों पुहुपन में बास।
कस्तूरी का मिरग ज्यों, फिरि फिरि ढूँदै घास।।
माखी गुड़ में गड़ि रही, पंख रह्यो लिपटाय।
हाथ मलै और सिर धुने, लालच बुरी बलाय।
माया मुई न मन मुआ, मरि मरि गया सरीर
आसा त्रिष्णा न मुई, यौँ कहि गया कबीर।।
पानी बाढ़े नाव में, घर में बाढ़े दाम।
दोऊ हाथ उलीचिए,यही सयानो माक।।

प्रश्न 11.
कबीरदास किसे ढूंढने चला?
उत्तर:
बुरा देखने को चला।

प्रश्न 12.
अपना दिल खोजने पर कबीर को क्या पता चला?
उत्तर:
कबीर को पता चला कि अपने समान बुरा दूसरा कोई नहीं।

प्रश्न 13.
कौन दुनिया में सबसे बुरा है?
उत्तर:
अपने आपको न सुधारनेवाला।

प्रश्न 14.
चींटी के सिर पर क्या है?
उत्तर:
शक्कर।

प्रश्न 15.
हाथी के सिर पर क्या है?
उत्तर:
धूली।

प्रश्न 16.
लोग कब आश्रय का स्मरण करते हैं?
उत्तर:
दुःख में।

प्रश्न 17.
लोग कब आश्रय का स्मरण नहीं करते हैं?
उत्तर:
सुख में।

प्रश्न 18.
दुख काहे होय – इससे क्या तात्पर्य है?

प्रश्न 19.
‘स्मरण’ शब्द का समानार्थी पद क्या है?
उत्तर:
सुमिरन।

प्रश्न 20.
कौन-कौन भक्त नहीं बनता?
उत्तर:
कामी, क्रोधी और लालची।

प्रश्न 21.
कौन भक्ति कर सकता है?
उत्तर:
जाति, वर्ण, कुल आदि को महत्व न देनेवाला सच्चा शूर अर्थात, समभाव की भावना में जीनेवाला भक्ति कर सकता है।

प्रश्न 22.
‘साई’ शब्द का समानार्थी पद लिखें।
उत्तर:
स्वामी।

प्रश्न 23.
कबीरदास ‘साई’ से क्या चाहते हैं?
उत्तर:
चाहते हैं कि उनको साई से इतना मिले जिससे उनका कुटुंब चला सकें। वे यह भी चाहते हैं कि कोई भी भूखा न रहे। दूसरे शब्दों में वह जीवन में शांती देनेवाली उदार मनोभावना साई से चाहते हैं।

Kerala Plus One दोहे Important Questions and Answers

सूचनाः

निम्नलिखित दोहा पढ़िये और प्रश्न 1 एवं 2 का उत्तर लिखिए।

लघुता से प्रभुता मिले, प्रभुता से प्रभु दूरि।
चींटी ले शक्कर चली, हाथी के सिर धूरि।।

प्रश्न 1
‘धूली’ शब्द का समानार्थी शब्द कोष्ठक से चुनकर लिखिए। (चींटी, हाथी, धूरि, दूरि)
उत्तर:
धूरि

प्रश्न 2.
इस दोहे का भावार्थ लिखिए।
उत्तर:
कबीरदास निर्गुण भक्तिशाखा के ज्ञानाश्रयी शाखा के प्रसिद्ध कवि है। मानव-प्रेम, सामाजिक बोध आदि को वह प्रमुखता देते थे।

कबीरदास प्रस्तुत दोहे में कहते हैं कि लघुता से ही हमें प्रभुता मिलेंगे और जहाँ प्रभुता है वहाँ से अहं का भाव दूर होता है। अर्थात सादगी से ही जीवन सफल होगा। उदाहरण केलिए कबीरदास कहते हैं कि चींटी छोटे होने पर भी शक्कर लेकर चलते हैं। बड़े हाथी के सिर में अक्सर धूल ही होते हैं। शक्ति, बड़प्पन, कायबल आदि से नहीं बल्की व्यवहार के कारण ही एक व्यक्ति में उन्नति और अवनति होते हैं।

सूचनाः

निम्नलिखित दोहा पढ़िये और 3 एवं 4 के उत्तर लिखिए।
कामी क्रोधी लालची, इनते भक्ति न होय।
भक्ति करै कोई सुरमा, जाति बरन कुल होय।।

प्रश्न 3.
‘वर्ण’ शब्द का समानार्थी शब्द दोहे से ढूँढकर लिखिए।
उत्तर:
बरन

प्रश्न 4.
इस दोहे का भावार्थ लिखिए।
उत्तर:
कबीरदास प्रस्तुत दोहे से भेद-भावों को छोड़ने केलिए आह्वान करते हैं। भक्तकाल के निर्गुण ज्ञानाश्रयी शाखा के सर्वश्रेष्ट कवि है कबीरदास। उन्होंने अपने समय समाज में प्रचलित सभी धर्मी की बुराइओं का खंडण किया। काम, क्रोध, लालच आदि से भक्ति नहीं होते हैं। भक्ति होने केलिए वीरों को जाति, वर्ण, कुल आदि विचार छोड़ना चाहिए। जाति, वर्ण, कुल आदि में सोचनेवाले लोगों में काम, क्रोध, लालच आदि पैदा होते हैं। इसलिए असली वीरों को यह बातों को छोड़कर खुले मन से व्यवहार करना चाहिए।

सूचनाः

निम्नलिखित दोहा पढ़िए और 5 एवं 6 तक के उत्तर लिखिए।
दुख में सुमिरन सब करे, सुख में करै न कोय।
जो सुख में सुमिरन करे, तो दुख काहे होय।

प्रश्न 5.
‘स्मरण’ शब्द का समानार्थी शब्द दोहे से ढूँढकर लिखिए।
उत्तर:
सुमिरन

प्रश्न 6.
इस दोहे का भावार्थ लिखिए।
उत्तर:
भावार्थ:
कबीरदास ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि हे ईश्वर! आप हमें इतना धन दीजिए कि जिससे अपने कुटुंब को हम संरक्षण कर सकें। कबीरदास यह प्रार्थना भी करते हैं कि हे भगवान! आपका आशीर्वाद हो कि साधु लोग भी भूखा न रह जायें और मैं भी भूखा न रहूँ। दूसरों की कष्टताओं पर ध्यान रखने के बारे में कवि यहाँ बताते हैं। धनार्जन के पीछे दौड़नेवालों की आलोचना कवि यहाँ पर करते हैं।

सूचनाः

निम्नलिखित दोहा पढ़िये और प्रश्न 7 से 8 के उत्तर लिखिए।
बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय।
जो दिल खोजौं आपना, मुझसा बुरा न कोय।।

प्रश्न 7.
‘कोई’ शब्द के लिए दोहे में प्रयुक्त शब्द कोष्ठक से चुनकर लिखिए। (खोजौं, देखन, आपना, कोय)
उत्तर:
कोय

प्रश्न 8.
दोहे का भावार्थ लिखिए।
उत्तर:
कबीरदास भक्तिकाल के निर्गुण भक्तिधारा के सर्वश्रेष्ठ कवि है। कबीरदास के एक प्रसिद्ध दोहा है। आपकी रचनायें साखी, सबद और रमैनी के नाम से तीन भागों में विभक्त है।

प्रस्तुत दोहे में कबीरदास सामाजिक जीवन में देखनेवाली सच्चाई को दिखाया है। हम दूसरों के बुराई सोचते रहते हैं। लेकिन हम अपने आप पर खोजते ही नहीं। अगर ऐसे करते हैं तो पता चलेगा कि असली बुराई हम में ही है। दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने आपको देखों। समाज में अच्छे और सच्चे जीवन बिताने की आवश्यकता कबीर बताते हैं।

सुचना :

निम्नलिखित दोहा पढ़कर 9 और 10 का उत्तर लिखिए।
साई इतना दीजिए, जामें कुटुम्ब समय।
मैं भी भूखा न रहूँ. साधू न भूखा जाय।।

प्रश्न 9.
‘संभालना’ शब्द का आशय दोहे के किस शब्द से मिलता है?
उत्तर:
समाय

प्रश्न 10.
दोहे का भावार्थ लिखिए।
उत्तर:
कबीरदास हिन्दी के विख्यात रहस्यवादी कवि है। उन्होंने नीति संबंधी अनेक दोहे लिखा है।

कबीर का परिवार साधु-संतों का है। वे कहते हैं, हे भकवान! मुझे इतना ही दीजिए जिससे मेरा परिवार चल सकें। वे चाहते हैं कि कोई भी भूखा नहीं रह जाए। कबीर की राय में जीवन की शांति सादगी में है।

Plus One Hindi दोहे भावार्थ:

1. बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय।
जो दिल खोजौं आपना, मुझ सा बुरा न कोय।

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 5 दोहे 5

भावार्थ:
कवि कहते हैं कि बुरे लोगों को ढूँढते ढूढते वे चले। लेकिन कोई बुरा आदमी नहीं मिला। अंत में उन्होंने अपने दिल में खोज़ा। अर्थात्, अपने बारे में सोचा। तब समझ लिया कि अपने समान बुरा दूसरा कोई नहीं हैं। कवि का मतलब यह है कि दूसरों की बुराईयों पर ध्यान देने के पहले अपने आप को सुधारना ज़रूरी है।

2. लघुता से प्रभुता मिले, प्रभुता से प्रभु दूरि।
चींटी ले शक्कर चली, हाथी के सिर धूरि।।

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 5 दोहे 6
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 5 दोहे 7

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 5 दोहे 8

भावार्थ:
कवि कहते हैं कि हम विनम्रता दिखाएँ तो हमें ईश्वरीयत्व मिलेगा। लेकिन हम अहंकार दिखाएँ तो ईश्वर हमसे दूर होगा। उदाहरण के रूप में कवि कहते हैं कि छोटी चींटी उससे बड़ा शक्कर लेकर चलती है। लेकिन बड़ी शरीरवाले हाथी के सिर पर मलिन धूल है। कवि का मतलब हैं कि हम दुसरों से विनय के साथ व्यवहार करें तो ईश्वर सदा हमारे साथ रहेंगे। अहंकार से जियें तो ईश्वर हमें छोड़ देंगे। मूल्यहीन अध्यात्मिकता पर आलोचना करके यहाँ कवि विनम्रता के महत्व के बारे में हमें ज्ञान देते हैं।

3. दुख में सुमिरन सब करे, सुख में करे न कोय।
जो सुख में सुमिरन करे, तो दुख काहे होय।

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 5 दोहे 9

भावार्थ:
कबीरदास कहते की दुख में हम सब ईश्वर का स्मरण करते हैं। लेकिन सुख के अवसर पर कोई भी ईश्वर का स्समरण नहीं करता। कवि पूछते हैं कि जो लोग सुख में ईश्वर का स्मरण करते हैं तो उनको दुख कैसे होगा? अर्थात् हमेशा ईश्वरस्मरण में रहनेवालों को दुख कभी नहीं होता। यहाँ जीवन में ईश्वर स्मरण की ज़रूरत कवि हमें सिखाते हैं। सच्ची आध्यात्मिकता के मूल्य पर कवि यहाँ पर बल देते हैं।

4. कामी क्रोधी लालची, इनते भक्ति न होय।
भक्ति करै कोई सूरमा, जाति बरन कुल खोय।

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 5 दोहे 10

भावार्थ:
कामी, क्रोधी, लालची लोगों में भक्ति नहीं होती। लेकिन, जाति, वर्ण और कुल के परे सभी लोगों से समभाव से व्यवहार करनेवाले शूर के मन में सच्ची भक्ति होती है। भक्ति में हृदय की पवित्रता और समभावना जगानेवाली ये पंक्तियाँ द्वारा कवि मूल्यहीन और कपट धार्मिकता पर यहाँ पर आलोचना करते हैं। (धार्मिकता = മതജീവിതം, आलोचना = വിമർശനം)

5. साई इतना दीजिए, जामें कुटुंब समाय।
मैं भी भूखा न रहूँ, साधु न भूखा जाय।।

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 5 दोहे 11

भावार्थ:
कबीरदास ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि हे ईश्वर! आप हमें इतना धन दीजिए कि जिससे अपने कुटुंब को हम संरक्षण कर सकें। कबीरदास यह प्रार्थना भी करते हैं कि हे भगवान! आपका आशीर्वाद हो कि साधु लोग भी भूखा न रह जायें और मैं भी भूखा न रहूँ। दूसरों की कष्टताओं पर ध्यान रखने के बारे में कवि यहाँ बताते हैं। धनार्जन के पीछे दौड़नेवालों की आलोचना कवि यहाँ पर करते हैं।

दोहे Summary in Malayalam

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 5 दोहे 1

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 5 दोहे 2

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 5 दोहे 3
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 5 दोहे 4

दोहे Glossary

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 5 दोहे 12
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 2 Chapter 5 दोहे 13

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 4 जुलूस

Kerala State Board New Syllabus Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 4 जुलूस Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

Kerala Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 4 जुलूस

जुलूस अनुवर्ती कार्य

प्रश्न 1.
समानार्थी शब्द नाटक में ढूँढ़ें
दृश्य – 1 जनयात्रा, विरुद्ध, विक्रय, शासक, चिंता, निर्दय
दृश्य – 2 आज्ञा, वाणी, प्रकार, लक्ष्य, पालन, इच्छा, केवल, देश, हानि, विषाद, सहन
दृश्य – 3 घायल, अंत
दृश्य – 4 पास, धीरे, कुशल, ओजपूर्ण
उत्तर:
जनयात्रा = जुलूस
विरुद्ध = के खिलाफ
विक्रय = बिक्री
शासक = दारोगा
चिता = परवाह
निर्दय = दल्लाद
आज्ञा = हुक्म
वाणी = जुबान
प्रकार = किस्म
लक्ष्य = मक्सद
पालन = तामिल
इच्छा = मंशा
केवल = महज़
देश = कौम
हानि = नुक्सान
विषाद = मलाल
सहन = बरदाश्त
घायल = जख्मी
अंत = आखिर
पास = नज़दीक
धीरे = आहिस्ता
कुशल = खैसियत
ओजपूर्ण = जोशीला

प्रश्न 2.
निम्नलिखित कथन किस पात्र का है ?
a. हमारा हुक्म क्या आपको सुनाई नहीं पड़ा?
b. जुलूस निकालने से स्वराज मिल जाता तो कबका मिल गया होता।
c. हमारा बड़ा आदमी तो वही है जो लंगोटी बाँधे नंगे पाँव घूमता है।
d. एक दिन तो मरना ही है, जो कुछ होना है हो।
e. मर तो हम लोग रहे जिनकी रोटियों का ठिकाना नहीं।
f. हमारा मक़सद इससे कहीं ऊँचा है।
उत्तर:
a. दारोगा बीरबल सिंह का।
b. दीनदयाल का।
c. मैकू का।
d. शंभुनाथ का।
e. मैकू का।
f. इब्राहिम अली का।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित कथन इब्राहिम अली के चरित्र की किन-किन विशेषताओं को उजागर करता है?
a. हम दुकानें लूटने या मोटरें तोड़ने नहीं निकले हैं।
b. आप अपने सवारों, संगीनों और बंदूकों के ज़ोर से हमें रोकना चाहते हैं-रोक लीजिए! मगर आप हमें लौटा नहीं सकते।
c. हमारे भाईबंद ऐसे हुक़्मों की तामील करने से साफ़ इनकार कर देंगे।
d. जिस दिन हम इस लक्ष्य पर पहुँच जाएँगे, उसी दिन स्वराज्य सूर्य का उदय होगा।
उत्तर:
a. अहिंसावाद, ईमानदारी।
b. वीरता, साहसिकता, दृढनिश्यच।
c. पत्र देशप्रेम, दृढनिश्चय।
d. प्रतीक्षा, प्रत्याशा।

प्रश्न 4.
उपर्युक्त विशेषताओं के आधार पर इब्राहिम अली के चरित्र पर टिप्पणी करें।
उत्तर:
जुलूस’ नाट्यरूपांतर का मुख्य कथापात्र है इब्राहिम अली। यह नाट्यरूपांतर की रचना चित्रा मुद्गल ने की है। इसका मूलरूप प्रेमचंद की ‘जुलूस’ कहानी है। नाटक में इब्राहिम अली स्वतंत्रता सेनानियों का नेता है। इब्राहिम अली के नेतृत्व में स्वराजियों का जुलूस जा रहा है। महात्माजी के अहिंसावाद का अनुयायी है इब्राहिम अली। बड़ी ईमानदारी से इब्राहिम अली अहिंसा का पालन करता है। इसलिए दारोगा बीरबल सिंह से अलीजी कहते है: “हम दूकानों लूटने या मोटरें तोड़ने नहीं निकले हैं।” इब्राहिमजी में बड़ी वीरता और साहसिकता है। उनके दिल में बड़ी प्रतीक्षा और प्रत्याशा है।

वे कहते हैं: “स्वराज्य सूर्य का उदय होगा” वे बड़े दृढ़ निश्चयवाले नेता भी हैं। फिर भी, इब्राहिम अली के चरित्र की सबसे बड़ी विशेषता उनका देशप्रेम ही है। भारतमाता के लिए अपनी जान बलिदान करने के लिए वे तैयार हो जाते हैं। देशप्रेम से वे कभी भी पीछे नहीं होते हैं। उनका देशप्रेम दृढनिश्चय से अलंकृत है। इब्राहिमजी कहते है: “रोक लीजिए! मगर आप हमें लौटा नहीं सकते।” इस प्रकार हम देखते हैं कि इब्राहिम अली का चरित्र देशप्रेम, अहिंसावाद, प्रत्याशा, वीरता, आत्मविश्वास, दृढनिश्चय, ईमानदारी आदि से शोभित है।

टिप्पणी की परख, मेरी ओर से

चरित्र पर प्रकाश डालनेवाले संवादों का विश्लेषण किया है।
चरित्र की विशेषता समझी है।
विशेषताओं के आधार पर टिप्पणी लिखी है।
चरित्र की विशेषताओं का समर्थन अपने दृष्टिकोण से किया है।

नाटक का मंचन करें।

मंचन की गतिविधियाँ

नाटक-वाचन

  • यह वैयक्तिक/दलीय हो सकता है। वाचन के द्वारा पूरे नाट्यदल कथा से तादात्म्य स्थापित करता है।

मंचन पूर्व चर्चा

  • नाटक की पृष्ठभूमि, तकनीकी क्षेत्र, पात्र आदि में सही अवधारणा उत्पन्न करने में यह चर्चा काम आती है। इससे कथापात्र के अनुरूप अभिनेता के चयन में ठीक दिशा मिल जाती है।

मंच की अवधारणा

  • प्रकाश, शब्द-विन्यास, मेक-अप, मंच-निर्माण आदि मंच के अनिवार्य अंग हैं, हालांकि कक्षा-प्रस्तुति के समय स्कूल में उपलब्ध सामग्रियों से काम चला सकते हैं।

सृजनपरता

  • नाटक की पटकथा, मंचन के लिए एक रूपरेखा मात्र है। निदेशक तथा अभिनेता कल्पना और क्षमता के अनुरूप मंचन को सृजनात्मक बनाएँ।

प्रश्न 5.
हमें किसीसे लड़ाई करने की ज़रूरत नहीं।
उत्तर:
दीनदयाल का।

प्रश्न 6.
निम्नलिखित वाक्यों के अर्थ को सूचित करनेवाले मुहावरे कोष्ठक से चुनकर लिखें। (धाक बैठ जाना, जान हथेली पर लेना, दुम दबाकर भागना)
i. सरकार पर बड़े आदिमियों का बोलबाला है।
ii. गाँधीजी देश के लिए मरने तक को तैयार होते थे।
iii. पुलीस को देखने पर स्वराजी डरकर भागेंगे।
उत्तर:
i. सरकार पर बड़े आदिमियों का धाक बैठ जाता है।
ii. गाँधीजी देश के लिए जान हथेली पर लेने के लिए तैयार होते थे।
iii. पुलीस को देखने पर स्वराजी दुम दबाकर भागेंगे।

प्रश्न 7.
पहले दीनदयाल दूकान बंद कर जुलूस में भाग लेने का निश्चय नहीं करता है, क्यों?
उत्तर:
शहर के कोई बड़ा आदमी जुलूस में नहीं था। दीनदयाल में देशप्रेम की कमी तब थी।

प्रश्न 8.
मैकू क्यों हंस रहा है?
उत्तर:
शंभुनाथ और दीनदयाल की बातें सुनकर मैकू हंस रहा है।

प्रश्न 9.
मैकू की नज़र में बड़ा आदमी कौन है? क्यों?
उत्तर:
मैकू की नज़र में बड़ा आदमी महात्मा गाँधी है। वे देश की स्वतंत्रता के लिए जान हथेली पर लेने के लिए तैयार होते थे।

प्रश्न 10.
स्वराजियों का मकसद क्या है?
उत्तर:
स्वतंत्रता प्राप्ति है।

प्रश्न 11.
भाईबंद किसके हुक्म को साफ इनकार करेंगे? क्यों?
उत्तर:
अंग्रेजों के हुक्म को भाईबंद साफ इनकार करेंगे। यह – इसलिए कि भाईबंद स्वतंत्रता चाहते हैं।

प्रश्न 12.
स्वराजी क्यों दारोगा को अंग्रोज़ों का पिट्ठ कहते हैं?
उत्तर:
अंग्रोजों का आज्ञानुवर्ती है दारोगा। दारोगा के मन में देशप्रेम न होने के कारण स्वराजी ऐसा कहते हैं।’

प्रश्न 13.
‘मैं कैसे अपनी दुकान खुली रख सकता हूँ?’ यहाँ लोगों की मनोवृत्ति में कौन-सा परिवर्तन आया है?
उत्तर:
देशप्रेम की भावनाएँ उदित हो गयी हैं।

प्रश्न 14.
मैकू के चरित्र पर टिप्पणी करें।
उत्तर:
‘जुलूस’ नाट्यरूपांतर का एक कथापात्र है मैकू। यह नाट्यरूपांतर की रचना चित्रा मुद्गल ने की है। इसका मूलरूप प्रेमचंद की ‘जुलूस’ कहानी है। नाटक में मैकू सड़क से लगे बाज़ार का एक दुकानदार है। वह चप्पल बेचनेवाला है। वह बड़ा हँसमुख आदमी है। मैकू अंग्रेज़ों और देशप्रेमहीन लोगों का बड़ा आलोचक है। मैकू कहता है : “जो हमारी दशा सुधारने के लिए अपनी जान हथेली पर लिए फिरता है, वह है महात्मा गाँधी। उसके आगे हमें किसी बड़े आदमी की परवाह नहीं।”

उसके दिल में बड़ा देशप्रेम है। भारत की स्वतंत्रता की प्रतीक्षा उसके दिल में दृढ़ रहती है। वह एक बार कहता है: “अब तो भाई, रुका नही जाता… मैं भी जुलूस में शामिल होऊँगा…..”

इस प्रकार हम देखते हैं कि इब्राहिम अली का चरित्र देशप्रेम, अहिंसावाद, प्रत्याशा, वीरता, आत्मविश्वास, दृढनिश्चय, ईमानदारी आदि से शोभित है।

प्रश्न 15.
शंभूनाथ के चरित्र पर टिप्पणी करें।
उत्तर:
‘जुलूस’ नाट्यरूपांतर का एक कथापात्र है शंभूनाथ। यह नाट्यरूपांतर की रचना चित्रा मुद्गल ने की है। इसका मूलरूप प्रेमचंद की ‘जुलूस’ कहानी है।

नाटक में शंभुनाथ सड़क से लगे बाजार का एक दूकानदार है। शंभुनाथ घटनाओं को नकारात्मक दृष्टि से देखनेवाला आदमी है। स्वतंत्रता सेनानियों का जुलूस देखकर शंभुनाथ अपनी नकारात्मक दृष्टि से कहता है: “सब के सब काल के मुँह में जा रहे हैं।” वह एक भीरु आदमी भी है। जुलूसवालों को देखकर वह कहता है: पुलिस …… मार-मार कर भगा देगी। शंभुनाथ हँसी-मज़ाक आदमी भी है। मैकु को चिढ़ाकर शंभुनाथ कहता है: “ठिठया काहे रहा? लगता है आज बिक्री अच्छी हो गयी है?” फिर भी, शंभुनाथ के चरित्र की सबसे बड़ी विशेषता उसका देशप्रेम ही है। वह एक साहसी देशप्रेमी है। देश के लिए अपना जीवन बलि देने के लिए वह तैयार हो जाता है। इस दिशा में शंभुनाथ का यह कथन समर्थक है: “मैं कैसे अपनी दुकान खुली रख सकता हूँ? एक दिन तो मरना ही है, जो कुछ होना है हो….”

इस प्रकार हम देखते हैं कि शंभुनाथ का चरित्र देशप्रेम, प्रत्याशा, वीरता, दृढनिश्चय आदि से शोभित है।।

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 4 जुलूस 1

प्रश्न 16.
बीरबल सिंह के चरित्र पर टिप्पणी करें।
उत्तर:
‘जुलूस’ नाट्यरूपान्तर में प्रस्तुत पाठभाग में बीरबल सिंह का चरित्र खलनायक (aleyod) का है। बीरबल सिंह दारोगा है। जुलूस में निकले स्वतंत्रता सानानियों को रोकने के लिए वह प्रयत्न करता है। अंग्रेज़ों का आज्ञानुवर्ती बनकर स्वतंत्रता सेनानियों को बड़ी क्रूरता से वह मारता है। वह एक निर्दय दारोगा है। जुलूस का नेता इब्राहिम अली के ऊपर बीरबल सिंह घोड़े को चढ़ाता है। स्वराजियों के अभिप्राय में बीरबल सिंह “जल्लाद दारोगा! अंग्रेज़ों का पिठू है।” बीरबल सिंह का चरित्र इतना नीच होने पर भी, यह वास्तव है कि अंत में वह अपने देशद्रोही कर्मों पर पछताता है और सच्चा देशभक्त बन जाता है।

Plus One Hindi जुलूस Important Questions and Answers

सूचनाः
जूलूस नाट्यरूपान्तर के बीरबलसिह के निम्नलिखित कथन पढ़िये और प्रश्न 1 का उत्तर लिखिए।

बीरबलसिंह

  • तुम लोगों को आगे जाने का हुक्म नहीं है।
  • फिर से सोच ले। बहुत नुकसान उठाना पड़ेगा।
  • अभी तो वक्त है, इब्राहिम अली साहब….. आप मेरे सामने से हट जाएँ।

प्रश्न 1.
इस कथन के आधार पर बीरबलसिंह के चरित्र पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:

चरित्र चित्रण – बीरबल सिंह

बीरबल सिंह अंग्रेज़ सरकार के दारोगा है। वह एक भारतीय है फिर भी अंग्रेज़ों केलिए काम करते हैं। एक अधिकारी का भाव उस में है। वह सरकार के वफादार हैं। इसीलिए सरकारी हुक्म के बारे में कहते हैं। वह अपने शक्ति पर भरोसे रखते हैं। उसमें उत्साह की कमी भी नहीं हैं। वह इब्राहिम अली को आदर भी करते हैं। गुण और दोष से मिश्रित है बीरबल सिंह।

सूचनाः
जुलूस नाट्यारुपांतर के दीनदयाल का निम्नलिखित कथन पढ़िये और प्रश्न 2 का उत्तर लिखिए।

दीनदयाल

  • जुलूस निकालने से स्वराज मिल जाता तो कब का मिल गया होता।
  • जुलूस के चौरास्ते पर पहुँचते ही हंटर लेकर बिल पड़ेगा।
  • दुकान बंद कर मैं भी तुम्हारे साथ चलता हूँ मैकू!

प्रश्न 2.
इस कथन के आधार पर दीनदयाल के चरित्र पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
दीनदयाल एक दूकानदार है। वह नाटक के आरंभ में केवल अपना काम करनेवाला दिखता है। लेकिन परिवर्तनशील पात्र हैं। पहले वह स्वराजियों के विरोध करता था। लेकिन अंत में वह भी स्वराजियों के साथ हो जाते हैं। वह एक साधारण व्यक्ति है। उसे अंग्रेज़ों से डर है। फिर भी वह जुलूस में भाग लेना चाहते हैं। एक अच्छा इनसान है वह। देश-प्रेम भी उनके मन में है।

सूचनाः
जुलूस नाट्यरूपांतर के बीरबलसिंह का निम्नलिखित कथन पढ़िये और प्रश्न का उत्तर लिखिए।

बीरबल सिंह

  • हमारा हुक्म क्या आपको सुनाई नहीं पड़ा?
  • फिर से सोच ले! बहुत नुक्सान उठाना पड़ेगा!
  • सिपाहियो! लाठी चार्ज करो!

प्रश्न 3.
इस कथन के आधार पर बीरबलसिंह से चरित्र पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
‘जुलूस’ नाट्यरूपान्तर में प्रस्तुत पाठभाग में बीरबल सिंह का चरित्र खलनायक (aleyod) का है। बीरबल सिंह दारोगा है। जुलूस में निकले स्वतंत्रता सानानियों को रोकने के लिए वह प्रयत्न करता है। अंग्रेज़ों का आज्ञानुवर्ती बनकर स्वतंत्रता सेनानियों को बड़ी क्रूरता से वह मारता है। वह एक निर्दय दारोगा है। जुलूस का नेता इब्राहिम अली के ऊपर बीरबल सिंह घोड़े को चढ़ाता है। स्वराजियों के अभिप्राय में बीरबल सिंह “जल्लाद दारोगा! अंग्रेज़ों का पिठू है।” बीरबल सिंह का चरित्र इतना नीच होने पर भी, यह वास्तव है कि अंत में वह अपने देशद्रोही कर्मों पर पछताता है और सच्चा देशभक्त बन जाता है।

सूचना :
जुलूस नाट्यारुपान्त्र के इब्राहिम अली का निम्नलिखित कथन पकिए और प्रश्न 4 का उत्तर लिखिए। –

इब्राहिम अली

  • दारोगा साहब। मैं आपको अतमीनान दिलाता हूँ कि किसी किस्म का दंगा-फसाद न होगा।
  • वापस तो हम न जाएँगे। आपको या किसी को हमें रोकने का हक नहीं।
  • आप बेटन चलाएँ दारोगाजी।

प्रश्न 4.
इस कथन के आधार पर इब्राहिम अली के चरित्र पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
इब्राहिम अली
इब्राहिम अली जुलूस नाटक से एक प्रमुख पात्र है। वह स्वतंत्रता सेनानियों के नेता है। एक नेता के लिए सभी आवश्यक गुण उसमें हैं। वह अपने आप पर भरोसा रखते हैं और अपने पास रहनेवाले लोगों के बारे में भी सोचते हैं। वह अपने वचन निभाने के लिए तैयार है। वह अहिंसावादी है। इसलिए दंगा-फसाद करना नहीं चाहता। वह अपने हक को पूरी तरह समझते है और निडर भी है। दारोगा के बेटन से नहीं डरते हैं। एक सच्चा नेता, मानवतावादी, अहिंसावादी और परोपकारी है इब्राहिम अली।

सूचनाः
‘जुलूस’ के दीनदयाल के ये कथन पढ़िये और प्रश्न 5 का उत्तर लिखिए।

  • जुलूस निकालने से स्वराज मिल जाता तो कब का मिल गया होता।
  • नया दरोगा बीरबल सिंह बड़ा जल्लाद है मैकू।
  • दुकान बंद कर, मैं भी तुम्हारे साथ चलता हूँ मैकू।

प्रश्न 5.
कथनों के आधार पर दीनदयाल का चरित्रचित्रण कीजिए।
उत्तर:
दीनदयाल जुलूस का एक पात्र है। वह बाज़ार में एक दूकान चलाता है। स्वराजियों के प्रति पहले उसके मन में घृणा थी। लेकिन जब उसे यह पहचान हुआ कि ये स्वराजी लोग भारत के लिए ही जुलूस चला रहे हैं और अंग्रेज़ों के विरुद्ध आंदोलन चला रहे हैं, तब उसकी चिंताओं में बदलाव भी आ जाता है। अंत में वह भी जुलूस में भाग लेता है। वह सच्चा देशप्रेमी एवं ईमानदार है।

जुलूस Summary in Malayalam

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 4 जुलूस 4
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जुलूस Glossary

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Kerala State Board New Syllabus Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 3 यह हमारा अधिकार है Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

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कोलाज देखें
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प्रश्न 1.
इस दृश्य ने आपके दिल में कौन-सी प्रतिक्रिया जगाई?
उत्तरः
हमारे देश में बालश्रम करनेवाले कई बच्चे हैं। कठिन काम करके जीते समय भी उनके मन में कई प्रतीक्षाएँ रहती हैं। बालश्रम रूपी बाज. निरीह बचपनों को उठाते वक्त भी वे अपना भविष्य सुंदर आशावरी आँखों से देखने को उत्सुक रहते हैं।

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प्रश्न 2.
पादटिप्पणी की परख, मेरी ओर से
उत्तरः
बालश्रमः घातक गीध

प्रश्न 3.
लक्ष्यार्थ पर केंद्रित है।

प्रश्न 4.
समूचे भाव को आत्मसात किया है।

प्रश्न 5.
प्रभावशाली है।

प्रश्न 6.
सार्वजनिक सूचना अधिकारी के नाम पत्र..
सेवा में,
सार्वजनिक सूचना अधिकारी
रोज़गार मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली।

1. आवेदक का नामहरिता एम
2. डाक का पूरा पताहरितम, शांति नगर, तिरुवनंतपुरम22
3. सूचना का विषयबालश्रम को रोकने के लिए रोज़गार मंत्रालय द्वारा की गई कार्रवाइयों से संबंधित।
4. माँगी गई सूचना का विवरण1. क्या भारत में बालश्रम पर कानूनी रोक है? तो बालश्रम रोकने और उसके खिलाफ़ समाज को सचेत करने के कौन कौन से प्रावधान हैं?
2. मंत्रालय द्वारा रोज़गार जगहों में सूचना पट लगवाने की कौन कौन सी कार्रवाइयाँ ली गई हैं?
3. बालश्रम के बारे में पता चलने पर किस कार्यालय में सूचना देनी है? कार्यालय का दूरभाषा उपलब्ध करा सकते हैं? बालश्रम के लिए प्रेरित करनेवालों को मिलनेवाला अधिकतम दंड क्या है?
5. सूचना डाक या दस्ती में।डाक द्वारा।

तिरुवनंतपुरम
10-07-2014

(हस्ताक्षर)
हरिता एम
उत्तरः

दस रूपए

प्रेषक,
हरिता. एम
हरितम, शांति नगर
तिरुवनंतपुरम

सेवा में,
सार्वजनिक सूचना अधिकारी
रोज़गार मंत्रालय, भारत सरकार,
नई दिल्ली

महोदय,
विषय: बालश्रम को रोकने की कार्रवाइयों से संबंधित।
संदर्भ: सूचना का अधिकार अधिनियम – 2005

1. क्या भारत में बालश्रम पर कानूनी रोक है? समाज को सचेत करने के लिए कौन-कौन से प्राविधान हैं?
2. रोजगार जगहों में सूचना पट लगवाने की कौन-कौन सी कार्रवाइयाँ ली गई हैं?
3. बालश्रम के बारे में पता चलने पर किस कार्यालय में सूचना देनी है? उस कार्यालय का दूरभाष उपलब्ध करा सकते हैं? बालश्रम को प्रेरित करनेवालों को मिलनेवाला अधिकतम दंड क्या है?

भवदीय,
(हस्ताक्षर)
हरिता. एम.

तिरुवनंतपुरम,
10-07-2014

यह हमारा अधिकार है अनुवर्ती कार्य

प्रश्न 7.
पत्र के आधार पर लिखें।

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उत्तरः
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पाठकनामा पढ़ें

सरकारी उच्च माध्यमिक स्कूल
को बड़ी परेशानी होती है।
चिट्टारिपरंब में लगभग तीन
अधिकारियों के सामने कई
हज़ार छात्र अध्ययन कर रहे
बार यह समस्या लाई गई. पर
है। वे शहर की विभिन्न जगहों
काई फायदा नहीं हआ। जल्द
से आते हैं। अधिकांश छात्र
ही-जल्द इसपर कार्रवाई करने
बस का सहारा लेते हैं। बस
की ज़रूरत है।
कम होने की वजह से छात्रों

– राजेश कुमार
सदस्य, अध्यापक-अभिभावक संघ

प्रश्न 8.
पाठकनामा के विषय पर क्या कार्रवाई की गई, उसकी जानकारी पाने के लिए सार्वजनिक सूचना अधिकारी, जिला परिवहन कार्यालय, कण्णूर के नाम एक सूचना अधिकार पत्र तैयार करें।
उत्तरः
सेवा में,
सार्वजनिक सूचना अधिकारी,
सड़क परिवहन कार्यालय,
कण्णूर।

1. आवेदक का नामराजेश कुमार
2. डाक का पूरा पताराजेश भवन, चिट्टारिपरंब, कण्णूर 12.
3. सूचना का विषयबस्सों की कमी के बारे में सडक परिवहन कार्यालय द्वारा की गई कार्रवाइयों से संबंधित
4. माँगी गयी सूचना1. नगरों से गाँव की ओर का विवरण ज्यादा बसें चलाने केलिए कौन कौन से प्राविधान हैं?
2. विद्यार्थियों की यात्रा संबंधी परेशानियाँ दूर करने केलिए क्या क्या कार्रवाइयाँ ली गयी हैं?
5. सूचना डाक या दस्ती मेंडाक द्वारा

कण्णूर
15.03.2016

आवेदक,
(हस्ताक्षर)
राजेश कुमार (सदस्य अध्यापक अभिभावक संघ)
जी.ऐच्य.एस.एस.
चिट्टारिपरंय, कण्णूर 12.

प्रश्न 9.
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 3 यह हमारा अधिकार है 13
उत्तरः
प्रेषक,
के, राजेशकुमार
सदस्य, अध्यापक अभिभावक संध
सरकारी उच्च माध्यमिक स्कूल
चिट्टारिपरंब, कण्णूर

सेवा में,
सार्वजनिक सूचना अधिकारी
सड़क परिवहन कार्यालय
कण्णूर 12

महोदय,
विषय: सरकारी उच्च माध्यमिक स्कूल, चिट्टारिपरंब के छात्रों की परिवहन की कार्रवाइयों की सूचना प्राप्त करने से संबंधित
संदर्भ: सूचना का अधिकार अधिनियम 2005

1. स्कूली छात्रों के परिवहन संबंधी कानूनी अधिकार क्या क्या है?
2. छात्रों के परिवहन अधिकार को लगू करने के लिए परिवहन-मंत्रालय द्वारा कौन-कौन सी कार्रवाइयाँ ली गई हैं?
3. चिट्टारिपरंब में छात्रों को समस्या दूर करने के लिए कौन-कौन से कार्य किए गए हैं?

कण्णूर
10.8.2014

भवदीय
(हस्ताक्षर)
के. राजेशकुमार

पाठकनामक पढ़ें

विजयनगर में पानी बहुत कम मात्रा में आता है और वह भी अशुद्ध होता है। इस सन्दर्भ में हम समय-समय पर अधिकारियों का ध्यान इस और अकृष्ट कराते आए हैं, लेकिन किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया तथा अभी तक कोई कार्यवाही भी नहीं हुई।…..

अजय शर्मा
75/496 जयपूर

प्रश्न 10.
पाठनामा के विषय पर क्या कारवाई की गई, जानकारी पाने केलिए सार्वजनिक सूचना अधिकारी, लोक कर्म विभाग, जयपूर के नाम एक सूचना आधिकार पत्र तैयार करें।
उत्तर:
दस रूपए
सेवा में,
सार्वजनिक सूचना अधिकारी,
लोक कर्म विभाग,
जयपूर।

1. आवेदक का नामअजय शर्मा
2. डाक का पूरा पताविजय नगर, 75/496 जयपूर
3. सूचना का विषयविजयनगर की पानी समस्या के संबंधित में की गयी कार्रवाइयों से संबंधित
4. मांगी गयी सूचना का विवरण1. विजयनगर में पानी कम मात्रा में और वह भी अशुद्ध आने के संबंध में क्या क्या कार्रवाइयाँ ली गयी है?
2. स्थल अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराने केलिए की गयी बातों पर क्या क्या प्राविधान लिए गये हैं?
5. सूचना डाक या दस्ती मेंडाक द्वारा

आवेदक,
(हस्ताक्षर)

विजय नगर
15.03.2016

अजय शर्मा,
विजय नगर, 75/496 जयपूर

सब्जियों में विषैले वरत्तुओं का प्रयोग

अशोक नगर: रामपुरा से केरल में आ रही सब्जियों में विषैले रासायनिक वस्तुओं का प्रयोग कर रहे हैं। केरल के अधिकांश लोग इस बात से वाकिफ नही है। खाद्य पर जितने भी रासायनिक वस्तुओं का प्रयोग हो रहा है, वे स्वास्थ्य केलिए हानिकारक है। कैंसर जैसे बीमारियाँ बढ़ाती है।

प्रश्न 11.
श्रीमती सरलादेवी, 8/375, अशोकनगर, कोट्टयम, रासायनिक प्रयोगों को रोकने केलिए सरकार की ओर से की गयी कारवाइयों की सूचना पाने केलिए राज्य खाद्य सुरक्षा कम्मीशनर, (State Food Safety Commissioner) तैय्क्काड़, तिरुवनन्दपुरम के नाम एक सूचना आधिकार पत्र लिखती है। वह सूचना अधिकार पत्र तैयार करें।
उत्तर:
दस रूपए

सेवा में,
राज्य खाद्य सुरक्षा कम्मीशनर,
तैयक्काड़,
तिरुवनन्तपुरम।

1. आवेदक का नामश्रीमती सरलादेवी
2. डाक का पूरा पता8/375, अशोक नगर, कोट्टयम
3. सूचना का विषयस्वास्थ्य के लिए हानिकारक रूप में सब्जियों में विषैले रासायनिक वस्तुओं के प्रयोग से संबंधित।
4. माँगी गयी सूचना का विवरण1. रामपुरा से केरल में आ रही सब्जियों में विषैले रासायनिक वस्तुओं के प्रयोगों को रोकने के लिए क्या क्या कार्रवाइयाँ ली गयी हैं?
2. खाध्य पदार्थों में विषैले रासायनिक वस्तुओं की उपस्थिति को रोकने केलिए सरकार की ओर से क्या क्या प्राविधान लिए गये हैं?
5. सूचना डाक या दस्ती में डाक द्वारा

आवेदक,
(हस्ताक्षर)

कोट्टयम
15.03.2016

श्रीमती सरलादेवी,
8/375 अशोक नगर, कोट्टयम

यह रपट पढ़ें।

वर्षकालीन बीमारियाँः स्थाई रोकधाम की माँग ज़ोर आलप्पुषा: केरल में वर्षाकालीन बीमारियां फैल रही हैं। बीमारियों की स्थाई रोकधाम की माँग ज़ोर पकड़ रही है। इस दिशा में सरकार हर साल लाखों रुपए व्यय कर रही है। मलेरिया, डेंगु और अन्य जलजन्य रोगों पर काबू पाने के लिए सरकार की ओर से कई योजनाएँ बनाई हैं।….

प्रश्न 12.
वर्षकालीन रोगों की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा की गई कार्रवाइयों की सूचना पाने के लिए गिरीश कुमार, अशोक विहार, आलप्पुषा की ओर से सार्वजनिक सूचना अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, केरल सरकार के नाम सूचना अधिकार पत्र तैयार करें।
उत्तर:
दस रूपए
सेवा में,
सार्वजनिक सूचना अधिकारी,
स्वास्थ्य विभाग,
केरल सरकार, तिरुवनन्तपुरम।

1. आवेदक का नामगिरीश कुमार
2. डाक का पूरा पताअशोक विहार, आलप्पुषा
3. सूचना का विषयवर्षकालीन रोगों की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा की गई कार्रवाइयों से संबन्धित।
4. माँगी गयी सूचना का विवरण1. वर्षकालीन रोगों की रोकधाम के लिए अब तक क्या क्या कारवाईयाँ की गई?
2. नगरपालिका द्वारा विविध प्रकार के जलजन्य रोगों के सूचनापट लगवाने का प्रबन्ध किया या नहीं?
5. सूचना डक या दस्ती में डाक द्वारा

आवेदक,
(हस्ताक्षर)

आलप्पुषा
15.03.2016

गिरीश कुमार,
अशोक विहार, आलप्पुषा

निम्न सुर्खियाँ पढ़िए।

स्कूल में गंदगी:
संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा
1000 छात्रों के लिए तीन शौचालय
स्वच्छता की सीख स्कूली जीवन से होनी चाहिए: मंत्री

प्रश्न 13.
स्कूल और आसपास को स्वच्छ रखने के लिए सरकार द्वारा किए जानेवाले कारवाईयों की जानकारी पाने के लिए सुमन, सदस्य, अध्यापक अभिभावक संघ, सरकारी उच्च माध्यमिक स्कूल, पालक्काड़ की ओर से सार्वजनिक सूचना अधिकारी, शिक्षा विभाग, केरल सरकार, तिरुवनंतपुरम् के नाम सूचना अधिकार पत्र तैयार कीजिए।
उत्तर:
दस रूपए
सेवा में,
सार्वजनिक सूचना अधिकारी,
शिक्षा विभाग, केरल सरकार,
तिरुवनन्तपुरम।

1. आवेदक का नामसुमन
2, डाक का पूरा पताजी. एच. एस. एस. पालक्काड
3. सूचना का विषयस्कूल और आसपास को स्वच्छ रखने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा किए जानेवाले कारवाईयों से संबंधित
4. मांगी गयी सूचना का विवरण1. स्वच्छता की सीख स्कूली जीवन से होनी चाहिए: मंत्री के इस आज्ञा को प्रायोगिक बनाने के लिए क्या क्या कारवाईयाँ की गयी?
2 स्कूल में गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियों के फैलने के खतरे के बारे में प्रधान अध्यापकों को सूचना देने के लिए कोई प्रबन्ध किया या नहीं?
5. सूचना डाक या दस्ती में डाक द्वारा

आवेदक,
(हस्ताक्षर)

पालक्काड
15.03.2016

सुमन,
जी. एच. एस. एस. पालक्काड

निम्न सुर्खियाँ पढ़िए।

दहेज कम होने पर दुल्हें ने शादी से इनकार कर दिया।
दहेज माँगा: युवक की गिरफ्तारी
दहेज के विरोध में महिलाओं का जुलूस

प्रश्न 14.
सार्वजनिक सूचना अधिकारी, समाज कल्याण मंत्रालय, नई दिल्ली के नाम दहेजप्रथा पर कानूनी रोक के संबंध में सूचना पाने के लिए मनीषा परवीण, रागविहार, तिरुवनंतपुरम सूचना का अधिकार पत्र तैयार करती है। वह पत्र तैयार करें।
उत्तर:
दस रूपए

सेवा में,
सार्वजनिक सूचना अधिकारी,
समाज कल्याण मंत्रालय,
नई दिल्ली।

1. आवेदक का नाममनीषा परवीण
2 डाक का पूरा पतारागविहार, तिरुवनंतपुरम
3. सूचना का विषयदहेजप्रथा पर कानूनी रोक के संबंध में समाज कल्याण मंत्रालय द्वारा की गयी कारवाईयों से संबंधित
4. मांगी गयी सूचना1. दवेदप्रथा की रोकधाम का विवरण के लिए अब तक क्या क्या कारवाईयाँ की गयी हैं?
2. समाज कल्याण मंत्रालय द्वारा दहेजप्रथा की रोकधाम के संबंध में आमजनता को जानकारी देने के लिए कोई प्रबन्ध किया या नहीं?
5. सूचना डाक या दस्ती में डाक द्वारा डाक द्वारा

आवेदक.
(हस्ताक्षर)

तिरुवनंतपुरम
15.03.2016

मनीषा परवीण,
रागविहार, तिरुवनंतपुरम

निम्न सुर्खियाँ पकिए।

देश में नारी-उत्पीडन पर रोक की जरूरत
नारी-उत्पीडन रोकने के लिए सरकार कटिबद्ध
नारी-उत्पीडन: कानूनी दंड अपर्याप्त

प्रश्न 15.
कुमारी अंजली, 13 सी / कण्णूर, नारी-उत्पीडन रोकने की दिशा में सरकार की ओर से की गई कार्रवाइयों की सूचना पाने के लिए सार्वजनिक सूचना अधिकारी, गृह विभाग, केरल सरकार के नाम सूचना अधिकार पत्र तैयार करती है। वह पत्र तैयार करें।
उत्तर:
दस रूपए
सेवा में,
सार्वजनिक सूचना अधिकारी,
गृह विभाग,
केरल सरकार

1. आवेदक का नामकुमारी अंजली
2. डाक का पूरा पता13 सी / कण्णूर।
3. सूचना का विषयनारी उत्पीडन रोकने के लिए सरकार द्वारा की गयी कारवाईयों से संबंधित
4. माँगी गयी सूचना का विवरण1. नारी उत्पीडन की रोकधाम के लिए अब तक क्या क्या कारवाईयाँ की गयी हैं?
2. गृह विभाग, केरल सरकार द्वारा नारीउत्पीडन की रोकधाम के संबंध में आमजनता को जानकारी देने के लिए कोई प्रबन्ध किया या नहीं?
5. सूचना डक या दस्ती में डाक द्वारा

आवेदक,
(हस्ताक्षर)

कण्णूर
15.03.2016

कुमारी अंजली,
13 सी / कण्णूर

Plus One Hindi यह हमारा अधिकार है Important Questions and Answers

प्रश्न 1.
निम्न सुखियाँ पढ़िए।
सुरक्षा की कमी: रेल-गाड़ी में स्त्री पर आक्रमण
रेल-यात्रा में स्त्रियों की सुरक्षा पर अधिक जोर देना है: सुप्रीम कोर्ट
स्त्रियों की सुरक्षा के लिए रेलगाड़ी में ज्यादा पुलीस की नियुक्ति की जाएगीः रेल मंत्री

आजकल रेल-गाड़ी में स्त्रियों पर आक्रमण बढ़ रहा है। इसे रोकने के लिए भारतीय रेल मंत्रालय द्वारा की जानेवाली कारवाईयों की जानकारी पाने के लिए राकेश कुमार, मयूर विहार, नई दिल्ली की ओर से सार्वजनिक सूचना अधिकारी, रेल मंत्रालय, नई दिल्ली के नाम सूचना अधिकार पत्र तैयार कीजिए।
उत्तर:
सेवा में,
सार्वजनिक सूचना अधिकारी
रेल मंत्रालय, नई दिल्ली।

1. आवेदक का नामराकेश कुमार
2. आवेदक का पतामयूर विहार, नई दिल्ली
3. सूचना का विषयरेलगाड़ी में स्त्रियों पर होनेवाले आक्रमण को रोकने केलिए की गई कार्यवाइयों से संबंधित
4. मांगी गई सूचना का विवरण1. इस साल रेलगाड़ी में स्त्रियों पर कितना आक्रमण अभी तक हुआ है?
2. रेलगाड़ी में स्त्री सुरक्षा केलिए कौन कौन से प्रावधान है?
3. इसी मामले में कितने लोगों को गिरफ्तार किये हैं और कितने लोगों को सजा मिला है?
4. तकनीकी विकास से रेलगाड़ी के सुरक्षा में कोई नया सुविधा इस्तेमाल किया है या नहीं।
5. सूचना डाक या दस्ती में डाक द्वारा

नई दिल्ली,
20.06.2016

आवेदक,
राकेश कुमार
मयूर विहार,
नई दिल्ली

यह हमारा अधिकार है Summary in Malayalam

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यह हमारा अधिकार है Glossary

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Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 मधुऋतु

Kerala State Board New Syllabus Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 मधुऋतु Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

Kerala Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 मधुऋतु

प्रश्न 1.
सूखे तिनको’ से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
निराशा।

प्रश्न 2.
उषा शब्द किन-किन की ओर इशारा करता?
उत्तर:
प्राची में आनेवाली उषा प्रकाश-किरण के रूप में लालिमा लेकर आती है। कवि की रागात्मक दुनिया में आनेवाली उषा, प्रेमिका के रूप में जीवन में सौंदर्य की लालिमा लेकर आती है। संक्षेप में उषा प्रणयातुर दिलों में उपस्थित प्रतीक्षा,संतोष, तीव्रानुभूति आदि की ओर इशारा करता है।

अनुवर्ती कार्य

प्रश्न 1.
छायावाद में कवि कोमल पदावलियों का प्रयोग करते थे। निम्नलिखित शब्दों के स्थान पर कविता में प्रयुक्त शब्द छाँटकर लिखें।
वसंत, मौसम, भूमि, आकाश, जंगल, शिशिर, कलि, किसलय, मलयसमीर, आँख, कमल, प्रभात, पूरब, समुद्र, चाँद, रात
उत्तर:
वसंत = मधुऋतु
मौसम = दो दिन
भूमि = वसुधा
आकाश = नभ
जंगल = झाड़खंड
शिशिर = पतझड़
कलि = कुसुम
किसलय = पल्लव
मलयसमीर = मलयानिल
आँख = नयन
कमल = नलिन
प्रभात = उषा
पूरब = लघुप्राची
समुद्र = जलधि
चाँद = शशि
रात = निशि

प्रश्न 2.
निम्नलिखित पंक्तियों का आशय व्यक्त करें।
इस एकांत सृजन में कोई
कुछ बाधा मत डालो
जो कुछ अपने सुंदर से हैं
दे देने दो इनको।
उत्तर:
प्रेम के ऐकांत सृजन कार्य में कोई बाधा उपस्थित नहीं करनी है। अपने में जो कुछ सुन्दर हैं, उसे प्रेम-युग्मों को देना है।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित छायावादी प्रवृत्तियों को सूचित करनेवाली पंक्तियाँ लिखें।
प्रकृति चित्रण
मानवीकरण
सौंदर्यवर्णन
प्रेमानुभूति
उत्तर:
प्रकृति चित्रण – ‘जवा कुसुम-सी उषा खिलेगी मेरी लघुप्राची में
मानवीकरण – ‘आ गई है भूली-सी यह मधुऋतु दो दिन को
सौंदर्यवर्णन – ‘हँसी भरे उस अरुण अधर का राग रंगेगा दिन को
प्रेमानुभूति – ‘चुंबन लेकर और जगाकर मानस नयल नलिन को

प्रश्न 4.
कविता की आस्वादन-टिप्पणी लिखें।
उत्तर:
सुप्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार जयशंकर प्रसाद की कविता है ‘मधुऋतु। यह एक सुंदर कविता है। ‘मधुऋतु’ छायावादी कविता है। कविता में वसंतऋतु का सुंदर वर्णन हुआ है। वसंतऋतु आ गया है। वह भूली-सी है। कवि उसे एक व्यथा – साथिन के समान देखते हैं। कवि अपने मन में उसके लिए छोटी कुटिया बना देते हैं। कवि कहते हैं कि प्रेमी रहता है भूमि और आकाश के बीच में। प्रेमविहीन लोग यहीं पर नहीं रहते। कवि का प्रेम वसंतऋतु रूपी प्रेमिका से हुआ है। इससे कवि के हृदय प्रेममय हो गया है। इस प्रेममय वातावरण में आशा के नये अंकुर झूलते हैं। इस प्रेममय वातावरण में मलयानिल बहकर आता है। उसकी लहरें सिहर मर देती है। मलयानिल कवि के मानस नयन नलिन को चुंबन करके जगाता है।

वसंतऋतु में प्रभात लालिमा से भरा-हुआ रहता है। संसार में हमेशा रोशनी भी रहती है। वसंतऋतु में चाँदनी फैल जाती है और प्रकृति डिम की बूंदों की वर्षा करती है। वसंतऋतु में प्रेम का एकांत सृजन कार्य होता है। कवि निवेदन करते हैं कि इस में किसी को बाधा उपस्थित नहीं करनी है। कवि का उपदेश है अपने में जो कुछ सुन्दर है उसे प्रेम-युग्मों को दे देना है। ‘मधुऋतु’ में प्रकृति चित्रण, मानवीकरण, सौंदर्यवर्णन, प्रेमानुभूति आदि छायावादी प्रवृत्तियों का सुन्दर समावेश हुआ है। पदावली अत्यंत कोमल है। पंक्तियों का आशय आसानी से समझ सकते हैं। शीर्षक सार्थक और संगत है।

प्रश्न 5.
आस्वादन-टिप्पणी की परख, मेरी ओर से कवि का परिचय है।
उत्तरः
ये पंक्तियाँ ‘मधुऋतु’ कविता से प्रस्तुत हैं। ‘मधुऋतु’ एक सुंदर छायावादी कविता है। ‘मधुऋतु’ की रचना की है कवि जयशंकर प्रसाद ने। हिंदी के सुप्रसिद्ध छायावादी कवि हैं जयशंकर प्रसाद। वसंतऋतु आ गया है। वह एक साथिन के समान है। उसका मन व्यथा से भरपूर है। मैं उसके लिए एक सुंदर कुटिया बना दूंगा। प्रणयहीन दिलवाले लोगों को यहाँ पर प्रवेश निषेध है। वसंतऋतु के आगमन के कारण मेरे मन में नयी नयी आशाएँ एवं प्रतीक्षाएँ भर रही हैं। अब मेरा जीवन किसलयों से निर्मित लघुभव-सा हो गया है। मेरा यह सुंदर जीवन किसी को कोई कष्ट न देनेवाला है। छायावादी कविता से युक्त प्रेम, प्रकृति वर्णन, सौंदर्य, मानवीकरण, लाक्षणिकता, चित्रमयता, काल्पनिकता, कोमलकांत पदावली, मधुरता, सरसता आदि गुणों से संपन्न है प्रस्तुत कवितांश। हमें दूसरों की जिंदगी में कोई बाधा न डालनी है-यह संदेश कवितांश द्वारा कवि हमें देते हैं। साथ-साथ प्रकृति के प्रति प्यार रखने का संदेश भी हमें मिलता है।

प्रश्न 6.
कविता की काव्यधारा और रचनाकाल की सूचना है।
उत्तर:
* प्रकृति वर्णन
अंतरिक्ष छिड़केगा कन-कन
निशि में मधुर तुहिन को

* प्रेम
छोटी-सी कुटिया मैं रच दूँ,
नई व्यथा साथिन को!

* सौंदर्य
जवा कुसुम-सी उषा खिलेगी
मेरी लघुप्राची में

* मानवीकरण
अरे आ गई है भूली-सी
यह मधुऋतु दो दिन को

* लाक्षणिकता
आशा से अंकुर झूलेंगे
पल्लव पुलकित होंगे,

* चित्रमयता
छोटी-सी कुटिया मैं रच दूं.
नई व्यथा साथिन को!

* काल्पनिकता
वसुधा नीचे उपर नभ हो,
नीड़ अलग सबसे हो

* कोमलकांत पदावली
इस एकांत सृजन में कोई
कुछ बाधा मत डालो

* मधुरता
अंधकार का जलधि लाँधकर
आवेंगी शशि-किरनें

* सरसता
जो कुछ अपने सुंदर से हैं
दे देने दो इनको।

प्रश्न 7.
कविता का सार है।
उत्तर:
प्रस्तुत कवितांश श्री जयशंकर प्रसाद के मधुऋतु कविता से है। प्रसाद छायावादी कविता के क्षेत्र के प्रमुख है। झरना, लहर, कामायनी आदि आपके प्रसिद्ध रचनायें है। प्रेम, प्रकृति,सौंदर्य, मानवीकरण आदि छायावादी कविताओं की सभी विशेषतायें आपके कविता में देख सकते हैं। वसंद (मधुऋतु) आने पर प्रकृति में कई प्रकार के परिवर्तन आते हैं। इन परिवर्तनों को कवितांश में प्रकट किया है। आशा के नए-नए अंकुर झूलेंगे और पल्लव रोमांचित हो जाएँगे। मेरे किसलय का लघु मनोहर संसार किसको बुरा लगेगा यानि किसीको बुरा नहीं लगेगा। रोमांचित मलयानिल की लहरें काँपते हुए आएँगी और मन में नयनरूपी कमल को चूमकर जगाएँगी। यहाँ कवि सरल शब्दों में वसंद के आगमन के साथ आनेवाली परिवर्तनों को दिखाया है। परिवर्तनल के लिए हमारा मन परिवर्तन बहुत आवश्यक है। हमें अच्छे बातों को स्वीकार करना ज़रूरी है। यह प्रासंगिक कविता है।

प्रश्न 8.
अपने दृष्टिकोण में कविता का विश्लेषण किया है।
(काव्यधारा और रचनाकाल के अनुरूप भाषा, प्रतीक आदि।)
उत्तर:
प्रकृति वर्णन, प्रेम, सौंदर्य, मानवीकरण, लाक्षणिकता, चित्रसयता, काल्पनिकता, कोमलकांत पदावली, मधुरता, सरसता आदि हैं।

प्रश्न 9.
इन बिंदुओं पर ध्यान देते हुए कविता का आलाप करें।
भावानुकूल प्रस्तुति
उचित ताल-लय
सटीक शब्द-विन्यास

प्रश्न 10.
निम्नलिखित कवितांश पढ़ें और प्रश्नों के उत्तर लिखें।
मधुऋतु
अरे आ गई है भूली-सी
यह मधुऋतु दो दिन को,
छोटी-सी कुटिया मैं रच दूँ,
नई व्यथा साथिन को!
वसुधा नीचे उपर नभ हो,
नीड़ अलग सबसे हो,
झाड़खंड के चिर पतझड़ में।
भागो सूखे तिनको!
आशा से अंकुर झूलेंगे
पल्लव पुलकित होंगे,
मेरे किसलय का लघुभव यह,
आह, खलेगा किनको?

i) इन पंक्तियों के कवि कौन हैं?
उत्तर:
जयशंकर प्रसाद।

ii) ‘जंगल’ का समानार्थी शब्द कवितांश से ढूँढकर लिखें।
उत्तर:
झाड़खंड।

iii) ‘भागो सूखे-तिनको’ से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
वसंत ऋतु में पतझड़ के सूखे तिनकों-पत्तों का कोई स्थान नहीं होता, ठीक उसी प्रकार प्रणयातुर दिल में दुख और निराशा का भी कोई स्थान नहीं। प्रणयहीन दिलों को प्रणय के दुनिया में कोई जगह नहीं है।

प्रश्न 11.
निम्नलिखित कवितांश पढ़ें और प्रश्नों के उत्तर लिखें।
सिहर भरी कैंपती आवेंगी
मलयानिल की लहरें,
चुंबन लेकर और जगाकर
मानस नयन नलिन को।
जवा कुसुम-सी उषा खिलेगी
मेरी लघुप्राची में,
हँसी भरे उस अरुण अधर का
राग रँगेगा दिन को।
अंधकार का जलधि लाँघकर
आवेंगी शशि-किरने
अंतरिक्ष छिड़केगा कन-कन
निशि में मधुर तुहिन को
इस एकांत सृजन में कोई
कुछ बाधा मत डालो
जो कुछ अपने सुंदर से हैं
दे देने दो इनको।

i) मलयानिल की लहरें कैसे आती हैं?
उत्तर:
सिहर भरके कॉपती।

ii) प्रेमिका के कमल-नयनों को कौन चूमता है?
उत्तर:
मलयानिल।

iii) रात में हिमकणों को कौन छिड़कता है?
उत्तर:
अंतरिक्ष।

iv) कवितांश की आस्वादन टिप्पणी लिखें।
उत्तर:
पंक्तियाँ ‘मधुऋतु’ कविता से प्रस्तुत हैं। ‘मधुऋतु’ एक सुंदर छायावादी कविता है। ‘मधुऋतु’ की रचना की है कवि जयशंकर प्रसाद ने। हिंदी के सुप्रसिद्ध छायावादी कवि हैं जयशंकर प्रसाद। प्रकृति सदा सक्रिय रहती है। वह अपने आपको सदा अलंकृत रहती है। हमें प्रकृति में कोई बाधा न डालनी चाहिए। हमें प्रकृति के सौंदर्य को बढ़ाने में सदा तत्पर रहना चाहिए। हमसे प्रकृति का विनाश नहीं, बल्कि प्रकृति का संरक्षण होना चाहिए। छायावादी कविता से युक्त प्रेम, प्रकृति वर्णन, सौंदर्य, मानवीकरण, लाक्षणिकता, चित्रमयता, काल्पनिकता, कोमलकांत पदावली, मधुरता, सरसता आदि गुणों से संपन्न है प्रस्तुत कवितांश। हमें दूसरों की जिंदगी में कोई बाधा न डालनी है यह संदेश कवितांश द्वारा कवि हमें देते हैं। साथ-साथ प्रकृति के प्रति प्यार रखने का संदेश भी हमें मिलता है। प्रकृति संरक्षण, पारस्परिक प्रेम समभाव, सक्रियात्मकता आदि का भी संदेश हमें इस कवितांश से मिलता है।

प्रश्न 12.
‘अरे आ गई है भूली सी यह’ – कौन आ गई है?
उत्तर:
मधुऋतु’।

प्रश्न 13.
‘मधुऋतु’ रूपी प्रेमिका क्यों भूली-भटकती-सी आई है?
उत्तर:
प्रेमिका के मन में प्रेमी के प्रति तीव्र अनुराग है। कोई भी प्रेमिका अपनी प्रणय भावना खुल्लम-खुल्ला प्रकट करना नहीं चाहती। दिल में प्रणय छिपाकर वह भूली-भटकी सी आ रही है।

प्रश्न 14.
प्रेमी नई व्यथा-साथिन के लिए क्या करना चाहता है?
उत्तर:
छोटी -सी कुटिया रच देना चाहती है।

प्रश्न 15.
प्रेम का नीड़ कहाँ स्थित है?
उत्तर:
नीचे की वसुधा और ऊपर के नभ-दोनों से अलग।

प्रश्न 16.
जंगल के पतझड़ में किसको भाग जाना है?
उत्तर:
सूखे तिनके को (प्रणयहीन दिलवाले लोगों को)।।

प्रश्न 17.
वसंत के आगमन पर कौन-सी ऋतु चली जाती है?
उत्तर:
शिशिर (पतझड़ की ऋतु)

प्रश्न 18.
‘पतझड़’ का समानार्थी शब्द क्या है?
उत्तर:
शिशिर।

प्रश्न 19.
पतझड़ (शिशिर) की क्या क्या विशेषताएँ हैं?
उत्तर:
झाड़खंड में पतझड़ होता है। तिनके, पत्ते आदि सूखकर नीरस और शुष्क बन जाता है।

प्रश्न 20.
वसंत की विशेषताएँ क्या क्या होती है?
उत्तर:
अंकुर झूलते हैं। पल्लव पुलकित हो जाते हैं। मलयानिल की लहरों से नलिन खिल जाते हैं। जवा कुसुम-सी उषा खिलेगी। अंधकार का जलधि लाँघकर शशि-किरण आती हैं। निशि में अंतरिक्ष मधुर तुहिन छिड़केगा।

प्रश्न 21.
वसंत किन-किन का प्रतीक हो सकता है?
उत्तर:
प्रेम और आशा से प्रणयातुर दिल को मोहक और मादक बनानेवाली प्रेयसी का प्रतीक होता है।

प्रश्न 22.
अगर वसंत प्रेम और आशा का प्रतीक है तो पतझड़ किन-किन का प्रतीक हो सकता है?
उत्तर:
दुख और निराशा से भरे प्रणयहीन दिलों का प्रतीक होता है।

प्रश्न 23.
वसंत के आगमन से प्रेमी के मन में किसका अंकुर झूलने लगता है?
उत्तर:
आशा के अंकुर।

प्रश्न 24.
लाल कुसुम के समान उषा कहाँ खिलेगी?
उत्तर:
कवि के लघुप्राथी में।

प्रश्न 25.
उषा कहाँ उदित होती है?
उत्तर:
लघुप्राची में।

प्रश्न 26.
उदय के समय आसमान में कौन सा रंग फैल जाता है?
उत्तर:
लाल रंग।

प्रश्न 27.
उषा का आगमन कैसा है?
उत्तर:
जवा कुसुम-सी।

प्रश्न 28.
अंधकार के सागर को पारकर कौन आता है?
उत्तर:
शशि-किरने।

प्रश्न 29.
प्रेमयुग्मों को आपस में क्या दे देना है?
उत्तर:
जो कुछ अपने सुंदर से हैं-उनको दे देना है।

प्रश्न 30.
वसंत ऋतु में प्रकृति को मोहक बनानेवाले अंग कौनकौन से हैं?
उत्तर:
वसंत ऋतु में प्रकृति को खूबसूरती प्रदान करने में अंकुर, किसलय, कलियाँ, फूल, पत्ते, तित्तली, भ्रमर, कोयल, मंदपवन सबकी अपनी-अपनी भूमिका है।

प्रश्न 31.
‘मेरे किसलय का लघुभव’ से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
किसी एक के बिना प्रकृति की सुंदरता अधूरी रह जाती है। उस सुंदरता में किसलय भी अपना एक छोटा संसार रचता है।

प्रश्न 32.
एकांत में कौन बैठे हैं?
उत्तर:
प्रेमयुग्म।

प्रश्न 33.
‘कुछ बाधा मत डालो’ कवि क्यों ऐसा कहता है?
उत्तर:
वसंतकाल अपनी संपूर्ण भंगिमा के साथ पूरे प्रकृति में छा रहा है। इस एकांत सृजन कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं होनी चाहिए। वसंतकाल में वसंत और प्रकृति अपनी सुंदरतम चीज़ों को बिना माँगे आपस में समर्पित करते हैं। यही समर्पण सृजन सौंदर्य का रहस्य होता है। प्रेमिका अपने संपूर्ण रूप – सौंदर्य से युक्त होकर प्रेमी के जीवन में छा रही है। प्रेमी – प्रेमिका के मिलन और प्रणय-सृजन के अपूर्व एवं रहस्यमयी बेला में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं होनी चाहिए।

प्रश्न 34.
सृजन का सौंदर्य कैसे पूर्ण होता है?
उत्तर:
प्रेम के चरमोत्कर्ष क्षणों में प्रेमी-प्रेमिका का दुवैतभाव समाप्त हो जाता है और दोनों एकाकार हो जाते हैं। सृजन के वे क्षण सृष्टि के सुंदरतम सौंदर्य की वेला भी है।

Plus One Hindi मधुऋतु Important Questions and Answers

सूचनाः

निम्नलिखित कवितांश पढ़िये और 1 से 4 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
अरे आ गई है भूली-सी
यह मधुऋतु दो दिन को,
छोटी-सी कुटिया मैं रच दूं.
नई व्यथा साथिन को!
वसुधा नीचे ऊपर नभ हो.
नीड़ अलग सबसे हो,
झाड़खंड के चिर पतझड़ में
भागो सूखे तिनको!

प्रश्न 1.
यह कवितांश किस कविता से लिया गया है?
उत्तर:
मधुऋतु

प्रश्न 2.
कविता के ‘नम’ शब्द का समानार्थी शब्द कोष्ठक से चुनकर लिखिए। (आकाश, नीड़, भूमि, पतझड़)
उत्तर:
आकाश

प्रश्न 3.
वसंत के आगमन पर सूखे तिनकों को क्या करना है?
उत्तर:
कवि कहते हैं कि वसंत के आगमन पर सूखे तिनकों को भागना है क्योंकि वसंत नयी प्रतीक्षा का समय है।

प्रश्न 4.
कवितांश की आस्वादन टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
प्रस्तुत कवितांश श्री जयशंकर प्रसाद के मधुऋतु नामक कविता से है। प्रसाद जी छायावादी कवियों में अग्रणी है। झरना, आँसू, कामायनी आदि आपके प्रसिद्ध रचनायें है। कवि के साधारण जीवन में वसंत ऋतु अचानक आ गई है। वसंत काल केवल कुछ दिन केलिए आता है। इसलिए कवि अपनी छोटी सी कुटिया में प्रेम के नई व्यथा सहेली केलिए रचना चाहता है। कवि का कहना है कि वह अपना नीड़ यानी घर धरती और आकाश के बीच सृजन करना चाहता है। प्रेम साधारण जीवन से परे है। अपने जीवन रूपी जंगल से सूखे तिनकों को भागने केलिए कवि कहते है क्योंकि वसंत केलिए वह अपने आपको सजाना चाहता है।

यहाँ कवि तत्सम शब्दों से प्रेम और उसकी पीड़ा का वर्णन करते हैं। जीवन में कुछ खोने से ही कुछ प्राप्त करेगा। यह एक छात्रानुकूल कविता हैं। नयी पीढ़ी को आह्वान करते है कि त्याग से ही हमारे जीवन में तरक्की होगा।

सूचना :

निम्नलिखित कवितांश पदें और 1 से 4 तक के प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
आशा से अंकुर झूलेंगे
पल्लव पुलकित होंगे,
मेरे किसलय का लघुभव यह,
आह, खलेगा. किनको?
सिहर भरी कैंपती आवेंगी
मलयानिल की लहरें,
चुंबन लेकर और जगाकर
मानस नयन नलिन को।

प्रश्न 5.
यह कवितांश किस कविता से लिया गया है?
उत्तर:
मधुऋतु

प्रश्न 6.
कविता के ‘नयन’ शब्द का समानार्थी शब्द कोष्ठक से चुनकर लिखिए। (कमल, आँख, हवा, लहर)
उत्तर:
आँख

प्रश्न 7.
मलयानिल की लहरें कैसे आती हैं?
उत्तर:
सिहर भरी कैंपती आवेंगी मलयानिल की लहरें।

मधुऋतु Summary in Malayalam

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 मधुऋतु 1
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 मधुऋतु 2
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 मधुऋतु 3
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 मधुऋतु 4

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 मधुऋतु 5
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 मधुऋतु 6
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 मधुऋतु 7
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 मधुऋतु 8

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 मधुऋतु 9
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 मधुऋतु 10
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 मधुऋतु 11
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 मधुऋतु 12

मधुऋतु Glossary

Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 मधुऋतु 13
Plus One Hindi Textbook Answers Unit 1 Chapter 2 मधुऋतु 14

Plus One Botany Notes Chapter 7 Transport in Plants

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Kerala Plus One Botany Notes Chapter 7 Transport in Plants

Translocation:
It is the transport over longer distances takes place through the vascular system (the xylem and the phloem)

Means of transport:
Diffusion:

  • It is passive process takes place from the regions of higher concentration to regions of lower
  • Diffusion is a slow process and is not dependent on a ‘living system’, it mainly occurs in gases and liquids.
  • Diffusion is very important to plants for gaseous movement within the plant body.

Plus One Botany Notes Chapter 7 Transport in Plants

Rate of diffusion:
Factors influencing diffusion are

  1. Gradient of concentration
  2. The permeability of the membrane separating them
  3. Temperature and pressure.

Facilitated Diffusion:
Substances that have a hydrophilic moiety difficult to pass through the membrane, their movement to be facilitated by protein.
Plus One Botany Notes Chapter 7 Transport in Plants 1
What is the requirement for facilitated diffusion?

  • Special membrane proteins help the movement of substances across membranes
  • Movement of substance takes place without the expenditure of ATP or energy.

Rate of facilitated diffusion:
The diffusion rate depends on the

  1. size of the substances.
  2. solubility in lipids

Features:

  1. Substances soluble in lipids diffuse through the membrane faster.
  2. It is specific and allows the cell to select substances for uptake.
  3. It is sensitive to inhibitors which react with protein side chains.
  4. Transport rate reaches a maximum when all of the protein transporters are being used (saturation).
  5. The proteins form channels in the membrane. Some channels are always open others can be controlled

Nature of transport protein:
1. The porins are proteins that form huge pores in the outer membranes of the plastids, mitochondria and some bacteria that allowing molecules up to the size of small proteins to pass through.

2. Some of the transport protein rotates and releases the molecule inside the cell, eg: water channels – made up of eight different types of aquaporins.

Plus One Botany Notes Chapter 7 Transport in Plants 2

Plus One Botany Notes Chapter 7 Transport in Plants

Passive symports, antiports and uniport:

  1. In a symport, both molecules cross the membrane in the same direction with help of carrier or transport proteins.
  2. In an antiport, they move in opposite directions.
  3. When a molecule moves across a membrane independent of other molecules, the process is called uniport.

Active Transport:
Active transport is a uphill process why?

  • Proteins transport substances from a low concentration to a high concentration (‘uphill’ transport) by using energy
  • It is carried out by membrane-proteins.
  • Transport rate reaches a maximum when all the protein transporters are being used or are saturated.
  • This carrier protein is very specific in transport and sensitive to inhibitors that react with protein side chains.

Comparison of Different Transport Processes:

  • Proteins in the membrane show common characteristics of being highly selective; they are liable to saturate, respond to inhibitors and are under hormonal regulation.
  • But diffusion whether facilitated or not take place only along a gradient and do not use energy.

Plus One Botany Notes Chapter 7 Transport in Plants 3

Plant- Water relations:

  • Water is the medium in which most substances are dissolved.
  • The protoplasm of the cell contains water in which different molecules are dissolved and suspended.
  • A watermelon has over 92 percent water; most herbaceous plants have only about 10 to 15 percent of its fresh weight as dry matter.
  • Terrestrial plants take up huge amount water daily but most of it is lost to the air through evaporation from the leaves, i.e., transpiration.
  • A mature corn plant absorbs almost three litres of water in a day, while a mustard plant absorbs water equal to its own weight in about 5 hours.
  • Water is the limiting factor for plant growth and productivity.

Plus One Botany Notes Chapter 7 Transport in Plants

Water Potential:

  • It is the sum of Solute potential and pressure potential.
    • \(\Psi_{w}=\Psi_{x}+\Psi_{p}\)
  • Water potential is denoted by the Greek symbol Psi.
  • It is expressed in pressure units such as pascals (Pa).

Solution have a lower water potential than pure water why?
When solute dissolves water potential is decreased called solute potential (negative sign)

  • Water molecules possess kinetic energy. The greater the concentration of water in a system, the greater is its kinetic energy or ‘water potential’.
  • Water move from the higher water potential to the lower water potential.

How can increase water potential?

  • If a pressure greater than atmospheric pressure is applied to pure water or a solution, its water potential increases
  • Water enters a plant cell due to diffusion causing a pressure built up against the cell wall, it makes the cell turgid, this increases the pressure potential. (sign is positive)
  • Water potential of a cell is affected by both solute and pressure potential.
For a solution at atmospheric pressure (water potential) = (solute potential)
Pure water have the greatest water potential. It is taken as zero.

Osmosis:
It is the diffusion of water across the semi-permeable membrane.
Rate of osmosis: It is influenced by

  • pressure gradient
  • concentration gradient.

1. In plant cells, the cell membrane the membrane of the vacuole (tonoplast) are together determines the movement of molecules in or out of the cell.

2. Water flows from its region of higher chemical potential (or concentration) to its region of lower chemical potential until equilibrium is reached.

3. At equilibrium the two chambers should have the same water potential.
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Plus One Botany Notes Chapter 7 Transport in Plants

Experiment to demonstrate osmosis:
1. In potato osmometer experiment, the tuber is placed in water the cavity in the potato tuber containing a concentrated solution of sugar collects water due to osmosis.

2. In thistle funnel experiment, sucrose solution in a funnel is separated from pure water in a beaker through a semi-permeable membrane .After some time water will move into the funnel resulting in rise in the level of the solution in the funnel. This will continue till the equilibrium is reached.

Reverse osmosis:
If an external pressure is applied from the upper part of the funnel, no water diffuses into the funnel through the membrane.
1. This pressure required to prevent water from diffusing is the osmotic pressure and this is the function of the solute concentration.

2. If increasing the solute concentration, the greater pressure is required to prevent water from diffusing in. Osmotic pressure is the positive pressure applied, while osmotic potential is negative.

3. A demonstration of osmosis. A thistle funnel is filled with sucrose solution and kept inverted in a beaker containing water, (a) Water will diffuse across the membrane (as shown by arrows) to raise the level of the solution in the funnel (b) Pressure can be applied as shown to stop the water movement into the funnel.
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Plasmolysis:
Importance of hypertonic solution:
When a cell is placed in a hypertonic solution water moves out due exosmosis, it causes the protoplast to shrink away from the walls. This is called plasmolysis. The cell become flaccid in state. The process of plamolysis is usually reversible.
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Cells become turgid state in pure water?
When the cells are placed in a hypotonic solution (higher water potential or dilute solution as compared to the cytoplasm), water diffuses into the cell due to endosmosis causing the cytoplasm to build up a pressure against the wall, that is called turgor pressure.

Isotonic solution:
If the external solution balances the osmotic pressure of the cytoplasm,it is said to be isotonic. When the cell (or tissue) is placed in an isotonic solution, there is no net flow of water towards the inside or outside. If the external solution is more dilute than the cytoplasm, it is hypotonic, cells swell in hypotonic solutions and shrink in hypertonic ones.

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Imbibition:
Imbibition is a special type of diffusion when water is absorbed by hydrophilic colloids and increase in volume.
Examples of imbibition:

  1. Absorption of water by seeds and dry wood
  2. Emerging out of seedlings from the soil

Water potential gradient between the absorbent and the liquid imbibed is essential for imbibition.

Long distance transport of water:

  • Mass flow is the movement of substances in bulk or en masse from one point to another as a result of pressure differences between the two points.
  • The bulk movement of substances through the conducting or vascular tissues of plants is called translocation.
  • Xylem is associated with translocation of water, mineral salts, some organic nitrogen and hormones, from roots to the aerial parts of the plants.
  • Phloem translocates organic and inorganic solutes, mainly from the leaves to other parts of the plants.

How do Plants Absorb Water?
Water is absorbed along with mineral solutes move deeper into root layers by two distinct pathways.
1. Apoplast pathway:

  • The apoplastic movement of water occurs exclusively through the intercellular spaces and the walls of the cells except at the casparian strips of the endodermis in the roots.
  • The apoplast does not provide any barrier to water movement and water movement is through mass flow i.e tension develop in the continuous stream of water in the apoplast due to the adhesive and cohesive properties of water

Plus One Botany Notes Chapter 7 Transport in Plants 7

2. Symplast pathway:

  • In symplastic movement the water travels through the cytoplasm of the cells
  • This intercellular movement takes place through the plasmodesmata. ‘Symplastic movement is aided by cytoplasmic streaming.
  • eg: cytoplasmic streaming in cells of the Hydrilla leaf; the movement of chloroplast due to streaming is easily visible.

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Plus One Botany Notes Chapter 7 Transport in Plants

Apoplastic pathway is not always continuous through cell wall why?
Apoplastic pathway is continuous upto the inner boundary of the cortex, the endodermis, is impervious,to water because of a band of suberised matrix called the casparian strip.

The water then moves through the symplast and again crosses a membrane to reach the cells of the xylem. This is the only way water and other solutes can enter the vascular cylinder.

Additional structures in water and mineral absorption:
1. A mycorrhiza is a symbiotic association of a fungus with a root system. The hyphae have a very large surface area that absorb mineral ions and water from the soil. The fungus provides minerals and water to the roots, in turn the roots provide sugars and N-containing compounds to the mycorrhizae.

2. Some plants have an obligate association with the mycorrhizae. For example, Pinus seeds cannot germinate and establish without the presence of mycorrhizae.

Water Movement up a Plant:
Root Pressure:

  • As various ions from the soil are actively transported into the vascular tissues of the roots, water flows (its potential gradient) and increases the pressure inside the xylem.
  • This positive pressure is called root pressure.
  • It helps to pushing up water to small heights.

Experiment to demonstrate root pressure:
When a small soft-stemmed plant is taken and cut the stem horizontally near the base with a sharp blade, early in the morning ,the drops of solution ooze out of the cut stem; this occurs due to positive root pressure.

When root pressure is high in herbaceous plants?
Effects of root pressure is also observable at night and early morning when evaporation is low, and excess water collects in the form of droplets around special openings of veins near the tip of grass blades, and leaves of many herbaceous parts.

Such water loss in its liquid phase is known as guttation. Root pressure do not play a major role in water movement up tall trees but it occurs in most plants by transpiratory pull

Transpiration pull:

  • Water is mainly ‘pulled’ through the plant with help of driving force – transpiration from the leaves referred to as the cohesion – tension – transpiration pull model of water transport.
  • Less than 1 percent of the water reaching the leaves is used in photosynthesis and plant growth.
  • Most of it is lost through the stomata in the leaves. This water loss is known as transpiration.

Plus One Botany Notes Chapter 7 Transport in Plants

Transpiration:
Transpiration is the evaporative loss of water occurs mainly through the stomata in the leaves.

  • Normally stomata are open in the day time and close during the night.
  • The opening or closing of the stomata is due to change in the turgidity of the guard cells.
  • The inner wall of each guard cell is thick and elastic.
  • When turgidity increases within the two guard cells the thin outer walls bulge out and opens the stoma. This is also aided due to the orientation of the microfibrils in the cell walls of the guard cells.
  • When the guard cells lose turgor, due to water loss (or water stress) the guard cells become flaccid and the stoma closes.

Plus One Botany Notes Chapter 7 Transport in Plants 9
Distribution of stomata in leaf:

  • The dorsiventral (often dicotyledonous) leaf has a greater number of stomata in the lower surface
  • Isobilateral (often monocotyledonous) leaf they are equally distributed on both surfaces.

Factors influencing transpiration:
External factors:
Temperature, light, humidity, wind speed

Plant factors:
Number and distribution of stomata, number of stomata open, per cent, water status of the plant, canopy structure, etc.

The transpiration driven ascent of xylem sap depends mainly on the following physical properties of water:

1. Cohesion: mutual attraction between water molecules.
2. Adhesion: attraction of water molecules to polar surfaces (such as the surface of tracheary elements).
3. Surface Tension: water molecules are attracted to each other in the liquid phase more than to water in the gas phase.
  • These properties give water high tensile strength, i.e., an ability to resist a pulling force, and high capillarity, i.e., the ability to rise in thin tubes.
  • In plants capillarity is aided by the small diameter of the tracheary elements – the tracheids and vessel elements
  • As water evaporates through the stomata results in pulling of water molecule by molecule, into the leaf from the xylem.
  • This occurs due to lower concentration of water vapour in the atmosphere as compared to the substomatal cavity and intercellular spaces, water diffuses into the surrounding air. This creates a ‘puli’.

Plus One Botany Notes Chapter 7 Transport in Plants 10

Plus One Botany Notes Chapter 7 Transport in Plants

Transpiration and Photosynthesis – a Compromise:
Advantageous of transpiration:

  1. creates transpiration pull for absorption and transport of plants
  2. supplies water for photosynthesis
  3. transports minerals from the soil to all parts of the plant
  4. cools leaf surfaces, sometimes 10 to 15 degrees, by evaporative cooling
  5. maintains the shape and structure of the plants by keeping cells turgid
  6. When water depleted by transpiration, photosynthesis is limited.
  7. The evolution of the C4 photosynthetic system maximising the availability of CO2 while minimising water loss.
  8. C4 plants are twice as efficient as C3 plants in terms of fixing carbon (making sugar). C4 plant loses only half as much water as a C3 plant for the same amount of CO2 fixed.

Uptake and transport of mineral nutrients: The nutritional requirements are obtained from minerals in the soil.
Uptake of Mineral Ions:
All minerals cannot be passively absorbed by the roots because

(i) minerals are present in the soil as charged particles (ions) which cannot move across cell membranes.
(ii) the concentration of minerals in the soil is usually lower than the concentration of minerals in the root. Therefore, most minerals must enter the root by active absorption. This needs energy in the form of ATP
  • The active uptake of ions is partly responsible for the water potential gradient in roots, and therefore for the uptake of water by osmosis.
  • Specific proteins in the membranes of root hair cells actively pump ions from the soil into the cytoplasm of the epidermal cells.
  • Root endodermis because of the layer of suberin has the ability to actively transport ions in one direction only.

Translocation of Mineral Ions:
Chiefsinks:

  1. Apical and lateral meristems
  2. young leaves
  3. developing flowers
  4. fruits and seeds
  5. the storage organs

Unloading of mineral ions occurs at the fine vein endings through diffusion and active uptake by these cells.

Mineral ions are frequently remobilized from older senescing parts to younger leaves. Some decidous plants, before leaf fall minerals are removed to other parts Mobilising elements are phosphorus, sulphur, nitrogen and potassium.
  • Some elements that are structural components like calcium are not remobilised.
  • An analysis of the xylem exudates shows that though more amount of nitrogen carried in the organic form as amino acids small amounts of P and S are carried as organic compounds.
  • Small amount of exchange of materials does take place between xylem and phloem.

Plus One Botany Notes Chapter 7 Transport in Plants

Phloem transport: flow from source to sink:
Phloem transport is bidirectional but xylom transport is unidirectional why?
Source is the part of the plant which synthesises the food. Sink is the part that needs or stores the food. Food ( sucrose) is transported by phloem from a source to a sink.lt is the downward transport Sugar stored in roots are mobilized to the buds of trees during early spring and act as sink.

This is called upward transport .Hence phloem transport is bi-directional. Phloem sap is mainly water and sucrose, but other sugars, hormones and amino acids are also transported or translocated through phloem. Xylem transport is always unidirectional, i.e. upwards.

The Pressure Flow or Mass Flow Hypothesis:
The accepted mechanism used for the translocation of sugars from source to sink is called the pressure flow hypothesis.
What is the loading of phloem?
The sugar is moved in the form of sucrose(a disaccharide) into the companion cells and then Tlpo!stem. into the living phloem sieve tube cells by active transport. This process is called loading. It produces a hypertonic condition in the phloem.

  • Phloem tissue is composed of sieve tube cells, which form long columns with holes in their end walls called sieve plates. ‘Cytoplasmic strands pass through the holes in the sieve plates,
  • Water in the adjacent xylem moves into the phloem by osmosis.
  • As hydrostatic pressure( Osmotic pressure) builds up in the in the phloem sieve tube, pressure flow begins and phloem sap move to areas of lower pressure
  • Active transport is necessary to move the sucrose out of the phloem sap and sugars are removed, the osmotic pressure decreases and water moves out of the phloem.
  • The loss of solute produces a high water potential in the phloem, and water passes out to xylem.

Plus One Botany Notes Chapter 7 Transport in Plants 11

Plus One Botany Notes Chapter 7 Transport in Plants

Girdling experiment:
It is used to identify the tissues through which food is transported. On the trunk of a tree a ring of bark up to a depth of the phloem layer is removed. In the absence of downward movement of food ,the portion of the bark above the ring on the stem becomes swollen after a few weeks.

This simple experiment shows that phloem is the tissue responsible for translocation of food and transport takes place in one direction, i.e., towards the roots.

Plus One Botany Notes Chapter 6 Cell Cycle and Cell Division

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Kerala Plus One Botany Notes Chapter 6 Cell Cycle and Cell Division

Cell cycle:
It involves

  1. Cell division
  2. DNA replication
  3. Cell growth

these all process take place in a coordinated way. The replicated chromosomes (DNA) are then distributed to daughter nuclei.

Plus One Botany Notes Chapter 6 Cell Cycle and Cell Division

Phases of Cell Cycle:
Time taken for division:
The duration of cell cycle vary from organism to organism and also from cell type to cell type

  • In typical eukaryotic cell cycle (human cells in culture) cells divide once in every 24 hours
  • Yeast cell divide in every 90 minutes.

The cell cycle and two basic phases:

  • Interphase
  • M Phase (Mitosis phase)

Interphase:
The interphase lasts more than 95% of the duration of cell cycle. It is divided into three phases.
1. G1 phase (Gap 1):
G phase is the interval between mitosis and initiation of DNA replication. In this phase cell is metabolically active and continuously grows.

2. S phase (Synthesis):
It is the period which DNA synthesis or replication takes place.

What happens to DNA after S phase?
During S phase amount of DNA per cell doubles. If the initial amount of DNA is denoted as 2C then it Increases to 4C. But the chromosome number is not changed

Events in nucleus and cytoplasm:
In animal cells, during the S phase, DNA replication begins nucleus, and the centriole duplicates in the cytoplasm.

3. G2 phase (Gap 2):
During the G2 phase, proteins are synthesised in preparation for mitosis while cell growth continues.
Plus One Botany Notes Chapter 6 Cell Cycle and Cell Division 1

M Phase (Mitosis phase):

  • M Phase represents actual cell division or mitosis
  • The M Phase starts with the nuclear division and the separation of daughter chromosomes (karyokinesis).
  • It ends with division of cytoplasm (cytokinesis).

Quiescent stage (Go)L
Some cells in the adult animals do not exhibit division (e.g, heart cells), exit G1 phase to enter an inactive stage called quiescent stage.

Common features:
Cells in this stage remain metabolically active but no longer proliferate .But proliferate depending on the requirement of the organism.

Plus One Botany Notes Chapter 6 Cell Cycle and Cell Division

M Phase:
This is the most dramatic period of the cell cycle.
Mitosis is an eauational division why?
The number of chromosomes in the parent and progeny cells is the same hence* it is also called as equational division. Mitosis is divided into the following four stages:

  1. Prophase
  2. Metaphase
  3. Anaphase
  4. Telophase

1. Prophase:
It starts after cthe completion of G2 phase.
Key features:

  • Chromosomal material condenses to form compact mitotic chromosomes. It consists of two chromatids attached together at the centromere.
  • Initiation of the assembly of mitotic spindle fibres.
  • At the end of prophase golgi complexes, endoplasmic reticulum, nucleolus and the nuclear envelope disappears.
  • The centriole begins to move towards opposite poles of the cell.

Plus One Botany Notes Chapter 6 Cell Cycle and Cell Division 2

2. Metaphase:
The plane of alignment of the chromosomes at metaphase is referred to as the metaphase plate.
Maximum condensation of chromosome:
In this stage, condensation of chromosomes is completed and morphology of chromosomes can be easily studied. key features:

  • Spindle fibres attach to kinetochores of chromosomes.
  • Chromosomes are moved to spindle equator and get aligned along metaphase plate through spindle fibres to both poles.

Plus One Botany Notes Chapter 6 Cell Cycle and Cell Division 3

Plus One Botany Notes Chapter 6 Cell Cycle and Cell Division

3. Anaphase:
key features:

  • Centromeres split and daughter chromatids separate.
  • Chromatids move to opposite poles and centromere of each chromosome is towards the pole.

Plus One Botany Notes Chapter 6 Cell Cycle and Cell Division 4

4. Telophase
It is the final stage of mitosis, in which the chromosomes reached their respective poles
key features:

  • Chromosomes cluster at opposite spindle poles and their identity is lost as discrete elements. Chromosome decondense as chromatin material.
  • Nuclear envelope assembles around the chromosome clusters.
  • Nucleolus, golgi complex and ER reappears.

Plus One Botany Notes Chapter 6 Cell Cycle and Cell Division 5

Plus One Botany Notes Chapter 6 Cell Cycle and Cell Division

Cytokinesis:
In this two daughter cells separate by a process called cytokinesis.
Cytokinesis in animal cell:
In an animal cell, the appearance of a furrow in the plasma membrane which gradually deepens and ultimately joins in the centre, dividing the cell cytoplasm into two.

Cytokinesis in plant cell:
In plant cells, wall formation starts in the centre of the cell and grows outward to meet the lateral walls. The formation of the new cell wall begins with the formation of a simple precursor, called the cell-plate that represents the middle lamella between the walls of two adjacent cells.

How does a cell become multinucleated?
In some organisms karyokinesis is not followed by cytokinesis as a result of which multinucleate condition arises leading to the formation of syncytium (eg: liquid endosperm in coconut).

Significance of Mitosis:
Mitosis is restricted to the diploid cells only. But in some lower plants and in some social insects haploid cells also divide by mitosis.

  1. Mitosis results in the production of diploid daughter cells with identical genetic constitution.
  2. The growth of multicellular organisms is due to mitosis.
  3. Cell growth results in disturbing the ratio between the nucleus and the cytoplasm.
  4. Mitosis helps to cell repair, i.e cells of the upper layer of the epidermis, cells of the lining of the gut, and blood cells are being constantly replaced.
  5. Mitotic divisions in the meristematic tissues – the apical and the lateral cambium, result in a continuous growth of plants throughout their life.

Plus One Botany Notes Chapter 6 Cell Cycle and Cell Division

Meiosis:
The cell division that reduces the chromosome number by half results in the production of haploid daughter cells. This kind of division is called meiosis.

What is common to sexually reproducing organisms?
Meiosis ensures the production of haploid phase in the life cycle of sexually reproducing organisms whereas fertilisation restores the diploid phase.

Key features:

  1. Meiosis involves two sequential cycles of nuclear and cell division called meiosis I and meiosis II but only a single cycle of DNA replication.
  2. Meiosis I is initiated after the parental chromosomes have replicated to produce identical sister chromatids at the S phase.
  3. Meiosis involves pairing of homologous chromosomes and recombination between them.
  4. Four haploid cells are formed at the end of meiosis II.
Meiosis IMeiosis II
Prophase IProphase II
Metaphase IMetaphase II
Anaphase IAnaphase II
Telophasel ITelophasel II

Meiosis I:
Prophase I:
Prophase is typically longer and more complex when compared to prophase of mitosis. It is subdivided into five phases based on chromosomal behaviour i.e., Leptotene, Zygotene, Pachytene, Diploteneand Diakinesis.

1. Leptotene stage:
The chromosomes become gradually visible under the light microscope. The compaction of chromosomes continues throughout leptotene.
2. Zygotene stage:
During this stage homologous chromosomes start pairing together and this process is called synapsis. Synapsis is accompanied by the formation of complex structure called synaptonemal complex. Synapsed homologous chromosome is called a bivalent or a tetrad. The first two stages of prophase I are relatively short-lived.
3. Pachytene stage:
During this stage bivalent chromosomes appears as tetrads. This stage is characterised by the appearance of recombination nodules, the sites at which crossing over (exchange of genetic material between two homologous Chromosomes) occurs between non-sister chromatids. The enzyme involved is called recombinase.
4. Diplotene stage:
During this stage dissolution of the synaptonemal complex and the tendency chromosomes of the bivalents to separate from each other except at the sites of crossovers. These X-shaped structures, are called chiasmata. In oocytes of some vertebrates, diplotene stage last for months or years
5. Diakinesis stage:
During this stage terminalisation of chiasmata occurs. The chromosomes are fully condensed and the meiotic spindle is assembled for separation of chromosomes. By the end of diakinesis, the nucleolus and the nuclear envelope disappears.

Plus One Botany Notes Chapter 6 Cell Cycle and Cell Division

Metaphase I:
The bivalent chromosomes align on the equatorial plate. The spindle fibers attach to the pair of homologous chromosomes.

Anaphase I:
The homologous chromosomes separate, while sister chromatids remain associated at their centromeres.

Telophase I:
The nuclear membrane and nucleolus reappear. After cytokinesis diad of cells are formed. The stage between the two meiotic divisions is called interkinesis. It is short lived. Interkinesis is followed by prophase II, a much simpler prophase than prophase I.
Plus One Botany Notes Chapter 6 Cell Cycle and Cell Division 6

Meiosis II:
Meiosis II resembles a normal mitosis

Prophase II:
Meiosis II begins after cytokinesis, The nuclear membrane disappears by the end of prophase II. The chromosomes again become compact.

Metaphase II:
At this stage the chromosomes align at the equator and Spindle fibers get attached to the kinetochores of sister chromatids.

Anaphase II:
It begins with splitting of the centromere of each chromosome allowing them to move toward opposite poles of the cell.

Telophase II:
Meiosis ends with telophase II, in which the two groups of chromosomes get enclosed by a nuclear envelope; cytokinesis follows resulting in the formation of tetrad of cells i.e., four haploid daughter cells.
Plus One Botany Notes Chapter 6 Cell Cycle and Cell Division 7

Plus One Botany Notes Chapter 6 Cell Cycle and Cell Division

Significance of meiosis:

1. Meiosis conserves the specific chromosome number of each species across generations in sexually reproducing organisms.
2. It results in reduction of chromosome number by half.
3. It increases the genetic variability from one generation to the next.
4. Variations are very important for the process of evolution.

Plus One Botany Notes Chapter 5 Cell The Unit of Life

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Kerala Plus One Botany Notes Chapter 5 Cell The Unit of Life

What is a cell?
Cell is the structural and functional unit of all living organisms. Anton Von Leeuwenhoek first saw and described a living cell Robert Brown discovered the nucleus Unicellular organisms are capable of

  • independent existence and
  • performing the essential functions of life.

Plus One Botany Notes Chapter 5 Cell The Unit of Life

Cell theory:
Schleiden and Schwann together formulated the cell theory:

  • In 1838, Malthias Schleiden, a German botanist proposed that all plants are composed of different kinds of cells.
  • In 1839 Schwannan British Zoologist, studied different types of animal cells and reported plasma membrane.

Rudolf Virchowd 855) -Contribution of modification of cell theory:
The new cells arise from pre-existing cells (Omnis cellula-e cellula)
Core elements of cell theory:

(i) All living organisms are composed of cells and products of cells.
(ii) All cells arise from pre-existing cells

An overview of cell:
Cell boundary of plant cell and animal cell:

  • The onion cell which is a typical plant cell, has a distinct cell wall and inner cell membrane.
  • The cells of the human cheek have an outer membrane as the delimiting structure of the cell.

Plus One Botany Notes Chapter 5 Cell The Unit of Life 1

Prokaryotic and eukaryotic cell body:

  • Cells that have membrane bound nuclei are called eukaryotic whereas cells that lack a membrane bound nucleus are prokaryotic.
  • In both prokaryotic and eukaryotic cells, a semi-fluid matrix forms the cytoplasm.

Membrane bound cell organelle of eukaryotes:

  1. Nucleus
  2. Endoplasmic reticulum (ER)
  3. Golgi complex
  4. Lysosomes
  5. Mitochondria
  6. Microbodies
  7. Vacuoles.

Which is the common cell organelle found in both prokaryotes and eukaryotes?
Ribosomes are non-membrane bound organelles found in both eukaryotic and prokaryotic cell.

  • Ribosomes are found not only in the cytoplasm but also within the organelles – chloroplasts and mitochondria and on rough ER.
  • Animal cells contain another non-membrane bound organelle called centriole which helps in cell division.

Cells in different measurement:

Mycoplasmas, the smallest cells, are only 0.3μm in length while bacteria is 3 to 5μm
Human red blood cells are about 7.0μm in diameter.

The largest cell is the egg of an ostrich and the longest is Nerve cells.

Plus One Botany Notes Chapter 5 Cell The Unit of Life

Prokaryotic cells:
The prokaryotic cells are represented by {bacteria, blue-green algae, mycoplasma and PPLO (Pleuro Pneumonia Like Organisms)}
Classification based on the shape:

  1. Bacillus (rod like)
  2. Coccus (spherical
  3. Vibrium (comma shaped)
  4. Spirillum (spiral)

(a) The fluid matrix found in the prokaryotic cell is the cytoplasm.

(b) There is no well-defined nucleus

Plasmids:
In addition to the genomic DNA, many bacteria have small circular DNA outside the genomic DNA. These are called plasmids .So they are organisms resistance to antibiotics. The invaginations of plasma membrane seen inside the cell is called mesosome
Plus One Botany Notes Chapter 5 Cell The Unit of Life 2

Cell Envelope and its Modifications:
Three layers of Cell boundary:

  1. Glycocalyx (Outer)
  2. The cell wall (Middle)
  3. Plasma membrane (Inner)

(a) In some bacteria, Glycocalyx is a loose sheath called the slime layer while in others it is thick and tough, called the capsule

(b) Cell wall determines the shape of the cell and provides a strong structural support to prevent the bacterium from bursting.

Mesosome:
They are the extensions of plasma membrane in the form of vesicles, tubules and lamellae.

Functions
They help in

  1. cell wall formation 1
  2. DNA replication, distribution.to daughter cells
  3. respiration
  4. secretion processes
  5. increase the surface area of the plasma membrane.

Chromatophores:
Membranous extensions in the cytoplasm which contain pigments. eg: cyanobacteria
Plus One Botany Notes Chapter 5 Cell The Unit of Life 3
Three parts of bacterial flagellum

  1. Filament
  2. Hhook
  3. Basal body.

The other important surface structures in bacteria:

  1. The pili are elongated tubular structures helps in conjugation
  2. The fimbriae are small bristle like fibres helps to attach the bacteria on rocks in streams and the host tissues.

Gram +ve and gram -ve:
Christian Gram introduced this method for classifying bacteria. Bacteria that can retain stain(crystal violet) are called Gram positive Bacteria that cannot retain stain are called Gram negative.

Plus One Botany Notes Chapter 5 Cell The Unit of Life

Ribosomes and inclusion Bodies:

  • In prokaryotes 70S prokaryotic ribosomes consists of subunits – 50S and 30S units.
  • Several ribosomes attach to a single mRNA and form a chain called polyribosomes or polysome.

Function:
The ribosomes translate the mRNA into proteins.

Inclusion bodies:

  • The examples are phosphate granules, cyanophycean granules and glycogen granules.
  • Gas vacuoles are found in blue green and purple and green photosynthetic bacteria.

Eukaryotic cells
They possess well defined and membrance bound cell organelles include

  1. protists
  2. plants
  3. animals
  4. fungi.

Cell Membrane:
Structure of membrane:

  • It consist of lipid bilayer arranged within the membrane with the polar head towards the outer sides and the hydrophobic tails towards the inner part.
  • The non polar tail of saturated hydrocarbons is protected from the aqueous environment
  • The ratio of protein and lipid varies in different cell types.
  • In human beings, the membrane of the erythrocyte has approximately 52 per cent protein and 40 per cent lipids
  • The peripheral proteins lie on the surface of membrane while the integral proteins are buried in the membrane.

Plus One Botany Notes Chapter 5 Cell The Unit of Life 4

Who proposed the well accepted model of membrane?
Singer and Nicolson (1972) proposed the fluid mosaic model.The quasi-fluid nature of lipid enables lateral movement of proteins within the bilayer.
Functions:

  1. Transport molecules without energy requirement called as passive transport
  2. Neutral solutes move across the membrane from higher concentration to the lower by the process of simple diffusion.
  3. Water move across this membrane from higher to lower concentration by diffusion is called osmosis.

Carrier protein in transport:
As the polar molecules cannot pass through the non polar lipid bilayer, they require a carrier protein to facilitate their transport across the membrane.

Carrier protein and energy in transport:
A few ions or molecules are transported across the membrane from lower to the higher concentration with the help of energy (ATP is utilized). It is called active transport eg: Na+/K+ Pump.

Plus One Botany Notes Chapter 5 Cell The Unit of Life

Cell Wall:
Function:
Cell wall gives shape and protects the cell from mechanical damage and infection. It also helps in cell-to-cell interaction and provides barrier to undesirable macromolecules.

Algal cell wall:
It consists Cellulose, galactans, mannans and minerals like calcium carbonate.

Plant cell wall:
It consists of cellulose, hemicellulose, pectins and proteins.

  • The cell wall of a young plant cell, the primary wall is capable of growth, which later disappears and secondary wall is formed on the inner (towards membrane) side of the cell
  • The middle lamella is made up of calcium pectate which holds the neighbouring cells together.
  • Cytoplasmic strands like plasmodesmata which connects cytoplasm of one cell to another through cell wall and middle lamellae.

Endomembrane System:
The endomembrane system include

  1. endoplasmic reticulum (ER)
  2. golgicomplex
  3. lysosomes
  4. vacuoles.

1. The Endoplasmic Reticulum (ER):
Salient features:

  • It is the network of tubular structures scattered in the cytoplasm
  • ER divides the intracellular space into two distinct compartments, i.e., luminal(inside ER) and extra luminal (cytoplasm)compartments.

Rough endoplasmic reticulum and Smooth endoplasmic reticulum:
The endoplasmic reticulum bearing ribosomes on their surface is called rough endoplasmic reticulum (RER). It is involved in protein synthesis and secretion.

The endoplasmic reticulum devoid of ribosome are called smooth endoplasmic reticulum (SER). It is involved in synthesis of lipids In animal cells, lipid-like steroidal hormones are synthesised
Plus One Botany Notes Chapter 5 Cell The Unit of Life 5

2. Golgi apparatus:
It was first observed Camillo Golgi (1898) as densely stained reticular structures near the nucleus.
Function:

  • Packaging of materials
  • It is the important site of formation of glycoproteins and glycolipids.

Plus One Botany Notes Chapter 5 Cell The Unit of Life

Salient features:

  • They consist of many flat, disc-shaped sacs or cisternae of 0.5 μm to 1.0 μm diameter stacked parallel to each other
  • The Golgi cisternae are concentrically arranged near the nucleus with distinct convex cis or the forming face and concave trans or the maturing face. The cis and the trans faces are interconnected.
  • Materials to be packaged in the form of vesicles from the ER fuse with the cis face of the golgi apparatus and move towards the maturing face.
  • The proteins arise from the endoplasmic reticulum are modified in the cisternae of the golgi apparatus and are released from its trans face.

Plus One Botany Notes Chapter 5 Cell The Unit of Life 6

3. Lysosomes:
Salient features:

  • * They are membrane bound vesicular structures formed by the process of packaging in the golgi apparatus.
  • The hydrolytic enzymes found in these vescicles (hydrolases – lipases, proteases, carbohydrases) are active at the acidic pH.
  • These enzymes are capable of digesting carbohydrates, proteins, lipids and nucleic acids.

4. Vacuoles:
Salient features:

  • It is the membrane-bound space found in the cytoplasm.
  • It contains water, sap, excretory product and other materials
  • In plant cells the vacuoles occupy up to 90 percent of the volume of the cell.
  • The membrane surrounding the vacuole is the tonoplast,

Function:
It facilitates the transport of ions and other materials against concentration gradients into the vacuole

Type of vacuoles in lower organisms:
In Amoeba the contractile vacuole is important for excretion. In protists, food vacuoles are formed by engulfing the food particles.

Mitochondria:
Salient features:

  1. It is the cylindrical structure having a diameter of 0.2 to 1.0μm
  2. Each mitochodrion is a double membrane bomd structure.
  3. The inner compartment is called matrix
  4. The outer membfrane forms the continous limiting boundary of the oraganelle
  5. The inner membrane forms a number of infoldings called the cristae that uncreases surface area.
  6. The matrix possess single circular DNA molecule, a few RNA molecules, and ribosomes(70s)
  7. The mitochondria divide by fission.

Function:
Mitochondria are the sites of aerobic respiration.

Plus One Botany Notes Chapter 5 Cell The Unit of Life

Power house of a cell:
They produce cellular energy in the form of ATP, hence they are called ‘power houses’ of the cell.
Plus One Botany Notes Chapter 5 Cell The Unit of Life 7

Plastids:
Plastids are found in all plant cells and in euglenoids.
Classification of plastids based on the type of pigments:
1. Chloroplasts:
The chloroplasts contain chlorophyll and carotenoid pigments which are responsible for trapping light energy essential for photosynthesis.

2. Chromoplasts:
In the chromoplasts, fat soluble carotenoid pigments like carotene and xanthophylls are present

3. Leucoplasts:
The leucoplasts are the colourless plastids of varied shapes and sizes with stored nutrients:

Classification of leucoplast:

Amyloplasts store carbohydrates (starch), eg: potato;
Elaioplasts store oils and fats
Aleuroplasts store proteins

Chloroplast:
It is found in the mesophyll cells of the leaves. These are lens-shaped,oval, spherical, discoid or even ribbon-like organelles having variable length.

Structure of chloroplast:

  • Chloroplasts are also double membrane bound.
  • The space limited by the inner membrane of the chloroplast is called the stroma.
  • The stroma contains enzymes required for the synthesis of carbohydrates and proteins.
  • It also contains small, double-stranded circular DNA molecules and ribosomes(70S).
  • A number of organised flattened membranous sacs called the thylakoids (Chlorophyll pigments seen) are present in the stroma These are arranged in stacks like the piles of coins called grana.
  • Stroma lamellae connecting the thylakoids of the different grana.

Plus One Botany Notes Chapter 5 Cell The Unit of Life 8

Plus One Botany Notes Chapter 5 Cell The Unit of Life

Ribosomes:
These are granular structures first observed under the electron microscope as dense particles by George Palade(1953).
Chemical composition:
They are composed of ribonucleic acid (RNA) and proteins

Salient features:

  • The eukaryotic ribosomes are 80S. Here ‘S’ stands for the sedimentation coefficient
  • It consists of two sub units 60S and 40S.
  • It translate coded information in mRNA into protiens

Cytoskeleton:
Salient features:
These are network of filamentous proteinaceous structures present in the cytoplasm
Function:

  1. Mechanical support
  2. Motility
  3. Maintenance of the cell shape.

Cilia and Flagella:
Salient features:

  • Cilia and flagella are hair-like outgrowths of the cell membrane..
  • Flagella are longer and responsible for cell movement.
  • Their core is called the axoneme, possesses a number of microtubules running parallel to the long axis
  • The axoneme has nine pairs of doublets of radially arranged peripheral microtubules, and a pair of centrally located microtubules.Such an arrangement is 9 + 2.

Plus One Botany Notes Chapter 5 Cell The Unit of Life 9

Plus One Botany Notes Chapter 5 Cell The Unit of Life

Centrosome and Centrioles:
Salient features:

  • Centrosome is an organelle containing two cylindrical structures called centrioles
  • Both the centrioles in a centrosome lie perpendicular to each other.
  • It has cartwheel like organisation and made up of nine peripheral triplet fibrils of tubulin.
  • The central part of the centriole is also proteinaceous and called the hub, which is connected with tubules of the peripheral triplets by radial spokes.

Function:
The centrioles form the basal body of cilia or flagella and spindle fibres (give rise to spindle apparatus during cell division in animal cells)

Nucleus:
It was first described by Robert Brown in 1831. Nucleus stained by the basic dyes was given the name chromatin by Flemming

Non nucleated plant and animal cells:

  • Erythrocytes of many mammals
  • Sieve tube cells of vascular plants

Components of nucleus:

  1. nucleoplasm
  2. chromatin
  3. nuclear matrix
  4. nucleoli.

Plus One Botany Notes Chapter 5 Cell The Unit of Life 10
Salient Features:

  • The outer membrane is continuous with endoplasmic reticulum and bears ribosomes on it.
  • These nuclear pores are the passages through which RNA and protein molecules moves.
  • The space between two membrane is called the perinuclear space(10 to 50 nm). The nuclear matrix or the nucleoplasm contains nucleolus and chromatin.
  • The nucleoli are spherical structures (site for active ribosomal RNA synthesis).
  • Larger and numerous nucleoli are present in cells actively carrying out protein synthesis.
  • During cell division chromatin condensed to form chromosomes.

Components of chromosome:

  1. DNA
  2. basic proteins(histones)
  3. non-histone proteins
  4. RNA.

Plus One Botany Notes Chapter 5 Cell The Unit of Life

Parts of chromosome:
It has primary constriction or the centromere on the sides of which disc shaped structures called kinetochores. A few chromosomes have non-staining secondary constrictions that possess knob like structure called satellite.
Plus One Botany Notes Chapter 5 Cell The Unit of Life 11

Classification of chromosome based on position of centromere:

  1. Metacentric chromosome has middle centromere forming two equal arms.
  2. Sub-metacentric chromosome has centromere nearer to one end of the chromosome so it has shorter arm and one longer arm.
  3. In acrocentric chromosome the centromere is situated close to its end so it has one extremely short and one very long arm.
  4. Telocentric chromosome has a terminal centromere.

Microbodies:
It is the membrane bound vesicles called microbodies (contain various enzymes) are present in both plant and animal cells.

Plus One Botany Notes Chapter 4 Anatomy of Flowering Plants

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Kerala Plus One Botany Notes Chapter 4 Anatomy of Flowering Plants

What is plant anatomy?
It is the study of internal structure of plants. In angiosperms, the monocots and dicots are anatomically different.

Plus One Botany Notes Chapter 4 Anatomy of Flowering Plants

The Tissues:
Group of cells having a common origin and function.
Do you agree that all tissue in plants are capable of division?
Some tissues are capable of division they are called meristemetic tissues, while others are capable of divisor , they are called permanent tissues.

Meristemetic Tissue:
They are found in specific region of plant i.e. growing region the tips of roots and shoots
Classification based on the position:

  1. Apical meristem
  2. Inter calary meristem
  3. Lateral meristem.

Plus One Botany Notes Chapter 4 Anatomy of Flowering Plants 1

1. Apical meristem:
In root it is situated at the tip while in shoot it lies in the distant most region of the stem axis. The portion of shoot apical meristem i.e axillary bud present in the axils of leaves forms branch or a flower.

2. Intercalary meristem:
It occurs between mature tissues or base of internode of grasses. The above two meristems are primary meristems because they appear early in the life of a plant.

Grasses in an area are cut and removed by cows, after few days regeneration occurs and new grasses are formed. Why?
Due to the activity of intercalary meristem.

3. Secondary or lateral meristem:
It occurs in the mature regions of roots and shoots of plants particularly in woody axis. Eg-Fascicular vascular cambium, interfascicular cambium and cork-cambium.

For example: In some woody species after few years thickness of plant body increases from 5 inch diameter to 10 inch diameter. Why this happens?
Due to the activity of lateral meristem

What is permanent tissues?
Meristems structurally and functionally specialised and lose the ability to divide. Such cells are termed as permanent tissues.

Permanent Tissues:
Classification:

  • Simple tissues: They are made up of similar kind of cells
  • Complex tissues: They are made up of different kind of cells

Plus One Botany Notes Chapter 4 Anatomy of Flowering Plants

Simple Tissue:
1. Parenchyma:

  • They are isodiametric, spherical, oval, round, polygonal or elongated in shape.
  • Their walls are thin and made up of cellulose.
  • They may either be closely packed or have small intercellular spaces.

Functions:
Photosynthesis, storage and secretion.

 

2. Collenchyma:

  • It occurs just below the epidermal layer.
  • Cells of this tissue are thickened at the corners due to a deposition of cellulose, hemicellulose and pectin.
  • Collenchymatous ceils may be oval, spherical or polygonal and contain chloroplasts.
  • Intercellular spaces are absent.

Function:
Mechanical support.
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3. Sclerenchyma:

  • They are thick, dead and lignified with few or numerous pits.
  • They are classified into fibres and sclereids.
  • The fibres are thick-walled, elongated and pointed cells occuring in groups.

Function:
Mechanical support to organs.

Structure and position of sclereids in plants:
They are spherical, oval or cylindrical, highly thickened dead cells with very narrow cavities (lumen). These are found in the fruit walls of nuts; pulp of fruits like guava, pear and sapota; seed coats of legumes and leaves of tea.
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Complex Tissues:
Xylem and phloem are considered as complex tissues in plants
Xylem:

  • It conducts water and minerals from roots to the stem and leaves.
  • It also provides mechanical strength to the plant parts.
  • Gymnosperms lack vessels in their xylem.
  • It is composed of four different kinds of elements

Tracheids, vessels, xylem fibres and xylem parenchyma.
1. Tracheids:
They are dead and without protoplasm.They are elongated or tube like cells with thick and lignified walls and tapering ends. In flowering plants, tracheids and vessels are the main water transporting elements.

2. Vessel:
It is a long cylindrical tube-like structure having lignified walls and a large central cavity. They are devoid of protoplasm and interconnected by perforations in their common walls. The presence of vessels is a characteristic feature of angiosperms.

3. Xylem fibres:
They have highly thickened walls and are dead. These may either be septate or aseptate.

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4. Xylem parenchyma”

  • They are cellulosic, living and thin-walled.
  • They store food materials in the form of starch or fat, and other substances like tannins.
  • Radial conduction of water takes place by the ray parenchymatous cells.
  • Primary xylem is of two types – protoxylem and metaxylem. The first formed primary xylem elements are called protoxylem and the later formed primary xylem is called metaxylem.

Difference between endarch and exarch condition:
In stems, the protoxylem lies towards the centre (pith) and the metaxylem lies towards the periphery of the organ. It is called endarch. In roots, the protoxylem lies towards periphery and metaxylem lies towards the centre.lt is called exarch.

Phloem:
It transports food materials, usually from leaves to other parts of the plant. Phloem in angiosperms is composed of

Sieve tube elements, companion cells, phloem parenchyma and phloem fibres.

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Gymnosperms have albuminous cells and sieve cells. They lack sieve tubes and companion cells.
1. Sieve tube elements:

  • They are also long, tube-like structures.
  • Their end walls are perforated to form the sieve plates.
  • A mature sieve element have a large vacuole but lacks a nucleus.
  • The functions of sieve tubes are controlled by the nucleus of companion cells.

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2. Companion cells:

  • They are parenchymatous cells closely associated with sieve tube elements.
  • The sieve tube elements and companion cells are connected by pit fields.
  • The companion cells help in maintaining the pressure gradient in the sieve tubes.

3. Phloem Parenchyma:

  • It consist of cylindrical cells with dense cytoplasm and nucleus.
  • The cell wall is composed of cellulose and has pits through which plasmodesmata passes.
  • The phloem parenchyma stores food material and other substances like resins, latex and mucilage. Phloem parenchyma is absent in monocots.

4. Phloem fibres (bast fibres):

  • They are elongated, unbranched, needle like sclerenchymatous cells.
  • At maturity, these fibres lose their protoplasm and become dead.
  • These are generally absent in the primary phloem but are found in the secondary phloem.
Commercially important Phloem fibres are jute, flax and hemp
The first formed primary phloem is called as protophloem
later formed phloem has bigger sieve tubes and is called as metaphloem

The Tissue System:
Based on the of their structure and location, there are three types of tissue systems.

  1. Epidermal tissue system
  2. The ground or fundamental tissue system
  3. Vascular or conducting tissue system.

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1. Epidermal tissue system:
Stomata are present in the epidermis of leaves regulate the process of transpiration and gaseous exchange.
Shape of guard cell in dicot and monocot:
In dicot, it consist of two bean-shaped cells known as guard cells. In grasses(monocot), the guard cells are dumb bell shaped.

  • The outer walls of guard cells are thin and the inner walls are thickened.
  • The guard cells possess chloroplasts and regulate the opening and closing of stomata.
  • Guard cells are surrounded by specialised cells they are known as subsidiary cells.

What is stomatal apparatus?
The stomatal aperture, guard cells and the surrounding subsidiary cells are together called stomatal apparatus.

  • The root hairs help to absorb water and minerals from the soil.
  • On the stem the epidermal hairs are called trichomes.
  • They have secretory function.
  • The trichomes also help to prevent water loss due to transpiration.

2. The Ground Tissue System:

  • It includes parenchyma, collenchyma and sclerenchyma.
  • Parenchymatous cells are usually present in cortex, pericycle, pith and medullary rays in the primary stems and roots.
  • In leaves, the ground tissues are thin-walled chloroplast containing cells called mesophyll.

3. The Vascular Tissue System:
The vascular system consists of phloem and xylem.

Different type bundles:
1. Open vascular bundles:
In dicot stems, Cambium is’present between phloem and xylem.

2. Closed vascular bundle:
In the monocot, the vascular bundles have no cambium present in them. Hence they do not form secondary tissues .

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3. Radial bundle:
In roots, xylem and phloem are arranged in an alternate manner on different radii.

4. Conjoint bundle:
In stems and leaves, the xylem and phloem are situated at the same radius of vascular bundles. In this phloem located on the outer side of xylem.

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Anatomy Of Dicotyledonous And Monocotyledonous Plants:
Dicotyledonous Root (eg sunflower root):
Salient features:

  • The outermost layer is epidermis which is unicellular in root hairs.
  • Lower layer is cortex consists of parenchyma cells with intercellular spaces.
  • The innermost layer of the cortex is called endodermis.
  • It comprises a single layer of barrel-shaped cells without any intercellular spaces

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Chemical substance in endodermal wall:

  • Its tangential and radial walls have a deposition of water impermeable waxy material-suberin-in the form of casparian strips.
  • Next to endodermis is thick walled pericycle. From thisjateral roots and vascular cambium during the secondary growth originates.
  • The pith is small.
  • Conjuctive tissues are the parenchymatous cells which lie between the xylem and phloem
  • Usually two to four xylem and phloem patches. Later, a cambium ring develops between the xylem and phloem.
  • Stele is the tissues on the inner side of the endodermis such as pericycle, vascular bundles and pith.

Monocotyledonous Root:
The anatomy of the monocot root is similar to the dicot root in many respects.
Some specialities are given below:

  • It has more than six (polyarch) xylem bundles .
  • Pith is large and well developed.

Secondary thickening is most common in dicot plants:
Cambium is present only in dicot plant, it is absent in monocots, so Monocotyledonous roots do not undergo any secondary growth.
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Dicotyledonous Stem:
Salient features:

  1. The outermost protective layer of the stem is epidermis.lt is covered by a thin layer of cuticle.
  2. Epidermis consist of trichomes and stomata.
  3. Cortex lie between epidermis and pericycle. It consists of outer hypodermis, having collenchymatous cells which provide mechanical strength.
  4. Thin walled parenchymatous cells seen below hypodermis.
  5. The innermost layer of the cortex is called the endodermis. It consists of starch grains called as the starch sheath. Inner to endodermis is Pericycle.
  6. Vascular bundles are arranged in ring It consist of xylem and phloem. Cambium lie between these two.
  7. Semi-lunar patches of sclerenchyma occur at the outer part of the phloem.
  8. Vascular bundle is conjoint, open, and endarch.
  9. Pith is seen at the central part of the stem.

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Monocotyledonous Stem Salient features:

  • It consist of sclerenchymatous hypodermis and large number of scattered vascular bundles.
  • It is surrounded by a sclerenchymatous bundle sheath
  • Vascular bundles are conjoint and closed.
  • Peripheral vascular bundles are smaller than centrally located ones.
  • The phloem parenchyma is absent and water- containing cavities are present within the vascular bundles.

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Dorsiventral (Dicotyledonous) Leaf:
Salient features:

  • The dorsiventral leaf shows three main parts, namely, epidermis- upper syrface (adaxial epidermis) and lower surface (abaxial epidermis -bears more stomata),
  • Mesophyll.- possesses chloroplasts (It has two types of cells palisade parenchyma and spongy parenchyma) and vascular system.
  • Vascular system is seen in midrib & viens.
  • The vascular bundles are surrounded by a layer of thick walled bundle sheath cells.
  • The veins vary in thickness in the reticulate venation of the dicot leaves.

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Isobilateral (Monocotyledonous) Leaf:
The vertical section of isobilateral leaf is similar to that of the dorsiventral leaf It shows some differences.
Salient features:

  1. It has stomata on both the surfaces of the epidermis
  2. Mesophyll is not differentiated into palisade and spongy parenchyma.
  3. The position and function of Bulliform cells: In grasses, upper epidermal cells have specialised colourless cells .they are called bulliform cells. It helps in rolling and unrolling of lamina. When they are flaccid due to water stress, they make the leaves curl inwards to minimise water loss. .
  4. Venation in monocot leaves is parallel.

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Secondary Growth:
What you mean by secondary growth?
Dicotyledonous plants shows secondary growth .i.e it increases the girth of plant body. The tissues involved in secondary growth are lateral meristems eg: vascular cambium and cork cambium

Vascular Cambium:
It is seen in between xylem and pholem. it forms a complete ring.

Formation of cambial ring:
Intra fascicular and inter fascicular cambium- Difference:
In dicot stems, cambium present between primary xylem and primary phloem is the intrafascicular cambium. The medullary cells seen in between xylem & phloem become meristematic and forms interfascicular cambium. Thus, a continuous ring of cambium is formed.

Activity of the cambial ring:
The cambial ring cut off new cells towards the inner (secondary xylem) and the outer sides( secondary phloem).

How can you analyse Canbium is more active towards inner side than outer side?
The cambium is more active on the inner side than on the outer, as a result amount of secondary xylem produced is more than secondary phloem. The primary and secondary phloems get gradually crushed due to the continued formation and accumulation of secondary xylem.

At some places, the cambium forms a narrow band of parenchyma, which passes through the secondary xylem and the secondary phloem are called the secondary medullary rays.
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Spring wood and autumn wood:
Spring wood or early wood:
In the spring season, cambium is very active and produces a large number of xylem elements having vessels with wider cavities.This wood is called spring wood.

Autumn wood or late wood:
In winter, the cambium is less active and forms fewer xylem elements that have narrow vessels, This wood is called autumn wood. The spring wood is lighter and autumn wood is darker.

Annual ring in the calculation of age of tree:
The spring wood and autumn wood that appear as alternate concentric rings, constitute an annual ring. Age of tree can be calculate by counting the number of annual rings.

Heartwood – Durable wood?
1. The inner most layers of the stem consist of secondary xylem is dark brown due to deposition of organic compounds like tannins, resins, oils, gums, aromatic substances and essential oils.

2. It is resistant to the attack of microorganisms. This type of wood is called heartwood.

Sap wood:
The outer part of wood is light coloured, functional and and conduct water and minerals . This type of wood is called sap wood.

Cork Cambium:
Due to the activity of vascular cambium, girth of the stem increases. This results the breakdown of outer cortical and epidermis layers .So the new protective tissues are formed by another meristematic tissue called cork cambium or phellogen
Activity of cort cambium & phellogen:
Phellogen cuts off cells on both sides. The outer cells differentiate into cork or phellem while the inner cells differentiate into secondary cortex or phelloderm.

Feature of secondary tissues of phellogen and constituents of Periderm:
The cork is impervious to water due to suberin deposition in the cell wall. The cells of secondary cortex are parenchymatous. Phellogen, phellem, and phelloderm are together known as periderm.

Bark:
It is found exterior to the vascular cambium, including secondary phloem. Bark that is formed early in the season is called early or soft bark. Towards the end of the season late or hard bark is formed.

Lenticels and function:
At certain regions, the phellogen cut off closely arranged parenchymatous cells on the outer side instead of cork cells. These cells rupture the epidermis, and forms openings called lenticels. It helps in the exchange of gases between the outer atmosphere and the internal tissue of the stem.
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Plus One Botany Notes Chapter 4 Anatomy of Flowering Plants

Secondary Growth in Roots:
Can you think of formation of vascular cambium is completely secondary in origin?
In the dicot root, the vascular cambium is completely secondary in origin. lt occurs in the later stages of growth. It originates from the tissue located just below the phloem bundles and a portion of pericycle tissue, opposite to protoxylem forming a complete and continuous wavy ring, which later becomes circular.

Secondary growth also occurs in stems and roots ofgymnosperms. But secondary growth does not occur in monocotyledons.
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